अमरुद के फायदे एवं विभिन्न बीमारियों का उपचार.

अमरुद के फायदे लेने के लिए मीठा अमरूद ही खाना चाहिए । कहने का आशय यह है की अमरुद न अधिक पका (गला) होना चाहिए न ही कच्चा । अमरुद पचाने में आसान होता है । खाना खाने के एक घंटे बाद नींबू, नमक और काली मिर्च डालकर खाने से हल्का रेचक है, अर्थात् इसे खाने से शौच खुलकर होता है । हालांकि अमरुद अधिक नहीं खाना चाहिए । ढाई सौ ग्राम काफी है । अधिक खाने से पेट-दर्द होता है । अमरुद के फायदे तो होते ही हैं लेकिन इसे गलत उपयोग में लाने से यह नुकसान भी दिला सकता है | कहने का आशय यह है की गला हुआ अमरूद खाने या अमरूद के ऊपर से पानी पीने से हैजा होने का खतरा होता है । अमरुद खाने से उदर-शूल (पेट-दर्द) हो सकती है । उचित मात्रा में अमरुद का सेवन वीर्य को बढ़ाता है । शराब आदि का नशा चढ़ा हो तो अमरूद खाने से उतर जाता है । अमरूद हृदय को बल प्रदान करता है । और फेफड़ों को भी ताक़त पहुँचाता है ।

अमरुद के फायदे

अमरुद में पाए जाने वाले तत्व:  

अमरुद में 1.5% प्रोटीन, 0.2% वसा, 0.8% खनिज तत्व, 14.5% कार्बोहायड्रेट, 1.01% कैल्सियम, 0.44% फास्फोरस, प्रतिग्राम 1.0 मिलीग्राम लोहा, विटामिन ए, 0.2 मिलीग्राम विटामिन बी एवं 2.99 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है |

विभिन्न बीमारियों में अमरुद के फायदे:

विभिन्न रोगों को ठीक करने अर्थात उनके ईलाज करने में अमरुद के फायदे को नकारा नहीं जा सकता | इसलिए हम यहाँ पर उन रोगों का जिक्र कर रहे हैं जिनमे अमरुद के फायदे देखे गए हैं |

गठिया (अर्धांगवात) में अमरुद के फायदे:

अमरुद से गठिया का ईलाज करने के लिए अमरूद के पत्तों को कूटकर लुगदी बना लें और गठिया की सूजन पर लेप करते रहें । सूजन दूर होती जाएगी ।

आधे सिर का दर्द (आधा सीसी) का ईलाज :

अमरुद से आधा सीसी का ईलाज करने के लिए सवेरे (सूर्योदय से पूर्व) उठकर हरे (कच्चे) अमरूद तोड़े और सिल पर रगड़कर लुगदी (Pulp) बना लें । मस्तक के उतने स्थान पर इसका लेप करें, जितने पर दर्द हो रहा है । दो ही दिनों में लाभ होगा ।

काँच निकले में अमरुद के फायदे:

कई बार बच्चों की गुदा बाहर निकल आती है । बड़ी आयुवाले भी मलोत्सर्जन में जोर लगाएँ तो गुदा बाहर निकल आती है । इसे काँच निकलना कहते हैं । इस स्थिति में अमरुद के फायदे लेने के लिए गुदा को उँगली से अन्दर करके ऊपर से अमरूद के पत्तों की पुल्टिस बाँध दी जाए, तो गुदा ठीक हो जाएगी (काँच निकलना बन्द हो जाएगा)।

अमरुद से पागलपन का ईलाज:

इलाहाबादी मीठे अमरूद का चालीस दिन लगातार सेवन किया जाए, दो सौ ग्राम दिन के भोजन के बाद और दो सौ ग्राम शाम को चार बजे । साथ में नमक, काली मिर्च, नींबू ले सकते हैं । चालीस दिन प्रयोग करने से दिमाग़ की मांसपेशियों को ताक़त पहुँचेगी । दिमाग़ की गर्मी निकल जाएगी । पागलपन दूर हो जाएगा । अमरूद खाने से मानसिक चिन्ता भी दूर होती है ।

फोड़े-फुन्सी में अमरुद के फायदे:

जिनका खून बिगड़ गया हो, शरीर में फोड़े-फुन्सी और खुजली इत्यादि समस्याएं हो गई हों । तो उन्हें अमरुद के फायदे लेने के लिए नित्य नियम से एक अमरूद दोपहर के समय खाना चाहिए । यह प्रक्रिया तीस दिन यानिकी एक महीने तक जारी रखनी चाहिए । प्रयोग से आमाशय और अन्तड़ियाँ साफ हो जाएँगी । उनकी बढ़ी हुई गर्मी दूर हो जाएगी तथा खून साफ हो जाएगा, अत: फोड़े-फुन्सी, खुजली आदि अपने आप दूर हो जाएँगे ।

अमरुद से बादी बवासीर का ईलाज :

बादी बवासीर से ग्रसित व्यक्ति को अमरुद के फायदे लेने के लिए एक अधपके अमरुद को अपने हाथ में लेना होगा और उसे बीच में से काटकर एक चीरा लगा देना है जिसमे व्यक्ति को उसके अन्दर अजवाइन पीसकर छिड़क देनी है और फिर अमरुद के दोनों हिस्सों ऊपर एवं नीचे दोनों को एक दूसरे पर चिपका देना है | उसके बाद दोनों टुकड़ों के चीरे को गीली मिटटी से बंद करना होता है | उसके बाद इस अमरुद को सारी रात बाहर खुले में रख दें यह इसलिए किया जाता है ताकि इस अमरुद पर ओस पड़ जाय | सुबह उठकर अमरुद के चीरे पर लगी मिटटी को हटा लें और उसके बाद इस अमरुद को बीज सहित चबा चबा कर खा जाएँ | कहा जाता है की एक सप्ताह में बादी बवासीर समाप्त हो जाती है | रोगी को चाहिए की वह खाना खाते समय एक पतली सी मूली अपने पास रखे और थोड़ी थोड़ी काटकर उसे खाते रहे |

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