मिर्गी में क्या खाएं और क्या न खाएं

मिर्गी मनुष्य के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हुई बीमारी होती है इसलिए मिर्गी में क्या खाएं और क्या न खाएं जैसे महत्वपूर्ण विषय पर वार्तालाप करना बेहद जरुरी हो जाता है | यद्यपि इससे पहले भी हम मिर्गी नामक इस बीमारी पर कई लेख जैसे मिर्गी बीमारी के कारण लक्षण एवं उपचार, मिर्गी के साथ बेहतरीन जीवन कैसे जियें, मिर्गी के दौरे के दौरान क्या करना चाहिए, मिर्गी एवं गर्भावस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी इत्यादि लिख चुके हैं | लेकिन क्या आपने कभी किसी व्यक्ति को राह चलते या बैठे बैठे गिरते हुए देखा है जरुर देखा होगा लेकिन वे सभी मिर्गी नामक बीमारी से ग्रसित हैं यह कहना कठिन होता है | लेकिन फिर भी मिर्गी की बीमारी से ग्रसित व्यक्ति भी राह चलते चलते या बैठे बैठे गिर सकता है या अचेत हो सकता है शरीर ऐंठ जाता है मुहं से झाग निकलने लगता है, होंठ भींच जाते हैं, आँखे उलटी सी दिखने लगती हैं ऐसे में समझ जाना चाहिए की समबन्धित व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ा है और मिर्गी के दौरे के दौरान क्या करना चाहिए के लिए पढ़ें | मिर्गी में क्या खाएं और क्या न खाएं पर वार्तालाप तो चलती रहेगी लेकिन उससे पहले यह जान लेते हैं की मिर्गी के दौरे के दौरान रोगी की जीभ दांतों के बीच आकर कट सकती है इसलिए दांतों के बीच चम्मच इत्यादि रख देना चाहिए  जिससे प्रभावित व्यक्ति की जीभ न कटे । मिर्गी के दौरे के समय रोगी का अपने आप पेशाब भी निकल सकता है सामान्य तौर पर देखा जाय तो मिर्गी मष्तिष्क में उत्पन्न अव्यवस्था का ही एक परिणाम होता है | इसलिए एक सुव्यवस्थित खानपान से मिर्गी के दौरों को कम करने की कोशिश की जा सकती है इसलिए आइये हम इस लेख में मिर्गी में क्या खाएं क्या न खाएं के बारे में जानने की कोशिश करेंगे |

मिर्गी में क्या खाएं

मिर्गी में क्या खाएं (What to eat in epilepsy in Hindi):

मिर्गी में क्या खाएं का जवाब कुछ इस प्रकार से उल्लेखित है |

  • मिर्गी में चोकर सहित गेहूं के आटे की बनी हुई रोटी खायी जा सकती है |
  • मूंग की दाल एवं भुनी हुई अरहर आहार के रूप में ली जा सकती है |
  • मिर्गी में भोजन सिमित मात्रा में करें एवं खाना खाने के कम से कम दो घंटे तक सोये नहीं |
  • जहाँ तक फलों की बात है मिर्गी में आम, अंजीर, अनार, संतरा, सेब, नाशपाती, आडू, अन्नानास इत्यादि का सेवन किया जा सकता है |
  • नाश्ते में अंकुरित मोठ, मूंग, दूध एवं दूध से बने खाद्य पदार्थ लिए जा सकते हैं |
  • बादाम, काजू, अखरोट इत्यादि मेवों का सेवन किया जा सकता है |
  • मिर्गी से ग्रसित व्यक्ति को भोजन के साथ गाज़र का मुरब्बा एवं पुदीने की चटनी खानी चाहिए |
  • मिर्गी से ग्रसित व्यक्ति को लहसुन की कच्ची कली तोड़कर सुंघनी चाहिए और लहसुन को तेल में सेककर सुबह शाम खाना चाहिए |

मिर्गी में क्या न खाएं (What Not to eat in epilepsy in Hindi ):

मिर्गी में क्या न खाएं की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • जरुरत से अधिक भारी भोजन मिर्गी से ग्रसित व्यक्ति को नहीं करना चाहिए |
  • मिर्गी में तला भुना, मिर्च, मसालेदार, चटपटे भोजन से परहेज करना चाहिए |
  • मूली, मटर, मछली, बैगन, चावल, मसूर की दाल, गोभी, उड़द, राजमा, कचालू सभी वात कारक भोज्य पदार्थ हैं इसलिए इनका भी परहेज अनिवार्य है |
  • माँसाहारी भोजन, पिपरमेंट, शराब , गुटखे, तम्बाकू, चाय, कॉफ़ी सभी उत्तेजक पदार्थ होते हैं इसलिए इनका भी परहेज करना चाहिए |
  • मिर्गी में अधिक गरम एवं अधिक ठंडे पदार्थों के सेवन से भी बचना चाहिए |

मिर्गी में क्या करें?

मिर्गी नामक बीमारी के निवारण के लिए कुछ निम्नलिखित सहायक उपाय किये जा सकते हैं |

  • प्रत्येक दिन सुबह शाम नियमानुसार खुली हवा में घुमने से फायदा होता है |
  • मिर्गी में दौरा पड़ने के पश्चात चेहरे पर ठन्डे पानी के छींटे मारें |
  • रोगी को पूरी तरह से आराम कराने के लिए रोगी के तंग कपड़ो को खोलकर ढीले वस्त्र पहनाये तथा तकिये से सिर ऊँचा करके करवट की तरफ लिटायें |
  • जूते, टाई, बेल्ट इत्यादि सभी ढीले कर दें
  • दांतों के बीच कोई साफ़ चीज फंसा दें ताकि जीभ काटने का खतरा न हो हो सके तो चम्मच फंसा दें |
  • हाथ पैरों को रगड़कर गर्म रखने की निरंतर कोशिश करते रहें |
  • मिर्गी में रोगी को किसी हवादार कमरे में आराम करवाएं |

मिर्गी में क्या न करें

  • मिर्गी में दौरे के दौरान रोगी की गतिविधियों या दौरे के सञ्चालन को रोकने की कोशिश बिलकुल न करें |
  • मिर्गी में व्यक्ति को कोई भी वहां साइकिल, बाइक या कार इत्यादि न चलाने दें |
  • मिर्गी से ग्रसित व्यक्ति को पेट के बल न लिटाये इससे रोगी की स्वास घटने का खतरा रहता है |
  • मिर्गी में ज्यादा शारीरिक एवं मानसिक कार्य न करें |
  • मल मूत्र इत्यादि आने पर तुरंत टॉयलेट की और प्रस्थान करें अर्थात इन्हें रोकने की कोशिश बिलकुल भी न करें |
  • मिर्गी में व्यक्ति को सभी प्रकार की उत्तेजनाओं एवं मानसिक तनाव से बचना चाहिए |
  • मिर्गी से ग्रसित व्यक्ति को कभी भी पूरी रात जागना नहीं चाहिए |
  • मिर्गी में दौरों के दौरान सम्भोग करने से भी बचना चाहिए |
  • मिर्गी से ग्रसित व्यक्ति को पानी, आग, अधिक ऊंचाई वाले स्थानों, गहराई वाले स्थानों से दूर रहना चाहिए और लड़ाई झगड़े के माहौल से भी बचना चाहिए |

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