Angiography Test क्या है कैसे किया जाता है और देखभाल.

Angiography नामक इस टेस्ट को Angiogram भी कहा जाता है इस परीक्षण में चिकित्सक द्वारा सम्बंधित व्यक्ति या महिला की रुधिर नलिकाओं में एक अपारदर्शक पदार्थ प्रविष्ट कराया जाता है जिससे रुधिर नलिकाओं की एक्स रे के दौरान फोटो एकदम स्पष्ट एवं साफ़ आ सके | Angiography test को अंजाम देने के लिए चिकित्सक द्वारा टांग के उपरी सिरे या हाथ की नस में एक Tube जिसे Catheter कहा जाता है घुसाई जाती है उसके बाद इस Catheter को शरीर के उस हिस्से तक पहुँचाया जाता है जिस हिस्से की जांच होनी होती है | और इसी Catheter के माध्यम से चिकित्सक द्वारा व्यक्ति के शरीर में डाई प्रविष्ट करायी जाती है | इसके बाद जब डाई रक्त नलिकाओं से होकर आगे की और बहती है तो इस समय एक्स रे ले लिया जाता है | Angiography नामक यह टेस्ट शरीर में या शरीर के किसी भी हिस्से में रक्त के बहाव की जांच करता है की उस विशेष हिस्से में रक्त की सप्लाई ढंग से हो रही है की नहीं | जब यही प्रक्रिया ह्रदय की रक्त धमनियों की जांच के लिए की जाती है तो इस प्रक्रिया को Coronary Angiography कहा जाता है |  Coronary Angiography के माध्यम से ह्रदय की ओर रक्त की सप्लाई की जांच की जाती है और यह भी पता लगाया जाता है की ह्रदय की ओर रक्त पहुँचाने वाली धमनियों में से कौन सी धमनी में कितनी ब्लॉकेज है | जरुरत पड़ने पर चिकित्सक द्वारा व्यक्ति की Angioplasty भी की जा सकती है जिसका उद्देश्य संकरी रक्त धमनियों को खोलना होता है |

Angiography-in-hindi

एंजियोग्राफी के लिए तैयारी (Preparation for Angiography):

Angiography test करवाने से पहले व्यक्ति को बहुत सारे एहतियात बरतने की आवश्यकता हो सकती है | इनमे से कुछ की लिस्ट इस प्रकार से है |

  • व्यक्ति को इस प्रकार का परीक्षण कराने से पहले चिकित्सक से अपनी दवाओं एवं अन्य जांचों के बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए |
  • जिस दिन जांच होनी हो उसके एक दिन पहले मध्यरात्रि से खाना नहीं खाना चाहिए |
  • यदि चिकित्सक ने जांच के दिन सुबह दवाई लेने को कहा है तो व्यक्ति को केवल सादे पानी से दवाई लेनी चाहिए |
  • डाई, आयोडीन, लेटेक्स इत्यादि से एलर्जी रखने वाले लोग और गर्भवती महिलाएं यह बात चिकित्सक से न छुपायें |
  • यदि किसी पुरुष की छाती पर बाल हैं तो यह टेस्ट करने के दौरान या पूर्व उन बालों को काटने की आवश्यकता हो सकती है |

एंजियोग्राफी कैसे की जाती है (How Angiography test is accomplished):

हालांकि Angiography नामक इस टेस्ट में 1-2 घंटे का समय लगता है लेकिन इस परीक्षण के बाद समबन्धित व्यक्ति को 4 घंटे या उससे अधिक भी आराम की आवश्यकता हो सकती है | इसलिए व्यक्ति को इसी आधार पर अपना समय निकालकर अस्पताल में पहुंचना होता है | अस्पताल में पहुँचते ही समबन्धित व्यक्ति या महिला को घड़ी या गहने उतारने को कहा जा सकता है इसलिए उचित यह रहेगा की जब व्यक्ति या महिला इस परीक्षण के लिए अस्पताल की और आ रहे हों तो अपने साथ कोई कीमती सामान न लायें |

