टॉनिक के नियमित सेवन से बचें, वरना हो सकते हैं ये नुकसान.

टॉनिक के नियमित सेवन का प्रचलन वर्तमान में बढ़ता जा रहा है क्योंकि वर्तमान में सबकी जिंदगी भाग-दौड़, चकाचौंध एवं कृत्रिम शैलियों पर निर्भर है | ऐसे में इस जीवन में अपनी सेहत या हेल्थ कायम रखने के लिए लोग टॉनिक के नाम से मिलने वाली रंगबिरंगी गोलियों, कैप्सूलों और सीरप इत्यादि की शीशियों में पैक हुई दवाओं पर बड़ी तीव्र गति से निर्भर होते जा रहे हैं । टॉनिक के नियमित सेवन करने के पीछे लोगों का मानना होता है कि इनके नियमित सेवन करने से शरीर में शक्ति और उत्साह पैदा होकर सेहत बनती है । जबकि वास्तविकता इससे कुछ भिन्न है अर्थात सच्चाई तो यह है कि इन टॉनिकों से उतना फायदा नहीं होता है, जितना इनका प्रचार प्रसार किया जाता है । दूसरा, यदि इनसे कुछ फायदा होता भी है, तो उसके ढेर सारे दुष्प्रभाव (Side Effects) भी होते हैं । किसी भी मनुष्य द्वारा आवश्यकता से अधिक विटामिंस, हार्मोंस, आयरन, ग्लिसरोफास्फेट्स, अल्कोहल इत्यादि का सेवन करने से शरीर में विषाक्त लक्षण भी पैदा हो सकते हैं ।

टॉनिक के नियमित सेवन से नुकसान

टॉनिक के नियमित सेवन से होने वाले नुकसान:

टॉनिक के नियमित सेवन से होने वाले नुकसानों की लिस्ट निम्नवत है चूँकि एक टॉनिक अनेकों विटामिन मिनरल युक्त होती है इसलिए इनका उल्लेख इसी प्रकार निम्नवत है |

  • ध्यान रहे विटामिन ‘ए की नियमित तौर पर अधिक मात्रा लेते रहने से ‘हाइपर विटामिनोसिस ए’ रोग होने की आशंका होती है | इस रोग से गुर्दे और तिल्ली क्षतिग्रस्त होने लगते हैं । हड्डियों में धीरे-धीरे सूजन बढ़ती चली जाती है और उनकी क्षति होने लगती है । अधिक सेवन से बाद में भूख न लगना, अपच, अनिद्रा, घबराहट की शिकायतें इत्यादि होने लगती हैं ।
  • लुधियाना के एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा एक स्टडी की गई जिसमे यह पता चला की पानी में घुलने वाले विटामिन जैसे-बी कांपलेक्स और विटामिन सी स्वास्थ्य पर विपरीत असर भी करते हैं ।
  • इसके अलावा विटामिन बी-1 युक्त टॉनिक के नियमित सेवन से एलर्जी, अनिद्रा, सिर दर्द और हृदय की धड़कन में तेजी जैसी शिकायतें सामने आई हैं ।
  • इसी प्रकार विटामिन बी-3 के अधिक उपयोग से दस्त लगना, शरीर में पानी, जमा होना या न्युरो मस्क्युलर अवरोध हो जाता है ।
  • विटामिन बी-6 की अधिक मात्रा सेवन करने से नाड़ी तंत्र को नुकसान पहुंचता है । गर्भवती महिलाओं को गर्भपात होने का खतरा भी हो सकता है ।
  • एक अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने अध्यन किया तो पाया की 500 मिलीग्राम विटामिन सी का प्रतिदिन सेवन करने वाले अधेड़ उम्र के लोगों के हृदय की धमनियां सामान्य लोगों की तुलना में ढाई गुना तेजी से मोटी होती हैं ।
  • शोधकर्ताओं ने पाया कि धूम्रपान करने वालों के मामले में उपर्युक्त दर पांच गुनी तेज थी । विटामिन सी का काम कोशिकाओं को नष्ट होने से रोकना है, लेकिन हारवर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के डॉ. मीर स्टॅफर के अनुसार लौह तत्वों की उपस्थिति में विटामिन सी कोशिकाओं को नष्ट भी कर सकता है ।
  • इसके अलावा विटामिन सी युक्त टॉनिक के नियमित सेवन से मूत्र में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है । यहां तक कि गुर्दे में पथरी भी बन सकती है ।
  • इसी प्रकार विटामिन ‘डी’ की अधिकता से गुर्दे में पथरी, उलटी, मितली, पेट में दर्द, प्यास की अधिकता, भूख की कमी और कब्जियत की शिकायत उत्पन्न होने लगती है ।
  • विटामिन ‘ई’ से युक्त टॉनिक के नियमित सेवन या अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर की विटामिन ‘ए’ तथा ‘के’ को सोखने की क्षमता कम हो जाती है । इससे रक्त का पतला होना और असामान्य रक्तस्राव होने का खतरा बढ़ जाता है ।
  • इसके अलावा मितली, सिर दर्द, चक्कर आने की शिकायतें होती हैं । 15 मिलीग्राम फोलिक एसिड अगर रोज खाया जाए, तो इससे चिड़चिड़ापन तथा अनिद्रा रोग हो जाता है ।
  • नायसिन युक्त टॉनिक के नियमित सेवन से या अधिक प्रयोग से उलटी, पेट दर्द और दस्त की शिकायतें सामने आई हैं । अगर दमा के मरीजको यह दिया जाए, तो सांस लेने में कठिनाई होती है ।
  • नायसिन युक्त टॉनिक के नियमित सेवन से यकृत के रोग तथा त्वचा पर खुजली आदि का खतरा भी रहता है ।
  • फिनलैंड के वैज्ञानिकों के मतानुसार शरीर में एकत्रित लौह की अधिक मात्रा हृदय के लिए घातक हो सकती है । इन वैज्ञानिकों के अनुसार हृदयाघात का सबसे बड़ा कारण धूम्रपान माना जाए, तो दूसरा बड़ा कारण शरीर में एकत्रित लौह है । शरीर में लौह तत्व ज्यादा होने से हीमोक्रोमेटोसिस नामक बीमारी हो जाती है ।
  • इसके अलावा सिरोसिस ऑफ लीवर, गठिया, शुक्राणुओं की कमी, हाजमा बिगड़ना, आमाशय में पीड़ा, वमन आदि तकलीफें भी हो सकती हैं ।

शरीर में हारमोंस अधिक होने के नुकसान:

  • टॉनिक के नियमित सेवन से शरीर में हारमोंस की मात्रा बढ़ सकती है अर्थात हारमोंस की अधिकता हो सकती है |
  • शरीर में हारमोंस की अधिकता के कारण ग्लिसरोफास्फेट्स के विषाक्त लक्षण धीरे-धीरे प्रकट होते हैं ।
  • आमाशय व आंत्र शोथ तथा यकृत की विकृति ग्लिसरोफास्फेट्स के आधिक्य से होती है । हार्मोस युक्त टॉनिक के नियमित सेवन से या इनके अधिक प्रयोग करने से महिलाओं को दाढ़ी-मूंछ आने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है ।
  • भूख बढ़ाने में स्ट्रिकनीन का प्रयोग करने से शारीरिक दुष्प्रभाव सामने आते हैं ।
  • ध्यान रहे वजन बढ़ाने के लिए एनाबलिक स्टेरायड युक्त टॉनिक के नियमित सेवन से गुर्दे संबंधी अनेक विकार उत्पन्न हो जाते हैं ।
  • अधिक मात्रा में कैल्शियम लेते रहने से किडनी में पथरी होने का खतरा पैदा हो जाता है । जिंक की अधिकता से पेट में दर्द, गैस की तकलीफ, प्रतिरोधक क्षमता में कमी, उलटी होना, किडनी फेल होना आदि दुष्परिणाम हो सकते हैं ।

उपर्युक्त लिस्ट से स्पष्ट है की टॉनिक के नियमित सेवन से अनेकों दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं इसलिए बिना आवश्यकता के एवं बिना किसी डॉक्टरी परामर्श के टॉनिकों का नियमित सेवन करने से हमेशा बचना चाहिए ।

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