Audiometry Test क्या है क्यों? और कैसे किया जाता है.

Audiometry test से हमारा आशय सुनने की जांच से है जिसे ऑडियोग्राम भी कहा जाता है | इसमें रोगी की ध्वनि सुनने की क्षमता की जांच की जाती है इस परीक्षण में रोगी को सुनाई जाने वाली ध्वनियां उनकी तीव्रता, तरंग, कम्पन इत्यादि के आधार पर अलग अलग होती हैं | यदि हम धवनी सुनने की क्षमता की प्रक्रिया के बारे में संक्षिप्त रूप से जानने की कोशिश करेंगे तो हम पाएंगे की किसी भी जीव को तब सुनाई देता है जब ध्वनी की तरंगे भीतरी कान की नसों को उत्तेजित करने का काम करती हैं उसके बाद इन्ही उत्तेजित नसों के माध्यम से ध्वनि फिर तंत्रिका पथ के साथ मष्तिष्क तक की यात्रा करती हैं | यहाँ तक की ध्वनि तरंगे कान के अन्दर कान के रस्ते से कान के छेद एवं मध्य कान की हड्डियों के माध्यम से कान तक की यात्रा भी करती हैं और ये ध्वनि तरंगे कान के चारों ओर पीछे हड्डियों से भी गुज़र सकती हैं | जहाँ तक ध्वनि की मापने की बात है इसे डेसीबल (डीबी) में मापा जा सकता है | यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है की लगभग 85 DB से अधिक की ध्वनि कुछ घंटे तक सुनना सुनने की शक्ति को धीरे धीरे कम कर सकता है जिससे समबन्धित व्यक्ति को सुनने की समस्या बहुत कम उम्र में भी हो सकती है |

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ध्वनि और स्वर का मापन :

  • इसमें यह कहा गया है की जब कहीं से कानाफूसी की सी आवाजें आती हैं तो उन्हें हम लगभग 20 DB ध्वनि कह सकते हैं |
  • जोर से संगीत को हम लगभग 80 से 120DB ध्वनि में सम्मिलित कर सकते हैं |
  • और एक जेट इंजन द्वारा की जाने वाली ध्वनी को 140 DB से 180 DB में सम्मिलित कर सकते हैं |

इसके अलावा ध्वनी के स्वर को Cycles Per Second (CPS) या Hertz में मापा जाता है |

  • कम Bass Tones की यदि हम बात करें तो यह 50 से 60 Hz के आस पास हो सकता है |
  • तेज उच्च Tones को 10000 HZ के आस पास आँका जा सकता है |

यदि Hertz में हम मनुष्य की सुनने की क्षमता की सामान्य रेंज की बात करें तो यह 20 से 20000 HZ तक हो सकती है | और मानव 500 से 3000 Hz तक बोल सकते हैं कुछ जानवरों की सुनने की शक्ति 50000 Hz तक होती है |

Audiometry test कैसे किया जाता है

परीक्षण की तयारी करने से पहले चिकित्सक द्वारा यह चेक किया जाता है की सम्बंधित व्यक्ति को  Audiometry test की आवश्यकता है भी की नहीं | यह जानने के लिए चिकित्सक द्वारा समबन्धित व्यक्ति के एक कान को अवरुद्ध अर्थात बंद करके फूसफुसाहट भरे शब्दों को सुनने की क्षमता या घड़ी की टिक टिक आवाज को सुनने की क्षमता की जांच करना शामिल है | उसके बाद यदि सम्बंधित व्यक्ति को Audiometry test की आवश्यकता हुई तो चिकित्सक द्वारा एक ट्यूनिंग कांटा इस्तेमाल किया जा सकता है । और इस ट्यूनिंग कांटे को टेप करके व्यक्ति के सिर के दोनों तरफ हवा में लटकाया जाता है ताकि चिकित्सक हवा के चालन द्वारा सुनने की क्षमता का परीक्षण कर सके | उसके बाद इस टेप लगी ट्यूनिंग कांटे को प्रत्येक कान के पीछे उपलब्ध मेस्टोइड हड्डी के विपरीत रख लिया जाता है ताकि हड्डी प्रवाहकत्त्व का परीक्षण हो सके | Audiometry Test सुनने की क्षमता का एकदम सटीक माप करता है इस टेस्ट के लिए, रोगी ऑडीओमीटर से जुड़े इयरफ़ोन पहनता है । नियंत्रित तीव्रता के शुद्ध टन एक समय में एक कान को वितरित किए जाते हैं। आपको एक हाथ उठाने, एक बटन दबाए जाने, या अन्यथा संकेत मिलता है जब आप ध्वनि सुनते हैं। नियंत्रित तीव्रता के शुद्ध स्वर या ध्वनि एक समय में केवल एक कान को वितरित किये जाते हैं | इस Audiometry परीक्षण के दौरान रोगी को एक हाथ उठाने, बटन दबाने, इत्यादि के लिए कहा जा सकता है | प्रत्येक स्वर या ध्वनि को सुनने के लिए न्यूनतम तीव्रता आवश्यक है इसलिए प्रत्येक कान के पीछे उपलब्ध मेस्टोइड अस्थि के विपरीत एक डिवाइस जिसे bone oscillator कहा जाता है रख दी जाती है इससे चिकित्सक को हड्डी प्रवाहकत्त्व का परीक्षण करने में मदद मिलती है |

Audiometry Test करने के कारण:

निम्न लक्षण दिखने पर चिकित्सक व्यक्ति को Audiometry Test कराने की सलाह दे सकते हैं |

  • ध्वनिक आघात
  • पुराने कान का संक्रमण
  • आंतरिक कान के रोग
  • सिर पर चोट
  • इनहेरिटेड शर्तों
  • ऐसी दवाएं जो आंतरिक कान को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिनमें कुछ एंटीबायोटिक्स (जैसे नेमोसायन या जेनेमाइसीन), मूत्रवर्धक, और सैलिसिलेट्स (जैसे एस्पिरिन) की बड़ी खुराक
  • व्यावसायिक सुनवाई हानि
  • विकृत कंधे

चूँकि Audiometry Test सुनने की क्षमता का परीक्षण करने की एक जांच है इसलिए ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसे किसी कारणवश लगता हो की उसे कुछ कम सुनाई देने लगा है वह डॉक्टर की सलाह पर यह परीक्षण करा सकता है | यह परीक्षण ENT Specialist या Audiologist द्वारा किया जा सकता है |

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