नींबू के फायदे एवं नींबू से विभिन्न बीमारियों का ईलाज

नींबू के फायदे एवं औषधीय गुणों की बात करें तो इसमें अनेकों ऐसे गुण विद्यमान हैं जो विभिन्न बीमारियों को दूर करने में सहायक हैं | नींबू खट्टे फलों में सबसे श्रेष्ठ है । इसकी शिकंजबीन पीने से मतली (जी मिचलाना) तथा उल्टी बन्द होती है । इसमें ग्लूकोज़-डी डालने से उल्टियाँ शर्तिया बन्द होती हैं । कितनी ही थकावट हो, नींबू की शिकंजबीन में ग्लूकोज़ डी डालकर पिलाने से थकावट तथा कमजोरी तुरन्त दूर होती है । इससे दस्त भी रुक जाते हैं ।

नींबू के फायदे

नींबू में पाए जाने वाले तत्व:

नींबू के फायदे की बात हो रही हो तो इसमें पाए जाने वाले विभिन्न तत्वों का जिक्र होना भी लाजिमी है | नींबू में ‘साइट्रिक एसिड’ तथा ‘पोटाश’ खनिज-लवण पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, अत: ज्वर, खट्टी डकार, मुँह में पानी (लार) भर आना, हृदय की जलन, पेट का दर्द आदि दूर होते हैं । यूरिक एसिड के कारण होनेवाले सभी रोगों में नींबू का रस अत्यन्त लाभदायक है । नींबू में विटामिन भी काफ़ी होते हैं, अत: इसके रस से स्कर्वी रोग दूर होता है । दाँतों-दाढ़ों में सूजन तथा पीड़ा होने पर नींबू के फायदे देखे जा सकते हैं इसलिए इस स्थिति में ताज़ा नींबू का प्रयोग लाभदायक होता है । लू के दिनों में, नींबू के रस में नमक मिलाकर नमकीन शिकंजबीन (नींबू-पानी) पीने से लू के कारण होनेवाला कष्ट दूर होता है । नींबू वर्षा-ऋतु में विशेष लाभदायक है । इससे पित्त शान्त होता है । हुमस (Humidity) के कारण पैदा हुई घबराहट दूर होती है । यकृत, जिगर (Liver) तथा आमाशय (Stomach) की बीमारियों में नींबू अत्यन्त हितकारी है । नींबू का प्रयोग करने से रक्त शुद्ध होता है । दिमागी काम करनेवालों को खाना हज़म नहीं होता । इसलिए नींबू उनके लिए अमृत के समान है । नींबू में 62.5% पानी, 0.7% प्रोटीन, 5.9% कार्बोहायड्रेट, 0.5% बसा पायी जाती है | एक पौंड (लगभग 400 ग्राम) नींबू में 180 कैलोरी (ऊर्जा) अर्थात् गर्माइश पैदा करने की शक्ति होती है । नींबू में पाए जाने वाले कैल्सियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, क्लोरीन आदि खनिज-तत्त्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं ।

नींबू के औषधीय गुण:

नींबू के रस में समान भाग ग्लिसरीन मिलाने से मुंह की छाइयाँ, कील, मुहासे दूर होते हैं । साबुन की खुश्की से हाथों की चमक मिट जाती है और त्वचा अकड़कर फट जाती है । ऐसे में नींबू के फायदे देखे गए हैं और नींबू-रस तथा ग्लिसरीन का घोल मलने से हाथ ठीक हो जाते हैं । नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रसिद्ध अनुसंधान-कर्ता, रसायनशास्त्री प्रो० फॉन मूलर का मत है कि नींबू में न्यूमोनिया के कीटाणु (न्यूमोकाकस) को मारने का गुण विशेष रूप से पाया जाता है । जुकाम, सर्दी, इन्फ्लुएंजा और न्यूमोनिया में नींबू का रस बहुत लाभकारी है । समुद्र की लंबी यात्रा करनेवाले यात्रियों को हरी शाक-सब्ज़ियाँ नहीं मिलतीं हैं । इससे उन्हें वे विटामिन नहीं मिल पाते जो उन्हें मिलने चाहिएँ । इस अभाव के कारण उन्हें रक्त-विकार (खून की खराबी का रोग) हो जाता है । इस विकार को दूर करने के लिए नींबू का रस सबसे श्रेष्ठ है । इसीलिए जलयानों पर काफी मात्रा में नींबू का रस रख लिया जाता है | नींबू में पाया जाने वाला विटामिन ए‘ शरीर का पोषण करता है, संक्रामक (छूत) रोगों से बचाता है, नेत्र-विकार को दूर करने में भी नींबू के फायदे देखे गए हैं | इसके अलावा यह पायरिया  (दाँतों में पीप) को भी दूर करता है | नींबू में पाया जाने वाला विटामिन बी‘ पाचन-शक्ति को बढ़ाता है तथा पेट के रोगों को दूर करता है । यह बेरी-बेरी रोग को भी मिटाता है । नींबू में मौजूद विटामिन सी‘ पाचन ठीक करता है, पेट तथा अन्तड़ियों के छाले दूर करता है । रक्त-विकारों को दूर करता है । शरीर के भीतरी अंगों, ग्रन्थियों आदि के विकारों को दूर करता है ।

विभिन्न बीमारियों में नींबू के फायदे:

