खाँसी का घरेलू ईलाज 50 से भी ज्यादा घरेलू नुश्खे : Home Remedies for cough

खाँसी का घरेलू ईलाज के समबन्ध में यहाँ पर पचास से अधिक नुश्खों को समायोजित किया गया है | वैसे देखा जाय तो खाँसी अपने आप में कोई रोग नहीं होता है बल्कि यह अन्य रोगों से सम्बंधित एक लक्षण है |  खाँसी यदि लगतार बनी रहे तो यह शरीर में अन्य रोग पैदा कर सकती है । खाँसी के कारण दुर्बलता के अलावा गले, साँस की नलियों, फेफड़े एवं दिल की बीमारियाँ होने की आशंका होती है | फेफड़ों की टी.बी. एवं दमा में भी खाँसी प्रमुख लक्षण के रूप में उभरकर सामने आती है । जब तक खाँसी के मूल कारण वाली बीमारी का पूर्ण ईलाज न किया जाये तब तक केवल खाँसी की पेटेण्ट दवा से भले ही क्षणिक मिले किन्तु खांसी पूर्ण रूप से ठीक नहीं हो सकती है । उदहारण के लिए कहने का आशय यह है की यदि खांसी की वजह फेफड़ों का क्षय रोग है तो जब तक रोगी क्षय रोग की दवाइयां नहीं चलाएगा तब तक यह खांसी पूर्ण रूप से ठीक नहीं होगी | मुख्य रूप से खाँसी दो प्रकार की होती है सूखी एवं कफ वाली खांसी । सूखी खाँसी नई होती है एवं कठिनाई से थोड़ा-थोड़ा कच्चा थूक आता है, तथा कंफ वाली तर एवं जरा-सा खाँसने से ही कफ निकलता है । पुरानी खाँसी में हमेशा कफ होता है । गरम चीजे खाने-पीने से खाँसी कम चलती है । जुकाम खाँसी होने का प्रमुख कारण माना जा सकता है । अत: जुकाम में वर्णित भोज्य पदार्थ भी इसकी चिकित्सा में प्रयोग में लाये जा सकते हैं । खाँसी का घरेलू ईलाज की बात करें तो इसकी चिकित्सा के लिए निम्न खान -पान की चीजें अधिकाधिक प्रयोग करके खाँसी ठीक की जा सकती है | तो आइये जानते हैं कैसे कोई रोगी खांसी का रोगी निम्नलिखित घरेलू नुश्खों को अपनाकर खाँसी का घरेलू ईलाज कर सकता है |

खाँसी का घरेलू ईलाज

खांसी का घरेलू ईलाज करने के नुश्खे:

