सोनोहिस्ट्रोग्राफी अथवा एस. एच. जी. की जानकारी

सोनोहिस्ट्रोग्राफी (SHG) भी Hysterosalpingography (HSG) के समान एक प्रक्रिया है, परन्तु इसमें एक्सरे के स्थान पर सोनोग्राफी का प्रयोग किया जाता है । इसका प्रयोग गर्भाशय व डिम्बवाहिनियों (fallopian tubes) की असामान्यताओं व डिम्बवाहिनियों के अवरोधों को दूर करने के लिये किया जाता है । प्रयोग की दृष्टि से दोनों प्रक्रियायें overlap करती हैं, परन्तु यह विधि HSG की अपेक्षा अधिक सुरक्षित मानी जाती है ।

सोनोहिस्ट्रोग्राफी

 

हिस्ट्रोसैल्पिन्जोग्राफी (HSG) सामान्यतः रेडियोलॉजी विभाग में की जाती है व इसमें

  • योनि में एक उपकरण, जो चिकना व मुड़ा हुआ ब्लेड जैसा होता है, जिसे speculum कहते हैं, डालते हैं । उसके बाद एक डाई X-ray contrast material को catheter द्वारा अंदर डाला जाता है ।
  • उसके बाद पैल्विस के कई एक्सरे लिये जाते हैं ।

सोनोहिस्ट्रोग्राफी (SHG) कैसे की जाती है

  • योनि में एक उपकरण, जो चिकना व मुड़ा हुआ ब्लेड जैसा होता है, जिसे speculum कहते हैं, डालते हैं । गर्भाशय की कैविटी में saline solution डाला जाता है ।
  • साथ ही transvaginal ultrasound किया जाता है ।
  • सोनोहिस्ट्रोग्राफी (SHG) में किसी प्रकार के रेडियेशन अथवा contrast material का प्रयोग नहीं होता है ।

वैसे तो दोनों ही प्रक्रियाओं में कुछ असुविधा होती है, परन्तु सामान्यत: सोनोहिस्ट्रोग्राफी HSG की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक होती है, क्योंकि इसमें युक्त सैलाइन HSG में प्रयुक्त radiographic contrast material की अपेक्षा कम irritating होता है ।

सोनोहिस्ट्रोग्राफी क्यों की जाती है?

सोनोहिस्ट्रोग्राफी SHG का प्रयोग fallopian tubes व endomerium की जांच के लिये किया जाता है । endomerium की जांच के लिये इस प्रक्रिया का प्रयोग इनफर्टिलिटी वर्कशॉप में किया जाता है । इसे गर्भाशय में रहने वाले polyps, adhesions, fibroids आदि को भी देखा जा सकता है व उनकी जांच की जा सकती है । सोनोहिस्ट्रोग्राफी SHG के द्वारा fallopian tubes की भी जांच की जा सकती है, विशेषतया यह देखने के लिये कि fallopian tubes खुली हैं कि नहीं । color Doppler imaging के द्वारा tubal patency को जांच करने की क्षमता बढ़ जाती है । इसमें जब saline डाली जाती है, तब यह fallopian tubes से पैल्विस में जाती दिखाई देती है, जिससे ट्यूब के खुले होने की जांच हो जाती है ।

सोनोहिस्टोग्राफी SHG का एक अन्य लाभ यह भी है कि इसमें रेडियेशन का प्रयोग नहीं होता है । न ही इसमें iodinated contrast injection का प्रयोग का है, जो एलर्जी आदि का कारण बन सकता है । इसके अतिरिक्त -हिस्ट्रोग्राफी में अल्ट्रासाउण्ड द्वारा एक ही समय में गर्भाशय, डिम्बग्रंथियों व पैल्विस की जांच की जा सकती है ।

Fallopian tubes के खुले होने की जांच करने के लिये SHG व HSG  दोनों ही तकनीक प्रभावी हैं । इनका प्रयोग परिस्थितियों पर व डॉक्टर की राय पर निर्भर करता है ।

अन्य पढ़ें:

फल्लोपोस्कोपी क्या है कैसे की जाती है?

हिस्ट्रोस्कोपी क्या है और कैसे की जाती है?

इंडोमेटेरिअल बायोप्सी क्या है और कैसे की जाती है?

हिस्ट्रोसैल्पिन्जोग्राफी क्या है क्यों और कैसे किया जाता है?

About Author:

HBG Health desk is a team of Experienced professionals holding various skills. They are expert to do research online and offline on health, beauty, wellness, and other components of health in Hindi.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *