फिशर के कारण, लक्षण, ईलाज, मिथक एवं तथ्य |

अक्सर होता क्या है की गुदा अर्थात मलद्वार में होने वाले रोगों को फिस्टुला या बवासीर समझा जाता है जबकि फिशर अर्थात गुदाचीर इनसे भिन्न ही मलद्वार की एक बीमारी है | इससे अनेक भाषाओँ जैसे अंग्रेजी में Fissure तो हिन्दी में गुदाचीर तथा संस्कृत में इसे अर्श के नाम से भी जाना जाता है जिसका शाब्दिक अर्थ रोग होता है ऐसा रोग जो शत्रु के समान व्यक्ति को हमेशा कष्ट देता रहे यह इसलिए कहा गया है क्योंकि इस रोग अर्थात बीमारी से ग्रसित रोगी को अत्याधिक दर्द होता रहता है सबसे सामान्य एवं बहु प्रचलित भाषा में इसे सूखी बवासीर के नाम से भी पहचाना जाता है ।
फिशर Fissure-in-Ano

फिशर क्या होता है (What is Fissure in Hindi):

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की गुदा के हर प्रकार के रोग को आम तौर पर बवासीर या पाइल्स ही समझ लिया जाता है लेकिन फिशर इन रोगों से भिन्न होता है जिसे गुदाचीर भी कहते हैं | इस बीमारी में मलद्वार के आस पास के क्षेत्र में चीरा उभर के आ जाता है जिसे Fissure in Ano कहते हैं | हमारे द्वारा लिखे जाने वाले इस लेख का उद्देश्य आम जन मानस को गुदा क्षेत्र से संबंधित Fissure in Ano की सामान्य जानकारी हिन्दी में देने का है  ताकि वह इन रोगों के लक्षणों को पहचान सके और समय पर उसका ट्रीटमेंट अर्थात ईलाज करा सकें । लोगों में फिशर अर्थात गुदाचीर के बारे में मिथक व्याप्त न हों अपने इसी उद्देश्य के वशीभूत होकर हम इस रोग के बारे में लिखने का प्रयास कर रहे हैं |

फिशर होने के कारण (Cause of fissure in Ano):

जहाँ तक इस रोग के होने का मुख्य कारण है वह है मल अर्थात शौंच का कड़ा अर्थात सख्त रहना, यह रोग प्राय 15 से 60 वर्ष की आयु वर्ग में अधिक देखने को मिलता है । लेकिन छोटे बच्चे अर्थात 1 से 3 वर्ष की उम्र के बच्चे भी इससे अछूते नहीं रहते हैं । और अधिकतर ऐसा भी देखा गया है की पुरूषों की अपेक्षा स्त्रियों में यह रोग अधिक पाया जाता है | सख्त अर्थात कड़े मल के दबाव में इस क्षेत्र में खून का दौरा बेहद कम हो जाता है तथा अंदर की लाईनिंग (Mucosa) भी प्रभावित होती है । ऐसी  दोनों अवस्थाओं में गुदा के द्वार पर जख्म बन जाता है । गर्भावस्था में गर्भाशय के प्रेशर की वजह से भी इस रोग अर्थात फिशर के होने की संभावना ज्यादा हो जाती है । डिलीवरी के समय यदि पेरनियम को उचित स्पोर्ट न मिले तो भी Mucosa डैमेज हो सकता है जिसके कारण फिशर अर्थात गुदाचीर नामक इस रोग का जन्म हो सकता है | दवाईयों के दुष्प्रभाव, थाईराईड डीजीज (myxedema) तथा पेट के अन्य रोगों के कारण भी हो सकता है। आधुनिक भागदौड की जीवन पद्यति जहाँ किसी के पास खाना खाने तक का उचित समय नहीं है | ऐसे में लोग फास्ट फूडज, तेज मिर्च मसाले तथा मैदे से बने खाद्य पदार्थ की ओर अग्रसित होते हैं जो की इस रोग अर्थात Fissure को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं |

फिशर होने के लक्षण (Symptoms of Fissure in Ano):

