फ्लोरीन खनिज के स्रोत, कमी के लक्षण फायदे एवं नुकसान.

1805 में जे. एल. गे-लुसाक ने पशुओं के शरीर में फ्लोरीन की खोज की थी । हालांकि Flourine की दैनिक अनुशंसित मात्रा सामान्यरूप से पेयजल के माध्यम से पूरी हो जाती है फिर भी इस तत्व का पोषण-सम्बन्धी महत्त्व उस समय समझा गया जब 1931 में भारत के कुछ भागों में लोगों तथा फार्म पशुओं में दीर्घकालिक एंडेमिक फ्लोरोसिस पाया गया । कैल्शियम तथा फ्लोरीन में निकट सम्बन्ध है । यह दो तत्व एकसाथ कार्य करते हैं, विशेषरूप से हड्डियों के बाह्य भागों में । इन्हें दांतों के इनेमल में तथा चमकदार और पॉलिश हड्डियों की सतह में पाया जाता है ।

फ्लोरीन के फायदे

फ्लोरीन क्या है (What is Flourine in Hindi):

फ्लोरीन कसैला तथा क्षयकारी होता है । यह तत्वों के उसी समूह से संबंधित है जिसमें क्लोरीन, ब्रोमिन तथा आयोडीन होते हैं । शरीर में, यह शरीर के अन्य अवयवों के संयोजन में पाया जाता है । निगले गए फ्लोराइड पूरी तरह से आयनाइज्ड होकर तेज़ी से अवशोषित हो जाते हैं तथा क्लोराइड के समान कोशिकाओं के बाहर द्रव में फैल जाते हैं । लेकिन रक्त तथा ऊतकों में उनका स्तर इतना कम होता है कि उनके बारे में कोई विश्वसनीय विश्लेषण नहीं हो पाया है । फ्लोराइड मूत्र में तेज़ी से उत्सर्जित होता है चाहे व्यक्ति गुरदे की तीव्र बीमारी से ही ग्रस्त क्यों न हो । Flourine के मूत्र उत्पादन का और सेवन की गयी मात्रा का आपसी सम्बन्ध जटिल है तथा यह हड्डियों की दशा से संबंधित है ।

फ्लोरीन के मुख्य स्रोत (Sources of Flourine in Hindi):

फ्लोरीन काला चना, अनाज विशेषकर चावल, कुछ पत्तेदार सब्ज़ियों तथा सबसे अधिक चाय की सूखी पत्तियों में होता है । Flourine सामान्य हड्डियों तथा दांतों में बहुत कम पाया जाता है । हालांकि जल में एक से दो भाग फ्लोरीन होने के कारण दांतो की सड़न को रोक सकते हैं और इससे कोई क्षति भी नहीं होती फिर भी शरीर को Flourine की आवश्यक मात्रा की प्राप्ति अधिकांश क्षेत्रों में सामान्यतः पेयजल से हो जाती है । श्रेणी के आधार पर इसके मुख्य स्रोतों का विवरण कुछ इस प्रकार से है |

अनाज जिनमे फ्लोरीन पाया जाता है

  • चावल
  • गेहूं का आटा
  • गेहूं
  • बाजरा

दालें जिनमें फ्लोरीन पाया जाता है

  • काले चनों का आटा
  • दला हुआ काला चना

सब्जियां जिनमे Flourine पाया जाता है

  • चौलाई के पत्ते
  • गाज़र
  • खीरा
  • प्याज
  • पालक
  • बैंगन
  • गोभी
  • आलू
  • शिमला मिर्च
  • फ्रांस बीन
  • टमाटर
  • ग्वार फली

फल जिनमें फ्लोरीन पाया जाता है

  • सेब
  • संतरा
  • आम
  • केला

नॉन वेज जिसमें फ्लोरीन पाया जाता है

  • झींगा
  • पोंफ्रेंट सफ़ेद
  • अंडे इत्यादि

फ्लोरीन की कमी के लक्षण:

अध्ययनों ने दर्शाया है कि जिन पशुओं को Flourine -न्यून भोजन दिया गया, उनमें दांतों की सड़न विकसित हो गई । मानव जीवों में दांतों की सड़न पर हुये अध्ययनों ने दर्शाया है कि उन क्षेत्रों में बच्चों के दांत सड़ने की घटनाएं अधिक होती हैं जहां पेयजल में इसकी मात्रा 0.5 पी.पी.एम. (पार्ट पर मिलियन) से कम हो तथा यह उन क्षेत्रों में कम होती है जहां पानी में 1 से 2 पी.पी.एम. होती है । यह भी दर्शाया गया है कि पेयजल में 1 पी.पी. एम. फ्लोरीन को मिलाने से दांतों की सड़न की घटनाओं में पर्याप्त कमी लायी गयी है ।

फ्लोरीन के स्वास्थ्य लाभ:

Flourine की कमी को पर्याप्त मात्रा में ताज़ी सब्जियां, मछली, फल, चाय तथा सूखा मांस खाकर पूरा किया जा सकता है । यह स्वस्थ एवं सुन्दर दांतों के लिए बेहद आवश्यक खनिज है |

फ्लोरीन के नुकसान :

डेंटल फ्लोरोसिस (dental fluorosis) के चिह्न तथा लक्षण उन देशों में देखे गए हैं जहां पेयजल में फ्लोरीन की अत्यधिक मात्रा उपस्थित होती है अर्थात 3 से 5 पी.पी.एम. । इन मामलों में दांतों का इनेमल अपनी चमक खो बैठता है तथा दातों में चाक के समान सफेद दाग पाए जाते हैं जो इसकी सतह पर अनियमित होते हैं । दीर्घकाल तक ऐसा पानी पीने से फ्लोरीन का नशा हो सकता है जिसमें क्लोरीन की 10 पी.पी.एम. से अधिक की मात्रा हो । वह कर्मचारी जिन्हें फ्लोराइड-सम्बन्धी खनिज-कार्य करना होता है उनमें भी यह समस्या हो सकती है । इसके कारण हड्डियों में परिवर्तन आ सकते हैं और रीढ़, पेल्विस या श्रोणी तथा हाथ-पैरों की हड्डियों में आवश्यकता से अधिक मात्रा में कैल्शियम जमा हो सकता है ।

अन्य पढ़ें:

About Author:

HBG Health desk is a team of Experienced professionals holding various skills. They are expert to do research online and offline on health, beauty, wellness, and other components of health in Hindi.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *