Appendectomy Surgery के प्रकार करने का तरीका एवं देखभाल.

Appendectomy अपेंडिक्स से जुड़ी हुई एक शल्य क्रिया अर्थात सर्जरी है | इस सर्जरी के माध्यम से अपेंडिक्स यानिकी उपांत्र को निकाला जाता है | अपेंडिक्स की यदि हम बात करेंगे तो हम पाएंगे की अपेंडिक्स एक थैली आकृति का अंदरूनी अंग होता है जो बड़ी आंत के सिरे पर अलग से विद्यमान होता है | कभी कभी क्या होता है की अपेंडिक्स नामक यह थैली अवरुद्ध हो जाती है जिससे इसमें संक्रमण फैल जाता है और इस कारण प्रभावित व्यक्ति या महिला को पेट की निचले तरफ दाहिने हिस्से को दर्द की शिकायत, भूख कम लगना, मतली और उलटी एवं बुखार आने की शिकायत हो सकता है | जहाँ तक शरीर में अपेंडिक्स की महत्वता का सवाल है कुछ सिद्दांतों का मानना है की यह शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को भण्डारण का काम करता है और कुछ का मानना है की यह दस्त इत्यादि के बाद पाचनतंत्र को रिबूट करने का कार्य करता है और कुछ सिधान्तों के अनुसार यह किसी काम न आने वाला एक अवशेष है | हालांकि यदि अपेंडिक्स फट जाय तो व्यक्ति बहुत अधिक बीमार पड़ सकता है | चूँकि यह संक्रमित अपेंडिक्स समबन्धित व्यक्ति को काफी परेशान कर सकता है इसलिए इसे निकालने के लिए Appendectomy की जा सकती है |

Appendectomy-Surgery

अपेंडक्टोमी के प्रकार (Types of Appendectomy):

Appendectomy नामक यह सर्जरी दो प्रकार की होती है |

  1. Open Appendectomy:

Open Appendectomy की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए चिकित्सक द्वारा प्रभावित व्यक्ति या महिला के पेट में एक चीरा लगाया जाता है | यह बड़ा चीरा होता है ताकि चिकित्सक Appendix को शरीर से निकाल सके | Open Appendectomy में पेट पर बड़ा चीरा लगता है इसलिए हो सकता है की सम्बंधित व्यक्ति को अस्पताल में थोडा अधिक समय बिताना पड़े और यह प्रक्रिया करने में थोडा दर्द का एहसास हो |

  1. Laparoscopic appendectomy:

Laparoscopic appendectomy नामक यह शल्यक्रिया करने में चिकित्सक द्वारा प्रभवित व्यक्ति के पेट में 3-4 छोटे छोटे चीरे लगाये जाते हैं | इसमें चिकित्सक अपेंडिक्स को निकालने के लिए कैमरे एवं औजारों की सहायता लेता है | Laparoscopic appendectomy प्रक्रिया को अंजाम देने में चिकित्सक द्वारा छोटे छोटे चीरे लगाये जाते हैं जो Open Appendectomy में लगे चीरे के मुकाबले जल्दी ठीक हो सकते हैं इसके अलावा इस प्रक्रिया के दौरान कम दर्द एवं पेट में भी निशान कम पड़ते हैं | और व्यक्ति अस्पताल से भी जल्दी डिस्चार्ज हो सकता है |

Appendectomy को कैसे किया जाता है (How surgery is accomplished):

सम्बंधित व्यक्ति को यह सर्जरी करने से पहले कुछ हिदायतें खान पान इत्यादि को लेकर दी जा सकती हैं व्यक्ति को चाहिए की वह चिकित्सक की बताई गई प्रत्येक बात का बारीकी से अनुसरण करे और सर्जरी के लिए बताये गए समय के अनुसार अस्पताल में पहुंचे |

