फोड़े फुंसियाँ – कारण लक्षण एवं घरेलू उपचार

मौसम चाहे कोई सा भी हो बरसात हो, गर्मी हो या फिर सर्दी हो फोड़े फुंसियाँ शरीर के किसी भी भाग में कभी भी हो सकते हैं लेकिन अधिकतर तौर पर वर्षा ऋतु में फोड़े फुंसियाँ होने की अधिक संभावना होती है | यह इसलिए होता है की क्योंकि इस मौसम में कभी भी बरसात हो सकती है इसलिए कोई भी व्यक्ति घर के बहार निकलने पर कभी भी भीग सकता है | भीगने के कारण त्वचा पर संक्रमण शुरू हो जाता है जिससे त्वचा पर फोड़े फुंसियाँ निकलना शुरू हो जाते हैं | इसी बात के मद्देनज़र आज हम इनके होने के कारणों, लक्षणों एवं इनके घरेलू उपचार यानिकी स्वदेशी ईलाज के बारे में वार्तलाप करेंगे |

फोड़े फुंसियाँ

फोड़े फुंसियाँ होने के कारण:

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं त्वचा में फोड़े फुंसियाँ संक्रमण के कारण होते हैं और यह संक्रमण बरसात के दिनों में एवं गर्मी के दिनों में अथवा अन्य कारण वश शरीर में फोड़े-फुसियां निकल जाते हैं, जो बेहद कष्ट देते हैं । मौसम के अलावा इनके होने के कुछ मुख्य कारण इस प्रकार से हैं |

  • त्वचा की स्नेह ग्रंथियों से अधिक मात्रा में स्राव होने के कारण भी फोड़े फुंसियाँ हो जाते हैं |
  • खट्टे या मीठे पदार्थों का सेवन अधिक करने से भी यह हो सकते हैं |
  • शरीर की भलीभांति सफाई न करने आदि कारणों से शरीर में फोड़े-फुसियां निकल आते हैं । गर्मी के मौसम में धूप में अधिक रहने या गर्मी वाले स्थान पर अधिक समय तक कार्य करने से आए पसीने से रोम कूप रुक जाते हैं जिससे यह समस्या उत्पन्न हो सकती है ।
  • किसी अच्छे साबुन से दिन में कई बार शरीर की सफाई न करने पर भी फोड़े फुंसियाँ हो सकती हैं |
  • इसके अतिरिक्त त्वचा पर खुजलाने से यदि कोई क्षत हो जाए, तो जीवाणु संक्रमण से फोड़े-फुसी हो सकते हैं ।

फोड़े फुंसियाँ होने के लक्षण:

इनके लक्षण बेहद सामान्य है और सबको पता हैं की शुरू मे त्वचा पर लाल दानें बनते हैं, जिनमें दर्द व सूजन होती है । और बाद में पकने पर फोड़े में मवाद बन जाती जिसे  फूटने पर निकाला जाता है ।

फोड़े फुंसियों का घरेलू उपचार:

  • यदि फोड़ा निकलना शुरू हुआ हो, तो पीपल का पत्ता गर्म करके सीधी ओर से फोड़े पर बांध देना चाहिए, फोड़ा वहीं बैठ जाएगा ।
  • अगला घरेलू उपचार कहता है की कनेर की जड़ की छाल को पानी में पीसकर फोड़े पर लेप करने से फोड़ा फूट जाता है ।
  • 50 ग्राम गेरू व 3 ग्राम नीला थोथा मिलाकर बारीक पीस लें । पिसी हुई यह दवा 4 गुना सरसों के तेल में मिलाकर फोड़े फुंसियाँ पर लगाएं ।
  • कचूर को बारीक करके पीसने एवं 1-1 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ खिलाने से फोड़े फुंसियाँ ठीक हो जाती हैं ।
  • प्याज कूट-कूटकर तथा उसकी पुल्टिस बनाकर बांधने से फोड़ा जल्दी पक कर फूट जाता है ।
  • आटे में हलदी, गुड़ और सरसों का तेल मिलाकर पुल्टिस बांधने से भी फोड़ा जल्दी पककर फूट जाता है ।
  • नीम की 10 कोपलें सुबह खाली पेट चबाकर खाने से भी फोड़े फुंसियों की समस्या से निजात मिलता है ।
  • फोड़े फुंसी से ग्रसित व्यक्ति को सहजन की सब्जी बनाकर खिलाई जा सकती है | सहजन की जड़ की छाल को कूटकर और इसके पत्तों का रस मिलाकर फोड़े पर बांध देने से भी फोड़े का उपचार हो जाता है ।

फोड़े फुंसियों के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां:

  • सारिवाध्यारिष्ट
  • महाम्न्जिस्थाध्यारिष्ठ
  • सरिवाध्यसव
  • खदिरादिष्ट
  • महामंजीस्ठादी
  • क्वाथ

पेटेंट औषधियां

साफी, सुरक्ता व एमीप्योर शर्बत, नीमेलिया सीरप, गोलियां, पाउडर व तेल (माहेश्वरी), निम्बोलीन कैप्सूल (संजीवन) इत्यादि रोगी को दे सकते हैं ।

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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