  • अस्पताल की तरफ से समबन्धित व्यक्ति या महिला को गाउन दिया जायेगा |
  • उसके बाद व्यक्ति या महिला के हाथ की नस में Intravenous प्रविष्ट करायी जाती है ताकि आवश्यक दवाइयां एवं द्रव समबन्धित व्यक्ति या महिला के शरीर में प्रविष्ट करायी जा सकें |
  • उसके बाद समबन्धित व्यक्ति या महिला को एक अलग से कक्ष में ले जाया जा सकता है जहाँ की सभी लाइट को बंद कर दिया जायेगा इस समय समबन्धित व्यक्ति या महिला डॉक्टर या अन्य स्टाफ को बता सकते हैं की वे कैसा महसूस कर रहे हैं |
  • ह्रदय की जांच के लिए छाती या वक्ष स्थल पर छोटी गद्दियाँ रखी जा सकती हैं |
  • सम्बंधित व्यक्ति या महिला के रक्तचाप की जांच के लिए हाथ पर blood pressure cuff रखा जा सकता है blood pressure के साथ साथ ह्रदय के धड़कन की भी जांच की जा सकती है |
  • हाथ पर या पाँव पर लगी tube (catheter) को साफ़ किया जाता है और यदि उस स्थल पर बाल हों तो उन्हें काटा जा सकता है |
  • चिकित्सक द्वारा जिस स्थल पर catheter लगाया जाना है उसे सुन्न किया जाता है इससे व्यक्ति या महिला को कुछ मिनट या सेकंड का दर्द हो सकता है | जब स्थल सुन्न हो जाता है तो Angiography test के दौरान व्यक्ति केवल दबाव महसूस करेगा न की दर्द | यदि किसी व्यक्ति को इस परीक्षण के दौरान दर्द होता है तो चिकित्सक को अवश्य बताना चाहिए |
  • अब चिकित्सक का अगला कदम catheter को रुधिर नली में डालकर वहां तक भेजने का होता है शरीर के जिस हिस्से की जांच होनी हो |
  • Injection द्वारा शरीर में डाई प्रविष्ट करायी जाती है इससे समबन्धित व्यक्ति या महिला को कुछ गर्मी का आभास हो सकता है |
  • इसके बाद Angiography test की इस प्रक्रिया में जब डाई समबन्धित व्यक्ति या महिला की रुधिर नलिकाओं में संचारित हो रही होती है तो तब चिकित्सक द्वारा एक्स रे ले लिया जाता है | इसमें चिकित्सक व्यक्ति को कुछ समय के लिए सांस रोकने को भी कह सकते हैं |
  • यदि किसी व्यक्ति की रुधिर धमनियां संकरी हो गई हों और रक्त आसानी से सप्लाई नहीं हो पा रहा हो तो डॉक्टर द्वारा ऐसे व्यक्ति की Angioplasty भी की जा सकती है |

Angiography test पूर्ण हो जाने के बाद Catheter नामक Tube हटा ली जाती है | tube हटाते ही उस स्थल को 15-20 मिनट तक रुई से दबाया जाता है ताकि रक्त न बहे | उस स्थल को भरने के लिए चिकित्सक द्वारा टांका या डांट लगाईं जा सकती है या फिर पट्टी या ड्रेसिंग की जाती है |

एंजियोग्राफी के बाद देखभाल (Caring after Angiography test):

यह परीक्षण पूर्ण होने के बाद प्रभावित व्यक्ति या महिला को दुसरे टेबल या विस्तार पर ले जाया जायेगा जहाँ व्यक्ति को तक़रीबन चार घंटे तक आराम करने की आवश्यकता हो सकती है |

  • जिस हाथ या पैर में Catheter लगा हुआ था व्यक्ति को चाहिए की उसे वह सीधा रखे ताकि रक्त न बहे |
  • चिकित्सक द्वारा tube स्थल, नाड़ी, ब्लड प्रेशर इत्यादि की बार बार जांच की जा सकती है |
  • Catheter लगे हुए स्थल पर सूजन, रक्त बहना, सुन्न होना इत्यादि लक्षण महसूस होने पर तुरंत नर्स को बताना चाहिए |
  • Angiography test के बाद खाना पीना शुरू कर सकते हैं |
  • इस परीक्षण के बाद ड्राइविंग न करें इसलिए घर जाते समय परिवार के किसी सदस्य का सहारा अवश्य लें |
  • घर पहुँचने पर भी परीक्षण के पश्चात लगभग 24 घंटे आराम की आवश्यकता हो सकती है |
  • इस दौरान सीढ़ियों का इस्तेमाल जितना हो सके कम करें |
  • गुर्दे से डाई को बाहर निकलने के लिए पानी एवं अन्य पदार्थो का सेवन अधिक कर सकते हैं |
  • tube स्थल पर सोते समय Pressure Bandage को हटाया जा सकता है और साफ़ पट्टी का उपयोग किया जा सकता है |
  • tube स्थल को शुष्क रखना व्यक्ति या महिला की प्राथमिकता होनी चाहिए इसे पानी से बचने के लिए कुछ दिन स्नान भी न करें |
  • Angiography test के तीन दिन तक कसरत से भी परहेज करें और 5 किलोग्राम से अधिक वजन न उठायें |
  • लगभग एक सप्ताह तक टब, शावर से न नहायें और tube स्थल को रगड़ें भी नहीं |

इसके अलावा Angiography test से गुज़रे हुए व्यक्ति या महिला को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना पड़ेगा और यदि निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण दिखाई देता है तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए |

  • यदि Tube स्थल से रक्त बहना बंद न हुआ हो |
  • यदि Tube स्थल पर सूजन, लालिमा या कोमलता आ गई हो |
  • हाथ या पैरों में शिथिलता या पीलापन का आभास हो |
  • पैरों एवं हाथों की अँगुलियों को हिलाने डुलाने में कोइ परेशानी का आभास हो |
  • यदि Tube स्थल पर तेज दर्द या फिर टीस का अनुभव हो |
  • बुखार, सुन्नता, कमजोरी, बैचेनी, घबराहट इत्यादि होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए |

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