आँवले के फायदे एवं 36 बेहतरीन औषधीय गुण Gooseberry Benefits in Hindi

आंवले का लेटिन नाम एम्बलिका आफिसिनेलिस (Emblica officinalis) होता है, आँवले के फायदे जानने से पहले यह जान लेते हैं की जो आँवला आकार में बड़ा होता हो, गूदे में रेशा नहीं हो, बेदाग और हल्की-सी लाली लिए हुए हो, वह आँवला सबसे अच्छा होता है । आँवला सर्दी की ऋतु में ताजा मिलता है । नवम्बर से मार्च तक आँवला ताजा मिलता रहता है । जनवरी-फरवरी में आँवला अपने पौष्टिक तत्त्वों से भरपूर होता है । इसी समय आँवले का मुरब्बा, अचार, जैम आदि बनाये जा सकते हैं । मोटा और दागरहित आँवला ही काम में लिया जाना चाहिए । आँवला ठण्डी प्रकृति का है । आँवले की विशेषता यह है कि सूखने पर भी इसके गुण नष्ट नहीं होते । आप हरा या सूखा किसी भी रूप में आँवला खाकर इसके समान गुण प्राप्त कर सकते हैं ।

आँवले के फायदे

पूरा आर्टिकल (लेख) एक नज़र में.

आँवले में पाए जाने वाले मुख्य तत्व:

आँवले के फायदे में मुख्य फायदा यह है की यह विटामिन सी से भरपूर होता है एक आँवले में विटामिन-‘सी’ की मात्रा चार नारंगी और आठ टमाटर या चार केले के बराबर पायी जाती है । इसलिए यह शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति में महत्त्वपूर्ण है । विटामिन-‘सी’ की गोलियों की अपेक्षा आँवले का विटामिन-‘सी’ सरलता से पच जाता है । आँवले में पाये जाने वाले कार्बोहाइड्रेट्स में मुख्य है रेशादार ‘पेक्टिन’ । यह रक्तवाहिनियों के विकारों को नष्ट करने में सक्षम है । आँवला मधुरता व शीतलता के कारण पित्त को शान्त करता है । आँवला पित्तनाशक होने के कारण रक्तपित्त, शीतपित्त, अम्लपित्त, परिणाम-शूल आदि पित्त-प्रधान रोगों की प्रधान औषधि है । आन्तरिक शक्ति बढ़ाने वाली औषधियों का प्रधान घटक आँवला ही है ।

आँवले में एक रसायन होता है, जिसका नाम सकसीनिक अम्ल है । सकसीनिक अम्ल बुढ़ापे को रोकता है और इसमें पुन: यौवन प्रदान करने की शक्ति भी होती है । आँवले में विद्यमान विभिन्न रसायन बीमार और जीर्ण कोशिकाओं के पुनर्निर्माण में अपना अच्छा योगदान देते हैं । आँवले में विटामिन ‘सी सर्वाधिक होता है । मनुष्य को प्रतिदिन 50 मिलीग्राम विटामिन ‘सी’ की आवश्यकता होती है जो 1.6 औंस आँवले के रस में मिल जाता है । एक आँवला, दो सन्तरे के बराबर होता है ।

आंवले के औषधीय गुण (Medicinal Benefits of Gooseberry):

