सेब के फायदे औषधीय गुण सेब से रोगों का ईलाज

सेब के फायदे और औषधीय गुणों की चर्चाएँ अक्सर होती रहती हैं | सेब एक स्वादिष्ट फल तो है ही साथ में इसे उच्च दर्जे के फलों की लिस्ट में शामिल किया गया है | सेब नामक इस फल का इतिहास काफी पुराना है इसका विवरण चीन, मिस्र इत्यादि के साहित्य में भी मिलता है शायद यह जानकर आपको आश्चर्य होगा की विश्व में सेब की 7000 से अधिक किस्में पाई जाती हैं | जहाँ तक भारत की बात है पर्वतीय क्षेत्रों में इसका उत्पादन अधिक होता है |  चरक, सुश्रुत, भावप्रकाश आदि भारत के आयुर्वेदिक देशी चिकित्सा के ग्रन्थों में इस फल की बहुत प्रशंसा की गई है । इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से सेब के फायदे या औषधीय गुणों के बारे में वार्तालाप करेंगे और जानने की कोशिश करेंगे की सेब का सेवन किन किन रोगों को दूर करने में सहायक होता है | लेकिन उससे पहले हम इस फल में पाए जाने वाले कुछ रासयनिक तत्वों के बारे में जान लेते हैं |

सेब के फायदे

सेब में पाए जाने वाले आवश्यक तत्व:

सेब में निम्नलिखित रासायनिक तत्व पाए जाते हैं |

  • प्रोटीन 0.3 प्रतिशत
  • कैल्सियम 1.0 प्रतिशत
  • फास्फेट 0.02 प्रतिशत
  • लोहा 1.7 प्रतिशत

उपर्युक्त तत्वों के अलावा सेब में शर्करा (Glucose), पोटैशियम, सोडियम, मैग्नेशियम, सल्फर, केरोटीन, थियामीन, रिबोफ्लेबिन और कई प्रकार के विटामिन भी होते हैं । कार्बोहाइड्रेट का एक रूप पेक्टीन सेब में खूब पाया जाता है । यह हृदय-रोग में बहुत लाभदायक है । जो लोग नित्य एक सेब खाते हैं, उन्हें हृदय-रोग नहीं होता । एक सेब से लगभग 100 इंटरनेशनल यूनिट विटामिन बी’ प्राप्त होता है ।

सेब के फायदे या लाभ:

सेब के फायदे की बात हो रही हो तो बता दें की सेब दाँतों तथा मसूड़ों के कीटाणु नष्ट कर देता है । सेब स्वादु, शीतल, कफ़-वर्धक, पुष्टिकारक, तथा बल-वीर्य को बढ़ानेवाला है । यह मस्तिष्क (दिमाग़) को भी ताकत देता है । दिमाग़ी कमजोरी दूर करता है । सेब विद्यार्थियों तथा बुद्धिजीवियों के बहुत काम का फल है । खट्टा सेब बढ़ी हुई तिल्ली, बढ़े हुए जिगर, जिगर की पीड़ा, पित्ताशय के रोगों को दूर करता है । सेब मांस बढ़ाता है । कहावत है—’एक सेब रोज़ खाइए, वैद्य-डॉक्टर को घर न बुलाइए ।

सेब के औषधीय गुण (रोगों का ईलाज):

