दालचीनी के फायदे – उपयोग एवं औषधीय गुण .

दालचीनी के फायदे के बारे में बात करने से पहले हम इसकी पृष्ठभूमि पर एक नज़र डालने की कोशिश करेंगे अर्थात हम दालचीनी क्या है, इसके प्रकार, स्वाद, रंग प्रकृति एवं इसके सामान्य एवं औषधि के तौर पर उपयोग क्या क्या हैं जानने की कोशिश करेंगे | दालचीनी विश्व में मसालों के तौर पर उपयोग में लायी जाती है । यह एक पेड़ की छाल होती है । जहाँ तक दालचीनी के प्रकारों की बात है यह मुख्यतः दो प्रकार की मोटी दालचीनी एवं पतली दालचीनी होती है |

दालचीनी के फायदे

मोटी दालचीनी के फायदे:

मोटी दालचीनी के मुख्य औषधीय गुण कुछ इस प्रकार से हैं |

  • मोटी दालचीनी लघु, गर्म, तीखी, मधुर, कटु, रूक्ष और पित्त दोष को दूर करने वाली होती है ।
  • यह बलगम, गैस, खुजली इत्यादि में लाभदायक है |
  • मोटी दालचीनी के फायदे में अरुचिनाशक एवं दिल के रोगों में राहत देना भी सम्मिलित है |
  • मूत्राशय के रोग, बवासीर, पेट के कीड़े इत्यादि में भी मोटी इलायची फायदेमंद रहती है |
  • यह पुराना जुकाम मिटाने वाली तथा वीर्य बढ़ाने वाली भी होती है ।

पतली दालचीनी के फायदे:

पतली दालचीनी के कुछ मुख्य औषिधिय गुण निम्नलिखित हैं |

  • पतली दालचीनी मधुर, कड़वी, तीखी हो सकती है |
  • यह वीर्य में वृद्धि करने वाली, सुगंधित, एवं शरीर के रंग को सुधारने वाली होती है |
  • यह वायु पित, मुंह की सूजन और प्यास को मिटाने वाली होती है ।

दालचीनी का रंग, स्वाद एवं प्रकृति:

दालचीनी हल्का लालपन लिए हुए भूरे रंग की होती है । इसका अर्थात दालचीनी का स्वाद तीखा, मीठा और सुगंधित होता है । दालचीनी के पेड़ भारतवर्ष में भी विभिन्न प्रदेशों में पाए जाते हैं । इसके पत्ते तमाल के पत्तों के जैसे होते हैं । पत्तों को सूंघने पर लौंग जैसी गंध आती है । इसका फूल गुलाब के फूल के समान महकता है । इसके फल करौन्दे के जैसे होते हैं जिनमें से तेल निकलता है । दालचीनी के फूलों से इत्र  अर्थात परफ्यूम भी बनाया जाता है । जहाँ तक इसकी प्रकृति या स्वभाव की बात है दालचीनी तासीर में गर्म होती है ।

दालचीनी के कुछ और अतितिक्त फायदे (Some additional benefits of cinnamon hindi):

मोटी इलायची एवं छोटी इलायची के अलग अलग फायदों के अलावा कुछ और दालचीनी के फायदे निम्नलिखित हैं |

  • दालचीनी मन को प्रसन्न करने में सहायक होती है ।
  • यह लगभग सभी प्रकार के दोषों को दूर करती है ।
  • यह पेशाब और मासिक-धर्म से जुड़े रोगों को दूर करने का कार्य करती है ।
  • यह धातु को पुष्ट करने में भी सहायक है ।
  • मानसिक उन्माद यानी कि पागलपन को दूर करती है ।
  • इसका तेल सर्दी की बीमारियों और सूजनों तथा दर्द को शांत करने में सहायक होता है ।
  • दालचीनी के फायदे में अगला फायदा यह है की यह सिर दर्द के लिए बहुत ही गुणकारी औषधि होती है ।

दालचीनी के घरेलू एवं औद्योगिक उपयोग :