फिशर होने के कुछ मुख्य लक्षण इस प्रकार से हैं |

  • Fissure नामक इस बीमारी से ग्रसित रोगी को मलद्वार के पास तथा अंदर
  • अचानक तेज दर्द उठता है ।
  • हालांकि इस प्रकार का यह दर्द प्राय: शौच के समय शुरू होता है । और इस दर्द की अवधि कुछ सैकेंड से कुछ घण्टे तक भी हो सकती है ।
  • यह बेहद असहनीय दर्द होता है इसलिए ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि शरीर का कोई अंग कट गया हो या उसमें शूल या कांटे जैसी वस्तु अटक गई हो ।
  • इसका एक लक्षण यह भी है की, फिशर से पीड़ित व्यक्ति को इस क्षेत्र में खुजली, बेचैनी, मवाद, पतले पानी जैसे पदार्थ का रिसाव भी हो सकता है ।
  • कुछ Fissure से पीड़ित रोगियों को मल के साथ खून भी आ सकता है ।

फिशर से पीड़ित व्यक्ति को क्या करना चाहिए

ऐसे रोगी को जिनमें ऊपर उल्लेखित कोई भी लक्षण हो तो उन्हें शल्य चिकित्सक (General Surgeon) से परामर्श लेना चाहिए, विशेषकर ऐसे सर्जन से जिनकी रूचि एवं अनुभव मलद्वार के रोगों के इलाज में बहुत अच्छा रहा हो । सर्जन, द्वारा रोगी का परीक्षण करने के बावजूद इस रोग अर्थात फिशर का निदान किया जाता है । कुछ परिस्थतियों में, निदान के लिए अन्य जांचों की आवश्यकता पड़ सकती है । यह स्थिति तब पैदा हो सकती है जब फिशर के साथ अन्य रोगों का संदेह हो इसलिए एक सर्जन ही इस रोग के ईलाज के बारे में सलाह दे सकता है अत: उपर्युक्त लक्षण दिखने पर व्यक्ति को सर्जन से अवश्य मिलना चाहिए ।

फिशर का ईलाज (Treatment of fissure in Ano Hindi):

गुदाचीर नामक इस बीमारी का ईलाज दवाओं एवं सर्जरी दोनों के माध्यम से सम्भव है लेकिन रोग की स्थिति को देखते हुए किस व्यक्ति के लिए कौन सा उपचार उचित होगा यह तो एक सर्जन ही रोगी को देखकर बता पाएंगे |

फिशर का दवाइयों द्वारा ईलाज (Fissure Treatment Through Medicine):

रोग के शुरूआती दौर अर्थात शुरू की अवस्था में फिशर का इलाज दवाईयों से भी संभव है लेकिन इसके लिए उचित परीक्षण होना आवश्यक है । दवाइयों द्वारा ईलाज शुरू करने पर चिकित्सक द्वारा मलद्वार पर लगाने की अनेक दवाइयां जैसे Nitrogesic Cream, Faktu Cream तथा Xylocain 0int इत्यादि का प्रयोग किया जा सकता है । चिकित्सक द्वारा इन क्रीम को मलद्वार के किनारे से जख्म के अंदर तक शौच जाने से पहले तथा बाद में लगाने की सलाह दी जा सकती है । किस रोगी के लिए कौन सी क्रीम ज्यादा उपयोगी रहेगी यह निर्णय चिकित्सक द्वारा रोग की अवस्था के आधार पर लिया जाता है । इसके अलावा यदि रोगी का रोग ज्यादा बढ़ चुका है तो चिकित्सक द्वारा Dobesil “H Cream, Smuth Cream, Annovate Cream इत्यादि भी एडवाइस की जा सकती हैं लेकिन यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है की इन सभी क्रीम में steroids मौजूद रहते हैं  इसलिए बिना चिकित्सक की राय के इनका प्रयोग नहीं करना चाहिए | विशेषकर ऐसे रोगियों को जिन्हें डायबिडिटीज अर्थात शूगर का रोग पहले से  हो । यहां एक अन्य महत्वपूर्ण तथ्य का उल्लेख करना जरूरी है, वह तथ्य यह है कि बाजार में विज्ञापनों के सहारे बिकने वाली दर्जनों क्रीमों में अधिकतर मात्रा में स्टीराइडज होती है । इसलिए fissure से ग्रसित रोगियों को विज्ञापनों से आकर्षित होकर इनका प्रयोग कतई नहीं करना चाहिए । क्योंकि इनके उपयोग से ये रोगी के रोग के लक्षणों को ठीक करने की बजाए कुछ समय के लिए शांत कर देती है और रोगी सोचता है कि उसका रोग ठीक हो गया है | जबकि वास्तविकता ठीक इसके विपरीत होती है, अर्थात रोग शांत जरुर हो जाता है लेकिन पूर्ण रूप से ठीक नहीं हो पाता | फिशर अर्थात गुदाचीर के बहुत रोगी ऐसे भी होते हैं जो वर्षों तक अपना काम इन क्रीमों के सहारे चलाते रहते हैं तथा जब रोग आखिरी अवस्था में पहुंच जाता है तब कुशल सर्जन के पास पहुंचते हैं । ऐसी स्थिति में  ऊतकों की जांच अर्थात Biopsy करने पर, जांच के परिणाम हैरत में डालने वाले हो सकते तब चिकित्सक के सामने ऐसी स्थिति आती है  जैसे कि वास्तविक रोग गुदाचीर या फिशर था ही नहीं । बायोप्सी की जांच में सामने आता है की वह बीमारी कैंसर, टी.बी.,Fungal Infection या अन्य बीमारी थी जोकि लम्बे समय तक पहचान में नहीं आने के कारण इस मुकाम तक पहुचं गई । Fissure का दवाइयों से ईलाज करते वक्त चिकित्सक द्वारा लगाने की दवाईयों के अलावा, कब्ज दूर करने की दवाईयां जैसे कि Creamoffin Liquid, Naturolax Powder, Dupholac Lq, Agarol Lq इत्यादि भी दी जा सकती हैं | हालांकि यह कितनी दी जाएँगी इसका निर्धारण चिकित्सक द्वारा रोगी की कब्ज की स्थिति को देखते हुए किया जाता है । फिशर यानिकी गुदाचीर के ईलाज में दर्द निवारक तथा संक्रमण को दूर करने की दवाएं भी अहम भूमिका निभाती है, लेकिन ध्यान रहे इनका प्रयोग केवल सीमित समय तक ही करना चाहिए ।

