गर्भवती स्त्री को कैल्शियम की आवश्यकता एवं महत्व

जब कोई स्त्री गर्भवती हो तो उसके स्वास्थ्य पर जन्म लेने वाला शिशु पूर्णतः निर्भर करता है । जन्म लेने के पश्चात दूध पीने की स्थिति में शिशु पूरी तरह मां के स्वास्थ्य पर ही निर्भर होता है । अच्छे स्वास्थ्य के लिए खुराक पर ध्यान देना आवश्यक है । इस खुराक में सही प्रकार

प्रसव के दौरान एवं तुरंत बाद में बरती जाने वाली सावधानियां

प्रसव के दौरान

प्रसव के दौरान हम तभी आवश्यक सावधानियों का अनुसरण कर पाएंगे जब हमें इसका ज्ञान होगा इसलिए सुरक्षित प्रसव कराने के लिए हमें सामान्य गर्भावस्था व सामान्य प्रसव के बारे में जानकारी होना आवश्यक है या यूं कहें कि High Risk Pregnancy, High Risk Factors का ज्ञान, प्रसव के दौरान होने वाली विषमताओं की पहचान

Ectopic Pregnancy in Hindi, अस्थानिक गर्भावस्था कारण लक्षण ईलाज

Ectopic Pregnancy

भ्रूण जब गर्भाशय के अंदर विकसित न होकर किसी और स्थान में विकसित  होने लगता है तो इस स्थिति को Ectopic Pregnancy कहते हैं | या इसे दूसरे शब्दों में इस तरह से भी कहा जा सकता है ”जब निषेचित डिम्ब गर्भाशय के बाहर रह कर वृद्धि करता है, तो उसे अस्थानिक गर्भ या Ectopic

गर्भावस्था में होने वाली सामान्य परेशानियाँ एवं इनसे बचने के उपाय

गर्भावस्था में सामान्य परेशानियाँ

गर्भावस्था में नीचे वर्णित परेशानियां होना सामान्य बात है । ये लक्षण आवश्यक नहीं है कि सभी स्त्रियों में समान हों । कुछ स्त्रियों में सभी लक्षण, कुछ में सीमित लक्षण पाये जाते हैं वे कुछ स्त्रियों में कोई भी लक्षण नहीं पाये जाते हैं । अतः इस संदर्भ में सभी स्त्रियों के अनुभव परस्पर

गर्भावस्था के महीने Pregnancy-month-by-month in Hindi.

गर्भावस्था पाँचवा महीना

महिलाओं के जीवन में गर्भावस्था एक सुखद अनुभव होता है इस स्थिति से भावनात्मक रूप से परिवार का हर एक सदस्य जुड़ा रहता है | क्योंकि महिला के गर्भवती होने पर परिवार का हर सदस्य कुछ न कुछ बनने वाला होता है कोई माता पिता बनने वाले होते हैं, तो कोई दादा दादी, कोई ताऊ

गर्भधारण से पहले देखभाल क्या क्या ध्यान रखना है जरुरी.

गर्भधारण से पहले

गर्भधारण से पहले देखभाल की जानकारी देने से पहले यह बता देना चाहेंगे की गर्भावस्था एक महत्वपूर्ण अवस्था व स्त्री के जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव भी है । यदि आप अपनी गर्भावस्था के विषय में योजना बना रही हैं, तो गर्भधारण करने से पहले आपको अपने स्वास्थ्य के विषय में समुचित ध्यान रखना होगा ।

गर्भधारण से पहले बच्चे का लिंग निर्धारण कैसे करें?

लिंग निर्धारण

लिंग निर्धारण से आशय यह जानने की प्रक्रिया से होता है की गर्भ में पलने वाली संतान लड़का है या लड़की | चूँकि हमारा देश भारतवर्ष प्राचीनकाल से ही पुरुष प्रधान देश रहा है इसलिए यहाँ हर घर में हर गर्भवती महिला से यही उम्मीद की जाती है की वह किसी लड़के को ही जन्म