सर्दी जुकाम,राईनाईटिस के कारण, लक्षण एवं ईलाज

सर्दी जुकाम,राईनाईटिस कोराइजा, कोल्ड की बात करें तो यह नाक व ऊपरी-श्वास तंत्र का एक वायरल संक्रमण है, जिसमें नाक से पानी निकलता रहता है । रोगी को छींकें आने के साथ सिरदर्द व हल्का बुखार भी रहता है और आंखों से पानी निकलता है । यह सर्दी जुकाम राईनाईटिस इत्यादि की समस्या संक्रमण पर आधारित है और यह कभी भी हो सकती है लेकिन मौसम में बदलाव होने या ठण्ड लगने की वजह से यह अधिक हो सकता है | इसके अलावा अन्य कारण भी हैं जिनकी लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

सर्दी, जुकाम राइनाईटिस karan lakshan upchar

सर्दी जुकाम,राईनाईटिस होने के कारण:

सर्दी जुकाम राइनाईटिस के होने के कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं |

  • राइनो वायरस, इन्फ्लूएंजा वायरस, एडीनो वायरस, इकोवायरस का हवा द्वारा संक्रमण भी एक कारण हो सकता है ।
  • नाक की सेप्टम हड्डी टेढ़ी होने से भी बार-बार जुकाम लगने की संभावना रहती है |
  • तेज विषाक्त धुंए या धूल इत्यादि का नाक में घुसकर प्रदाह उत्पन्न करना भी एक कारण हो सकता है ।
  • सर्दी के मौसम में बाहर अधिक घूमने से भी सर्दी जुकाम राइनाईटिस होने की संभावना रहती है ।

सर्दी जुकाम,राईनाईटिस के लक्षण (Symptoms):

  • सर्दी जुकाम,राईनाईटिस की शुरुआत में नाक में खुजलाहट सी हो सकती है, उसके तुरंत बाद छींकें आने लगती हैं तथा नाक सूखी सी लगने का आभास होता है ।
  • इस रोग के कारण नाक बंद हो जाती है, पहले एक नाक फिर दूसरी भी और उसके बाद नाक से पानी जैसा व गाढ़ा स्राव निकलता रहता है ।
  • सर्दी, जुकाम राइनाईटिस से ग्रसित व्यक्ति को धीरे धीरे हल्का-हल्का बुखार भी चढ़ सकता है |
  • तेज सिरदर्द होने के साथ कान भारी भारी से लगने लगते हैं ।
  • धीरे-धीरे नाक से गाढ़ा पानी जैसा बहना कम हो जाता है ।
  • इस स्थिति में नाक बंद रहती है व लगभग पाच-छ: दिन का समय लेकर ठीक हो सकता है । ग्रसित व्यक्ति के नाक व आखों से पानी बहता रहता है ।
  • इसके अलावा मरीज के सम्पूर्ण शरीर में दर्द व अंगड़ाईयां आती रहती हैं ।
  • सर्दी, जुकाम राइनाईटिस से ग्रसित व्यक्ति की आवाज भारी हो जाती है और उसे खाने में भी किसी चीज का स्वाद नहीं आता ।
  • नाक से बहने वाले पानी के गाढ़ा हो जाने पर अवरोध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और मरीज को इससे श्वास लेने में कष्ट हो सकता है ।
  • सर्दी, जुकाम राइनाईटिस से ग्रस्त रोगी मुंह से सांस लेता है जिससे गला सूखा-सूखा रहता है व बार-बार प्यास लगती है ।

समय पर ईलाज न होने पर परिणाम:

सर्दी जुकाम,राईनाईटिस का यदि समय पर उचित ईलाज न किया जाए तो इस प्रकार के रोगियों में हलका बुखार व नाक बंद होने से और मुंह द्वारा श्वास लेने से गला सूख सकता है | जिसके कारण खांसी हो सकती है, नाक से दुर्गन्धयुक्त अर्थात बदबूदार तरल  बहता रह सकता है । और जब यह बहने वाला तरल गाढ़ा हो जाता है तो सम्बंधित व्यक्ति के सिर में भारीपन हो सकता है,  सर्दी, जुकाम राइनाईटिस एक संक्रामक रोग है जिसमें रोगी के नाक से बहते हुए तरल में वायरस हवा में आकर उसके सम्पर्क में आने वाले अन्य लोगों को भी यह रोग हो सकता है ।

सर्दी, जुकाम राइनाईटिस के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां:

सामान्य तौर पर हम अपने आस पास देखते हैं की सर्दी,जुकाम राइनाईटिस नामक इस रोग को हलके में लिया जाता है, इसलिए इससे ग्रसित व्यक्ति अपने नियमित कामों को पहले की तरह निपटाता हुआ नज़र आता है | जिसके कारण यह रोग घर के अन्य सदस्यों या अन्य बहरी लोगों को भी हो सकता है | सर्दी जुकाम,राईनाईटिस से ग्रसित व्यक्ति को कुछ सावधानियां अपनाने की आवश्यकता होती हैं जिनका वर्णन कुछ इस प्रकार से है |

  • घर के सदस्यों को चाहिए की वे मरीज को पूर्ण रूप से आराम करने को कहें व रोगी को दूसरे लोगों से दूर रखें, क्योंकि यह एक संक्रामक रोग है ।
  • सर्दी जुकाम,राईनाईटिस से ग्रसित व्यक्ति को स्वच्छ एवं हवादार कमरे में विश्राम करवाएं ।
  • आहार का विशेष ध्यान रखें और खाने में विटामिन व अच्छा पोषण युक्त भोजन ही दें ।
  • यदि सरिद्यों में यह रोग होता है तो रोगी को ठण्ड के मौसम में बाहर जाने की ईजाजत न दें ।
  • सर्दी जुकाम,राईनाईटिस से ग्रसित व्यक्ति को दिन में दो बार गर्म पानी की भाप लेने को अवश्य कहें ।
  • मरीज को सोते समय 2-3 दिन तक तुलसी, अदरक, काली मिर्च से निर्मित चाय ही दें ।
  • वैसे सामान्य तौर पर यह रोग उपर्युक्त सावधानियां अपनाकर अपने आप 3 से 5 दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन यदि न हो तो डॉक्टर के पास अवश्य जाएँ, और चिकित्सक द्वारा इसका उपयुक्त ईलाज अवश्य कराएँ ।

सर्दी, जुकाम राइनाईटिस का ईलाज (Treatment):

हालांकि इस स्थिति में रक्त परीक्षण कराने पर यदि रोगी द्वितीयक जीवाणु संक्रमण से भी प्रभावित है, खून की जांच में श्वेत रक्त कण बढ़े हुए मिल सकते हैं ।  जांच करने पर नाक की श्लेष्मा झिल्ली लाल, सूजी हुई और गाढ़ा सफेद-पीला तरल नाक के अन्दर दिखाई देता है जिस कारण नाक कुछ-कुछ बंद रहती है । इस तरह की समस्या का ईलाज करने के लिए चिकित्सक द्वारा विभिन्न नाक में डालने वाली ड्रॉप्स जैसे andre nasal drops, dristan nasal drops इत्यादि एवं एलर्जी के कारण होने वाली समस्या के लिए antihistamine जैसे tab Actifed, Tab Avil इत्यादि चिकित्सक द्वारा दी जा सकती हैं | इसके अलावा बच्चों को विभिन्न सिरप जैसे Triaminic Syrup, actifed syrup, Avil Syrup इत्यादि दी जा सकती हैं | सर्दी जुकाम,राईनाईटिस के रोगी को साथ में बुखार की शिकायत होने पर tab tusq, febrex plus Tab, actified syrup एवं द्वितीयक संक्रमण होने पर चिकित्सक द्वारा ampicillin, amoxicillin इत्यादि ग्रुप की दवाएं दी जा सकती हैं |

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