आपरेशन द्वारा फिशर का ईलाज (Fissure Treatment by Surgery)

गुदाचीर के ऐसे रोगी जिन्हें दवाओं से आराम नहीं मिलता है या फिर फिशर हुए डेढ़ महीने से अधिक हो गया हो तो उसे Chronic Fissure कहा जाता है | इसके अलावा यदि फिशर के साथ मस्सों वाली खूनी बवासीर भी हो तो ऐसे रोगियों के लिए आपरेशन अर्थात सर्जरी ही सर्वोत्तम ईलाज है । इस तरह का ऑपरेशन तीन विधियों से किया जा सकता है लेकिन आपरेशन की विधि का चुनाव सर्जन द्वारा रोगी की अवस्था तथा अपने अनुभव के आधार पर लिया जाता है तीन प्रकार के ऑपरेशन की लिस्ट इस प्रकार से है |

  1. डायलेटेशन (dilatation) : इस प्रक्रिया को करने में मलद्वार के रिंग को स्ट्रैच करके कुछ ढीला कर दिया जाता है ।
  2. स्फीक्ट्ररोटमी (sphincterotomy) : इस क्रिया को करने में मलद्वार के रिंग में छोटा सा कट लगाया जाता है ताकि रिंग मामूली सी ढीली हो जाए ।
  3. फिशरैक्टमी (fissurectomy) : इस प्रक्रिया को अंजाम तक पहुँचाने के लिए फिशर की सतह पर ही रिंग के कुछ उतकों को काट दिया जाता है ।

मिथक तथा तथ्य (Myth and facts):

इस रोग अर्थात फिशर से संबंधित मिथक व तथ्य इस प्रकार हैं |

मिथक 1 : इस रोग के बारे में पहला मिथक यह है की यह रोग अप्राकृतिक यौन क्रिया से होता है, अर्थात यह एक गुप्त रोग है |

 तथ्य : कुछ विशेष परिस्थतियों को छोड़कर, अधिकतर परिस्थतियों में इस रोग का यौन क्रिया से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है ।

मिथक 2 : यह एक ऐसा रोग है जिसका ईलाज संभव नहीं है अर्थात यह एक लाईलाज बीमारी  है ?

तथ्य : नहीं ऐसा बिलकुल भी नहीं है, शुरूआती अवशता में तो फिशर को केवल दवाईयों से ही ठीक किया जा सकता है |इसलिए अधिकतर पुराने या बार-बार होने की स्थिति में ही आपरेशन की जरूरत पड़ती है । फिशर अर्थात गुदाचीर का आधुनिक चिकित्सा पद्धति में सफल ईलाज उपलब्ध है इसलिए यह एक लाईलाज बीमारी बिलकुल नहीं है ।

मिथक 3 : इस बीमारी के आपरेशन के बाद भी दुबारा होने की संभावना अधिक होती है |

तथ्य:  हालांकि इस रोग को कुछ परिस्थतियों में दुबारा होने की संभावना होती है | लेकिन अधिकतर लोगों में ऑपरेशन के बाद यह रोग दुबारा नहीं होता है | यह रोग दुबारा न हो इसके लिए जरूरी यह है कि रोगी, सर्जन के निर्देशानुसार खानपान तथा अपनी जीवन शैली में बदलाव लाए ।

मिथक 4 :  फिशर का स्थायी ईलाज केवल एक इंजेक्शन मात्र से चंद मिनटों में देसी तरीके से संभव है ?

तथ्य : हालांकि यह दावा किया जाता रहा है लेकिन इस दावे के पीछे कोई प्रमाणिक वैज्ञानिक पद्धति नहीं है । इस तरह के टीकों के दुष्प्रभाव कई बार इतने गंभीर हो सकते हैं कि रोगी की जान को भी खतरा हो सकता है । यदि हम मार्डन वैज्ञानिक पद्धति की बात करें तो इसमें  टीका केवल खूनी बवासीर में ही उपयोगी होता है तथा उसे गुदा के अंदर एक विशेष यंत्र (Proctoscope) की सहायता से सर्जन द्वारा पूर्ण रूप से बैक्टीरिया रहित तकनीक से आपरेशन थियेटर में ही लगाया जाता है । इस टीके को भी रोगी की आवश्यकतानुसार अलग अलग मस्से में पांच से सात दिन के अन्तराल के बाद दिया जाता है इस प्रक्रिया में किसी तरह का दर्द नहीं होता है क्योंकि इस स्थान पर local anesthesia दिया जाता है |

फिशर के साथ अन्य रोग :

Fissure यानिकी गुदाचीर अन्य रोगों जैसे कि गुदा कैंसर, Crohn’s disease, गुदा की टीबी इत्यादि के साथ भी हो सकता है, इन बीमारियों का पता Biopsy  जिसमे उतकों के एक छोटे से  भाग को लैबोरेटरी में टैस्ट किया जाता है | उसके बाद सर्जन द्वारा Histopathology प्रक्रिया जिसमे रोग के कारण उतकों में बदलाव का पता लगाया जा सकता है | इसके बारे में केवल एक कुशल सर्जन ही परामर्श दे सकता है, मधुमेह के रोगियों में फिशर में संक्रमण होने तथा भगंदर में तब्दील होने की अधिक संभावना होती है । यदि किसी रोगी में फिशर तथा बवासीर दोनों रोग एक साथ हैं तो ऐसे रोगियों में बिना आपरेशन वाली पद्यति कामयाब नहीं होती हैं ।

फिशर अर्थात गुदाचीर न हो इसके लिए खान पान कैसा हो :

Fissure न हो इसके लिए खानपान में सावधानी अत्यंत महत्वपूर्ण है । इसके लिए तेज मिर्च मसाले, मैदे से बने खाद्य पदार्थ, Fast Foods का सेवन बेहद कम करना चाहिए । कब्ज न हो इसके लिए प्रतिदिन रूचि तथा मौसम के अनुसार 3 से 4 लीटर पानी पीना आवश्यक है । हरी सब्जियां, फल एवं सलाद का नियमित प्रयोग करना चाहिए । मासांहार तथा शराब के सेवन से जितना हो सके परहेज करना चाहिए, सुबह या शाम की सैर को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए । Fissure नामक इस रोग के लक्षणों की पहचान शुरू की अवस्था में होना जरुरी है इसलिए हर व्यक्ति को इसके प्रति सचेत रहना चाहिए ।
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यदि किसी व्यक्ति को गुदाचीर अर्थात फिशर नामक यह बीमारी है तो उसे लापरवाही नहीं करनी चाहिए क्योंकि लापरवाही करने से रोग बढ़ता है नीम हकीमों के बहकावे में आकर समय तथा धन की बर्बादी भी नहीं करनी चाहिए । जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की Fissure कोई गुप्तरोग नहीं है इसलिए इसे छुपाए नहीं, बल्कि अच्छे सर्जन से निरीक्षण करवाकर पूर्ण इलाज करवाएं आधे-अधूरे इलाज से भी इसमें संक्रमण हो सकता है तथा आगे चलकर इसमें मवाद भर सकता है तथा यह भगंदर का रूप धारण कर सकता है |

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49 thoughts on “फिशर के कारण, लक्षण, ईलाज, मिथक एवं तथ्य |

    1. राज जी,
      फ़ास्ट फ़ूड, तेज मिर्च मसाले, भारी एवं गरिष्ठ भोजन, मांस, मदिरा से परहेज एवं पानी अधिक पीने की आदत डालें | हरी सब्जियां, फलों एवं सलाद को नियमित तौर पर अपने भोजन का हिस्सा बनायें |

  1. Sir namaskar Mera Ek Bar anal fissure operation ho chuka hai operation hey 2 maha हो रहा है सर par abhi mujhe Dard Nahi Hai Lekin wahan par Kuch Hai Aisa feeling Hota Hai Q sir please Bataye

    1. नजीब जी,
      यद्यपि क्रोनिक फिशर का ऑपरेशन ही सर्वोत्तम ईलाज होता है जो आप करवा चुके हैं, इसके बावजूद भी यदि आपको कोई परेशानी है तो आपको चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए

  2. Sr ji muje piles or fissure dono problem h or bda dard hota h to kya injection vali padhdhati se oppression thik rhega kya…?

    1. संदीप जी,
      Fissure के साथ मस्सो वाली बवासीर होने पर ऑपरेशन ही इसका सर्वोत्तम ईलाज है आप किसी ऐसे सर्जन को दिखाएँ जिन्हें गुदा से सम्बंधित रोगों में पारंगत हासिल हो,ऑपरेशन कौन सी विधि से होगा यह निर्णय सर्जन द्वारा रोग एवं रोगी की स्थिति को देखकर लिया जाता है |

  3. सर मुझे वर्ष 2013 में फिशर हुआ था व डॉक्टर से दिखने उपरांत बीटाडीन व् अन्य जेल क्रीम व् गुदा की सिकाई के लिए एसिड पौडर व एक लाल रंग की दवाई को गुनगुने पानी में मिला के फिशर की सिकाई के लिए कहा गया और में 2013 में फिशर ठीक हो गया अब मुझे 15फ़रवरी 2018 से दोबारा से वही फिशर की शिकायत है और में उसी डॉक्टर से इलाज के लिए गया उसने वही दवाई दी है व् में 25 दिन से दवाई का इस्तेमाल कर रहा हु पर मुझे आराम नहीं है अबकी बार मुझे कब्ज की वजय ले फिशर है मुझे क्या करना चाहिए कुछ कहते है की ऑपरेशन करवालो और फिशर इश्के बाद कभी नहीं होगा क्या मुझे ऑपरेशन करवाना चैहिये

    1. संजय जी,
      यदि सर्जन द्वारा दी गई दवाइयों द्वारा आराम नहीं होता है, तो ओपरेशन ही सर्वोत्तम ईलाज है.

  4. मूझे 20।25 दिनों से फिसर है इलाज से ज्यादा फायदा नही हो रहा है क्या इसका आप्रेसन करना जरूरी है कृपया मार्गदर्शन करें

    1. दिनेश जी,
      आप किसी ऐसे सर्जन से मिलें जिन्हें गुदा सम्बन्धी रोगों में महारत हासिल हो |

  5. Sir ji mujhe bhi fissure ki problem last 3 week se h. Eske pahle bhi aisi problem huyi thi to m surgen Ko dikhata to us time thik ho gya tha aur Abhi fir se ho gya. Mai same Wahi medicine fir se use kr rha hu bt thik n ho rha h. Aur kl saam Ko bleeding bhi hua bt drd jyada n h. To m kya Kru. Eske pahle JB problem tha to m endoscopy bhi kraya tha bt usme koi problem n Nikla. Mujhe ye problem Baar Baar ho rha h to m kya Kru.

    1. बबलू जी,
      चिकित्सक की चिकित्सा का कोई विकल्प नहीं है इसलिए किसी ऐसे कुशल सर्जन को दिखाएँ जिन्हें गुदा समबन्धी रोगों के ईलाज में महारत हासिल हो |

  6. Thank you very much pissure in ano..
    सर मेरी माँ को इसका प्रॉब्लम है और surgen इंसकी सही जानकारी न दे रहा था जो आपके इस sites से मिला
    Thank you…

  7. Sir mera fissure ka oppertion hua tha 2013 me ab vaps 10,15 din se wahin dard wapas ho rha hai kya kru btaiye doctor ne bola tha vaps nhi hoga kbhi ye

    1. सुमित जी,
      अभी ये Fissure है नहीं है इसकी पुष्टी नहीं हुई है किसी गुदा रोग विशेषज्ञ को दिखाएँ

  8. Sir muse anal ke pas khujli jaisi hoti hai
    Nahi muse dard hota hai aur nahi kabhi khoon aaya hai
    Sir muse please bataiye ki problem kya hai

    1. वंदना जी,
      आम तौर पर फिशर के साथ पाइल्स होने पर इसका ऑपरेशन ही सर्वोत्तम ईलाज होता है लेकिन यह रोग की तीव्रता पर निर्भर करता है | इसलिए इस स्थिति में एक ऐसे सर्जन जिसे विशेष रूप से मल द्वार के रोगों में विशेषता प्राप्त हो से परामर्श किया जाना उचित होगा |

  9. Sir, fissures ke liye best dawa va doctor kon se streams ke Honge English doctor, homeopathy, homeopathic, ya Ayurvedic

    1. Allopathy दवाइयां खाने से एक बार समस्या ख़त्म होने पर दुबारा भी हो सकती है | क्योंकि यह समस्या को कम जरुर करते हैं लेकिन उसके मूल कारण पर काम नहीं करते हैं | जबकि Homeopathic एवं Ayurvedic Medicine मूल कारण पर कार्य करती हैं इसलिए रोग के दुबारा होने की संभावना कम होती है |

  10. Hello sir i am Mukesh
    Mujhe bhi fishar he boss to me kiya Karu Mene dr Ko dhikhaya he to muje Cream di he me vo laga Raha hu fir bhi Koy fark nahi he so help

  11. Hello sir mere gooda dwar ke under ki taraf
    Ek ganth hai . Jisse letreeng Kerne me
    problem hoti hai. Our har time bechaini rahati
    Hai. Iska kya ilaj hai.

  12. Sir muje ek saal pehle stool main bleeding hua isliye main piles ke doctor ke pass gaya Tha us doctor ne muje bataya ki muje piles ki problem Hai to work doctor ne ek mahine Tak treatment lete huye us waqt thik ho gaya par 6 mahine baad main wapas kuch tikha khane par wapas bleeding hua to wapas usi Dr ko dikhaya usne 1 week davai to thik ho gaya par abhi kuch din pehle tikha khane par wapas bleeding chalu ho gaya main usi Dr ke pass par 1 week Tak kuch Fark nahi pada Maine ek gastroenterologist surgeon ko dikhaya usne bataya apko masse to hai par bleeding ki paresani masso nahi balki fissure main cut ho Jane ki wajah se hua hai us surgeon ne muje oniment aur fissure healing cream air kabz ke liye ispaghula husk powder Diya Hai 1 week tak lene ke liye bola hai to Kya yeh Jo problem Hai surgery ke Bina think ho jayega sir please reply me.

    1. जी भरत जी,
      जैसा की आप बता रहे हैं की आपने सर्जन को दिखाया और उन्होंने आपको दवाइयां दी है तो हो सकता है आपका रोग दवाइयों से ठीक हो जाय लेकिन सुनिश्चित तौर पर इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता | क्योंकि संयमित खानपान एवं जीवनशैली का किसी भी रोग के उपचार में अहम् योगदान है | यदि बार बार आपको तीखा खाने से यह समस्या हो जाती है तो कुछ समय के लिए तीखा खाने का त्याग रोग के उपचार में सहायक हो सकता है |

  13. सर मुझे फिसर है मलद्वार मे सूजन रहती है और महीने दो महीने वहां जख्म हो जाती है दर्द खूब होता है क्या करें

    1. आकाश जी,
      आप किसी मलद्वार के रोगों में अनुभव प्राप्त चिकित्सक को दिखाएँ |

  14. सर मुझे जनवरी से बवासीर और फिशर की बिमारी हुई है डाक्टर आपरेशन के लिए कह रहे हैं मेरा दिल का दो बार आपरेशन हो चुका है तीसरी बार फिर कहा है दो वाल्व बदले जाएगे क्या मै आपरेशन करवा सकती हू जनवरी से पीरियड नहीं आया क्या इस की वजह से बवासीर फिशर हो सकती है पेट में हर समय गर्मी महसूस होती है ठंडी चीजे पीने से चैन मिलता है क्या मैं आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक में ईलाज करवा सकती हू

    1. रश्मि जी,
      आप बवासीर का ओपरेशन करा सकती हैं या नहीं, या इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव आपके ह्रदय पर तो नहीं पड़ेगा इसका जवाब तो आपको कार्डियोलॉजिस्ट (ह्रदय रोग विशेषज्ञ) जिनसे आप परामर्शित हैं ही दे सकते हैं | क्योंकि उन्हें आपके और आपके रोग की स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी है |

  15. सर मुझे 4साल से पाईल्स की प्रॉब्लम है मस्से मेरे बाहर आजाते है फिर हाथ से अंदर करना पड़ता है ।।पहले दर्द कम था अभी 6 महीने से मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है मेने चेक भी करवाया तो डॉक्टर ने कहा आप को पाईल्स के साथ फिशर भी है होमपेथीक इलाज चल रहा है लेकिन कुछ आराम नही है आप के हिसाब से क्या करना चाहिए

    1. चेतन जी,
      यदि होमियोपैथी ईलाज से आपको कोई फायदा नहीं हो रहा है, तो आपको पुन: किसी जानकार चिकित्सक जिन्हें गुदा सम्बन्धी रोगों को ठीक करने का पर्याप्त अनुभव हो को दिखाना चाहिए |

  16. mere gath hui thi or 1 din blood bhi aya tha pr ayurvedic dvaiyo se gath bhi khtm ho gyi bss ab pet bhra bhra sa lgta h

    1. शुभम जी,
      ट्रीटमेंट की जानकारी इस लेख में डी हुई है लेकिन आप किसी सर्जन की राय लें जिन्हें गुदा समबन्धी रोगों में विशेषज्ञता प्राप्त हो |

  17. Sir mere guda me sujan aa jati he aur toilet ke samay bahut bhayankar dard & jalan hoti he medicine lene par 5, 7 din tak thik rahta he usake bad fir se wahi problem ho jati he ye kaun se rog ke lakshan he kripya bataye

  18. सर मेरे लिए 2015 से गुदा में फिशर का रोग डॉक्टरों ने बताया है होम्योपैथिक दवाई में जितने भी प्रकार की दवाइयां आती हैं मैंने उन सभी का सेवन कर लिया है। कृपया कर मेरे लिए आप यह बताएं कि गुदा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कहां उपलब्ध रहेगा

    1. अशोक जी,
      आप किसी ऐसे सर्जन से परामर्श लें जिन्हें गुदा सम्बन्धी रोगों को ठीक करने का अनुभव प्राप्त हो |

  19. Sir mere husband ko fishr ki probalm hai abhi unko y dikt bht hai sir right per bht drd krta hai kya y fishr ki wajh se drd kr raha hai

    1. सामन्यतया ऐसा होता नहीं है, लेकिन हो भी सकता है आप किसी चिकित्सक का परामर्श लें.

  20. Sir Pahli bar may main fissure hua tha after my delivery… uske bad apne app shi ho gya
    Bad main Aug. Main dubara hua tb dr. Ko dikhaya to fissure in ano btaya ..aur annovate cream di is se aaram aa Gaya aur ek mhintk tk tikha nai Khaya aur ab Sep. Main dubara drd ho rha h ..duphalac le rhi hu ek mhina Se.. vo leti hu tb thik rhta h..ab Chod diya tb vapsdikkt ho gya..
    Plz btaye main kay kru

    1. पायल जी,
      जिस दवा या क्रीम से आपको फायदा हो रहा है उसे चिकित्सक की सलाह पर लगाते एवं लेते रहें | खान पान का विशेष ध्यान रखें…

  21. सर मुझे 5-6 महिने पहिले फिशर हुआ था तब आयुवेदिक दवाईसे ठिक हुवा था लेकीन मुझे फिरसे फिशर हुवा तोमैने हाल हि मे सरजरी करवाई हे तो अब ये बीमारी फिरसे तो नहि होगा

    1. अर्जुन जी,
      हालांकि सर्जरी इसका उपयुक्त ईलाज है लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोगों को यह बीमारी दुबारा हो भी सकती है. लेकिन ज्यादातर ऐसा होता नहीं है |

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