दालचीनी नामक इस हर्ब औषधीय गुण विद्यमान होने के कारण इसे अनेकों घरेलू एवं औद्योगिक प्रक्रियाओं को अंजाम देते वक्त उपयोग में लाया जाता है |

  • चूँकि दालचीनी मसलों के तौर पर उपयोग में लायी जाती है इसलिए दालचीनी के फायदे के तौर पर इसे भी सम्मिलित किया जा सकता है |
  • दालचीनी का तेल बनता है ।
  • दालचीनी मिठाइयों में सुगंध देने के काम में भी लायी जाती है ।
  • दालचीनी, साबुन, दांतों के मंजन, पेस्ट, चाकलेट, सुगंध व उत्तेजक के रूप में काम में आती है । दालचीनी, संकोचक, स्तम्भक, कीटाणुनाशक, वातनाशक, फफून्दनाशक भी होती है |
  • दालचीनी के फायदे में यह भी एक फायदा ही है की इसे जी मिचलाना और उल्टी रोकने वाली, पेट की गैस दूर करने वाली भी माना जाता है ।
  • दालचीनी को चाय, कॉफी में डालकर इन्हें स्वादिष्ट बनाया जा सकता है |
  • दालचीनी के उपयोग से जुकाम भी ठीक हो जाता है ।
  • दालचीनी हल्की सी कड़वी व मीठी, सुगन्धित, वीर्यवर्द्धक, त्वचा के रंग में सुन्दरता बढ़ाने वाली, वात-पित नाशक, मुंह का सूखना और प्यास को कम करने वाली होती है।
  • पालक की तासीर ठंडी होती है, पालक में दालचीनी डालने से इसकी ठण्डी प्रकृति बदल जाती है ।
  • इसी प्रकार दूसरे ठण्डे पदार्थों में भी दालचीनी मिलाने पर उनकी भी प्रकृति बदल जाती है । दालचीनी पित्त दोष को दूर करने वाली होती है ।
  • दालचीनी के फायदे में यह भी सम्मिलित है की यह अपनी गर्मी और तीक्ष्णता के कारण गुर्दो, स्नायुविक संस्थान और दिल को उत्तेजित करती है ।
  • दालचीनी संकोचक और बाजीकरण होने से स्त्री, पुरुषों के यौनांगों (जननांग) के लिए लाभदायक होती है ।

दालचीनी के तेल की उपयोगिता:

दालचीनी से बना यह तेल उत्तम गुण वाला होता है । यह मेडिकल स्टोरों पर उपलब्ध होता है। इस तेल में दालचीनी जैसी गंध व स्वाद होती है। दालचीनी का नया तेल हल्का पीला तथा पुराना होना पर लाल से भूरे रंग का हो जाता है। दालचीनी का तेल भारी और गरिष्ठ होता है जो पानी में डालने पर डूब जाता है। दालचीनी में 2 प्रतिशत तेल होता है जो उड़नशील होता है। इस तेल में गोंद सिनेमिक एसिड, राल, टैनिन शर्करा, स्टार्च, भस्म, आदि द्रव्य मिलते हैं। दालचीनी का तेल दर्द, घावों और सूजन को नष्ट करता है ।

दालचीनी के प्रयोग में ध्यान देने वाली बातें:

इसमें कोई दो राय नहीं की दालचीनी के फायदे सर्वमान्य हैं लेकिन यह तभी फायदेमंद हो सकता है जब दालचीनी का उपयोग उचित मात्रा में उचित मौसम में किया जाय | चूँकि दालचीनी की तासीर गर्म होती है अतः दालचीनी के फायदे लेने के लिए इसे थोड़ी सी मात्रा में लेते हुए धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए । परन्तु यदि किसी प्रकार का दुष्प्रभाव या हानि हो तो सेवन को कुछ दिन में ही बंद कर देना चाहिए, और दुबारा थोड़ी सी मात्रा में लेना शुरू करना चाहिए। दालचीनी पाउडर की ली जाने वाली मात्रा 1 से 5 ग्राम होती है, पाउडर चम्मच के किनारे से नीचे  तक ही भरा जाना चाहिए । बच्चों को भी इसी प्रकार अल्प मात्रा में देना शुरू कर सकते हैं । दालचीनी का तेल 1 से 4 बूंद तक उपयोग में लाया जा सकता है चूँकि  दालचीनी का तेल तीक्ष्ण एवं उग्र होता है । इसलिए इसे आँखों के पास नहीं लगाना चाहिए | दालचीनी का गर्मी के मौसम में कम से कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए । दालचीनी का सेवन लम्बे समय तक व लगातार मात्रा में नहीं करना चाहिए । चूँकि प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति अलग-अलग होती है इसलिए सौ में से एक वस्तु 99 व्यक्तियों को लाभ करती है तो एक व्यक्ति को हानि भी कर सकती है । जैसे ही हानि का एहसास हो इसका सेवन तुरंत बंद कर दें | दालचीनी के फायदे कोई भी गर्भवती स्त्री नहीं ले सकती क्योंकि गर्भवती स्त्री के लिए दालचीनी हानिकारक होती है । गर्भवती स्त्रियों को इसे नहीं लेना चाहिए अथवा कम मात्रा में लेना चाहिए ।

विभिन्न बीमारियों में दालचीनी के फायदे:

दालचीनी के फायदे की बात करें तो दालचीनी श्वसन संस्थान पर अधिक असर करती है । यह कफ, जुकाम, टी.बी. इत्यादि बीमारियों को नष्ट करती है । यह उत्तेजक, दर्दनाशक, स्नायु संस्थान में उत्तेजना लाने वाली, भूख बढ़ाने वाली, पाचक, अरुचि, उल्टी रोकने वाली, पेट के कीड़ों को नष्ट करने वाली, मल को गाढ़ा करने वाली, दस्त बंद करने वाली, बदबूनाशक तथा गैस निकालने वाली होती है । यह मूत्रवर्द्धक, हृदयशक्तिवर्द्धक, यकृत, उत्तेजक तथा शरीर में स्फूर्ति एवं ताजगी  लाने वाली होती है । दालचीनी के फायदे में यह भी शामिल है की यह जननांगों में उत्तेजना देने वाली, वीर्य तथा शुक्रवर्द्धक होती है । यह त्वचा निखारती है तथा खुजली के रोगों को भी दूर करती है । शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द होने पर दालचीनी को तिल के तेल या पानी के साथ  शहद में मिलाकर उपयोग किया जा सकता है ।

कुछ समस्याओं के लिए दालचीनी नुस्खे:

कुछ आम समस्याओं की स्थिति में दालचीनी के फायदे लेने के लिए निम्न नुस्खे अपनाये जा सकते हैं |

  • दर्द वाले स्थान पर मालिश करने के बाद इसे रातभर वैसे ही छोड़ दिया जाता है । दिन में यह मालिश करने पर इसे 2-3 घंटे के लिए शरीर पर ही रहेना देना चाहिए ।
  • यदि किसी व्यक्ति को हकलाने तुतलाने की बीमारी है तो वह दालचीनी के फायदे लेने के लिए रोजाना सुबह-शाम दालचीनी को चबा सकता है कहा जाता है की इससे हकलापन दूर होता है ।
  • इसके अलावा वीर्य बढ़ाने के लिए दालचीनी के फायदे लेने हेतु दालचीनी को बहुत ही बारीक पीस लेते हैं । इसे 4-4 ग्राम सुबह व शाम को सोते समय दूध के साथ लें कहा यह जाता है की इससे दूध पच जाता है और वीर्य की वृद्धि होती है ।
  • भूख न लगने पर दालचीनी के फायदे लेने के लिए 2 ग्राम दालचीनी और अजवायन को बराबर मात्रा में लेकर 3 भाग करके भोजन से पहले चबाने की आदत डालें कहा यह जाता है की इससे भूख लगने लगती है ।

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