चने के फायदे – Gram Benefits in Hindi

चने के फायदे से सभी लोग अवगत होंगे शायद ऐसा मुमकिन नहीं है इसलिए इस लेख के माध्यम से हम Gram Benefits in Hindi पर वार्तालाप करेंगे | चने अर्थात Gram को अधिकतर तौर पर सब्जी के रूप में उपयोग में लाया जाता है लेकिन इसे अन्य रूपों जैसे आटे, अंकुरित चने इत्यादि में परिवर्तित करके भी उपयोग में लाया जा सकता है | इसलिए चने के फायदे में बात करने की दृष्टी से हम चने के उन सभी फायदों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे चाहे इसे बीमारियों के उपचार में अर्थात हेल्थ टिप्स के तौर पर उपयोग में लाया जाता हो, या फिर सौन्दर्यवर्धक अर्थात ब्यूटी टिप्स के तौर पर | तो आइये जानते हैं की चना होता क्या है ? और इसका रंग, स्वाद, स्वरूप, प्रकृति इत्यादि कैसी होती है |

चने के फायदे

चने का परिचय स्वाद, रंग एवं प्रकृति:

चने के फायदे जानने से पहले चने का परिचय जानना बेहद जरुरी हो जाता है, चने की यदि हम बात करें तो यह शरीर में शक्ति लाने वाला और जिस व्यक्ति की भोजन में अरुचि हो उसके लिए भोजन में रुचि पैदा करने का काम करते हैं । जहाँ तक सूखे भुने हुए चनों के औषधीय गुणों की बात है इनमे वात दोष एवं कुष्ठ जैसी बीमारी को खत्म करने का गुण होता है | इसके अलावा उबले हुए चने जहाँ खाने में मुलायम महसूस होते हैं वहीँ ये  रुचिकारक, पित दोष को खत्म करने वाले, शुक्रनाशक, ठन्डे, कषेले, वातकारक, ग्राही, हल्के, कफ तथा पित्त दोष को दूर रखने वाले होते हैं | चना अनेकों रंग जैसे लाल, पीला और भूरे रंग का हो सकता है, इसका स्वाद फीका होता है । चने को एक सब्जी एवं अनाज के रूप में जाना जाता है, जहाँ तक इसकी तासीर अर्थात प्रकृति का सवाल है यह गर्म होता है ।

चने के फायदे औषधीय गुण:

सामान्य अवस्था में चने के फायदे अर्थात कुछ औषधीय गुण कुछ इस प्रकार से हैं |

  • चने के फायदे में पहला फायदा यही है की यह शरीर में ताजगी का संचार करता है जिससे शरीर फुर्तीला रहता है क्योंकि यह खून में उत्तेजना पैदा करता है ।
  • चना यकृत और प्लीहा के लिए लाभकारी होता है । यह तबियत को नर्म करने के काम के साथ साथ रक्त को साफ करने में भी मदद करता है |
  • इसके अलावा चना शरीर में धातु को बढ़ाने में एवं आवाज को साफ करने में भी सहायक है।
  • चने के फायदे में अगला फायदा यह है की यह खून से समबन्धित बीमारियों एवं वादी में लाभदायक होता है ।
  • चने के सेवन से मूत्र समस्याएं जैसे खुलकर पेशाब न आना का समाधान होता है तो वही चने को पानी में भिगोकर चबाने से शरीर में शक्ति का संचार होता है |
  • चना पाचन में थोडा कठिन हो सकता है इसलिए यह खास तौर पर किशोरों, जवानों एवं शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए पौष्टिक आहार हो सकता है ।
  • शरीर को स्फूर्तिवान एवं शक्तिशाली बनाने के लिए व्यक्ति को चाहिए की वह सबसे पहले लगभग 25 ग्राम देशी काले चने ले और उसके बाद उन्हें अच्छी तरह से साफ करे । साफ़ करने की क्रिया में आधे चने या पतले चनों को अलग कर लिया जाता है और मोटे पुष्ट चनों को अलग | अब शाम के समय अच्छे पुष्ट चनों को उचित मात्रा में पानी लेकर भीगा दिया जाता है और सुबह शौच इत्यादि की क्रिया से निपटकर योग या व्यायाम के बाद इन्हें चबाया जा सकता है संभव हो तो चने खा लेने के बाद पानी में 1-2 चम्मच शहद मिलाकर इसे पी लें |
  • उपर्युक्त प्रक्रिया के लिए चने की मात्रा धीरे-धीरे 25 से 50 ग्राम तक बढ़ाई जा सकती है । इसके अलावा भीगे हुए चने खाने के बाद दूध का सेवन करने से वीर्य पुष्ट होता है ।
  • सुबह व्यायाम या योग के पश्चात रात्रि के भीगे हुए चनों का उसी पानी के साथ सेवन करने से स्वास्थ्य ठीक ठाक रहता है ।
  • काले चने प्रोटीन के बेहद सस्ते स्रोत हैं, प्रोटीन पूर्ति के लिए बच्चों को अंडे एवं बादाम खिलाने की बजाय काले चने खिलाये जा सकते हैं | वर्तमान में मान के चलते हैं की एक अंडे की कीमत पांच रूपये है जिसका सेवन करने से लगभग 1 ग्राम प्रोटीन एवं 30 कैलोरी उर्जा की प्राप्ति होगी लेकिन यदि कोई व्यक्ति पांच रूपये के काले चने खायेगा तो उसे 41 ग्राम प्रोटीन एवं 864 कैलोरी उर्जा की प्राप्ति संभावित है |

अंकुरित चने के फायदे:

स्वास्थ्य की दृष्टी से अंकुरित चनों का सेवन करना बेहद लाभदायक होता है । अंकुरित चने के कुछ मुख्य औषधीय गुण निम्नलिखित हैं |

  • अंकुरित चना धातु को पुष्ट करने में सहायक है |
  • कहा यह जाता है की अंकुरित चने के नित्य सेवन से मांसपेशियों को मांसपेशियां इरनी मजबूत हो जाती हैं, की यह शरीर को वज्र के समान कठोर बनाने में मददगार होती हैं |
  • अंकुरित चने के फायदे में अगला फायदा यह है की यह चमड़ी से सम्बन्धित रोगों को भी नष्ट करने में सहायक होता है |
  • अंकुरित चने में विटामिन-सी की मात्रा अधिक होती है इसलिए यह वजन को बढ़ाने में भी सहायक है |
  • अंकुरित चना रक्त में वृद्धि के साथ साथ रक्त को साफ़ करने में भी मददगार साबित होता है |
  • कहा यह भी जाता है की इसके सेवन से फेफड़ों को मजबूती प्राप्त होती है |
  • अंकुरित चने के फायदे में अगला फायदा यह है की यह दिल के मरीजों के लिए लाभाकरी होता है क्योंकि इसके सेवन से खून में कोलेस्ट्राल की मात्रा कम होती है |

अंकुरित चने कैसे बनायें:

जैसा की हम सबको विदित है सामान्य चनों को ही अंकुरित चनों में तब्दील किया जाता है इसके लिए सबसे पहले चनों को अच्छी तरह पानी में धो लिया जाता है | उसके बाद इन चनों को इतने पानी में डुबोया जाता है जितना पानी ये सोख सकें | जैसे यदि कोई व्यक्ति यह क्रिया सुबह के समय करता है तो उसे सुबह से शाम तक चनों को पानी में भिगोये रखना होगा यदि मौसम गर्मीं का है तो चनों को 12-14 घंटे पानी में भिगोयें, और सर्दियों में 22-24 घंटे भिगाने के बाद ही इन्हें गीले कपड़े में बांधना चाहिए | गीले कपड़ें में बाँधने के बाद दो से तीन दिनों के अन्दर चनों से अंकुर निकलना शुरू हो जाते हैं | स्वास्थ्य यानिकी हेल्थ की दृष्टी से अंकुरित चनों का सेवन एक बहुत ही अच्छी टॉनिक के रूप में कार्य कर सकता है । हालांकि स्वाद बढ़ाने की दृष्टी से अधिकतर लोग अंकुरित चनों को कालीमिर्च, सेंधानमक, नींबू के रस एवं अदरक की कुछ कतरन के साथ खाते हैं लेकिन अंकुरित चने के फायदे तब अधिक होते हैं जब इसे बिना मिलावट के खाया जाय |

चने के आटे की रोटी के फायदे:

यद्यपि चने के आटे को बेसन भी कहा जाता है लेकिन बेसन को चने के छिलके को उतारकर बनाया जाता है | इसलिए इस विधि में हम उस चने के आटे से निर्मित रोटी की बात कर रहे हैं जिसे छिलके सहित चने को पीसकर बनाया जाता है | यद्यपि होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट इत्यादि में मिस्सी रोटी बेसन एवं गेहूं के मिक्स आटे से ही बनाई जाती है जो स्वाद में बेहद स्वादिष्ट होती है | छिलके सहित चने को पीसकर बनाया गया आटा भी औषधीय गुणों से भरपूर होता है इसलिए इससे निर्मित रोटी विभिन्न त्वचा सम्बंधी रोगों जैसे खाज, खुजली, दाद,  एक्जिमा इत्यादि में बेहद लाभकारी सिद्ध होती है,  और इस रोटी को सब्जी के साथ खाने से जहाँ इसका स्वाद बढ़ता है वहीँ इसके औषधीय गुणों में भी वृद्धि हो जाती है |

विभिन्न बीमारियों में चने के फायदे:

विभिन्न बीमारियों जैसे सर्दी जुकाम, वीर्य का पतलापन, कब्ज इत्यादि में चने के फायदे को नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता इसलिए आइये जानते हैं की इन बीमारियों में इसका फायदा लेने के लिए किन विधियों का उपयोग किया जा सकता है |

  1. जुकाम में चने के उपयोग की विधि:

  • सर्दी जुकाम से शरीर का जो अंग सबसे अधिक प्रभावित होता है वह है नाक इसलिए जुकाम में चने के फायदे लेने के लिए सबसे पहली विधि यह है की लगभग 50 ग्राम चनों को भून लिया जाता है उसके बाद इन भुने हुए चनों को एक कपड़े में बांधकर पोटली बनाई जा सकती है । इस पोटली को थोड़ा सा ताप देके नाक पर लगा के सूंघना चाहिए ऐसा करने से बंद हुई नाक खुल जाती है एवं प्रभावित व्यक्ति को सांस लेने में भी दिक्कत नहीं होती है |
  • चने के फायदे लेने के लिए जुकाम में दूसरी विधि का भी उपयोग किया जा सकता है | गर्म-गर्म चने को किसी साफ़ कपडे में बांधकर उसको मरीज को सुंघाने से भी जुकाम ठीक हो जाता है । इसके अलावा कुछ चनों को पानी में उबला जा सकता है और उस पानी को पीकर चनों का खा लेना चाहिए, स्वाद वृद्धि के लिए काली मिर्च एवं नमक डाला जा सकता है |
  1. वीर्य के पतलेपन में चने के उपयोग की विधि:

वीर्य के पतलेपन से ग्रसित व्यक्ति को चने के फायदे लेने के लिए चाहिए की वह एक मुट्ठी सेंके हुए चने या भीगे हुए चने ले, और उनका सेवन करे, उसके बाद 5-6 बादाम का सेवन करके दूध पी ले, इस विधि को नियमित तौर पर अपनाने से से वीर्य का पतलापन दूर हो जाता है ।

  1. कब्ज में चने के उपयोग की विधि:

  • अपनी आवश्यकतानुसार या लगभग 2 मुट्ठी चनों को साफ़ कर लें एवं रात को सोने से पहले इन्हें भिगो दें, पानी इतना रखे की चनों के पानी सोखने के बावजूद सुबह तक थोडा बहुत पानी बचा रहना चाहिए | अब सुबह शौच इत्यादि से निवृत्त होकर व्यायाम या योग के बाद जीरा एवं सोंठ को पीस लें और इसे चनों पर छिड़ककर खाएं । उसके एक घंटे बाद चने भिगोये हुए पानी को पी लें यह विधि कब्ज से राहत देने में मददगार होती है |
  • कब्ज में अंकुरित चना, अंजीर और शहद का उपयोग भी फायदेमंद माना गया है इसके अलावा गेहूं के आटे में चने का आटा मिलाकर बनाई गई रोटी भी कब्ज मिटाने में मददगार साबित होती है |

सौन्दर्य बढ़ाने के लिए चने के उपयोग की विधि:

चने के फायदे में अगला फायदा सुन्दरता समबन्धी है, सुन्दरता सम्बन्धी फायदा लेने के लिए निम्नलिखित विधियाँ अपनाई जा सकती हैं |

  • चेहरा सुन्दरता का पहला आकर्षण केंद्र होता है, इसलिए चेहरे की सुन्दरता बढ़ाने के लिए चने के फायदे लेने हेतु जौ, चना, मसूर, मटर एवं चावल को बराबर मात्रा में लें और फिर इस सामग्री को अच्छी तरह से पीस लें, अब आपके पास एक चूर्ण तैयार हो गया है अब इस चूर्ण में से जरा जरा चूर्ण लेकर नित्य इसका लेप बनायें और चेहरे पर लगायें |
  • बेसन नामक खाद्य पदार्थ का निर्माण चने से ही होता है और यह सर्वविदित है की बेसन को अनेकों सुन्दरता के नुस्खों में उपयोग में लाया जाता है | बेसन का दूध या दही के साथ मिलाकर लेप तैयार कर लें और इस लेप को सुबह शाम चेहरे पर लगायें और आधे घंटे बाद मुहं धो लें यह विधि चेहरे की त्वचा की धूप, गर्मी, लू इत्यादि से तो रक्षा करेगी ही करेगी साथ में चेहरे के धब्बे, झाइयाँ इत्यादि को मिटाने में भी मदद करेगी |

इसमें कोई दो राय नहीं की चने के फायदे में हमने चने के विभिन्न औषधीय गुणों का वर्णन कर लिया है, लेकिन ध्यान रहे चना पचाने में कठिन होता है इसलिए जिस किसी की भी पाचन शक्ति अर्थात भोजन पचाने की क्षमता  कमजोर हो,  या जिन्हें चना खाने से पेट में एसिडिटी इत्यादि की शिकायत होती हो तो उन्हें चने का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए ।

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