किडनी रोग में डॉक्टरी जांचों की जानकारी ।

tests in kidney diseases

आधुनिक चिकित्सा पद्धति (Modern Medical Science) में प्रमाण आधारित चिकित्सा (Evidence Based Medicine) को अहमियत दी जाती है । रोगी के लक्षणों एवं शरीर की प्रारम्भिक जाँच (Clinical Examination) के बाद बनी सम्भावनाओं को सिद्ध करने के लिए रक्त, मूत्र, शरीर के चित्रांकन जाँचों (Imaging) आदि के द्वारा सबूत जुटाए जाते हैं एवं प्रायः पक्के

गुर्दा रोगों के ईलाज करने के विभिन्न तरीके (Treatment of Kidneys diseases)

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गुर्दा रोगों का इलाज, रोग प्रक्रिया के सटीक निदान, उसके कारण की पहचान तथा गम्भीरता की स्थिति पर निर्भर करता है । रोग की विशिष्ट पहचान के साथ-साथ उसकी तीव्रता या मात्रा का भी निर्णय चिकित्सक को करना पड़ता है । दूसरे शब्दों में, रोग की ‘क्वालिटी के साथ-साथ ‘क्वांटिटी’ का भी अनुमान लगाना होता

किडनी की पथरी कैसे बनती है? ईलाज एवं खानपान की जानकारी.

किडनी की पथरी

किडनी की पथरी की बात करें तो पेट के भीतर स्थित दो अंगों-गुर्दो एवं पित्ताशय (गॉल ब्लैडर) में पथरी का बनना आम बीमारी है । दोनों अंगों में पथरी बनने का कारण, उनके लक्षण और इलाज की विधियाँ पूर्णतया अलग-अलग होती हैं । इसलिए इस लेख से पहले हम पित्त की थैली की पथरी के

गर्भावस्था में किडनी में होने वाले परिवर्तन एवं बीमारियाँ

गर्भावस्था में किडनी

गर्भावस्था में किडनी की देखरेख की बात करें तो गर्भावस्था में गर्भाशय के बढ़ने तथा शिशु के विकास के कारण हृदय को लगभग 30-40 प्रतिशत ज्यादा काम करना पड़ता है, ठीक इसी प्रकार किडनी को भी 30-40 प्रतिशत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है । गर्भावस्था के दौरान स्त्री का वजन 8-12 किलोग्राम बढ़ता है ।

गुर्दा प्रत्यारोपण कैसे और किस किस से दान लेकर किया जा सकता है

गुर्दा प्रत्यारोपण

किसी भी व्यक्ति में गुर्दा प्रत्यारोपण की स्थिति तब बन सकती है जब बीमारी के कारण गुर्दा के बड़े अंश (85 प्रतिशत से ज्यादा) स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हों, और उनमें सुधार की कोई उम्मीद नहीं दिखाई दे रही हो | तब चिकित्सक व्यक्ति को नया गुर्दा लगाने की सलाह दे सकते हैं

दवाओं का किडनी पर दुष्प्रभाव (Side Effects of Medicines on kidneys)

दवाओं का किडनी पर दुष्प्रभाव

विभिन्न दवाओं के किडनी पर दुष्प्रभाव हो सकते हैं क्योंकि हमारे द्वारा सेवन की गई दवाओं की ज्यादातर मात्रा, मेटाबोलिज्म के द्वारा रूपांतरित हो शरीर के द्वारा उपयोग कर ली जाती है और नष्ट हो जाती है । जो अंश मेटाबोलिज्म के कारण नष्ट नहीं होता है, वह मात्रा प्रायः गुर्दो के द्वारा ही शरीर

किडनी रोग एवं मूत्र रोगों के लक्षण Symptoms of Kidney and Urinary Diseases.

किडनी रोग के लक्षण

किडनी रोग एवं मूत्र रोगों पर एक साथ बात करना इसलिए जरुरी हो जाता है क्योंकि किडनी एवं मूत्रवाहिनी उत्सर्जन तंत्र के दो प्रमुख भाग हैं | किडनी का काम खून की सफाई करके मूत्र बनने का होता है तथा मूत्राशय एवं मूत्रनली का कार्य मूत्र का संचयन करके उसे शरीर से बाहर निकालने का