केले के फायदे औषधीय गुण एवं केले से रोगों का ईलाज

केले के फायदे की बात करें तो केला (Banana) नामक यह फल भारत में प्रचुरता से पाया जाता है । इसका फल प्राय: बारह महीने होता है । कदली का मूल निवास स्थान भारत ही है । अमेरिका में इसे स्पेनिश तथा पुर्तगाली लोग ले गए । यूरोप में यह कब पहुँचा, कहा नहीं जा सकता । भारत से यह अरब और सीरिया में गया था, वहीं से यह यूरोप गया । इसे अंग्रेजी नाम Banana सन् 1597 में मिला । अन्य फलों की अपेक्षा केले के पौष्टिक तत्त्वों की महत्वता बहुत अधिक है; परन्तु आम लोग इसका महत्त्व बहुत कम जानते हैं, क्योंकि यह सामान्य तौर पर हर जगह आसानी से उपलब्ध हो जाता है | फलों में केवल अंगूर ही एव्क ऐसा फल है जो गुणों के कारण इसके निकट पहुँचता है । नींबू, संतरा, माल्टा, आड़ू, आलूबुखारा, अनन्नास, स्ट्राबेरी आदि फलों में भी केले के समान विविध गुण तथा तत्व विद्यमान नहीं होते हैं । कहने का आशय यह है की केले के फायदे में इसके ऐसे ऐसे गुण साम्मिलित हैं जिनसे अनेक बीमारियों से निजात भी मिलती है | इससे पहले की हम केले के औषधीय गुणों के बारे में वार्तालाप करें आइये एक नज़र डालते हैं इसकी महत्वता पर |

केले के फायदे

केले की महत्वता:

केले में रची-बसी शक्कर (Glucose) की उपयोगिता बहुत अधिक है । केला शीघ्र ही मुँह में घुल जाता है तथा आमाशय (Stomach) में जाते ही शरीर का अंश बन जाता है । यह शरीर को तुरन्त लगने तथा बल देनेवाली खुराक है | ‘कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफैसर डॉ. वास्टर ए० डी० ने अपनी बहुत भारी खोज तथा विश्लेषण के बाद बताया कि केले में कैल्सियम, मैग्नेशियम, फॉस्फोरस, लोहा तथा तांबा पर्याप्त मात्रा में रहते हैं । रक्त बनाने में मैग्नेशियम, लोहा तथा तांबा बहुत सक्रिय काम करते हैं । इनसे बना हुआ रक्त ऑक्सीजन को स्नायुओं (Nerves) तक पहुँचाने में बहुत सहायक है, इसलिए रक्त-निर्माण तथा रक्त-परिशोधन में केले के फायदे देखे जा सकते हैं |

केले में पाए जाने वाले तत्व:

केले के फायदे के बारे में हम तब तक अच्छी तरह नहीं जान पाएंगे जब तक की हमें इसमें पाए जाने वाले तत्वों की जानकारी न हो | केले में कैल्सियम की अधिकता है, अतः आँतों की सफाई के लिए केला बहुत लाभकारी है । केला उत्तम पोषक भोजन है । यह अम्लीय (Acidic) भोजन पर क्षारीय (Alkeline) प्रतिक्रिया (Reaction) करता है । केले में ‘विटामिन डी’ के सिवाय अन्य सभी प्रकार के विटामिन होते हैं । केले में रक्त बढानेवाले खनिज बहुत अधिक होते हैं । इसमें पाए जानेवाले तत्त्व इस प्रकार से हैं |

  • केले में 30 प्रतिशत जल पाया जाता है |
  • केले में प्रोटीन की मात्रा 1.30 प्रतिशत पायी जाती है |
  • 0.60 प्रतिशत वसा पायी जाती है |
  • 22.00 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है |
  • शर्करा, श्वेतसार, लवण इत्यादि की मात्रा 0.80 प्रतिशत होती है |

केले के फायदे औषधीय गुण या लाभ:

केले के फायदे में कोई एक फायदा सम्मिलित नहीं है बल्कि केले को भिन्न भिन्न प्रकार से उपयोग में लाकर विभिन्न रोगों में इसके औषधीय गुणों का लाभ लिया जा सकता है | केले को मुख्य रूप से निम्नलिखित रोगों के ईलाज में उपयोग में लाया जा सकता है |

  • केले के फायदे में यह फायदा खांसी से सम्बंधित है केले के शर्बत को खांसी की अचूक औषधि के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है | कहने का आशय यह है की केले का शर्बत खाँसी दूर करने की अच्छी दवा है । अमेरिका में खाँसी के लिए इसे सबसे अच्छा उपाय समझा जाता है ।

केले का शर्बत कैसे बनायें :