  • अस्पताल पहुँचते ही समबन्धित व्यक्ति या महिला को अस्पताल स्टाफ द्वारा गाउन पहनने को दिया जा सकता है |
  • इंजेक्शन के माध्यम से दावा एवं अन्य द्रव देने के लिए बाजू की एक नस में Intravenus Needle लगाई जा सकती है |
  • उसके बाद समबन्धित व्यक्ति या महिला को सर्जरी रूम में ले जाया जा सकता है वहां एक सर्जरी टेबल विद्यमान रहती है जिसमे चढने के लिए व्यक्ति या महिला की मदद की जा सकती है | और सुरक्षा के लिए प्रभावित व्यक्ति के पैरों में एक बेल्ट बाँधी जा सकती है |
  • शल्यक्रिया से पहले समबन्धित व्यक्ति या महिला को ऐसी दवाइयां दी जायेंगी जिससे वह सर्जरी के दौरान सोया रहेगा/रहेगी |
  • उसके बाद प्रभावित व्यक्ति के पेट को अच्छी तरह से साफ़ किया जाता है और सर्जरी स्थल को साफ़ करने के लिए समबन्धित व्यक्ति या महिला को चादरों से ढका जा सकता है |
  • यदि Open Appendectomy होनी हो तो एक बड़ा चीरा लगाया जाता है और यदि Laparoscopic appendectomy होनी है तो 3-4 छोटे छोटे चीरे पेट में लगाये जा सकते हैं |
  • उसके बाद शरीर से अपेंडिक्स हटा दिया जाता है और पेट में लगे चीरों को टांको, Staple , steri strips इत्यादि लगाकर बंद कर दिया जाता है |
  • सर्जरी के बाद प्रभावित व्यक्ति को Recovery Room में ले जाया जा सकता है, जहाँ व्यक्ति के होश में आने अर्थात जागने एवं अच्छे ढंग से काम करने तक नज़र रखी जाती है |
  • इसी स्थल पर व्यक्ति के ब्लड प्रेशर, ह्रदय गति, नाड़ी इत्यादि की कई बार जांच की जाती है |

चिकित्सक द्वारा व्यक्ति को सर्जरी के बारे में पुछा जायेगा और यह भी बताया जायेगा की वह कब तक घर को जा सकता है |

अपेंडक्टोमी के बाद देखभाल (Caring at home after Appendectomy):

  • समबन्धित व्यक्ति को चाहिए की वह घर पर आराम करे |
  • चिकित्सक द्वारा बताये गए दिशानिर्देशों का बारीकी से अनुसरण करे और निर्देशानुसार ही दवाइयां ले |
  • सर्जरी के बाद भी डॉक्टर से कई बार मिलना पड़ सकता है इसलिए व्यक्ति को चाहिए की वह डॉक्टर के बताये अनुसार ही डॉक्टर से मिलने के लिए फ़ोन करे |
  • सर्जरी के लगभग एक सप्ताह तक टब में स्नान नहीं करना चाहिए |
  • यदि चीरों पर बैंडेज लगी है और व्यक्ति के मन में शावर लेने की इच्छा है तो बैंडेज निकालकरशावर लिया जा सकता है और चीरों को साबुन, पानी से सावधानी पूर्वक साफ़ भी किया जा सकता है | उसके बाद तौलिये से थपकी देकर सुखाया भी जा सकता है और फिर नै बैंडेज घावों के ऊपर लगाईं जा सकती है |
  • सर्जरी के बाद व्यक्ति को शौंच इत्यादि जाने में परेशानी हो सकती है इसलिए धीरे धीरे चलना और रेशे वाला अनाज, सब्जियां इत्यादि लेना उपयोगी हो सकता है | इसके अलावा प्रतिदिन 5 लीटर से 4 लीटर पानी पीना भी उपयोगी हो सकता है |
  • सर्जरी के तीन दिन बाद तक पांच किलो से ज्यादा वजन किसी हाल में न उठायें |
  • डॉक्टर से बिना पूछे ड्राइविंग शुरू न करें |

Appendectomy सर्जरी के बाद यदि सम्बन्धित व्यक्ति के पेट या कंधो में दर्द की शिकायत रहे, खरोंच या सूजन, बुखार, खांसी, कमजोरी, उलटी, खुजली इत्यादि की शिकायत हो तो व्यक्ति को तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए |

About Author:

HBG Health desk is a team of Experienced professionals holding various skills. They are expert to do research online and offline on health, beauty, wellness, and other components of health in Hindi.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *