जानिए कैसा होना चाहिए गर्मियों में पहनावा एवं साज श्रृंगार

गर्मियों में पहनावा कैसा होना चाहिए इस बारे में जानने से पहले हमें यह समझ लेना चाहिए की हम सब लोग मौसम या ऋतुओं के आधार पर अपना पहनावा बदलते हैं ताकि हमारे स्वास्थ्य एवं सौन्दर्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव उस मौसम या ऋतु का न पड़े | कहने का आशय यह है की हर मौसम में हम चाहते हैं की हम स्वस्थ्य एवं सुन्दर रहें, और किसी को भी स्वस्थ्य एवं सुन्दर बनाने में मौसम के अनुकूल पहनावे का विशेष योगदान होता है | इसलिए इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम गर्मियों में पहनावा और साज श्रृंगार कैसा होना चाहिए के बारे में वार्तालाप करेंगे |

गर्मियों में पहनावा summer dress and makeup tips

  • गर्मियों में पहनावा के तौर पर हल्के रंगों की सूती पोशाक को अति उत्तम माना गया है | क्योंकि सूती से निर्मित कपड़ों में हवा आसानी से आ भी सकती है और जा भी सकती है और सूती कपडे की विशेषता पसीना सोखने की रहती है जो की गर्मियों में कुछ ज्यादा ही निकलता है |
  • गर्मियों में पहनावे के तौर पर नायलॉन या सिंथेटिक कपड़ों को अपनाने से बचना चाहिए क्योंकि इन कपड़ों में पसीना सूख नहीं पाता, जिससे त्वचा पर घमौरियां एवं अन्य दूसरी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है |
  • वह महिलाएं या लड़कियां जो स्कर्ट या छोटी बांहों का कुर्ता या ब्लाउज इत्यादि पहनना चाह रही हैं को यह विशेष रूप से ध्यान रखना होगा की उनके शरीर का खुला हिस्सा धूप के कारण झुलस सकता है इसलिए इस हिस्से की नियमित रूप से मालिश करानी चाहिए और जरुरत पड़ने पर ब्लीच भी करवा सकते हैं |
  • गर्मियों में पहनावा के तौर पर ढीले कपड़ो का इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि कसे एवं टाइट कपड़ों में हवा का प्रवाह रुक जाता है ।
  • गर्मियों में बच्चों की त्वचा को धूप के सीधे प्रवाह से बचाने के लिए उन्हें बनियान या कमीज जरूर पहनाएं ।
  • गर्मियों में गर्मी अवश्य लगती है लेकिन इसका अभिप्राय यह बिलकुल नहीं होता है की कोई बेतुके कपड़े पहने अपितु आपके पहनावे से शालीनता झलकनी चाहिए |
  • गर्मियों में पहनावा के तौर पर जूते या बंद सैंडिल पहनने से जितना हो सके बचें क्योंकि इससे पांवों में पसीना भरकर उंगलिया काटने का कारण बन सकता है | और ध्यान रहे नायलॉन के मोजों की जगह सूती मोजे आरामदायक होते हैं ।

कैसा होना चाहिए गर्मियों में पहनावा के साथ साज श्रृंगार:

जी हाँ जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की गर्मियों में पहनावा एवं साज श्रृंगार स्वास्थ्य एवं सौन्दर्य के अनुकूल होना चाहिए | इसलिए गर्मियां आते ही शरीर और त्वचा की कोमलता को बनाए रखना भी उतना ही जरुरी हो जाता है की जितना गर्मियों में खानपान का ध्यान रखना | वर्तमान में अपने सौन्दर्य की देखभाल के लिए गर्मियों में साज श्रृंगार घर पर भी किया जा सकता है इसलिए आइये जानते हैं की इस मौसम में अपना ख्याल कैसे रखा जा सकता है |

  • गर्मियों में त्वचा की चमक अर्थात कांति में कमी आने लगती है इसलिए इन दिनों त्वचा की नियमित मालिश जरुरी हो जाती है |
  • गर्मियों में बाहर निकलने से पहले हमेशा चेहरे, गर्दन और हाटों पर सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल अवश्य करें |
  • गर्मियों में साज श्रृंगार करने अर्थात सजने संवरने के लिए हल्का ही मेकअप करें |
  • गर्मियों में चेहरे की त्वचा धूप के संपर्क में आने के कारण काली हो सकती है इसके लिए खीरे या ककड़ी का रस चेहरे पर लगाया जा सकता है | यद्यपि टमाटर का रस एवं गीली हल्दी भी त्वचा के कालेपन को दूर करने में सहायक होती है |
  • गर्मियों में चेहरे की मालिश करने के लिए कच्चे पपीते के रस में नारियल का तेल मिलाया जा सकता है |
  • गर्मियों में बालों को खुश्की एवं बेजान जैसी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए तेल. कंडीशनर या जैल का इस्तेमाल करते रहें | और बालों को हमेशा बांधकर रखें ।
  • गर्मियों में साज श्रृंगार करने में या नाखूनों को टूटने से बचाने के लिए इन पर मजबूती देने वाले लोबान का इस्तेमाल हफ्ते में एक बार अवश्य करें और जहाँ तक हो सके हलके रंग की नेल पोलिश ही गर्मियों में पहनावा के तौर पर लगायें |
  • गर्मियों में रात की तुलना में दिन में बहुत कम मेकअप करें |
  • होंठों पर लिपस्टिक अप्लाई करने से पहले उन पर लिप बेस वेसलिन जरुर लगायें, होंठों के साज श्रृंगार करने के लिए लिपस्टिक को लगाने से पहले रेफ्रीजिरेटर में रखकर सख्त कर लें |
  • गर्मियों में लिपस्टिक को होंठों पर फैलने एवं झिलमिलाने से बचाने के लिए शादी, पार्टी के अलावा नेचुरल या लेन लिपस्टिक का भी इस्तेमाल अवश्य करें |
  • गर्मियों में साज श्रृंगार के लिए ‘ऑयल फ्री’ मॉइस्चराजर से चेहरे की मालिश की जा सकती है |
  • पपोटों से जमी हुई आई शैडो की पपड़ी को निकालने के लिए भी एक बूंद मॉइस्चराजर का उपयोग किया जा सकता है |
  • गर्मियों में साज श्रृंगार करते वक्त अंत में हल्का-सा परफ्यूम या यूडीकॉलोन लगाना बिलकुल न भूलें ।

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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