  • नींबू के फायदे में पहला फायदा कब्ज से जुड़ा हुआ है कब्ज़ की दवा बनाने के लिए एक नींबू काटकर रात को ओस में रख दें । सवेरे इसकी शिकंजबीन बना लें (चीनी और पानी में रस निचोड़ लें)। इसे पीने से कब्ज़ (कोष्ठबद्धता) दूर होती है ।
  • नींबू से अपच का ईलाज भी किया जा सकता है ऐसे व्यक्ति जिन्हें भूख न लगती हो, खाना न पचता हो, खाने के बाद खट्टे डकार आते हों तो भोजन से दस मिनट पूर्व आधा नींबू अदरक तथा नमक के साथ खाने से आराम होता है ।
  • नींबू के फायदे में अगला फायदा पेट के रोगों से जुड़ा हुआ है | पेट-दर्द, उल्टी, पेट में कीड़े, भारीपन का ईलाज करने के लिए 3 ग्राम कागज़ी नींबू का रस, 20 ग्राम चूने (Lime) का निथरा जल, 2 ग्राम देसी अजवाइन का चूर्ण, 10 ग्राम शहद लें | उसके बाद सबको अच्छी तरह मिलाकर दिन में तीन बार चाटने से पेट के सभी कष्ट दूर होते हैं ।
  • संग्रहणी का ईलाज करने के लिए एक में आधा रत्ती अफीम भर दें । दूसरी फाँक इसके ऊपर रखकर आग पर तपाएँ। फिर ठंडा करने के लिए रख दें । ठंडा होने पर चूसें तो दस्त बन्द हो जाएँगे ।
  • अतिसार (दस्त) में भी नीबूं के फायदे किसी से छुपे हुए नहीं है इसके लिए 1 अदद जायफल,
  • 2 रत्ती अफीम, 1 अदद नींबू, की आवश्यकता होती है | नींबू को बीच में से काटकर उसमें जायफल और अफीम रखकर उसके ऊपर नींबू का दूसरा हिस्सा रख दें । इसके ऊपर कपड़ा लपेटकर ऊपर से गीली मिट्टी (चिकनी) लपेट दें । अब इसे आग में रखकर पका लें (जलने से पहले निकाल लें)। जायफल-सहित अफ़ीम को निकालकर नींबू को फेंक दें । इस अफ़ीम और जायफल में पानी डालकर साफ़ खरल में इन्हें रगड़े और 15 गोलियाँ बना लें । दिन में 3-4 गोलियाँ खाने से (अतिसार बार-बार पतले दस्त आना) बन्द हो जाता है ।

हैजे में नींबू के फायदे:

हैजे की बीमारी में भी नीबूं के फायदे देखे गए हैं इसके लिए व्यक्ति को 10 ग्राम मुश्क काफूर, 100 ग्राम काली मिर्च , 400 ग्राम देशी अजवाइन, 1 किलोग्राम नींबू लेने होते हैं | उसके बाद नींबू का रस निचोड़कर ऊपर लिखी चीज़ों को साफ खरल में रगड़ लें और काली मिर्च के बराबर गोलियाँ बना लें । एक-एक घंटे के बाद एक-एक गोली अनार के रस से या नींबू की शिकंजबीन से दें । हैजा दूर हो जाएगा ।

हैजे का अन्य घरेलू ईलाज:

इस नुश्खे में भी नींबू का उपयोग होगा इसमें 1 लीटर नींबू का रस, 50 ग्राम अजवाइन, 50 ग्राम छोटी हरड, 50 ग्राम सौंफ, 50 ग्राम सौंठ, 50 ग्राम पाँचों नमक, 50 ग्राम मदार की कली,10 ग्राम पिपली, 1 ग्राम केसर की आवश्यकता होती है | सारी चीज़ों को खरल में रगड़ें । नींबू का रस ज्यों-ज्यों सूखता जाए, साथ-साथ डालते जाएँ । जब खूब महीन हो जाए और रस गाढ़ा हो जाए, तो चने के बराबर गोली बनाकर रख लें । हैजे के रोगी को एक-एक गोली 3-3 घंटे के अन्तर से मन्दोष्ण (कोसे) पानी से खिलाएँ । हैजे, अतिसार आदि के फैलने पर सभी को यह गोली खिलाते रहने से इन रोगों का आक्रमण नहीं होगा ।

  • वमन (उल्टी) में भी नीबूं के फायदे देखे गए हैं | एक चम्मच नींबू-रस में दो चम्मच जल तथा एक चम्मच चीनी डालकर घंटे-घंटे बाद पिलाते रहने से वमन बन्द होता है । नोट-चीनी की जगह ग्लूकोज़-डी डालकर ही पिलाएँ तो और भी अच्छा होता है |
  • बाल-हिचकी दूर करने के लिए जम्बीरी नींबू का रस, गुंठी (सोंठ), काली मिर्च, अदरक का रस-इन सबको रगड़कर बच्चे को चटावें तो हिचकी दूर होती है । उल्टी गिनती अर्थात् 100, 99, 98,97 आदि गिनने से भी हिचकी बन्द होती देखी गई है ।
  • मलेरिया में नींबू के फायदे लेने के लिए 25 ग्राम नींबू का रस, 25 ग्राम चिरायते का काढ़ा,
  • 25 ग्राम मौसम्मी का रस लें कुनैन की एक गोली खाकर ऊपर से उक्त द्रव (Liquid doze) पीने से मलेरिया (मौसमी बुख़ार) अवश्य दूर होता है ।

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