बवासीर का घरेलू ईलाज Home Remedies for piles in Hindi

बवासीर का घरेलू ईलाज करने के लिए इस रोग से पीड़ित व्यक्ति या उनके परिवार वाले लोग होम रेमेडी की तलाश में रहते होंगे क्योंकि बवासीर यानिकी पाइल्स गूदा से सम्बंधित रोगों में एक मुख्य रोग है, चूँकि इसके होने का स्थान गूदा होता है इसलिए इस रोग से ग्रसित मरीज रोग के बारे में बताने से हिचकते हैं | यही कारण है की उनका रोग और भी बढ़ता जाता है | पाइल्स होने के अनेकों कारण हो सकते हैं जिनका जिक्र हमने बवासीर के कारणों लक्षणों एवं उपचार में किया हुआ है | हालांकि इस रोग के बारे में डॉक्टर को बताने में कोई शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए ताकि डॉक्टर रोगी का ढंग से ईलाज कर सके | लेकिन इस रोग के बढ़ने से पहले यदि कुछ घरेलू उपचार की युक्तियाँ अपनाई जाए तो मरीज बवासीर का घरेलू ईलाज कर पाने में भी सक्षम हो सकता है तो आइये जानते हैं उन घरेलू नुस्खों के बारे में जिनको अपनाकर इसका घरेलू उपचार संभव है |

बवासीर का घरेलू ईलाज

  • बवासीर का घरेलू ईलाज करने के लिए एक पका हुआ (जो की अति पका हुआ नहीं हो ) अमरुद लें | उसे बीच से काटें | नीचे के आधे भाग में देसी अजवाइन पीसकर बुरक दें, और अमरुद का ऊपरवाला हिस्सा नीचे वाले हिस्से पर जमा दें | अब दोनों टुकड़ो के बीच का चीर गीली मिटटी से बंद कर दें | इस अमरुद को रात्रिभर बाहर खुले में रख दें, ताकि इस पर ओस पड़ जाए | सवेरे अमरुद को लेकर इसकी मिटटी हटा दें | फिर इसे खूब अच्छी तरह (बीज –समेत) चबाकर खाइए | एक सप्ताह में बादी बवासीर सप्ताह हो जाएगी |
  • खाना खाते समय एक पतली –सी मूली पास रख लें और थोड़ी – थोड़ी काटकर खाते जाएँ |
  • लगातार एक मास तक प्रात: पाँच अंजीर खाने से हर तरह की बवासीर (Piles) दूर होती है |
  • बवासीर का घरेलू ईलाज करने के लिए रात को दो सूखे अंजीर भिगोकर चाँद की चाँदनी में रख दें | सवेरे उनको खाकर ऊपर से ताजा दुहा गाय या भैंस का कच्चा दूध पियें | एक सप्ताह में बवासीर का नाम नहीं रहता है ऐसा दावा किया जाता है |
  • जिसे बड़ी भयानक बवासीर हो, मलोत्सर्जन (शौच) करते समय भयंकर पीड़ा होती हो, वह कच्चे पपीता फल का रस मस्सों पर 15 दिन तक लगातार लगाए और प्रतिदिन दोपहर के समय 500 ग्राम पका पपीता – फल खाए | उसके मस्से दूर हो जाएँगे और बवासीर मिट जाएगी |
  • इमली के फूलों को रगड़कर उनका रस गुदा ( मस्सों ) पर लगाने से बवासीर की पीड़ा दूर होती है तथा मस्से सूखने लगते हैं |
  • जो लोग बहुत अधिक उष्णवीर्य (गर्म) चीजें खाते हैं, घंटो बैठकर लिखने – पढने का काम करते रहते हैं, देर तक लकड़ी के पटरे, तख़्त , बेंच या कुर्सी पर बैठे रहते हैं, या किसी कारण जलते – कुढ़ते रहते हैं , बार – बार काँफी , चाय , सिगरेट या बीड़ी का सेवन करते रहते हैं, उनकी गुदा के अन्दर मस्से हो जाते हैं | कब्ज भी हो जाता है | शौच – समय लोग जोर लगाते हैं तो बंधे हुए मल के सुददे उन् मस्सो से टकराते हैं | मस्से फूटते और गुदा से बाहर आ जाते हैं | मस्सो से निकला साफ़ और गन्दा खून मल से पहले, साथ या पीछे भी गिरता है | कहा जाता है कि यह खून सीधा दिमाग (मस्तिष्क) से आता है और बहुत कमजोर कर देता है | इसका सस्ता, शर्तिया और रामबाण ईलाज इस प्रकार से है |
  • उपर्युक्त दर्शायी गई बवासीर का घरेलू ईलाज करने के लिए 250 ग्राम टमाटर, 250 ग्राम ताजा मूली लें | दोनों के छोटे – छोटे टुकड़े काटकर उनपर सोंठ , काला नमक , भुना हुआ जीरा – प्रत्येक का चूर्ण 3 -3 ग्राम बुरक लें | दिन के खाने के साथ इसे प्रतिदिन खाएँ | पन्द्रह दिनों में अवश्य आराम होगा |
  • खूनी बवासीर का घरेलू उपचार करने के लिए खाने के साथ जल न पियें | मूली को घीयाकस (कद्दूकस) करके उसका रस एक प्याला भर लें | एक प्याला ताजा लाल टमाटर का रस भर लें | इसमें नमक और काली मिर्च डालकर खाने के साथ प्रतिदिन पियें | दिन में चाहे जितना भी पानी पियें |
  • खूनी बवासीर के घरेलू उपचार के दौरान परहेज की भी आवश्यकता होती है | इसलिए लाल मिर्च, चाय , काफी , दूध आदि गर्म कोई चीज न पियें, न फुलका ही गर्म खाएँ | अचार, चट्नी आदि का सेवन न करें | दही का मट्ठा या मक्खन – निकली हुई लस्सी पियें निश्चय से आराम होगा | रात को सोते समय 100 ग्राम दही में मलाई में स्वाद – अनुसार बूरा खांड डालकर चम्मच से खाया करें | बवासीर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं की जानकारी के लिए पढ़ें |
  • बवासीर खूनी हो या बादी, संसार में मूली से बढ़िया और कोई बवासीर का घरेलू ईलाज नहीं है | इसके लिए मूली के एक कप रस की आवश्यकता होती है | और इस एक कप मूली के रस में 6 ग्राम पिघला हुआ देशी घी मिला लें | इस मिश्रण को चम्मच से हिलाकर सुबह शाम पीने से बवासीर दूर हो जाती है |
  • दूसरी विधि से बवासीर का घरेलू ईलाज: सफ़ेद मूली को लम्बाई के रुख में चीरकर चार टुकड़े करके रात को नमक लगाकर ओस में रख दीजिये | सुबह खाली पेट उसे खा लीजिये इसके बाद शौच के बाद गूदा को मूली के पानी से धोने पर भी बवासीर में आराम होता है |
  • बवासीर का घरेलू ईलाज करने के लिए हल्दी चूर्ण को सेहुंड (थूहर) के दूध में घोलकर बवासीर के मस्सों पर, प्रतिदिन सुबह शौच के बाद मलने से भी बवासीर दूर होती है |

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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