तांबा खनिज की कमी के लक्षण, स्रोत एवं फायदे. Sources, Benefits of Copper.

तांबा हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन उत्पादन में सहायक होता है और यह हमारे शरीर में पाए जाने वाला एक प्रमुख खनिज अर्थात मिनरल है | 1928 में पहली बार ई. बी. हार्ट और उनके सहकर्मियों के अध्ययनों से प्रमाणित हुआ कि रक्ताल्पता (एनीमिया) वाले चूहों में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिये  कॉपर आवश्यक तत्व है ।  वयस्क मानव शरीर में 75 मि.ग्रा. से 150 मि.ग्रा. तांबा होता है । नवजात शिशुओं में वयस्कों की तुलना में तांबे की सघनता अधिक होती है । इसकी उच्च सघनता यकृत, मस्तिष्क, गुरदों, हृदय तथा बालों में होती है । औसतन वयस्क भहिलाओं में सीरम तांबे का स्तर वयस्क पुरुषों की अपेक्षा अधिक होता है । सीरम तांबे का स्तर गर्भावस्था तथा ओरल कोंट्रासेप्टिव के सेवन के दौरान महिलाओं में काफी बढ़ जाता है ।

तांबा खनिज

 

तांबा क्या है (What is copper Mineral)?

तांबा शरीर में पाया जाने वाला एक मिनरल है और मानव शरीर में तांबा अनेक इंज़ाइमों का एक अवयव होता है तथा यह रक्त में अनेक प्रोटीनों के संयोजन से प्राप्त होता है । सेरूलोप्लाज्मिन जो एक कॉपर -मिश्रित प्लाज्मा इंजाइम है हेमोग्लोबिन के उत्पादन में सहायक है । भोजन में उपस्थित लगभग 32 प्रतिशत कॉपर आंत में डुओडेनम के स्तर पर अवशोषित होता है । अतिरिक्त तांबा पित्त में उत्सर्जित होता है ।

तांबा का शरीर में कार्य (Functions of copper in Body):

तांबा के शरीर में कार्यों की बात करें तो कुछ मुख्य कार्यों की लिस्ट निम्नवत है |

  • कॉपर  लौह को हीमोग्लोबिन में परिवर्तित करने में सहायता करता है ।
  • यह लाल रक्तकोशिकाओं की वृद्धि को उत्तेजित करता है ।
  • यह कुछ पाचक इंज़ाइमों का मुख्य भाग होता है ।
  • यह टायरोसिन, एमिनो एसिड, को उपयोगी बनाता है तथा इसे बालों तथा त्वचा के लिये रंजक कारक के रूप में कार्य करने के लिये सक्षम बनाता है ।
  • यह विटामिन सी के उपयोग के लिये भी आवश्यक होता है ।

तांबे के स्रोत (Sources of Copper):

मोलस्कस तथा शेलफिश के साथ-साथ पान के पत्ते, सुपारी तथा अन्य सूखे मेवे तांबे के अच्छे स्रोत होते हैं । मृदु पानी में कठोर पानी की अपेक्षा अधिक तांबा होता है तथा नल से आने वाले पानी में भंडारित पानी की अपेक्षा अधिक कॉपर होता है । लेकिन भंडारित जल में झरने के जल से अधिक तांबे की मात्रा होती है । इसके अलावा निम्न खाद्य पदार्थों में कॉपर उचित मात्रा में पाया जाता है |

अनाज जिसमे तांबा पाया जाता है

  • कंगनी
  • जौ
  • बाजरा
  • गेहूं
  • गेहूं का आटा
  • रागी
  • पोहा

दालें एवं फलियाँ जिनमे तांबा पाया जाता है

  • मसूर
  • राजमां
  • काली सोयाबीन
  • मसूर
  • दली हुई काला चना
  • भुनी हुई मटर
  • सूखे मटर
  • अरहर
  • दली हुई अरहर
  • उड़द

सब्जियाँ जिनमें तांबा पाया जाता है

  • पान पत्ते
  • सूखी कमलककड़ी
  • सफ़ेद मूली
  • अजवायन के पत्ते
  • चुकंदर
  • हरे मटर
  • अरबी के पत्ते
  • प्याज
  • आलू
  • गोभी
  • बैंगन
  • टिंडा
  • मेथी के पत्ते

सूखे मेवे तिलहन जिनमे तांबा पाया जाता है

  • सुपारी
  • अखरोट
  • काजू
  • सूखा नारियल
  • बादाम
  • मूंगफली
  • राई

फल जिनमें तांबा पाया जाता है

  • संतरा
  • शरीफा
  • नाशपाती
  • अनार
  • लीची
  • बेल
  • पीले हरे अंगूर
  • पका पपीता
  • पका हुआ टमाटर
  • पका हुआ केला
  • अमरुद
  • अन्नानास
  • बेर

मछली जिनमे तांबा पाया जाता है

  • सूखी चिंगड़ी गोदा
  • सूखी मेंगो फिश
  • सूखी टापरा
  • सूखी चेला
  • छोटी बाटा
  • चिताई
  • सिंघी

तांबा की कमी के लक्षण (Copper Deficiency) :

तांबे की कमी से शरीर में कमजोरी, पाचन में गड़बड़ तथा श्वास में विकार होते हैं । वयस्कों में तांबे की न्यूनता के कारण रक्ताल्पता ज्ञात नहीं हुई है । सभी आयरन-युक्त दवाईयों में तांबे की मात्रा होती है । शिशुओं विशेषकर उनमें जो समयपूर्व पैदा होते हैं में तांबे की कमी हो सकती है जिससे उन्हें दीर्घकालिक डायरिया तथा बाद में रक्ताल्पता हो सकती है जो लौह के सेवन से ठीक नहीं होती । जिनमें प्रोटीन ऊर्जा सम्बन्धी कुपोषण होता है उनमें तांबे की कमी देखी गयी है ।

तांबा के फायदे स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits of Copper):

निम्न बीमारियों में तांबे के फायदे देखे जा सकते हैं |

  1. मेनके सिंड्रोम में तांबा के फायदे :

यह तांबे के अवशोषण की एक दुर्लभ आनुवांशिक अयोग्यता होती है । इस अवस्था के कारण उत्तरोत्तर मानसिक कमजोरी बालों का गांठदार होना, शरीर का तापमान कम होना, प्लाज्मा तथा यकृत में तांबे की कमी तथा शरीर में अपकर्ष-सम्बन्धी परिवर्तन होते हैं ।

  1. आर्थराइटिस में तांबा के फायदे :

कॉपर पेशीय तंत्र को मज़बूत करता है इसलिये यह विश्वास किया जाता है कि तांबा आर्थराइटिस के इलाज में लाभदायक है । यह कहा जाता है कि तांबे के बर्तन में रात को पानी रखकर सुबह पीने से इस बीमारी में आराम मिलता है । इसी कारण से तांबे की अंगूठी या कड़ पहनना भी लाभदायक हो सकता है । प्राचीनकाल में मिस्री, स्कांदीनेविअन, दक्षिणी अमेरिकी तथा उत्तर अमेरिकी भारतीयों सहित अनेक लोग तांबे के कड़ों को दर्दो से आराम पाने के लिये पहना करते थे । पेरू में, इंका लोग आज भी तांबा पहनते हैं तथा यहां के मूल निवासी यह दावा करते हैं कि उनमें गठिया-सम्बन्धी कोई शिकायत नहीं है ।

तांबे के उपयोग संबंधी सावधानियां :

तांबे को अधिक मात्रा में लेना विषाक्त होता है तथ तांबे के बिना कलई किए बर्तन में पके भोजन को खाने से तीव्र उल्टी तथा डायरिया के साथ उदरीय दर्द हो सकता है । एसिड पेयों को तांबे के बर्तन में पीने से इसी प्रकार के लक्षण उभर सकते हैं ।

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