Acidity Problem Ka Solution Home Remedies.

Acidity problem से सिर्फ India में ही नहीं विश्व के अन्य देशों के लोग भी खासे परेशान रहते हैं | Acidity अर्थात Gas खुद तो एक विकार है ही है, इसके अलावा यह शरीर में अन्य विकारों अर्थात रोगों को शरीर में बढ़ावा देने में भी मदद करता है | यही कारण है की एक अच्छी health हेतु acidity को control में रखना बेहद जरुरी हो जाता है | आज हम Acidity problem नामक इस विकार के बारे में अपने पढने वालो को Full Information यानिकी विस्तार से जानकारी देने की कोशिश करेंगे | इस पोस्ट के माध्यम से हम Acidity treatment through home remedy, acidity symptoms और acidity kya hai विषय पर ध्यान केन्द्रित करेंगे | तो आइये सबसे पहले जानते हैं की Acidity का Hindi में क्या Meaning होता है |

Acidity
Acidity

 

Acidity in Hindi.

सामान्य बोलचाल की भाषा में लोग Acidity problem को Gas  कहते हैं | जो बिलकुल सही भी हैं, क्योकि Acidity का शाब्दिक अर्थ पेट की गैस से ही लगाया जाता है | जबकि Ayurveda की भाषा में acidity को अम्लरोग भी कहा जाता है | Conclusion: आप चाहें तो acidity को Gas की संज्ञा दे सकते हैं, पेट की गैस के नाम से बुला सकते हैं या फिर अम्लरोग के नाम से संबोंधित कर सकते हैं

Acidity problem ya  pet ki Gas kyo hoti hai:

हालांकि Acidity problem अर्थात पेट की गैस होने के कोई निश्चित कारण नहीं हैं, फिर भी हम आपको यहाँ पर कुछ कारणों (Reasons) के बारे में बताएँगे जिनसे Acidity होती है |

Fad diets (फीका भोजन) :

Fad diets से हमारा तात्पर्य उस आहार से है जिस भोजन को लोग अपन वजन कम करने के दौरान लेते हैं | Fad diet लेने से acidity problem हो सकती है |

Tension ki wajah se :

Stress या tension भी acidity अर्थात पेट की गैस होने का एक मूल कारण है | क्योकि अधिकतर stress या tension लेने वाले लोगों को अन्य लोगों के मुकाबले Acidity problem का शिकार ज्यादा संख्या में पाया गया है |

Bidi Cigarette aur Shrab :

अन्य लोगों के मुकाबले Smokers या Alcoholic लोग जो बीडी, सिगरेट, शराब इत्यादि पीते हैं | Acidity के शिकार जल्दी हो जाते हैं | इसलिए बीड़ी, सिगरेट, शराब इत्यादि पीना भी Acidity होने का कारण है |

 Basa Yukt Bhojan :

ऐसे लोग जो अधिक मात्रा में बसा युक्त भोजन जैसे Non Veg (मांसाहारी खाना ) का सेवन करते हैं | उनको Acidity की Problem हो सकती है | इस reason को acidity होने का मुख्य कारण माना जाता है |

उपर्युक्त reasons के अलावा acidity की problem किसी मनुष्य की शारीरिक कार्यों न के बराबर भागीदारी, असमय खाने की आदत इत्यादि भी acidity होने के कारण हो सकते हैं |

Symptoms of Acidity (Gas) in Hindi:

Chest में जलन , बार बार डकार आना, अपच अर्थात बदहजमी ये कुछ acidity होने के common से symptoms हैं |

Chest Me Jalan : 

Chest में जलन होने का कारण यह होता है की पेट में बना acid धीरे धीरे मनुष्य के शरीर के उपरी भाग की ओर अग्रसित होना शुरू हो जाता है | जिससे Acid मनुष्य के ह्रदय अर्थात chest तक पहुँच जाता है | और chest में जलन करना शुरू कर देता है |

Baar baar Dakar Aana : 

कभी कभी acid या gas मुहं के रस्ते से बाहर आने की कोशिश करती है | और इसके कारण मनुष्य को बार बार डकार आते हैं, हालाँकि डकार आने से मनुष्य को थोड़ा बहुत relief अवश्य मिलता है | लेकिन बहुत सारे Case में व्यक्ति को acidity के कारण उल्टियाँ भी आनी शुरू हो जाती हैं |

 Apach aur badhajami:

अपच और बदहजमी भी acidity problem का सबसे बड़ा Symptoms है | क्योकि अपच और बदहज़मी के अपने भी कुछ अतिरिक्त Symptoms हैं जो निम्न हैं |

Ji Michlana: 

Acidity problem होने पर खाना खाने के बाद व्यक्ति का जी मिचला सकता है, अर्थात मनुष्य को उपकाई आ सकती है |

Stomach Full:

इसके अलावा acidity होने पर पेट बिना खाए भी Full अर्थात भरा हुआ रहता है | व्यक्ति के गूदा के मार्ग द्वारा बदबूदार गैस बार बार निकलती है | और भूख में भी acidity का असर देखा जा सकता है |

 

Acidity Solutions through home remedies in Hindi.

Acidity का treatment home remedies द्वारा संभव है | लेकिन इसके लिए मनुष्य को जहाँ अपनी जीवन शैली में कुछ बदलाव करने की जरुरत पड़ती है | वहीँ कुछ Gharelu वस्तुओं को अपने खान पान में सम्मिलित करने की आवश्यकता पड़ती है जिनका विवरण निम्न है |

Gooseberry Powder:

Gooseberry powder जिसे Hindi में आंवला चूर्ण कहा जाता है, को प्राचीन काल से ही Acidity अर्थात पेट की गैस के treatment के लिए प्रयोग में लाया जाता रहा है | आंवला चूर्ण मनुष्य के पेट में गैस बनने से रोकता है | Acidity की Problem होने पर व्यक्ति को सुबह शाम दो दो चम्मच Gooseberry Powder खाली पेट लेना चाहिए | वैसे आंवले का चूर्ण बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हो जाता है लेकिन यदि व्यक्ति चाहे तो घर पर भी इस चूर्ण को बनाया जा सकता है |

Ginger:

Ginger को Hindi में अदरक कहते हैं और अदरक हर भारतवासी के रसोईघर में हर समय उपलब्ध रहती है | कोई भी व्यक्ति जो acidity की problem का शिकार हो अदरक को अपने खान पान में शामिल कर acidity को कुछ हद तक control या कम कर सकता है | इस home remedy को बनाने का सबसे अच्छा तरीका यह है की अदरक को छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर फिर उन टुकडो पर किसी सख्त वस्तु से वार कर, उनको पानी में डाल देना चाहिए और पानी को गरम कर देना चाहिए, और थोड़ी देर बाद पानी को निकालकर गुनगुना होने के लिए छोड़ दें और जब पानी गुनगुना हो जाय तो इस पानी को पी लेना चाहिए |

 

Liquorice:

Liquorice को  Hindi में मुलेठी के नाम से जाना जाता है | मुलेठी का काढ़ा बनाकर इस काढ़े को दिन में दो बार पीने से भी acidity की problem को कम किया जा सकता है |

Azadirachta indica :

Azadirachta Indica को Hindi में नीम कहा जाता है | नीम का उपयोग home remedy के अंतर्गत अनेकों रोगों से निजात पाने हेतु किया जाता रहा है | नीम की छाल को पीसकर और इसका काढ़ा बनाकर पीने से भी acidity की problem से निजात पायी जा सकती है |

उपर्युक्त home remedies के अलावा व्यक्ति अपनी जीवन शैली में परिवर्तन करके भी acidity problem से छुटकारा पा सकता है |

 

  • अधिक मात्रा में पानी पीने की आदत डालें |
  • Exercise या व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें |
  • Acidity होने पर खाने से पहले नींबू पानी चीनी मिला के पीयें |
  • असमय खाने की आदत को बदलें और खाना खाने के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें |
  • Acidity होने पर काफी का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • केला, तरबूज और खीरे को अपने खान पान में शामिल करें |
  • नारियल का पानी पीने से भी acidity problem में relief मिलता है |
  • Spicy खाना और बसायुक्त खाना खाने से बचना चाहिए

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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