  • आँवला विटामिनसी की गोलियाँ और जुकाम की दवाइयाँ बनाने में काम आता है ।
  • आँवले के नियमित सेवन से नेत्रज्योति और स्मरणशक्ति बढ़ती है । स्कर्वी रोग में आँवले का सेवन लाभकारी है ।
  • आँवला अमीनो अम्ल का उत्पादन करता है और जख्मों को शीघ्र भरने में मदद करता है ।
  • दिल की बेचैनी, मेदा, तिल्ली, रक्तचाप, दाद, दाँत और मसूढ़ों के कष्टों को दूर करने में भी आंवले के फायदे देखे गए हैं |
  • आंवले के सेवन से शरीर में आरोग्य शक्ति बढ़ती है । रक्त बनाने में यह फल उपयोगी है । आँवला खाने वालों में संक्रमण का प्रभाव कम होता है ।
  • यह कब्ज़ को दूर करता है । आँवले में सारे रोगों को दूर करने की शक्ति है ।
  • आँवला युवकों को यौवन प्रदान करता है और बूढ़ों को युवा जैसी शक्ति ।
  • गर्मियों में चक्कर आते हों, जी घबराता हो तो आँवले का शर्बत पीकर इस फायदा ले सकते हैं ।
  • दिल धड़कता हो तो आँवले का मुरब्बा खायें । दाँतों और मसूढ़ों को आँवला कठोर बनाता है । शरीर में आरोग्य शक्ति बढ़ाता है ।
  • आँवले का मुरब्बा ताकत देने वाला होता है । बालों, त्वचा, पेट और आँखों के लिए आंवले का मुरब्बा लाभकारी होता है ।
  • गर्मीं में आँवले के फायदे देखे जा सकते हैं क्योंकि यह शरीर और मस्तिष्क को ठण्डक प्रदान करता है और शरीर की गर्मी को शांत करता है ।
  • यह गर्भवती के लिए हितकर है । एक अच्छा आँवला एक अण्डे से अधिक बल देता है ।
  • मस्तिष्क, हृदय की बेचैनी, धडकन, मेदा, तिल्ली, रक्तचाप (ब्लडप्रेशर), दाद में आँवला लाभदायक है ।
  • आँवला शक्ति और स्वास्थ्यवर्धक है । इससे वीर्य की निर्बलता दूर होती है ।
  • दाँतों में चमक आती है, मस्तिष्क के तन्तुओं में तरावट आती है ।
  • सूखे आँवले का गुण टूटी हड्डी जोड़ने वाला, धातुवर्धक, मेदवृद्धि नाशक है ।
  • कच्चे आँवले का रस पीना चाहिए । एवं अन्न्वाले के फायदे लेने के लिए रात को सोते समय दस ग्राम आँवले का चूर्ण, पच्चीस ग्राम शहद में मिलाकर लेना चाहिए ।
  • इसे चटनी, कच्चा अचार, शर्बत, मुरब्बा किसी भी तरह प्रयोग में लाया जा सकता है ।
  • नित्य दो बार खाने के बाद पिसा आँवला 1-1 चम्मच, पानी के साथ फंकी लेने से
  • कब्ज़ के कारण सिरदर्द, गैस, आँखों व हाथ-पैरों में जलन, गुदा में जलन, एवं दर्द दूर होता है । नियमित लेते रहने से मस्तिष्क शक्ति बढ़ती है, दमा-श्वास में आराम होता है ।
  • आंवले के सेवन से रक्त शुद्ध होता है, रक्त-संचार ठीक होता है, यकृत ठीक रहता है इसलिए यह भी आँवले के फायदे में शामिल है ।
  • दो चम्मच पिसा आँवला दो कप पानी में उबालकर, पानी छानकर पीने से भूख तेज लगती है, भोजन का स्वाद अच्छा लगता है ।
  • पिसे हुए आँवले को पानी में घोलकर उबटन की तरह मलकर स्नान करने से त्वचा चमकदार और रोगरहित होती है ।
  • कुष्ठ रोग में एक चम्मच आँवले के चूर्ण की सुबह-शाम फंकी ले सकते हैं ।
  • आँवला वात एवं पित्त-नाशक है, इसलिए इसका उपयोग वायु-रोग-निरोधक के रूप में किया जाता है ।

 विभिन्न रोगों में आँवले के फायदे:

विभिन्न रोगों में होने वाले आँवले के फायदे की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  1. बुढ़ापे को दूर भगाता है आंवला:

  • बुढ़ापे से बचने के लिए आँवले के रस में मिश्री और घी मिलाकर सेवन करना चाहिए । सूखा पिसा हुआ आँवला नित्य एक चम्मच, पानी के साथ फंकी लेने से शरीर में कान्ति एवं नवयौवन आता है ।
  • यदि आप चाहते है की बुढ़ापा जल्दी से आपको अपना शिकार न बनाये तो इस स्थिति में आँवले के फायदे लेने के लिए सूखा आँवला पीस लें । इसकी दो चम्मच रोटी के साथ नित्य खाने से बुढ़ापा देर से आएगा और जवानी बनी रहेगी ।

 

  1. बुढ़ापे की कमजोरी में फायदेमंद है आंवला:

बुढ़ापे में शरीर में चूने की मात्रा बढ़ जाती है । चूने की अधिकता हड्डियों, स्नायुओं और रक्तवाहिनियों को कठोर बना देती है । इससे शरीर की गतिशीलता में अवरोध उत्पन्न हो जाता है । इस स्थिति में आँवले के फायदे लेने के लिए आँवले का नित्य सेवन करना चाहिए क्योंकि यह कठोरता को दूर करके सारी क्रियाओं को समुचित रखता है । आँवला बुढ़ापे के लिए अमृततुल्य है ।

  1. झुर्रियाँ व झाँइयों में आँवले के फायदे :

झुर्रियाँ व झाँइयों में आँवले के फायदे लेने के लिए नित्य सुबह-शाम चेहरे पर किसी भी तेल की धीरे-धीरे मालिश करें । रात को एक कांच का गिलास पानी में भरकर इसमें दो चम्मच पिसा हुआ आंवला भिगो दें | और नित्य प्रातः पानी छानकर चेहरा इस पानी से धोयें । ऐसा करते रहने से चेहरे की झुर्रियाँ व झाँइयाँ दूर हो जायेंगी ।

  1. उत्तेजना शांत करने में सहायक:

आँवला शारीरिक, मानसिक उत्तेजनाओं को शान्त करता है ।

  1. पायोरिया में आँवले के फायदे:

ताजे आँवले का सेवन दाँतों, मसूढ़ों की मजबूती के लिए कारगर है । यह पायोरिया से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी लाभप्रद है । पायोरिया में आँवले के फायदे लेने के लिए सूखा पिसा हुआ आँवला या आँवले के रस में पाँच बूंद सरसों का तेल मिलाकर दाँतों पर मलने से पायोरिया ठीक हो जाता है ।

  1. आंवले से नकसीर का ईलाज :

जिन्हें प्राय: नकसीर आती रहती है वे 50 ग्राम सूखे आँवलों को रात में 3 किलो पानी में भिगोकर पानी छानकर उससे नित्य सिर धोयें और एक कप पानी भी पियें । आँवले का मुरब्बा भी खायें । यदि नकसीर किसी भी प्रकार से बन्द न हो तो आँवले का रस रोगी की नाक में टपकाएँ, सुँघाएँ और आँवले को पीसकर सिर पर लेप करें, चार चम्मच आँवले का रस तीन चम्मच मिश्री मिलाकर पिलायें, अवश्य लाभ होगा । यदि ताजा आँवले न मिले तो सूखे आँवलों को पानी में भिगोकर उस पानी को सिर पर लगायें । इससे मानसिक गर्मी-खुश्की भी दूर हो जाएगी ।

  1. आंवला गर्मी से बचाता है

गर्मी में आँवले के फायदे लेने के लिए आंवले का शर्बत पीना चाहिए इससे बार-बार प्यास नहीं लगती तथा गर्मी के रोगों से बचाव होता है ।

  1. बाँझपन को दूर करने में सहायक:

तीन महीने आँवले का रस पीने से बाँझपन और वीर्य की कमजोरी दूर होकर दम्पत्ति सन्तानोत्पत्ति योग्य हो जाते हैं । इससे कानों का बहरापन भी ठीक होता है ।

  1. मासिक धर्म की परेशानी दूर:

मासिक धरम कम होता हो तो इस स्थिति में आँवले के फायदे लेने के लिए दो चम्मच आँवला दो कप पानी में गुड़ या मिश्री मिलाकर उबालें । आधा पानी रहने पर छानकर पियें । इस प्रकार तैयार कर दो बार लें । मासिक धर्म कम होता हो तो खुलकर आयेगा और दर्द नहीं होगा ।

  1. तुतलाने का ईलाज:

बच्चों का हकलाना, तुतलाना आँवला चबाने से ठीक हो जाता है, जीभ पतली होकर बोली साफ आने लगती है ।

  1. बिस्तर में पेशाब करने का ईलाज:

कुछ बालक बिस्तर में पेशाब कर देते हैं । यह रोग ऐसा है जो चिकित्सा कराने से ठीक हो जाता है । इस रोग में आंवले के फायदे लेने के लिए एक ग्राम पिसा हुआ आँवला, एक ग्राम पिसा हुआ काला जीरा और दो ग्राम पिसी हुई मिश्री मिलाकर फंकी दें । ऊपर से ठण्डा पानी पिलायें । बिस्तर में पेशाब करने का रोग दूर हो जायेगा ।

  1. छालों में आँवले के फायदे:

गले या मुहँ के छालों में आँवले के फायदे लेने के लिए मिश्री, मुलहठी व सूखे आँवले को समान मात्रा में पीसकर एक चम्मच चूर्ण एक गिलास दूध में मिलाकर सुबह-शाम पियें । चार दिन इसका उपयोग करने से गले के छाले ठीक हो जायेंगे ।

  1. आंवले से स्वप्नदोष का ईलाज:

स्वप्नदोष में आंवले के फायदे लेने के लिए एक आँवले का मुरब्बा प्रतिदिन खाने की आदत डालें  । इसके अलावा काँच के गिलास में 20 ग्राम सूखे आँवले पीसकर डालें । इसमें 60 ग्राम पानी भरें और फिर 12 घण्टे भीगने दें । फिर छानकर इस पानी में 1 ग्राम पिसी हुई हल्दी डालकर पियें । यह युवकों के स्वप्नदोष के लिए अच्छी औषधि है ।

  1. जीर्ण ज्वर का ईलाज:

मूंग की दाल में सूखा आँवला डालकर पकाकर खायें ।

  1. पथरी में आँवले के फायदे:

आँवले का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी में लाभ होता है । इसके अलावा पिसा हुआ आँवला और मिश्री समान मात्रा में मिलाकर दो चम्मच दो बार लम्बे समय तक पानी के साथ फंकी लेने से पथरी निकल जाती है ।

  1. खूनी बवासीर का ईलाज:

सूखे आँवले को बारीक पीसकर एक-एक चाय चम्मच सुबहशाम छाछ या गाय के दूध के साथ लेने से खूनी बवासीर में लाभ होता है ।

  1. श्वेत प्रदर का ईलाज:

श्वेत प्रदर में आँवले के फायदे लेने के लिए  3 ग्राम पिसा हुआ (चूर्ण) आँवला, 6 ग्राम शहद में मिलाकर नित्य एक बार 30 दिन तक लेने से श्वेत-प्रदर में लाभ होता है । हालांकि इसमें  खटाई का परहेज करना पड़ता है । दूसरा  आँवले का 20 ग्राम रस शहद में मिलाकर एक माह तक लगातार पीने से भी श्वेत-प्रदर में लाभ होता है ।

  1. जलन में आँवले के फायदे:

जलन में आँवले के फायदे लेने के लिए ताजा आँवले का रस चौथाई कप, आधा कप पानी और स्वादानुसार शक्कर मिलाकर नित्य दो बार पीते रहने से पेशाब की जलन दूर हो जाती है । कब्ज़ और शीघ्रपतन दूर हो जाता है । छाती की जलन में लाभ होता है । स्त्री के मूत्रांग की जलन और खुजली ठीक होती है । आँवले का रस शहद के साथ सेवन करने से भी स्त्रियों का योनिदाह (मूत्रांग की जलन) शान्त होती है ।

  1. प्रोस्टेट के रोगों का ईलाज:

प्रोस्टेट के रोगों में आँवले के फायदे लेने के लिए आँवले की गुठली को फोड़ने पर निकलने वाले बीज 150 ग्राम, गुड़ 150 ग्राम, काले तिल आधा किलो-इन सबको बारीक पीसकर, मिलाकर 20-20 ग्राम के लड्डू बनाकर नित्य सुबह-शाम खायें । प्रोस्टेट के रोग दूर हो जायेंगे ।

  1. मधुमेह में आँवले के फायदे:

डायबिटीज में आँवले के फायदे लेने के लिए  सूखे आँवले और जामुन की गुठली समान मात्रा में पीस लें । इसकी दो चम्मच नित्य प्रात: भूखे पेट पानी के साथ फंकी लें । मधुमेह में लाभ होगा । दूसरा  आँवले का ताजा रस मधुमेह के रोगियों के लिए लाभप्रद होता है । इसके सेवन से रक्त में शक्कर बनना कम हो जाता है । आँवला पाउडर 1 चम्मच दो बार पानी या दूध से फंकी लेने से मधुमेह में लाभ होता है ।

  1. कब्ज़ का ईलाज:

रात को एक चम्मच पिसा हुआ आँवला पानी या दूध से लेने से सुबह दस्त साफ आता है, कब्ज़ नहीं रहती । आँते तथा पेट साफ होता है ।

  1. यकृत में सूजन, पीलिया में फायदेमंद:

पीलिया में आँवले के फायदे लेने के लिए आँवले का रस चौथाई कप एक गिलास गन्ने के रस में मिलाकर पियें । इस प्रकार नित्य तीन बार पीते रहने से पीलिया ठीक हो जाता है । दूसरा  50 ग्राम आँवला + 50 ग्राम जीरा + 25 ग्राम इलायची इन सबको मिलाकर, पीसकर एक-एक चम्मच तीन बार गाय के दूध के साथ फंकी लेने से भी लाभ होता है ।