खांसी में इस केले के फायदे को लेने के लिए आपको केले का शर्बत तैयार करना होगा | इसके लिए पके हुए केले के फल के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें । इसमें चीनी मिलाकर बन्द मुँहवाले बर्तन में रखें । आग पर एक चौड़ा बर्तन रखकर उसमें पानी डालें । उस बर्तन में केलेवाला बन्द मुँह का बर्तन रख दें । जब पानी खौल जाए तो नीचे उतार लें । पानी से निकालकर केले को शीतल करें । जब शीतल हो जाए तो चम्मच से चलाकर एकसार कर लें । बस, केले का शर्बत तैयार है । केले का यह शर्बत खाँसी दूर करता है, वीर्य बढ़ाता है, प्यास शांत करता है, नेत्र-रोगों को दूर करता है तथा मूत्र-अवरोध हटाता है ।

  • केले के फायदे में यह फायदा मधुमेह (डायबिटीज़) से जुड़ा हुआ है | डायबिटीज का केले के माध्यम से घरेलू उपचार करने के लिए खूब पके कदली-फल जब गलनेवाले हों, जिनके ऊपर के छिलके काले पड़ गए हों उनके छिल्के उतारकर, गूदे को हाथों से मलकर लुआब तैयार कर लें । केले के लुआब से आधा भाग चावल की भूसी मिला लें । इसे 3 दिन गर्म स्थान पर रखें । चौथे दिन इस केले के लुआबवाले बर्तन को जरा टेढ़ा करके थोड़ी देर पड़ा रहने दें । केले का रस अलग निथरकर बर्तन के नीचेवाले हिस्से में चला जाएगा । इस रस को पीने से मधुमेह दूर हो जाता है ।
  • पेचिश के ईलाज में भी केले के फायदे देखे गए हैं | इस औषधीय गुण को उपयोग में लाने के लिए दो पके केले लेकर उनके गूदे में गुड़, नमक या दही मिलाकर खाने से दो दिन में पेचिश दूर हो जाती है ।
  • दमा यानिकी श्वास रोग में भी केले के फायदे को नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता | इसके लिए बिना छिल्का उतारे एक कम पके केले में चाकू से गड्ढा बना लें । उस गढ़े में जरा-सा नमक तथा काली मिर्च का चूर्ण भरकर उसे रात-भर चाँदनी में पड़ा रहने दें । सवेरे उस केले को आग पर भूनकर खाने से दमे में आराम पहुँचता है ।
  • केले के औषधीय गुण के अनुसार प्रतिदिन सवेरे-शाम 1 केला 5 ग्राम शुद्ध घी के साथ खाने से 5-6 दिन में प्रदर रोग दूर हो जाता है ।
  • केले के फायदे में यह फायदा जलने से सम्बंधित है | जो स्थान आग से जल गया हो, उसपर केले का गूदा फेंटकर कपड़े के टुकड़े पर मरहम की तरह बिछाकर चिपका दें । फौरन ठंड पड़ जाएगी ।
  • अक्सर लोगों को बहुमूत्र की समस्या हो जाती है और इस समस्या में भी केले के फायदे को देखा गया है | स्त्री के साथ अधिक मैथुन करने से या अन्य कारणों से बार-बार पेशाब आने लगता है । इसे ठीक करने के लिए निम्नलिखित चीजो का सेवन किया जा सकता है |

1 अदद पका हुआ केला |

2 ग्राम विदारीकन्द चूर्ण |

2 ग्राम शतावरी चूर्ण ।

केले के फायदे लेने के लिए इन्हें खाकर ऊपर से दूध पी लें । दो दिन में बहुमूत्र ठीक हो जाएगा ।

  • केले में विद्यमान औषधीय गुण पीलिया के ईलाज में भी सहायक होते हैं | इसके लिए बिना छीले एक केले के ऊपर भीगा हुआ चूना (Lime) लगा दें । रात-भर ओस में पड़ा रहने दें । सवेरे इसे छीलकर खा लें । प्रतिदिन ऐसा करने से 1 से 3 सप्ताह के अन्दर पीलिया दूर हो जाएगा ।
  • सुजाक की दवा के रूप में भी केले के फायदे को नकारा नहीं जा सकता है कच्चे केले काटकर धूप में सुखा लें । अच्छी तरह सूखने पर पीसकर आटा बना लें । इस आटे में देशी शक्कर मिलाएँ और खाकर ऊपर से दही की लस्सी पी लें । दो सप्ताह में आराम हो जाएगा । अगर इसके साथ केले के आटे की ही रोटियाँ खाएँ तो जल्दी आराम आता है ।
  • केले के फायदे में अगला फायदा महिला स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है | केले से बाँझपन का ईलाज भी संभावित है | इसके लिए केले के पेड़ से नीचे गिरी 6-7 कोमल बाँझ-फलियाँ लेकर इनमें इतनी ही संख्या में शिवलिंगी के बीज लेकर पीस लें । बाँझ स्त्री मासिक धर्म (Menses) के बाद खा ले तो दो महीने में ही गर्भ ठहर जाता है ।
  • योनि (Vagina)से रक्तस्त्राव भी महिला स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ विषय है | किसी महिला की योनि से यदि रक्त निकलता हो, तो केले की जड़ों का रस पिये । रक्तस्राव बन्द हो जाएगा ।

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About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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