बालों में शैम्पू करने की विधि एवं सावधानियाँ

बालों में शैम्पू का प्रयोग  बालों को साफ करने के लिए सबसे अधिक होता है। सभी प्रकार के शैंपू बालों को धो देते हैं, परंतु यह जानना जरूरी होता है कि शैंपू इतना तेज नहीं होना चाहिए जो बालों की स्वाभाविक चिकनाई को ही खत्म कर दे। जैसा की हम सबको विदित है की बालों में शैम्पू का प्रयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि शैंपू का मुख्य कार्य बालों के ऊपर जमी धूल को साफ करना होता है। शैंपू बालों को स्वच्छ करता है। बालों की तैलीय या खुश्क प्रकृति के अनुसार बालों के लिए शैंपू का चुनाव करें। आजकल भिन्न-भिन्न कंपनियों के शैंपू बाजार में आ रहे हैं, जिन पर लिखा भी होता है कि किस प्रकृति के बालों के लिए यह शैंपू है। कभी भी सस्ते व घटिया शैंपू बाजार से न खरीदें। ये बालों को हानि पहुंचाते हैं। अच्छा शैंपू बालों को स्वच्छ, रेशमी, चमकीला व कोमल बनाए रखता है।

बालों में शैम्पू लगाना

बालों में शैम्पू प्रयोग करने के टिप्स  

  • बालों में शैम्पू का प्रयोग सदैव अपने बालों की प्रकृति को ध्यान में रखकर ही करें।
  • कभी भी शैंपू सीधे ही बालों में न डालें, इसे थोड़े-से पानी में डालकर ही लगाएं। बालों को पीछे करके ही धोना चाहिए।
  • ज्यादातर शैंपू पर पी.एच. फैक्टर युक्त लिखा होता है। यह शैंपू में स्थित अम्लीय और अल्काइन तत्त्वों के संतुलन को दर्शाता है।
  • बालों में शैम्पू का प्रयोग करने से पहले यह जान लें की पी.एच. फैक्टर के एक से कम होने पर अम्लीय तत्त्व ज्यादा होते हैं और एक से ज्यादा होने पर अल्कलाइन तत्त्व।
  • यदि बाल कमजोर, रूखे और बेजान, पर्म या कलर किए हुए हों तो पी.एच. फैक्टरयुक्त शैंपू ही लेना चाहिए। यदि आप अपनी बालों की प्रकृति समझ नहीं पा रही हैं तो सबसे माइल्ड शैंपू ही लें।
  • शैंपू का इस्तेमाल करने से पहले उसके निर्देशों को अवश्य पढ़ लें, क्योंकि बहुत-से शैंपू ऐसे होते हैं जिन्हें लगाकर उन्हें थोड़ी देर छोड़ना भी पड़ता है।
  • यदि नया शैंपू इस्तेमाल करना चाहें तो उसके गुण परखने के लिए पहले एक छोटी शीशी या सैशे लें। नियमित अंतराल पर शैंपू बदलते रहना चाहिए, क्योंकि कुछ समय बाद बालों पर शैंपू का प्रभाव खत्म-सा हो जाता है।
  • कुछ शैंपुओं में डिटरजेंट व अन्य तत्त्वों का सही मिश्रण होता है, जो बालों में से तेल निकालने का काम करता है। इन शैंपुओं के प्रयोग से बाल कम टूटते हैं।
  • बाल धोने के लिए शॉवर या नल के पानी का ही इस्तेमाल करें।
  • बालों को गीला करके अपनी उंगलियों के पोरों से जड़ों और बालों में शैंपू लगाएं।
  • बालों में शैम्पू करते समय हेयर लाइन की सफाई पर खास ध्यान दें, क्योंकि यह स्थान धूल और मेकअप से ज्यादा प्रभावित होता है।
  • जब तक सिर में से शैंपू अंशरहित न हो जाए तब तक सिर धोते रहें। यदि सिर में किसी तरह का घाव या चोट हो तो रासायनिक शैंपू का इस्तेमाल कभी भी न करें।
  • दो चम्मच रोजमेरी की सूखी पत्तियां, आधा लीटर पानी में आधे घंटे तक खौला लें। जब पानी ठंडा हो जाए तो पत्तियों को निकाल दें और बालों को उससे धोएं। यह रोजमेरी शैंपू कहलाता है।
  • एक कप रम में एक बड़ा-सा प्याज काटकर डाल दें व आठ दिन पड़ा रहने दें। आठ दिन बाद प्याज के टुकड़े रम में से निकाल दें अथवा रम छान लें। इसके बाद आठ अंडों का पीला भाग अच्छी तरह फेंटकर मिला दें व एक चम्मच लेनोलीन पाउडर मिला दें। यह एग शैंपू तैयार हो गया है।
  • बालों को रंगने या पर्म करवाने के बाद सामान्य शैंपू प्रयोग में न लें क्योंकि ऐसे बालों के लिए खास प्रकार के शैंपू आते हैं ।
  • यदि आपको अपने रूखे बालों के लिए सही शैंपू नहीं मिल रहा है तो बीयर, दही, चाय या बथुए के उबले पानी से सिर धोएं।
  • बाल धोने के बाद हमेशा अपनी कंघी और ब्रश को भी साफ करें, तभी अपने स्वच्छ बालों को संवारें।

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