फटी एड़िया के कारण लक्षण एवं घरेलू उपचार

फटी एड़िया वर्तमान में एक आम समस्या बनती जा रही है जिसे अधिकतर उम्र के आधार पर बढ़ते हुए देखे जा सकता है अर्थात बच्चों की तुलना में वयस्क लोगों में फटी एड़िया की समस्या अधिक देखने को मिलती है | यद्यपि शुरू में यह दर्दरहित होती हैं इसलिए यदि इन्हें अधिक समय तक नज़रंदाज़ किया गया तो यह दर्द के साथ विकराल रूप धारण कर सकती हैं इसलिए यह बेहद जरुरी हो जाता है की फटी एड़ियों की समस्या होने पर इनका तुरंत उपचार किया जाय इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम अपने इस लेख के माध्यम से फटी एड़िया होने के कारन लक्षण एवं घरेलू उपचार के बारे में जानने की कोशिश करेंगे |

फटी एड़िया

फटी एड़िया होने के कारण:

आयुर्वेद में फटी एड़िया या एड़ियां फटने की स्थिति को विपादिका के नाम से वर्णित किया गया है । यद्यपि शुरूआती दौर में यह दर्दरहित होता है लेकिन ज्यों ज्यों समय व्यतीत होता जाता है यह अत्यधिक तकलीफदेय होता जाता है | क्योंकि समय व्यतीत होने के साथ साथ एड़ियों में दरारें पड़कर उनसे रक्त निकलने लगता है । फटी एड़िया होने के मुख्य कारणों की बात करें तो पैरों की उचित देखभाल न होना ही इनके होने का मुख्य कारन है | यह बीमारी पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों को अपना अधिक शिकार बनाती है क्योंकि जहाँ पुरुषों द्वारा अधिकतर तौर पर जूतों का इस्तेमाल किया जाता है वही स्त्रियों द्वारा अधिकतर तौर पर चप्पलें पहनी जाती है |

एड़िया फटने के लक्षण:

एड़िया फटने के कुछ मुख्य लक्षण इस प्रकार से हैं |

  • शुरू शुरू में एड़ियों में हलकी हलकी दरारें सी दिखाई देती हैं |
  • बाद में एड़ियों में दरारें आकर फट जाती हैं ।
  • एड़ियों के फट जाने से चलने में बेहद कठिनाई, जलन एवं दर्द होता है ।

फटी एड़िया का घरेलू उपचार:

फटी एड़िया जैसी समस्याओं से निजात पाने के कुछ घरेलू उपचारों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • फटी एड़ियों का घरेलू उपचार करने के लिए सर्वप्रथम एक भगोने में पानी लें और उसे गरम कर दें उसके बाद उसमे नमक दाल दें उसके बाद उस गरम पानी में अपनी एड़ियों को डुबोकर रखें, उसके बाद ही फटी एड़ियों पर दवाइयां लगायें और नहाते समय भी पैरों को रगड़ कर अच्छी तरह साफ करें ।
  • अजवायन को बारीक अर्थात अच्छी तरह पीस लें और उसमे शहद मिला लें उसके बाद इस लेप को दरारों पर लगायें और यह रात भर लगा रहने दें सुबह उठकर इन्हें गोमूत्र से या अपने मूत्र से धो लें |
  • एरंड के बीजों को पीसकर भी फटी एड़ियां में लगाया जा सकता है |
  • गुग्गुल, राल, पुराना गुड़, मोम एवं सेंधानमक को बराबर की मात्रा में ले लें उसके बाद इस सभी सामग्री को अच्छी तरह अर्थात बारीक पीस लें । अब इस सामग्री में इसके दोगुनी मात्रा में गाय का घी मिलाकर मलहम की तरह बनाकर रख लें । उसके बाद इस मलहम को रात को नमक मिले गर्म पानी से पैर धोकर, एवं उन्हें पोंछकर इन पर लगाएं ।

फटी एड़ियों के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां

सैन्फवादि लेप व मदनादिलेप का प्रयोग फटी एड़ियाँ के ईलाज के लिए किया जा सकता है |

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