Angioplasty Surgery की जानकारी.

Angioplasty ह्रदय स्वास्थ्य से जुड़ी हुई एक सर्जरी अर्थात शल्य क्रिया है यह आम तौर पर तब की जाती है जब ह्रदय को रक्त पहुँचाने वाली कोरनरी धमानियाँ संकुचित या बाधित हो जाती हैं | यानिकी हम Angioplasty को संकुचित या बाधित रक्त धमनियों को यांत्रिक रूप से चौड़ी करने वाली एक शल्य तकनीक कह सकते हैं |

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Angioplasty Surgery का इतिहास:

Angioplasty नामक इस सर्जरी को वर्णित करने का श्रेय अमेरिकी संवहनी विकिरण विज्ञानी Charles Theodore Dotter को जाता है Dotter एवं उनके प्रशिक्षु डॉक्टर मेल्विन पी. judkins ने एंजियोप्लास्टी और कैथेटर प्रदत्त स्टेंट को आविष्कृत करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में अपनी अहम् भूमिका निभाई थी  | सर्वप्रथम इनकी इस खोज का उपयोग परिधीय धमनी रोग का इलाज करने के लिए किया गया था | ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी में डॉटटर ने 16 जनवरी 1964 को एक 82 साल की ऐसी बूढी महिला जिसे बेहद दर्दनाक इस्केमिया एवं गैंग्रीन हुआ था और उसने पैर विच्छेदन से इंकार कर दिया था तब उसके सतही फेमोल धमनी में कठोर स्थानीय स्टेनोसिस का फैलाव अर्थात विस्फारण किया गया | एक गाइड वायर और समाक्षीय टेफ्लॉन कैथेटर्स के साथ स्टेनोसिस के सफल फैलाव के बाद, रक्त संचालन उस वृद्ध महिला के पैर में वापस शुरू हो गया था | और वह फैली हुई तब तक खुली रही जब तक की 2.5 साल बाद उस वृद्धा की निमोनिया से मौत न हो गई | चार्ल्स डॉटटर को अंत: क्षेपी रेडियोलोजी का जनक कहा जाता है | किसी सचेत रोगी पर प्रथम Coronary Angioplasty का सफलतापूर्वक निष्पादन करने का श्रेय जर्मनी के एक ह्रदय रोग विशेषज्ञ Andreas Gruentzig को जाता है | इन्होनें zurich में 16 सितम्बर 1977 को इस क्रिया को अंजाम दिया था | इसके बाद 1983 में रुसी न्यूरोसर्जन एवं उनके सहयोगियों द्वारा SAH के बाद वास्स्पास्मम के लिए transluminal balloon angioplasty को रिपोर्ट किया गया |

Angioplasty Surgery कब की जाती है?

जिन धमनियों अर्थात नलिकाओं द्वारा ह्रदय को ऑक्सीजन एवं पोषक तत्व से भरपूर रक्त आपूर्ति की जाती हैं उन्हें कोरोनरी धमनियां कहते हैं | Atherosclerosis के कारण जब ये रक्त वाहिकाएं संकुचित या वाधित हो जाती हैं तो ये ह्रदय को रक्त की आपूर्ति करना कम कर देती हैं जिससे एनजाइना नामक छाती का दर्द शुरू हो जाता है | कहने का आशय यह है की जब किसी व्यक्ति की कोरोनरी धमनियां संकुचित या बाधित हो जाती हैं तो उन्हें चौड़ा करने हेतु अर्थात खोलने हेतु यह Angioplasty Surgery की जाती है | इसके अलावा यह जरुरी नहीं है जिन व्यक्तियों की धमनियों में ब्लॉकेज है वह एंजियोप्लास्टी सर्जरी से ही खुलेगी गंभीर ब्लॉकेज में एंजियोप्लास्टी प्रभावी नहीं है इसलिए गंभीर समस्या वाले रोगितों में यह उपचार विफल भी हो सकता है ऐसे रोगियों की कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा कोरोनरी एंजियोग्राम नामक परीक्षण भी कराया जा सकता है | इस जांच को अंजाम तक पहुँचाने के लिए रोगी के जांघ या हाथ में कैथेटर नामक वाली एक tube डाली जाती है | जिससे ह्रदय की रुधिर धमनियों का एक्स रे लिया जाता है | जब किसी व्यक्ति की ह्रदय की रुधिर धमनियां संकरी एवं बाधित होती हैं तो उसे ठीक करने के लिए एंजियोप्लास्टी सर्जरी की जा सकती है |

Process of Angioplasty Surgery (एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया):

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की ह्रदय को रक्त संचारित करने वाली धमनियों अर्थात नलिकाओं के संकरी  या बाधित होने पर सीने में दर्द या हार्ट अटैक हो सकता है | ऐसे व्यक्ति जो इस समस्या से ग्रसित हैं उनको चिकित्सक द्वारा Angioplasty Surgery करने को कहा जा सकता है | इस प्रक्रिया को Percutaneous transluminal coronary angioplasty भी कहा जाता है | इस प्रक्रिया को अंजाम देते वक्त भी अस्पताल द्वारा रोगी को अस्पताल का गाउन पहनने को दिया जाता है | हाथ की नस में Intravenous लहै जाएगी जिससे दवाइयां दी जा सकेंगी | चिकित्सक द्वारा जिस भी जगह कैथेटर जांघ या हाथ में लगाया जा रहा हो उस जगह को सुन्न कर लिया जाता है | इस कैथेटर के अन्दर वाली सिरे में एक गुब्बारा लगा रहता है जो जब कैथेटर को बड़ी रुधिर धमनी में डालकर ह्रदय तक पहुँचाया जाता है तो बलून पिचका हुआ होता है और ह्रदय की प्रभावित रक्त वाहिका तक इसको पहुंचाकर इसे फुला दिया जाता है जिससे रुधिर वाहिका में एकत्र हुई वसा हट जाती है और ह्रदय को बेहतर तौर पर रक्त संचारित होता है, हालांकि इस पूरी प्रक्रिया को Fluoroscope नामक यंत्र द्वारा मॉनिटर किया जाता है | प्रभावित रुर्धिर वाहिका को खुला रखने के लिए स्टेंट लगाया जा सकता है जो एक नली के आकार का उपकरण होता है | प्रभावित रुधिर वाहिका को बैलून द्वारा खोलकर बैलून को वापस पिचकाकर कैथेटर को नस से बाहर निकाल लिया जाता है | इसके अलावा Angioplasty Surgery होने के बाद व्यक्ति को कुछ घंटे या दिन अस्पताल में ही रहना पड़ सकता है और स्टाफ द्वारा व्यक्ति या महिला के कैथेटर स्थल एवं ब्लड प्रेशर इत्यादि को बार बार चेक किया जा सकता है Angioplasty Surgery में 30 मिनट से लेकर तीन घंटे तक का समय लग सकता है | और उसके बाद बहुत सारी छोटी मोटी हिदायतें देकर व्यक्ति को डिस्चार्ज किया जाता है |

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