  1. दस्त में आँवले के फायदे:

दस्त में आँवले के फायदे लेने के लिए सूखा आँवला पिसा हुआ और काला नमक समान मात्रा में मिलाकर जल के साथ आधा चम्मच की फंकी लेने से दस्त बन्द हो जाते हैं । दस्तों में दो मुरब्बे के आँवले खाने से लाभ होता है । ताजा आँवलों का रस चार चम्मच पानी में मिलाकर पिलाने से भी लाभ होता है । सूखा आँवला भिगोकर इसका पानी भी पिला सकते हैं । दूसरा पिसे हुए सूखे आँवले में पानी डालकर पुन: पीसकर लेप बनाकर नाभि के चारों ओर दो इंच के क्षेत्र में गोल दीवार बनाकर इसमें अदरक का रस भर दें । रोगी सीधा सोता रहे । इससे पानी जैसे बार-बार हो रहे दस्त बन्द हो जाते हैं । तीसरा पिसा हुआ आँवला 10 ग्राम+पिसी हुई छोटी हरड़ 5 ग्राम मिला लें । इसकी चौथाई चम्मच नित्य दो बार पानी के साथ फंकी लें । हर प्रकार के दस्तों में लाभ होगा । पाचनशक्ति बढ़ेगी ।

  1. पेचिश का ईलाज:

पेचिश में आंवले के फायदे लेने के लिए  अर्थात दस्तों में आँव और रक्त आता हो तो एक बढ़ा चम्मच पिसा हुआ आँवला इतने ही शहद में मिलाकर नित्य तीन बार दस दिन तक सेवन करें ।

  1. दिमाग की कमजोरी एवं यादाश्त बढ़ाने में लाभकारी:

मस्तिष्क शीतल रहे, नींद अच्छी आये, इसके लिए आँवले का तेल सिर में लगायें । इससे बाल घने, काले और मुलायम रहते हैं । मस्तिष्क की कमजोरी में आंवले के फायदे लेने के लिए नित्य खाली पेट 2 नग आँवले का मुरब्बा खाने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर हो जाती है । स्मरण-शक्ति बढ़ाने के लिए नित्य प्रात: भूखे पेट दो आँवले का मुरब्बा खायें । बच्चों को पढ़ाया हुआ याद नहीं रहता, बुढ़ापे में जिनकी स्मरण-शक्ति कमजोर हो गयी हो, उनके लिए आँवले के मुरब्बे का सेवन लाभकारी है ।

  1. पेट के रोगों में लाभकारी:

दो नग आँवले का मुरब्बा नित्य खाने से पेट के रोग नहीं होते हैं । खाने के बाद एक चम्मच सूखे आँवले के चूर्ण की फंकी लेने से पाचन-शक्ति बढती है, मल बँधकर आता है । सोते समय लेने से कब्ज़ दूर होती है ।

  1. पेट के कीड़े नष्ट करने में सहायक:

एक औंस ताजा आँवले का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर नित्य दो बार 7 दिन तक पीने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं ।

  1. स्कर्वी (Scurvy) रोग में आँवले के फायदे:

स्कर्वी रोग के चलते शरीर के किसी भी भाग से रक्तस्राव हो सकता है । मसूढ़े सूज जाते हैं और रक्तस्राव होने लगता है । शरीर की हड्डियाँ अपने आप टूट सकती हैं । इस रोग से ग्रसित व्यक्ति को शरीर में कमजोरी महसूस होती है और वह स्वभाव से चिड़चिड़ा हो जाता है । यह रोग शरीर में विटामिन-सी की कमी के कारण होता है । आँवले का नियमित सेवन करने से स्कर्वी रोग से मुक्ति मिल जाती है ।

  1. सिरदर्द का ईलाज:

सिरदर्द में आँवले के फायदे लेने के लिए दो चम्मच पिसा हुआ आँवला इतने ही घी और शक्कर में मिलाकर सुबह शाम खायें और ऊपर से दूध पियें । इससे अनेक प्रकार के सिरदर्द ठीक हो जाते हैं । कमजोरी से होने वाले सिरदर्द के लिए प्रात:काल खाली पेट दो नग आँवले के मुरब्बों का सेवन करना बहुत लाभदायक होता है ।

  1. खून की कमी दूर करने में सहायक:

खून की कमी वाली स्थिति में आधा कप आँवले के रस में दो चम्मच शहद, थोड़ा-सा पानी मिलाकर पीने से लाभ होता है ।

  1. ग्लुकोमा में आँवले के फायदे:

कनखल हरिद्वार के स्वामी रामदेव ने प्राणायाम, योग शिविर में कहा कि आमलकी रसायन (आँवले का रसायन) 200 ग्राम, मुक्तासुक्ती भस्म 10 ग्राम, सप्तामृत लौह 20 ग्राम इन सबको मिलाकर एक चम्मच नित्य सुबह-शाम खाली पेट पानी के साथ फंकी लेने से ग्लुकोमा में लाभ होता है । यह विद्यार्थी एवं पढ़ने-लिखने वालों के लिए भी लाभदायक है ।

  1. आँखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक:

आँवले के फायदे में यह फायदा आँखों की दृष्टी से जुड़ा हुआ है आंवला के सेवन से आँखों की दृष्टि बढ़ती है । आँवले का मुरब्बा नित्य खायें । पाव भर पानी में 6 ग्राम सूखा आँवला रात को भिगो दें । प्रातः इस पानी को छानकर आँखें धोयें । इससे आँखों के सब रोग दूर होते हैं और दष्टि बढ़ती है । सूखे आँवले के चूर्ण की एक चाय की चम्मच में एक चम्मच पिसी हुई मिश्री मिलाकर सुबह व रात को पानी के साथ फंकी लें । इससे कब्ज़, अजीर्ण में भी लाभ होता है ।

  1. रक्तस्राव में लाभकारी:

रक्तस्राव में आँवले के फायदे लेने के लिए हर दो घण्टे में एक-एक चम्मच पिसे हुए आँवले की फंकी ठण्डे पानी के साथ लेने से रक्त बहना बन्द हो जाता है । कटने से रक्तस्राव होने पर कटे हुए स्थान पर आँवले का ताजा रस लगाने से रक्तस्राव बन्द हो जाता है । दूसरा यदि पेशाब तथा गुदा के रास्ते रक्त आता हो तो एक चम्मच आँवला पिसा हुआ, इतनी ही मिश्री या शक्कर में मिलाकर ठण्डे पानी से दो बार फंकी लेने से भी रक्त बन्द हो जाता है ।

 

  1. उच्च रक्तचाप में आँवले के फायदे:

आँवले में सोडियम को कम करने की क्षमता होती है । इसलिए रक्तचाप के रोगी के लिए आँवले का उपयोग लाभदायक है । यह रक्त बढ़ाने और साफ करने में सहायक है तथा इससे शरीर को आवश्यक रेशा भी मिलता है ।

  1. हृदय एवं दिमाग की कमजोरी:

ह्रदय एवं दिमाग की कमजोरी में आँवले के फायदे लेने के लिए आधा भोजन करने के बाद हरे आँवलों का रस 35 ग्राम पानी में मिलाकर पी लें, फिर आधा भोजन करें । इस प्रकार 21 दिन सेवन करने से हृदय तथा मस्तिष्क सम्बन्धी दुर्बलता दूर होकर स्वास्थ्य सुधर जाता है । स्मरण-शक्ति बढ़ती है ।

  1. कोलेस्ट्रॉल, हृदय-रोग से बचाव:

एक चम्मच आँवले की फंकी नित्य लेने से हृदय रोग होने से बचाव होता है । कच्चे हरे आँवले का रस चौथाई कप, आधा कप पानी, स्वादानुसार मिश्री मिलाकर पीते रहने से कोलेस्ट्रॉल कम होकर सामान्य हो जाता है, जिससे हृदय रोग से बचाव होता है । हृदय-रोग में आँवले के फायदे लेने के लिए दो चम्मच पिसा हुआ आँवला दूध के साथ फंकी लेने से हृदय के सारे रोग दूर हो जाते हैं । दूसरा  सूखा आँवला और मिश्री समान भाग पीस लें । इसकी दो चाय की चम्मच की फंकी नित्य पानी के साथ लेने से हृदय के सारे रोग दूर हो जाते हैं । तीसरा  दो आँवले का मुरब्बा खा कर एक गिलास दुध पियें और दो घंटे तक खाना, पानी कछ भी नहीं लें, इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है व किसी प्रकार के हृदय-विकार नहीं होते । आँवले का हमेशा सेवन करते रहने से अचानक हृदय गति रुकने (Heart Fail) की कोई सम्भावना नहीं रहती है ।

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About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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