बदहजमी अपच का घरेलू ईलाज करने के लिए बेहतरीन उपाय.

बदहजमी या अपच का घरेलू ईलाज बड़ी आसानी से किया जा सकता है लेकिन इसमें व्यक्ति को खानपान इत्यादि में संयम बरतने की आवश्यकता होती है | अपच या खाना न पचने पर खाद्य प्रणाली के अंगों में दर्द होता है, गैस भरती है जिससे भारीपन, बेचैनी, जी मिचलाना, उल्टियाँ इत्यादि हो सकते हैं |  अपच को अन्य नामों जैसे अग्नि-मांद्य, अजीर्ण, बदहजमी इत्यादि के नाम से भी जाना जाता है लेकिन सभी का अर्थ खाना न पचना ही होता है । बदहजमी में लगने वाले दस्तों को संग्रहणी कहते हैं । आज हम हमारे इस लेख में अपच का घरेलू ईलाज करने में सहायक कुछ उपायों के बारे में वार्तलाप करेंगे | तो आइये जानते हैं ऐसे कौन कौन से घरेलू उपाय है जो बदहजमी या अपच को दूर करने में सहायक होते हैं |

अपच का घरेलू ईलाज

अपच का घरेलू ईलाज के लिए उपाय एवं नुश्खे:

अपच का घरेलू ईलाज करने के लिए उपयोग में लाये जाने वाले कुछ घरेलू उपायों की लिस्ट इस प्रकार से है |

नींबू से अपच का घरेलू ईलाज:

  1. अपच होने पर नीबू की फाँक पर नमक डाल कर गर्म करके चूसने पर खाना सरलता से पच जाता है । यकृत के समस्त रोगों में नीबू लाभदायक है ।
  2. भूख नहीं लगे, अजीर्ण हो, खट्टी डकार आती हो तो एक नीबू आधा गिलास पानी में निचोड़ कर शक्कर मिला कर नित्य पीयें ।
  3. एक नीबू, नमक, अदरक का रस एक चम्मच, एक गिलास पानी में मिला कर पीयें ।
  • अपच, अग्निमांद्य और आफरा के लिए अमरूद बेहद अच्छी औषधि है । इसलिए अपच का घरेलू ईलाज करने के लिए बदहजमी से प्रभावित व्यक्ति को 250 ग्राम अमरूद खाना खाने के बाद खाने चाहिए । और जिन्हें अपच की शिकायत नहीं है उन्हें अमरुद खाने से पहले खाने चाहिए |
  • गाजर का रस और गोभी का रस समान मात्रा में मिलाकर पीते रहने से जोड़ों और हड्डियों का दर्द, अपच, आँखों की कमजोरी इत्यादि में लाभ होता है ।
  • बथुए से अपच का घरेलू ईलाज करने के लिए बथुए का रस पीयें, सब्जी खायें । इससे पेट के हर प्रकार के रोग यकृत, तिल्ली, अजीर्ण, गैस, कृमि, अर्श (piles), पथरी ठीक हो जाती है ।
  • दही में सेका हुआ जीरा, नमक और काली मिर्च डाल कर नित्य खाने से अपच दूर हो जाती है, और भोजन शीघ्र पच जाता है ।
  • इस घरेलू उपाय को अपनाने के लिए दो लौंग पीस कर उबलते हुए आधा कप पानी में डालें, फिर कुछ ठण्डा होने पर पी जायें । इस प्रकार तीन बार नित्य करें । इससे अपच दूर हो जाती है ।
  • हींग से अपच का घरेलू ईलाज करने के लिए हींग, छोटी हरड़, सेंधा नमक, अजवाइन सब समान मात्रा में मिलाकर पीस लें । एक चम्मच नित्य तीन बार गर्म पानी से फेंकी लेने से अपच ठीक हो जाती है ।

जीरे से अपच का घरेलू ईलाज:

  1. जीरा, सौंठ, सेंधा नमक, पीपल (Long Pepper), काली मिर्च-सब समान मात्रा में मिलाकर पीसकर एक चम्मच भोजन के बाद पानी से लेने से भोजन शीघ्र पचता है ।
  2. दो चम्मच जीरा एक गिलास पानी में उबालें, ठण्डा होने पर, छानकर आधा-आधा कप तीन बार पीयें ।
  3. सेका हुआ पीसा हुआ जीरा एक चम्मच, एक चम्मच शहद में मिलाकर खाना खाने के बाद नित्य सुबह-शाम दो बार चाटने से अपच ठीक हो जाती है ।
  • अपच का घरेलू ईलाज करने के लिए धनिया का इस्तेमाल भी किया जा सकता है | जिसे भोजन नहीं पचता हो, खाने के बाद जल्दी ही टट्टी जाना पड़ता हो, उसे साठ ग्राम सूखा धनिया, 25 ग्राम काली मिर्च, 25 ग्राम नमक–तीनों मिलाकर पीसकर खाना खाने के बाद आधा चम्मच नित्य फेंकी लेनी चाहिए ।
  • अजवाइन एवं छोटी हरड़ समान मात्रा में पीसकर हींग और सेंधा नमक स्वादानुसार मिला लें । भोजन के बाद एक चम्मच गर्म पानी से लें ।
  • एक चम्मच पिसी हुई अजवाइन और स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर प्रात: भूखे पेट पानी से फैकी लेने से लाभ होता है ।
  • अपच का घरेलू ईलाज करने के लिए 25 नीम की पत्ती, तीन लौंग, तीन काली मिर्च पीस कर थोड़ा पानी और शक्कर मिलाकर सुबह-शाम नित्य तीन दिन तक पीयें ।
  • खाना न पचे, बदहजमी हो जावे तो एक दिन केवल पानी पीकर ही रहें अन्य कुछ न खावें । कब्ज रहे तो भोजन के साथ घूट-बूंट पानी पीते रहना चाहिए । प्रात: उठते ही एक गिलास पानी पीयें ।
  • अपच होने पर भोजन के साथ मूली पर नमक, काली मिर्च डालकर दो माह तक नित्य खायें ।
  • अन्नानास से भी अपच का घरेलू ईलाज संभव है | इसके लिए अनन्नास की फाँक पर नमक और काली मिर्च डालकर खाएं इससे अजीर्ण दूर हो जाता है ।
  • बदहजमी होने या खाना न पचने पर पपीता खाना अच्छा है । यदि आपको मंदाग्नि, अपच, अजीर्ण, शूल, खट्टी डकारें आने की शिकायत रहती है तो लगातार 20 दिन तक पपीते का सेवन प्रात:काल नाश्ते के रूप में करें ।
  • घी, तेल, चिकनी चीजें न पचने पर गाजर का रस 310 ग्राम, पालक का रस 185 ग्राम मिलाकर पीयें ।
  • प्याज से भी अपच का घरेलू ईलाज किया जा सकता है इसके लिए प्याज काटकर उस पर नीबू निचोड़ कर भोजन के साथ खाएं । बच्चों के अजीर्ण में प्याज के रस की पाँच बूंद पिलाने से लाभ होता है ।
  • घी, तेल और मूंगफली इत्यादि का सेवन करने से अजीर्ण होने पर छाछ पीने से लाभ होता है ।
  • अजीर्ण होने पर तीन ग्राम राई पीसकर पानी में घोलकर पीयें ।

नमक से अपच का घरेलू ईलाज:

  1. पाचन शक्ति खराब हो, हल्के भोजन से भी दस्त लग जायें, कभी पेचिश, कभी कब्ज, शरीर दुर्बल होता जाये तो पाँच ग्राम काला नमक गर्म पानी में घोलकर पिलाने से लाभ होता है । बच्चों को प्राय: एक-दो माह में देना चाहिए । सेंधा नमक एक भाग, देशी चीनी याने बूरा चार भाग मिलाकर पीस लें । इसकी आधी चम्मच की फैकी पानी से खाना खाने के दस मिनट बाद लेने से अपच, भूख की कमी दूर हो जाया करती है ।
  2. कुछ लोगों को खाने के बाद खट्टी डकारें आती हैं । गले तक खट्टा पानी आ जाता है । अपच के सारे लक्षण पैदा हो जाते हैं । नमक खाना छोड़ने या नमक बहुत कम मात्रा में लेने से अपच ठीक हो जाती है । कारण यह है कि पाचन के लिए आवश्यक आमाशयिक रस में हाइड्रोक्लोरिक एसिड, जो खट्टी होती है, का भाग बहुत अधिक होता है । इस एसिड की उत्पत्ति नमक से होती है । नमक नहीं खाने से यह बढ़ी हुई खटाई कम होकर पेट में आराम दिलाती है ।
  • अदरक से अपच का घरेलू ईलाज करने के लिए अदरक का रस एक चम्मच, एक नीबू का रस और सेंधा नमक स्वादानुसार मिलाकर दो बार, खाने से पहले और खाने के बाद में पीने से अपच दूर हो जाती है ।
  • सौंठ का चूर्ण आधा चम्मच, थोड़े-से गुड़ में मिलाकर भोजन करने के बाद कुछ दिन खाने से पाचन अग्नि तीव्र होती है और उदर रोग नष्ट हो जाते हैं ।
  • अमरूद में सौंठ डाल कर पीने से भोजन पचता है । भूख अच्छी लगती है । यह कमसे-कम दस दिन नित्य पीयें ।
  • तुलसी, काली मिर्च खाना खाने के बाद चबाने से अजीर्ण, मंदाग्नि ठीक होती है ।
  • भोजन करने के बाद कॉफी से चित्त प्रसन्न और हल्कापन महसूस होता है मानों कि पेट में कुछ खाया ही नहीं । खाने के बाद होने वाला पेट-दर्द, अफीम खाने से हुई तेज अपच, भोजन न पचने आदि में तेज कॉफी से स्फूर्ति आती है ।
  • अपच का घरेलू ईलाज करने के लिए हींग से बनी होम्योपैथिक मदर टिंचर की दस बूंद एक चम्मच पानी में मिलाकर पीने से बदहजमी ठीक होती है ।
  • लाल मिर्च से बनी होम्योपैथिक मदर टिंचर कैप्सिकम एनम की 5 बूंद एक चम्मच पानी में मिलाकर भोजन से पहले पीने से बदहजमी ठीक होती है ।
  • दालचीनी से भी अपच का घरेलू ईलाज किया जा सकता है इसलिए अजीर्ण होने पर दालचीनी, सौंठ, इलायची जरा-जरा-सी मिलाकर खाते रहने से लाभ होता है ।

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About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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