  • खाँसी में नीबू में काली मिर्च, नमक भरकर चूसने से लाभ होता है ।
  • खाँसी में गर्मी में ठण्डे पानी के साथ और सर्दी में गरम पानी से संतरे का रस पीने से भी लाभ होता है ।
  • पकी हुई सेब का रस निकाल कर मिश्री मिलाकर प्रात: पीते रहने से पुरानी खाँसी में लाभ होता है ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज करने के लिए आँवले को उपयोग में लाया जा सकता है इसके लिए पिसा हुआ आँवला एक चम्मच शहद में मिलाकर नित्य दो बार चाटें । दूसरा सूखी खाँसी में ताजे या सूखे आँवले को चटनी के साथ हरे धनिए की पत्तियाँ पीसकर सेवन करें । खाँसी में काफी आराम मिलेगा तथा कफ निकल जाएगा ।
  • अंगूर खाने से फेफड़ों को शक्ति मिलती है । कफ बाहर आ जाता है । ध्यान रखें अंगूर खाने के बाद पानी न पीयें ।
  • खाँसी में पालक के रस को हल्का-सा गर्म करके कुल्ले करने से भी लाभ होता है ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज के लिए शलगम को भी इस्तेमाल किया जा सकता है इसके लिए शलगम को पानी में उबाल कर इसके पानी को छानकर शक्कर मिला कर पी सकते हैं |
  • चार चम्मच दाना मेथी एक गिलास पानी में उबालें । आधा पानी रहने पर छानकर इसे गरम गरम ही पी जाएँ ।
  • जिस रोगी को पुरानी खांसी हो उन्हें अंजीर का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि यह पुरानी खाँसी वाले रोगी को लाभ पहुँचाता है, और बलगम को पतला करके बाहर निकालने में मदद करता है |
  • दूध में पाँच पीपल डालें, गर्म कर, शक्कर मिलाकर नित्य सुबह-शाम कुछ महीने पीयें |
  • ऐसे रोगी जिन्हें सर्दी लगकर खाँसी हो तो चार चम्मच तिल और इतनी ही मिश्री मिलाकर एक सामान में उबालें, जब आधा पानी रह जाये तो पी जायें । इस तरह इसे तीन बार नित्य पीयें ।
  • दालचीनी चूसते रहने से भी खाँसी में आराम महसूस होता है ।
  • एक भाग लौंग और दो भाग अनार के छिलके मिलाकर पीसकर इनका चौथाई चम्मच आधे चम्मच शहद में मिलाकर नित्य तीन बार चाटने से खाँसी ठीक हो जाती है ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज में सौफ का भी प्रयोग किया जा सकता है | दो चम्मच सौंफ, दो चम्मच अजवाइन, आधा किलो पानी में उबालकर दो चम्मच शहद मिलाकर छान लें । इसकी तीन चम्मच प्रति घण्टा पिलाने से बच्चों की खाँसी दूर हो जाती है ।
  • होम्योपैथी में लाल मिर्च से बनी औषधि कैप्सिकम एनम है । इसके मदर टिंचर की पाँच-पाँच बूंद गरम पानी में तीन बार नित्य पिलायें । विशेषकर कफ वाली खाँसी में यह लाभदायक है ।
  • अजवाइन खाकर गरम पानी पीने से खाँसी ठीक हो जाती है।
  • धनिया व मिश्री पीस कर समान मात्रा में दो चम्मच एक कप पानी (चावल भिगोया हुआ पानी) के साथ पिलाने से भी खांसी में लाभ होता है ।
  • खाँसी बार-बार चलती हो तो मिश्री का टुकड़ा मुँह में रखें ।
  • तेज खाँसी में बिना दूध की गर्म कॉफी पी सकते हैं ।
  • खाँसी बार-बार हो रही हो तो सेकी हुई हल्दी का टुकड़ा पान में डालकर खायें । और खाँसी रात को अधिक होती हो तो पान में अजवाइन डाल कर खायें । पान का पीक निगलते जायें ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज करने के लिए आठ भाग अनार का छिलका, एक भाग सेंधे नमक में पानी डालकर गोलियाँ बना लें । एक-एक गोली तीन बार चूसने से खाँसी ठीक हो जाती है ।
  • खाँसी में छोटी इलायची खाने से भी लाभ होता है ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज लहसुन से भी संभव है इसके लिए 62 ग्राम सरसों के तेल में लहसुन की गाँठ को साफ करके उसमें पकाकर रखें । इस तेल की सीने व गले पर मालिश करें । मुनक्का के साथ दिन में तीन बार लहसुन खायें । इस दौरान खटाई खाना छोड़ दें । दूसरा बीस बूंद लहसुन का रस अनार के शर्बत में मिलाकर पिलायें । हर प्रकार की खाँसी में लाभ होता है ।
  • रात को गर्म पानी पीकर सोने से खाँसी कम होती है ।
  • पोदीने की चाय में कुछ नमक डालकर पीने से खाँसी में लाभ होता है ।
  • 20 ग्राम गेहूँ, 9 ग्राम सेंधे नमक को एक गिलास पानी में औटा कर (Boiled) तिहाई पानी रहने पर छानकर पिलाने से सात दिन में खाँसी मिट जाती है ।
  • देशी घी और गुड़ आग पर गरम करें, पिघलने पर खिलायें । छाती पर घी और सेंधा नमक मिलाकर मालिश करें, इससे पुरानी खाँसी ठीक हो जाती है ।
  • बच्चों की खाँसी का घरेलू ईलाज सरसों के तेल से संभव है | बालक को खाँसी आती हो तो सीने पर सरसों के तेल की मालिश करें । गुदा (Rectum) पर भी तेल लगायें । श्वास हो, कफ जमा हो तो सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर मालिश करें ।
  • सर्दी ऋतु में गुड़ और काले तिल के लड्डु खाने से खाँसी, दमा, ब्रांकाइटिस दूर होती है ।
  • खाँसी, गले, सीने में घबराहट हो तो हल्दी, गरम पानी नमक घोलकर पिलायें । हल्दी का छोटा-सा टुकड़ा मुँह में रखकर चूसते रहें । खाँसी नहीं आयेगी ।
  • जिन व्यक्तियों को बार-बार खाँसी, जुकाम, सर्दी लग जाती है, वे थोड़े समय तक मौसमी का रस पीकर इससे स्थाई रूप से बच सकते हैं ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज मुनक्के से भी किया जा सकता है | खाँसी में मुनक्का लाभप्रद है । जुकाम बार-बार लगता हो, ठीक ही न होता हो तो 11 मुनक्का, 11 काली मिर्च, 5 बादाम भिगो कर छील लें । फिर इन सबको पीसकर 25 ग्राम मक्खन में मिलाकर रात को सोते समय खायें । प्रात: दूध में पीपल, काली मिर्च, सौंठ डालकर उबाला हुआ दूध पीयें । यह कई महीने करें । इससे जुकाम स्थाई रूप से ठीक हो जायेगा ।
  • आधा ग्राम पिसी हुई फिटकरी शहद में मिलाकर चाटने से दमा, खाँसी में आराम आता है ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज के लिए नारियल को भी उपयोग में लाया जा सकता है | सूखा नारियल कस कर बुरादा करके एक कप पानी में चौथाई नारियल दो घंटे भिगोयें । फिर छानकर नारियल का बुरादा निकाल कर पीसें । चटनी-सी बनने पर भिगोये हुए पानी में घोल कर पी जायें । इस प्रकार नित्य तीन बार यह पीयें । इससे खाँसी, फेफड़े के रोग, टी.बी. में लाभ होता है । शरीर पुष्ट होता है । इसके साथ नारियल भी खायें ।

काली मिर्च द्वारा खाँसी का घरेलू ईलाज:

  • खाँसी के दौरान काली मिर्च और मिश्री मुँह में रखने से गला खुल जाता है ।
  • पाँच काली मिर्च और चौथाई चम्मच पिसी हुई सौंठ को एक चम्मच शहद में मिलाकर सुबह शाम चाटने से कफ वाली खाँसी ठीक होती है ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज के लिए एक चम्मच पिसी हुई काली मिर्च साठ ग्राम गुड़ में मिलाकर गोलियाँ बना लें और आधी-आधी सुबह-शाम चूसें, ऐसा करने से हर प्रकार की खाँसी ठीक हो जाती है ।
  • काली मिर्च और मिश्री बराबर भाग में पीस लें । इसमें इतना घी मिला दें कि गोली बन जाये । इस गोली को मुँह में रख कर चूसें, ऐसा करने से भी हर प्रकार की खाँसी में लाभ होता है ।
  • दस-दस काली मिर्च पीस कर शहद में मिलाकर सुबह शाम चाटें । रात को गर्म दूध में दस पिसी हुई काली मिर्च डालकर पीयें ।
  • काली मिर्च का बनाया हुआ चूर्ण एक चम्मच गर्म घी में मिलाकर चाटने से सूखी खाँसी ठीक हो जाती है ।
  • खाँसी के दौरान दस काली मिर्च एक गिलास पानी में उबाल कर पीयें ।
  • गाजर के रस में मिश्री मिलाकर आँच पर गाढ़ा होने तक पकाएँ । इसमें पिसी कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर खाँसी के रोगी को खिलाने से कफ निकल जाता है ।

शहद से खांसी का घरेलू ईलाज:

  • एक नीबू पानी में उबालें फिर निकाल कर काँच के गिलास में निचोड़े । इसमें एक औंस ग्लिसरीन और तीन औंस शहद मिलाकर हिलायें । इसकी एक-एक चम्मच चार बार लेने से खाँसी होना बन्द हो जाती है ।
  • शहद खाँसी में आराम देता है । इसलिए शहद से खाँसी का घरेलू ईलाज करने का दूसरा उपाय यह है की 12 ग्राम शहद दिन में तीन बार चाटने से कफ निकल जाता है, खाँसी ठीक हो जाती है ।

अदरक से खाँसी का घरेलू ईलाज:

  • अदरक का रस 30 ग्राम गरम करके नित्य तीन बार दस दिन तक पीयें । खाँसी, दमा के लिए बहुत उपयोगी है । इस दौरान खटाई, दही का प्रयोग न करें ।
  • 12 ग्राम अदरक के टुकड़े करके एक गिलास पानी, दूध, शक्कर मिलाकर चाय की तरह उबाल कर पीने से खाँसी, जुकाम ठीक होता है ।
  • घी में गुड़ डालकर गरम करें । दोनों मिलकर एक होने पर 12 ग्राम पिसी हुई सौंठ डालें । यह एक खुराक है । प्रात: भूखे पेट नित्य सेवन से खाँसी जुकाम ठीक होता है ।
  • आठ काली मिर्च, स्वादानुसार नमक और गुड़, चौथाई चम्मच पिसी हुई सौंठ, एक गिलास पानी में उबालें । आधा रहने पर गर्म-गर्म सुहाता हुआ पीयें । खाँसी ठीक हो जायेगी ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज के लिए दस ग्राम अदरक को बारीक बारीक कतर कर कटोरी में रखें और 20 ग्राम गुड़ डाल कर आग पर रख दें । थोड़ी देर में गुड़ पिघलने लगेगा तब चम्मच से गुड़ को हिलाकर मिला लें । जब अच्छी तरह पिघल कर दोनों पदार्थ मिल जाएँ तब उतार लें । इसे थोड़ा गरम रहे तब 1 या 2 चम्मच चाटने से कफ युक्त खाँसी में आराम होता है ।
  • इसे खाने के एक घंटे बाद तक पानी नहीं पीना चाहिए या सोते समय चाटकर गुनगुने गर्म पानी में कुल्लाकर मुंह साफ करके सो जाना चाहिए । यह बहुत लाभप्रद उपाय है ।

तुलसी से खाँसी का घरेलू ईलाज:

  • ऐसी खाँसी हो जिससे छाती में दर्द हो, जीर्ण ज्वर हो, तो तुलसी के पत्तों के रस में मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होता है ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज के लिए पाँच लौंग भूनकर तुलसी के पत्तों के साथ चबाने से सब तरह की खाँसी ठीक हो जाती है । तुलसी की सूखी पत्तियाँ और मिश्री चार ग्राम की एक मात्रा, लेने से खाँसी और फेफड़ों की घबराहट दूर होती है ।
  • तुलसी के पत्ते और काली मिर्च समान भाग लेकर पीस लें । एक गोली चार बार दें । बलगम बाहर हो जाता है ।
  • तुलसी की 12 ग्राम हरी पत्तियों का काढ़ा (Decoction) बनाकर उसमें चीनी एवं दूध मिलाकर पीने से खाँसी व छाती का दर्द दूर होता है ।
  • तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर पिलाने से भी खाँसी में लाभ होता है ।
  • 3 ग्राम तुलसी का रस, 6 ग्राम मिश्री, 3 काली मिर्च मिलाकर लेने से छाती की जकड़न, पुराने बुखार और खाँसी में लाभ होता है ।
  • ज्वर, खाँसी, श्वास रोग में तुलसी की पत्तियों का रस तीन ग्राम, अदरक का रस तीन ग्राम, शहद 5 ग्राम मिलाकर सुबह-शाम चाटें, लाभ होगा ।
  • खाँसी का घरेलू ईलाज के इस उपाय में तुलसी के सूखे पत्तियों का इस्तेमाल कुछ और चीजों के साथ किया जा सकता है | जुकाम, खाँसी, गलशोथ,इत्यादि के कारण फेफड़ों में कफ जमा हो तो तुलसी के सूखे पत्ते, कत्था, कपूर और इलायची बराबर भाग, नौ गुनी शक्कर लेकर सबको बारीक पीस लें । यह होम्योपैथी का 1x विचूर्ण (Trituration) बन जाता है । इसे चुटकी भर सुबह-शाम सेवन करने से जमा हुआ कफ निकल जाता है ।

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About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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