पेशाब की रुकावट-Retention of Urine कारण, लक्षण उपचार .

पेशाब की रुकावट से आशय मूत्र मार्ग में किसी कारणवश आई रुकावट से है जिसमे प्रभावित व्यक्ति को मूत्र विसर्जन में तकलीफ का अनुभव होता है अर्थात मूत्र विसर्जन की इच्छा होने के बावजूद व्यक्ति को पेशाब आती ही नहीं, या फिर बहुत कम मात्रा में आती है | यह समस्या किसी को भी स्त्री, पुरुष बच्चों किसी को भी कभी भी हो सकती है | यद्यपि इस पेशाब की रुकावट के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे गुर्दे में पथरी, प्रोस्टेट ग्रन्थि का बढ़ जाना इत्यादि या फिर किसी दुर्घटना में चोट लगने के कारण या भारी सामान उठाने की वजह से नस दबने के कारण भी ऐसा हो सकता है | इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से पेशाब की रुकावट के कारणों, लक्षणों एवं ईलाज पर प्रकाश डालने की कोशिश करेंगे |

पेशाब की रुकावट retention of urine

पेशाब की रुकावट के कारण (Cause of Retention of Urine):

हालांकि पेशाब की रुकावट के उम्र के आधार पर अलग अलग कारण हो सकते हैं |

  • बच्चों में पेशाब की रुकावट पथरी, Phimosts, मूत्र नलिका में मांस का बढ़ना यानिकी Stricture in uretha, इत्यादि के कारण हो सकती है |
  • व्वयस्क व्यक्तियों में भी मुत्र्नालिका की पथरी, मूत्र नलिका में मांस का बढ़ना, गोनोरिया इत्यादि के कारण हो सकती है |
  • महिलाओं में पेशाब की रुकावट हिस्टीरिया, पथरी, मूत्राशय की गर्दन पर किसी प्रकार की रसौली अर्थात गाँठ का दबाव, मूत्रनलिका में संक्रमण इत्यादि के कारण हो सकता है |
  • इसके अलावा वृधावस्था में गद्दू, पथरी, मूत्राशय की कमजोरी, मूत्र नलिका में मांस का बढ़ जाना या फिर संक्रमण इत्यादि कारणों से हो सकती है |

उपर्युक्त दिए गए कारणों के अलावा लगभग सभी उम्र के पीड़ितों में Spinal Cord में चोट के कारण भी पेशाब की रुकावट हो सकती है इस प्रक्रिया को Neurogenic Bladder कहते हैं सभी पीड़ितों में एक सामय कारण और भी हो सकता है वह है मूत्राशय में मांस का बढ़ जाना |

पेशाब की रुकावट के लक्षण (Symptoms of Retention of Urine):

पेशाब की रुकावट के कुछ मुख्य लक्षण इस प्रकार से हैं |

  • इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को कुछ देर तक जोर लगाने के बाद पेशाब आती है और पेशाब की धार भी पतली सी होती है ।
  • कभी कभी रुक-रुक कर और बूंद-बूंद करके पेशाब आती है |
  • पेशाब की रुकावट में ऐसा भी होता है की बिल्कुल पेशाब आती ही नहीं |
  • पीड़ित व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने की इच्छा तो होती है लेकिन पेशाब या तो थोडा थोड़ा आती है या फिर आती ही नहीं |
  • इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को पेशाब करने के बाद भी पेशाब की इच्छा होती रहती है ।
  • इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति के पेडू पर दर्द होता है और पेशाब की थैली में पेशाब भरा होने के कारण पेडू पर उभार सा भी महसूस होता है ।
  • जब ग्रसित व्यक्ति को अच्छे ढंग से पेशाब नहीं होती है तो Urinany Bladder अर्थात मूत्राशय में मूत्र इकट्ठा होने के कारण मूत्र में संक्रमण हो सकता है |

पेशाब की रुकावट के लिए जांच:

चिकित्सक द्वारा प्रभावित व्यक्ति को मूत्र जांच करने को कहा जा सकता है प्रभावित व्यक्ति के मूत्र जाँच करने पर RBC आ सकती है जिसका मतलब होता है की प्रभावित व्यक्ति को पथरी हो सकती है | मूत्र में PUS Cells मिलने पर संक्रमण का पता चलता है | इसके अलावा USG Ultrasound जांच में मूत्राशय में किसी प्रकार के मांस बढ़ा हुआ, पथरी एवं गद्दू तो नहीं है का पता किया जाता है | चिकित्सक द्वारा प्रभावित व्यक्ति को Cystoscopy करने को का जा सकता है इस जांच के माध्यम से भी पथरी एवं बढे हुए मांस का पता लगता है | इन सबके अलावा X Ray KUB कराकर भी पथरी का पता लगाया जा सकता है |

पेशाब की रुकावट का ईलाज (Treatment of Retention of Urine in Hindi):

चिकित्सक द्वारा रोगी के लक्षणों एवं कारणों को ध्यान में रखकर ईलाज शुरू किया जाता है | जैसे यदि प्रभावित व्यक्ति को अधिक दर्द हो रहहा है तो चिकित्सक द्वारा उसे Voveran इत्यादि दर्द निवारक इंजेक्शन दिए जा सकते हैं | और पेशाब की थैली से पेशाब निकलने के लिए Feeding Tube सामान्य नाली के माध्यम से बाहर निकाल लिया जाता है | इसके बाद पेशाब निकल जाने एवं मूत्राशय खाली होने पर पीड़ित व्यक्ति को काफी आराम महसूस होता है यदि चिकित्सक को कोई ऐसा कारण नज़र आता है की पेशाब की नली को अधिक समय तक लगाना जरुरी है तो ऐसे में Folys catheter डाला जा सकता है | यदि मांस बढ़ने की वजह से पेशाब की रुकावट हुई होती है तो इस स्थिति में चिकित्सक द्वारा Urethral Dialator का उपयोग करके मूत्र नलिका की रुकावट दूर की जाती है | और उसके बाद Foly’s Catheter को लगभग दो हफ्ते तक डाला रहने दिया जा सकता है | यदि यह रुकावट गद्दू बढ़ने से होती है तो गद्दू को घटाने वाली दवाइयां चिकित्सक द्वारा दी जा सकती हैं | इन सबके बावजूद भी यदि पेशाब की रुकावट दूर न हो तो चिकित्सक द्वारा ऑपरेशन की सलाह दी जा सकती है | इस प्रकार का यह ऑपरेशन दो प्रकार से होता है | दूरबीन द्वारा ऑपरेशन एवं चीरे वाला ऑपरेशन | यदि मूत्राशय पर दबाव डालने वाली कोई रसौली है जिसके कारण यह रुकावट हो रही है तो इस स्थिति में उसी आधार पर चिकित्सा की जाती है जैसे पेशाब की धार सही करने के लिए यह चिकित्सा की जा सकती है |

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2 thoughts on “पेशाब की रुकावट-Retention of Urine कारण, लक्षण उपचार .

  1. किया जवान लडको की उम्र में भी पेशाब रुक रुक कर आने बिमारी लग सकती

    1. अली जी,
      जी बिलकुल यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है और उम्र के आधार पर इसके होने के कारण अलग अलग हो सकते हैं.

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