बालों की रुसी के कारण लक्षण एवं क्या खाएं और क्या नहीं खाएं ।

बालों की रुसी या डैंड्रफ होना वर्तमान में एक आम समस्या हो गई है । यह स्वस्थ एवं अच्छे बालों की सबसे बड़ी शत्रु के रूप में उभरकर सामने आई है । चाहे बाल कितने ही घने, काले एवं लम्बे क्यों न हों, यदि बालों में रुसी हो गई है तो उनका आकर्षण एकदम ख़त्म सा हो जाता है । अक्सर होता क्या है की इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के सर में सफेद रंग के छोटे छोटे कण विद्यमान रहते हैं जो कंघी करने पर या सिर को खुजलाने पर सिर में ईधर उधर फैले हुए नज़र आते हैं। देखा जय तो बालों में रुसी नामक यह बीमारी संक्रामक होती है जो दूसरों की कंघी के इस्तेमाल के कारण एवं सौन्दर्य प्रसाधनों के कारण भी लग सकती है । यह रोग ऐसा रोग है जिसका संक्रमण जल्दी से होता है और उतनी ही जल्दी यह फैलती भी है । बालों में रुसी आम तौर पर दो प्रकार की होती है सूखी एवं तैलीय रुसी । रूखे बालों में आम तौर पर सूखी रुसी होती है जो सिर को खुजलाते वक्त बालों पर नजर आ सकती है और नाखूनों पर भी लग सकती है । बालों में बुरी तरह से चिपकी रहने वाली रुसी असल में तैलीय रुसी होती है । यह पपड़ी बनकर सिर की त्वचा पर जमी रहती है ।

बालों की रुसी के कारण लक्षण

बालों में रुसी होने के कारण:

बालों की रुसी होने के कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं ।

  • सिर में रक्त संचार की गड़बड़ी के चलते भी बालों में रुसी हो सकती है ।
  • त्वचा में तेल ग्रंथियों का जरुरत से ज्यादा क्रियाशील होना भी एक कारण हो सकता है ।
  • बालों में अधिक तेल लगाने के कारण भी रुसी हो सकती है ।
  • बालों की स्वच्छता की और ध्यान न देना भी एक कारण हो सकता है ।
  • यदि बालों की सफाई के दौरान सिर में साबुन या शैम्पू के कुछ अंश रह गए तो रुसी हो सकती है ।
  • केमिकल युक्त हेयर डाई का उपयोग करने से भी ऐसा हो सकता है ।
  • असंतुलित भोजन करने की आदत भी एक कारण हो सकती है ।
  • रुसी से पीड़ित व्यक्ति की कंघी, हेयर ब्रश, तौलिये, तकिये इत्यादि का इस्तेमाल करने से भी यह समस्या पैदा हो सकती है ।
  • घटिया रासायनिक तेल का इस्तेमाल भी एक कारण हो सकता है ।
  • साबुन शैम्पू इत्यादि का आधिक इस्तेमाल भी एक कारण हो सकता है ।
  • बालों का संक्रमण एवं मानसिक तनाव भी बालों में रुसी उत्पन्न कर सकता है ।

बालों में रुसी के लक्षण :

  • बालों की रुसी होने पर सिर में भूसी के समान सफेद रंग के छोटे छोटे कण बालों में यहाँ वहां फैले हुए दिखाई देते हैं ।
  • इस रोग में रोगी के बाल टूट एवं झड़ सकते हैं ।
  • इस रोग से बालों की जड़ों में पपड़ी जैम जाती है जिस कारण जड़ों तक हवा नहीं पहुँच पाती ।
  • कंघी करने एवं खुजलाने पर सफेद रंग की भूसी झड़ना ।
  • सिर में खुजली लगना ।

बालों की रुसी में क्या खाएं :

  • सादा, जल्दी पचने वाला, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें ।
  • इस रोग में ककड़ी, गाजर एवं आंवले का रस सुबह शाम पी सकते हैं ।
  • सब्जियों में चौलाई, ककड़ी, पत्तागोभी, गाजर, प्याज, मेथी, चुकंदर की सब्जी का सेवन करें ।
  • दूध, दही, घी एवं मीठे फलों का सेवन किया जा सकता है ।
  • दालों में जिनमे अधिक प्रोटीन जैसे चना, सोयाबीन, राजमा का सेवन करें ।
  • सुबह नियमित रूप सेएक कप गेहूं के पौंधों का रस पीयें ।

बालों की रुसी में क्या न खाएं

  • भारी, गरिष्ठ, टेल भुने भोजन का परहेज करें ।
  • तेज मिर्च मसालेदार एवं असंतुलित भोजन का सेवन न करें ।
  • ज्यादा तैलीय भोजन का सेवन बिलकुल न करें ।
  • खटाई जैसे अचार, अमचूर, इमली इत्यादि का सेवन न करें ।

बालों की रुसी में क्या करें

  • अपने बालों की स्वच्छता की और पूर्ण ध्यान दें ।
  • एक कप दही में आधा कप बेसन लें और उसे फेंट लें और इस मिश्रण को मल मल कर बालों में लगायें । और लगाने के दो घंटे के बाद सिर को धो लें ।
  • बालों में रुसी होने पर आंवला, अरहर की दाल एवं रीठा बराबर मात्रा में लें और इसे अच्छी तरह मिला दें फिर इस मिश्रण को सिर पर मलें । सिर पर लगाने के दो घंटे बाद इसे धोकर साफ कर लें ।
  • नहाने से एक घंटे पहले प्रतिदिन नींबू के रस से सिर की मालिश करें ।
  • नारियल का शुद्ध तेल नियमित तौर पर बालों पर लगायें ।

बालों की रुसी में क्या न करें

  • रुसी होने पर सुगन्धित तेलों का इस्तेमाल बालों पर न करें ।
  • बालों में रुसी से बचने के लिए अपनी कंघी, हेयर ब्रश, तौलिया, तकिया इत्यादि दूसरों को इस्तेमाल करने के लिए न दें ।
  • रुसी बेहद गंभीर रूप धारण कर सकती है और आपके बालों का आकर्षण बिलकुल समाप्त कर सकती है इसलिए इसे दूर करने में लापरवाही न बरतें ।
  • केमिकल युक्त हेयर डाई, शैम्पू एवं अन्य उत्पादों का इस्तेमाल न करें ।

यह भी पढ़ें

About Author:

HBG Health desk is a team of Experienced professionals holding various skills. They are expert to do research online and offline on health, beauty, wellness, and other components of health in Hindi.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *