मिर्गी के दौरे के दौरान क्या करना चाहिए और सावधानियां.

इससे पहले की हम यह जान लें की यदि किसी को मिर्गी का दौरा पड़े अर्थात मिर्गी के दौरे के दौरान हमें क्या करना चाहिए उससे पहले मिर्गी के मरीज को एक बात अवश्य जान लेनी चाहिए कि मिर्गी नामक यह बीमारी कोई जानलेवा बीमारी नहीं है | इसलिए  जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि मरीज को मिर्गी का दौरा ही पड़ा है या जब तक मिर्गी का दौरा 10 से 15 मिनट तक का न रहे, तब तक डाक्टर या एम्बुलेंस नहीं बुलाना  चाहिए ।

मिर्गी के दौरे के दौरान क्या करें

मिर्गी का दौरा पड़ने पर अर्थात मिर्गी के दौरे के दौरान क्या करें?

मिर्गी के दौरे के दौरान निम्नलिखित स्टेप उठाये जा सकते हैं |

  • यदि किसी व्यक्ति को मिर्गी को दौरा पड़ जाय तो उसे सीधा या पेट के बल कभी भी उल्टा नहीं लिटाना चाहिए ।
  • मिर्गी के दौरे के दौरान मरीज को धीरे से करवट के बल लिटाया जा सकता है, ताकि रोगी के मुंह से निकलने वाले तरल पदार्थ आसानी से बाहर आ जाएँ ।
  • मिर्गी के रोगी का मुहं जबरदस्ती खोलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, न ही रोगी के मुंह में कुछ भी डालने की कोशिश करनी चाहिए ।
  • रोगी के शरीर के जिस हिस्से में अकड़न हो, उसे पकड़ने या रोकने की कोशिश कभी नहीं करनी चाहिए ।
  • मरीज के पास की जमीन के आस पास की नुकीली वस्तुओं को हटा दे क्योंकि मरीज जमीन पर गिर सकता है और उसे चोट लग सकती है |
  • जब मिर्गी का दौरा खत्म हो जाय तो उसके बाद यह देखने की कोशिश करें कि कहीं मरीज चित भ्रम की हालत में तो नहीं है, मिर्गी के रोगी को पर्याप्त मात्रा में आराम करने दें ।
  • मिर्गी के दौरे के दौरान मरीज के सिर के नीचे हाथ रखकर किसी सुरक्षित जगह पर ले जाया जा सकता है ।
  • मिर्गी के रोगी की मूर्छा दूर होने के तुरंत बाद किसी प्रकार की कोई दवा का उपयोग न करें ।
  • मिर्गी के दौरे के दौरान रोगी के आसपास भीड़ न इकट्ठी होने दें और रोगी को पर्याप्त हवा मिले इसका विशेष ध्यान रखें ।
  • मिर्गी का दौरा समाप्त हो जाने के बाद जब मिर्गी का रोगी आराम की स्थिति में दिखाई दे तो उसे एक आरामदायक जगह पर ले जाया जा सकता है ।

मिर्गी के दौरे के दौरान कुछ ऐसी असामान्य परिस्थितयां भी हो सकती हैं, जिन पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि अक्सर देखा गया है की कई बार किसी खास खतरनाक परिस्थिति से उबारने में सतर्कता या जानकारी का बहुत बड़ा योगदान होता है ।

मिर्गी के दौरों के कारण भावनाओं और व्यवहार में बदलाव :

हालांकि यह लेख मिर्गी के दौरे के दौरान उठाये जाने वाले क़दमों के बारे में था जिनके बारे में हम उपर्युक्त वाक्यों में वार्तलाप कर चुके हैं |  लेकिन अक्सर मिर्गी से ग्रसित रोगियों, विशेषकर बच्चों में मिर्गी के दौरों के कारण कई तरह के व्यवहारात्मक और भावनात्मक बदलाव नज़र आ सकते हैं | इसलिए हम इसी लेख में आगे मिर्गी के दौरों के कारण बच्चों में व्यवहारात्मक और भावनात्मक बदलाव से निपटने के क़दमों के बारे में वार्तालाप करेंगे | मिर्गी से ग्रसित बच्चे असमान्य सा व्यवहार कर सकते हैं और बात बात पर वह रूठ सकते हैं । इसका मुख्य कारण मिर्गी के दौरों की वजह से पैदा होने वाली शर्मिन्दगी या हताशा हो सकता है । इसके अलावा समबन्धित बच्चे में व्यवहारात्मक और भावनात्मक बदलाव स्कूल में दूसरे बच्चों के द्वारा चिढ़ाने, परेशान करने या फिर स्कूल या अन्य सामाजिक वातावरण में उसकी उपेक्षा करने के कारण भी पैदा हो सकते  हैं । ऐसे में माता पिता अपने बच्चों की इस तरह की परेशानियों को कम करने के लिए निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं |

  • माता पिता को चाहिए की वह अपने मिर्गी के दौरों से प्रभावित बच्चों को कहानी, उदाहरणों के माध्यम से जिन्दगी का सकरात्मक पहलू को दिखाने में मदद करें | ताकि बच्चे को एहसास हो सके की अमुक व्यक्ति को उससे अधिक परेशानी होने पर भी वह जिन्दगी को उत्साहपूर्वक जी रहा है, तो वे क्यों नहीं |
  • माता पिता को चाहिए की वह उन्हें आत्म निर्भर बनाने में हर संभव मदद करे |
  • बच्चों को जरुरत से ज्यादा लाड़ प्यार बिलकुल न दें लेकिन उनकी भावनाओं को ठेस पहुँचाने की भी कोशिश न करें |
  • अक्सर होता क्या है की कभी कभी परिवार के कुछ सदस्य मिर्गी की बीमारी के लिए बच्चों को ही दोष देने लगते हैं यह ठीक नहीं है परिवार के सदस्यों को बच्चे की बीमारी को स्वीकार कर लेना चाहिए |

उपर्युक्त सावधानियां चाहे वह मिर्गी के दौरे के दौरान से समबन्धित हों या बच्चों के व्यवहारात्मक और भावनात्मक बदलाव से इन क़दमों को अपनाकर माता पिता या घर के अन्य सदस्य बच्चों को मिर्गी के दौरों को सहजता से लेने में मदद कर सकते हैं,  जिससे बच्चे मिर्गी के दौरों के साथ भी आनंदमय जीवन जीने में सक्षम हो पाएंगे |

अन्य सम्बंधित लेख

मिर्गी की बीमारी के लक्षण, कारण एवं ईलाज की जानकारी |

मिर्गी के साथ आनंदमय जीवन जीने के तरीके |  

About Author:

HBG Health desk is a team of Experienced professionals holding various skills. They are expert to do research online and offline on health, beauty, wellness, and other components of health in Hindi.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *