विटामिनों के प्रयोग के समबन्ध में दिशानिर्देश | Guidelines to use vitamins in Hindi.

विटामिनों का शरीर को स्वस्थ रखने में बड़ा अहम योगदान होता है लेकिन यह हर बार जरुरी नहीं होता है की यदि शरीर में कोई विटामिन जा रहा है तो उसका शरीर को फायदा ही होगा विटामिनों के ओवरडोज़ के नुकसान भी हो सकते हैं | इसके अलावा विटामिन कब लिए जाएँ अर्थात उनके लेने का समय क्या होना चाहिए यह भी बेहद जरुरी होता है क्योंकि असमय विटामिन लेने पर ये शरीर को अपेक्षित लाभ नहीं दे पाते हैं | शरीर में विटामिनों की कमी की पूर्ति किस माध्यम से अधिक लाभकारी होती है इस बात का भी ध्यान रखना बेहद जरुरी होता है | इन्ही सब बातों के मद्देनज़र आज हम अपने इस लेख ‘’विटामिनों के प्रयोग करने के दिशानिर्देशों’’ में कुछ जरुरी दिशानिर्देशों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे |

Guidelines-to-use-vitamins-in-hindi

विटामिनों के प्रयोग के मुख्य दिशानिर्देश (Guidelines to use Vitamins in Hindi):

विटामिनों के प्रयोग के सम्बन्ध में कुछ मुख्य दिशानिर्देश इस प्रकार से हैं |

  • प्रत्येक विटामिन वाली औषधि अर्थात दवाई का भोजन के बाद ही प्रयोग कराना अधिक लाभकारी सिद्ध होता है, क्योंकि भोजन के बाद वह विटामिन विशेष भोजन के साथ मिलकर शरीर में उस विटामिन की कमी को दूर करता है |
  • विटामिनों की मात्रा को निर्धारित करने के लिए मुख्य रूप से दो बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है इसमें पहला ‘’शरीर में किस विटामिन की कमी कहां तक है’’ एवं दूसरा यह की उस रोग की कमी या अधिकता कहाँ तक है ।
  • यदि किसी रोगी या व्यक्ति की अन्तड़ियों में विटामिन घुलने की क्रिया भली-भांति न हो पा रही हो तो उस व्यक्ति या रोगी को उन विटामिनों का इन्जेक्शन दिया जाना अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकता है |
  • किसी भी व्यक्ति में यदि विटामिनो की कमी अधिक है या रोग अधिक और खतरनाक है तो उस व्यक्ति को तुरन्त लाभ के लिए विटामिनों का इन्जेक्शन दिया जा सकता है क्योंकि अन्य फॉर्म में विटामिनों को घुलने में समय लग सकता है |
  • यदि किसी कारणवश इन्जेक्शन का प्रयोग असम्भव हो तो रोगी या व्यक्ति को विटामिनों की शक्तिशाली औषधियां प्रतिदिन कई कई बार खिलानी चाहिए ताकि शरीर में विटामिनों की कमी की पूर्ति हो सके ।
  • एन्टी बायोटिक और सल्फा ग्रुप की दवाइयों के प्रयोग के समय में विटामिन सी, विटामिन बी कम्पलेक्स और ‘मल्टी विटामिन्ज’ का प्रयोग करना चाहिए ।
  • विटामिन से युक्त दवाइयों या औषधियों का प्रयोग बिना सोचे-समझे अर्थात अन्धाधुन्ध उपयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं होता है ।
  • यदि शरीर में खून की कमी हो अर्थात रक्ताल्पता हो तो इस स्थिति में लोहे से बनी औषधियों के साथ विटामिन ‘बी’ कम्पलेक्स’ का प्रयोग भी आवश्यक होता है ।

यह भी पढ़ें:

विटामिन सी के लाभ, स्रोत एवं कमी से होने वाले रोग |

विटामिन ए के लाभ, स्रोत, कमी के लक्षण एवं होने वाले रोग |  

 

  • सभी दूसरी अन्य औषधियों के साथ विटामिन बी कम्पलेक्स, मल्टी विटामिन्ज और विटामिन सी का प्रयोग किया जा सकता है ।

 

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *