Allergic Rhinitis नाक की एलर्जी.

Allergic Rhinitis से अभिप्राय नाक की एलर्जी से है जैसा की हम सबको विदित है नाक मनुष्य शरीर का एक ऐसा अंग है जो सांस के माध्यम से शरीर के अन्दर प्रविष्ट करने वाले धूल कणों को रोकने का काम करती है | लेकिन कभी कभी ऐसा होता है की सांस के माध्यम से ये कण शरीर के अन्दर प्रविष्ट कर जाते हैं तो शरीर में उपलब्ध रोग प्रतिरोधक प्रणाली इनके प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त करती है जिससे नाक की एलर्जी हो जाती है | हालांकि यह सत्य है की इस प्रकार की यह बीमारी जानलेवा नहीं होती है लेकिन नाक की एलर्जी यानिकी Allergic Rhinitis से ग्रसित व्यक्ति के नियमित कार्य बाधित अवश्य होते हैं | कभी-कभी क्या होता है की एलर्जी से शरीर में विशेष तरह के प्रतिरोधक बनते हैं जिससे ये नाक व श्वास नली की श्लेष्मा झिल्ली में फिक्स हो जाते हैं और इससे हिस्टामिन जैसे पदार्थ निकालते हैं, जिससे मरीज को बार-बार छींके आती रहती हैं ।

Allergic-Rhinitis-in-Hindi

नाक की एलर्जी के कारण (Cause of Allergic Rhinitis):

नाक की एलर्जी के कुछ मुख्य कारण निम्नवत हैं |

  • ऐसे परिवार से जुड़े सदस्य जिनके परिवार के किसी सदस्य को Allergic Rhinitis पहले भी हुआ हो अर्थात नाक की एलर्जी का आनुवंशिकी भी एक कारण हो सकता है |
  • कुछ मनोवैज्ञानिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं ।
  • जवानी की शुरूआती दौर में, गर्भकाल के समय एवं रजोनिवृत्ति के समय इस प्रकार के रोग होने की अधिक आशंका होती है ।
  • मौसम में बदलाव होना भी नाक की एलर्जी का एक कारण हो सकता है |
  • धूल-मिट्टी, पाउडर, तम्बाकू इत्यादि के संपर्क में आने से भी Allergic Rhinitis हो सकता है
  • कभी कभी खाने में अण्डा, बैंगन, अनान्नास, दूध के पदार्थ इत्यादि भी इसके जिम्मेदार हो सकते हैं ।
  • जीवाणु से एलर्जी होना भी एक कारण हो सकता है ।
  • एस्प्रिन, आयोडिन, एण्टीबायटिक इत्यादि का अत्यधिक सेवन भी एक कारण हो सकता है ।

नाक की एलर्जी के लक्षण(Symptoms of allergic rhinitis) :

नाक की एलर्जी के मुख्य लक्षण कुछ इस प्रकार से हैं |

  • शुरूआती दौर में रोगी को बार-बार छींके आ सकती हैं उसके बाद नाक से पानी जैसा तरल अत्यधिक मात्रा में बहता रहता है ।
  • कभी एक तरफ की तो कभी दूसरी तरफ की नाक बंद हो जाती है |
  • कभी कभी नाक में खुजली एवं बेचैनी सी रहती है ।
  • सूघने की शक्ति कम अर्थात क्षीण हो जाती है ।
  • यदि नाक की एलर्जी के साथ में साइनोसाईटिस हो तो सिर में भारीपन व दर्द भी रह सकता है ।
  • Allergic Rhinitis में आखों में जलन व लाली होती है । कभी-कभी सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है ।
  • राइनोस्कोपी करने पर अग्र नासिका श्लेष्मा पीली-मटमैली रंग की व सूजी हुई मिल सकती है ।

नाक की एलर्जी का ईलाज (Treatment of Allergic Rhinitis in Hindi):

चिकित्सक द्वारा बीमारी का ईलाज करने के लिए  राइनोस्कोपी करने को कहा जा सकता है इस जांच में नेजल स्मीयर में इओसिनोफिल बढ़े हुए एवं  ब्लड काऊण्ट में भी इओसिनोफिल बढ़े हुए प्राप्त हो सकते हैं । इसके अलावा एलर्जिक टेस्ट करने को भी कहा जा सकता है | नाक की एलर्जी से बचाव के लिए व्यक्ति को जिन वस्तुओं से एलर्जी होती हों उनसे दूर ही रहना चाहिए | चिकित्सक द्वारा नाक की एलर्जी अर्थात Allergic Rhinitis का उपचार करने के लिए एंटी हिस्टामिन दवाइयों जैसे टेबलेट avil, टेब. इकोन–डी.टी., टेब. टरफेड या जीनसेट, टेब टेरीगोन या टरफेक्स, टेब. इनसीडल इत्यादि औषधियां दी जा सकती हैं, नाक बंद होने पर नेजल ड्रॉप्स इफेड़िन नार्मल सेलाइन का मिश्रण प्रयोग करने को कहा जा सकता है ।

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