  • सेब के फायदे में यह फायदा कब्ज से जुड़ा हुआ है सेब कब्ज़नाशक दवा के तौर पर भी कार्य करता है | सवेरे उठकर खाली पेट दो सेब दाँतों से काटकर खा जाइए । कब्ज़ नहीं रहेगी । अग्निमांद्य दूर होकर भूख बढ़ जाएगी ।
  • सेब का यह औषधीय गुण पेट के कीटाणुओं की दवा के तौर पर कार्य करता है | इसके लिए  सेब का रस एक छोटा ग्लास प्रतिदिन पीजिए । इससे पेट के कीटाणु समाप्त हो जाएँगे ।
  • सेब के फायदे में यह फायदा अर्धांगवात (गठिया) से जुड़ा हुआ है | गठिया का इलाज करने के लिए एक सेब चाकू से काटकर (ऊपर का छिलका बिना उतारे) खा जाइए । अर्धागवात ठीक होगा ।
  • कमज़ोर दिमाग़वालों में भी सेब के फायदे देखे गए हैं | निम्नलिखित में से किसी एक विधि से सेब का सेवन करने से कमजोर दिमाग का ईलाज संभावित है |
  1. ग्रसित व्यक्ति को प्रातः एक सेब खाने को दीजिए ।
  2. दोपहर का खाना कच्चे सेबों की सब्जी के साथ दीजिए ।
  3. दोपहर 4 बजे 1 ग्लास सेब का रस पिलाइए ।
  4. रात के भोजन में भी कच्चे सेबों की सब्ज़ी दीजिए ।
  5. रात को शयन से 1 घंटा पहले खूब मीठा अंबरी सेब खाने को दीजिए । एक मास बाद रोगी के मस्तिष्क में परिवर्तन आपको स्पष्ट प्रतीत होगा ।
  • दिल की तेज़ धड़कन को ठीक करने का औषधीय गुण भी सेब में निहित है | दिल की धड़कन ज्यादा हो या कम (मन्द) हो, सेब का मुरब्बा खाने से अवश्य आराम होता है ।
  • सेब के फायदे में यह फायदा नींद से समबन्धित है | यदि नींद न आती हो, या 1-2 बजे उचटकर फिर नींद न आती हो, तो 1 मीठे सेब का मुरब्बा सोने से पूर्व खिलाकर ऊपर से एक प्याला कम गर्म (कवोष्ण) दूध पीजिये | इससे नींद आने लगेगी । दिल व दिमाग़ की कमजोरी भी दूर होगी । फायदा लेने के लिए यह लगातार कम-से-कम 15 दिन तक करें ।
  • बच्चे की पेचिश के ईलाज का भी औषधीय गुण इसमें छिपा हुआ है | ईलाज करवाने पर भी यदि बच्चे की पेचिश दूर न होती हो, तो एक पका (मीठा) सेब लेकर उसे कुचलकर हलुआ-सा बना लें । थोड़ा-थोड़ा करके चम्मच से बच्चे को खिलाएँ । दो दिनों में ही उसे आराम आ जाएगा ।
  • क्रोध कभी न कभी हर मनुष्य को आता है सेब के फायदे में यह फायदा क्रोध से ही जुड़ा हुआ है | जिसे क्रोध बहुत आता हो, थाली या बर्तन फेंक देता हो, स्त्री या बच्चों से मारपीट करता हो, उसे प्रतिदिन दो पके मीठे सेब 15 दिन तक खिलाएँ, ठीक हो जाएगा ।
  • सेब में बार बार प्यास लगने की समस्या को कम करने का भी औषधीय गुण विद्यमान रहता है | बुखार आदि के रोगी को यदि बार-बार प्यास लगती हो, तो एक सेब को टुकड़े-टुकड़े करके कैंडी में कूटकर रस निकालें। इस रस में 30 ग्राम पानी मिलाएँ । इसे पिलाने से बार-बार प्यास लगना बन्द हो जाएगा ।
  • वृक्क (गुर्दे) के दर्द के ईलाज में भी पपीते के फायदे को देखा गया है | गुर्दे के दर्द की दवा खाएँ या न खाएँ, परन्तु यदि दिन में दो बार एक-एक सेब खाएँ | तो दर्द कम या बन्द हो जाएगा ।
  • सेब में रक्तातिसार (खून के दस्त) को कम करने या रोकने का भी औषधीय गुण होता है इसके लिए सेब का शर्बत या ताजा रस एक छोटा ग्लास पिलाने से आराम मिलता है |
  • बिच्छू के काटे का ईलाज में भी सेब के फायदे देखे गए हैं | इसके लिए सेब के ताजा रस में आधा ग्राम मुश्क काफूर (कर्पूर) घोलकर आधे-आधे घंटे बाद लगातार पिलाने से बिच्छू का विष उतर जाता है ।

यह भी पढ़ें:

आम के लाभ औषधीय गुण एवं आम द्वारा रोगों का ईलाज.

बेल के लाभ औषधीय गुण  

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *