Electrocardiogram (ECG) टेस्ट क्या है? क्यों किया जाता है.

Electrocardiogram (ECG) को EKG भी कहा जाता है यह परीक्षण त्वचा के विद्युत् चालकों से एक निश्चित समय के लिए ह्रदय की विद्युत क्रियाकलाप को बाहर से रिकॉर्ड किये जाने की प्रक्रिया है | Electrocardiogram नामक इस शब्द की उत्पति ग्रीक भाषा के शब्द Electro एवं Cardio को मिलकर हुई है | जहाँ इलेक्ट्रो का अर्थ विद्युत एवं कार्डियो का अर्थ ह्रदय से लगाया जा सकता है | ह्रदय की प्रत्येक धड़कन के साथ विद्युत् की गति ह्रदय से होकर गुजरती है इसी विद्युत् की उत्तेजना से ह्रदय की मांसपेशियां संकुचित होकर ह्रदय को रक्त प्रवाहित करती हैं | Electrocardiogram नामक यह टेस्ट ह्रदय के असमान्य तलों की माप एवं निदान करने का सर्वोत्तम तरीका है जिसे एक विद्युत्हृतलेखी उपकरण द्वारा अंजाम तक पहुँचाया जाता है |

Electrocardiogram-ECG test

ECG Medical Test क्यों किया जाता है:

चिकित्सक निम्न कारणों से ECG करने की सलाह दे सकते हैं |

  • यदि किसी व्यक्ति के बायीं ओर सीने में दर्द हो रहा हो |
  • यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर उच्च या कम हो जा रहा हो |
  • यदि किसी व्यक्ति को घबराहट जैसी शिकायत हो रही हो |
  • डॉक्टर को दिल की धड़कन सुनते वक्त कोई असमान्य ध्वनि सुनाई दे रही हो |
  • यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही हो |

Electrocardiogram Test करने से डॉक्टर को क्या पता चलेगा?

ECG नामक परीक्षण करके चिकित्सक को ह्रदय की विभिन्न स्थितियों का पता चलेगा |

  • ह्रदय में विद्युत् आवेग की क्या स्थिति है अर्थात यह धीमा है, तेज है या फिर सामान्य है |
  • कहीं ह्रदय बड़ा तो नहीं है और इसे सामान्य से अधिक कार्य तो नहीं करना पड़ रहा है |
  • कहीं कभी दिल का दौरा पड़ने के दौरान ह्रदय की किसी धमनी को कोई नुकसान तो नहीं पहुंचा है |
  • हृदय वाल्व में किसी प्रकार की कोई खराबी तो नहीं है |

ECG Test से पूर्व कोई तैयारी चाहिए?

हाँ ECG test से पहले बहुत सारी सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है ताकि परीक्षण प्रभावित न हो सके |

  • ECG test के तुरंत पहले या व्यायाम करने के तुरंत बाद ECG test नहीं कराना चाहिए क्योंकि व्यायाम दिलक की धड़कन की गति को बदल सकता है |
  • ECG test के तुरंत पहले ठंडा पानी पीने से भी बचना चाहिए क्योंकि यह टेस्ट के रिकॉर्ड में परिवर्तन कर सकता है |
  • ऐसे लोग जो नियमित तौर पर दवाई का उपयोग करते हों उसके बारे में अपने चिकित्सक को टेस्ट से पहले अवश्य बताएं |
  • जिस दिन परीक्षण होना हो उस दिन किसी लोशन इत्यादि का उपयोग न करें क्योंकि लोशन से हो सकता है की Electrodes नामक चिपकने वाले पैड चिपके नहीं |
  • सामने की तरफ बटन वाली कमीज पहनने से व्यक्ति को सिर्फ कमीज के बटन खोलने की आवश्यकता हो सकती है जबकि अन्य प्रकार की कमीज पहनने पर पूरी कमीज ही उतरनी पड़ सकती है इसलिए कोशिश करें की ऐसी कमीज पहने जिसके सामने के तरफ बटन हों |

ईसीजी टेस्ट के दौरान क्या होता है? (During The test):

  • इस परीक्षण के दौरान अपने पास मोबाइल, गहने, सिक्के एवं चाबी इत्यादि न रखें |
  • ईसीजी टेस्ट के दौरान अपने मस्तिष्क में किसी प्रकार की कोई चिंता एवं डर न आने दें | क्योंकि चिंता एवं भय के कारण ब्लड प्रेशर एवं ह्रदय की गति बढ़ सकती है |
  • इस परीक्षण के दौरान रोगी को टेबल पर लिटाया जाता है |
  • कुछ स्थिति में यदि पुरुषों के सीने में बहुत अधिक बाल हैं तो काटे जा सकते हैं |
  • रोगी के सीने में, बाहों में, टांगों में Electrodes नामक चिपकने वाले पैड लगाये जा सकते हैं |
  • उन पैड को ECG Machine की और जाने वाले तारों से जोड़ दिया जाता है |
  • उसके बाद मशीन रोगी के ह्रदय के क्रियाकलाप को रिकॉर्ड करने लगती है इस बीच रोगी को चाहिए की वह बिना हिले डूले पड़ा रहे |
  • यह दर्दरहित परीक्षण है और जब परीक्षण पूरा हो जाता है तो शरीर से पैड हटा लिए जाते हैं |

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