हाई ब्लड प्रेशर के कारण लक्षण एवं घरेलू उपचार

हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू ईलाज के बारे में बात करें इससे पहले यह जानना बेहद जरुरी हो जाता है की हमारे पूरे शरीर में रक्त का संचालन ह्रदय द्वारा किया जाता है अर्थात ह्रदय ही धमनियों की सहायता से शरीर में रक्त संचालन का काम करता है | जब रक्त धमनी में जाता है तब उसकी दीवारें भी दबाव देकर रक्त संचालन में सहायता करती हैं कभी-कभी धमनी की दीवार मोटी होकर अपना लचीलापन नष्ट कर देती है | इस स्थिति में हृदय को अधिक जोर से दबाव डालकर शरीर में रक्त भेजना पड़ता है । ह्रदय द्वारा धमनी पर डाले गए इसी अतिरिक्त दबाव या चाप को रक्त चाप (Blood Pressure) कहा जाता है । और जा यह रक्तचाप सामान्य रेंज से ऊपर हो जाता है तो इसे हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप कहा जाता है |

हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर के कारण (Cause Of High Blood Pressure):

ब्लड प्रेशर के बढ़ जाने अर्थात उच्च रक्तचाप के लिए जिम्मेदार कुछ प्रमुख कारणों की लिस्ट निम्नवत है |

  • गुर्दे की खराबी भी हाई ब्लड प्रेशर का एक कारण हो सकती है |
  • भावनात्मक तनाव भी इसका एक कारण हो सकता है |
  • किसी कार्य में अत्यधिक व्यस्तता भी इसका एक कारण हो सकती है |
  • मानसिक अशांति भी एक कारण है |
  • जिस व्यक्ति के माता पिता दादा दादी इत्यादि को यह रोग हो उन्हें भी यह हो सकता है अर्थात इसके होने के कारणों में आनुवंशिकता भी शामिल है |
  • वजन बढ़ने से मोटापा आ जाना भी इसका एक कारण हो सकता है |
  • ज्यादा बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू अर्थात धूम्रपान करने से और शराब पीने से भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पैदा हो सकती है |

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण:

उच्च रक्तचाप के कुछ मुख्य लक्षण इस प्रकार से हैं |

  • बार बार सिर में दर्द हो जाना |
  • जी मिचलाना या सिर चकराना भी इसका एक लक्षण है |
  • हाई ब्लड प्रेशर होने पर शरीर में थकावट का आभास होता है |
  • शरीर में सामान्य दर्द या पीड़ा उठ सकती है |
  • ह्रदय व नाड़ी की गति तेज होना भी इसका लक्षण होता है |

लेकिन बहुत बार ऐसा होता है की उच्च-रक्तचाप अपने-आपमें कोई लक्षण नहीं दर्शाता है । इसलिए 35 वर्ष की उम्र के पश्चात् यदि उच्च-रक्तचाप हो जाए तो हृदय, नेत्र और गुर्दो की नियमित जाँच समय-समय पर होनी चाहिए । विशेषकर जब परिवार की उच्च रक्तचाप की पृष्ठभूमि हो या आप ऐसे वर्ग के हो, जहाँ तनावपूर्ण जीवन एक सामान्य बात हो ।

हाई ब्लड प्रेशर के क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं?

ब्लड प्रेशर को यदि समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो इसके भयंकर परिणाम सामने आ सकते हैं जिनमे कुछ की लिस्ट निम्नवत है |

  • हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ सकता है |
  • दिल की धड़कन बंद हो सकती है |
  • मष्तिष्क का पक्षाघात यानिकी लकवा हो सकता है |
  • रोगी के गुर्दे खराब हो सकते हैं |
  • दृष्टिपटल पर खराबी आ सकती है |
  • पीड़ित व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है |

हाई ब्लड प्रेशर होने पर क्या करें?

उच्च रक्तचाप हो तो चिकित्सक के परामर्शानुसार नियमित उपचार, भोजन व व्यायाम करें । सदैव संतुलित, नियमित, नियंत्रित व कम नमक वाले भोजन का सेवन करें । योगासन (शवासन) लाभप्रद होता है । तनाव, क्रोध व चिन्ता से बचिए एवं शान्त जीवन व्यतीत कीजिए । 35 वर्ष से अधिक आयु होने पर समय-समय पर अपने रक्तचाप की जाँच करवाइये । रात्रि में नौ घण्टे भरपूर नींद लें । दिन में भोजन के बाद कुछ समय सोयें । उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए दिन भर में आधे से एक ग्राम तक नमक लें । हर सातवें दिन तरल भोजन (Liquid diet) लें । इस दौरान पानी अधिक पीयें । नशीली चीजों का परहेज करें । डॉ. ईवेन्स की पुस्तक ‘कार्डियोजोजी’ में लिखा है कि साधारण ब्लडप्रेशर में औषधि चिकित्सा असन्तोषजनक एवं असफल प्रमाणित हुई है। डॉ. जेम्स सी.थाम्पसन की पुस्तक ‘हाई एण्ड लो ब्लडप्रेशर’ में लिखा है कि उच्च रक्तचाप में दवाइयों द्वारा प्राप्त लाभ पर कदापि विश्वास नहीं किया जा सकता । वह अस्थाई ही होता है । होम्योपैथी के सिद्धान्तानुसार हाई ब्लड प्रेशर में रोग की नहीं बल्कि रोगी की चिकित्सा करनी चाहिए ।

हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू ईलाज करने के लिए उपाय नुश्खे (Home Remedies for High Blood Pressure):

  • हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू ईलाज करने के लिए अपना पेट साफ रखें । पेट साफ करने के लिए नीबू पानी, ईसबगोल, आँवले का रस, अंकुरित मूंग, मोठ, चना, सलाद अनिवार्य रूप से सेवन करने चाहिए ।
  • इस रोग में उपवास लाभदायक है । सप्ताह में एक दिन उपवास करना चाहिए । उपवास में फलों, एवं सब्जियों का रस ले सकते हैं ।
  • तम्बाकू, कॉफी, चाय, माँसाहार रक्तचाप में हानिकारक हैं । इसलिए इनका परित्याग कर दें |
  • शवासन करने के लिए सीधे लेट जायें । हाथ-पैर सीधे रखें । एड़ियाँ मिली रहें । आँखें बन्द करके शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ दें । सोचना बन्द कर दें । ध्यान साँस पर रखते हुए साँस धीरे-धीरे लें । इससे पाँच मिनट में ही शान्ति और ताजगी मिलेगी ।
  • हाई ब्लड प्रेशर में लौकी का रस आधा कप, थोड़ा-सा पानी मिलाकर तीन बार नित्य पीने से लाभ होता है ।
  • उच्च रक्तचाप में केला भी लाभदायक होता है इसका फायदा लेने के लिए केले के तने का रस आधा कप दो बार नित्य पीने से बढ़ा हुआ रक्तचाप सामान्य हो जाता है ।
  • हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू ईलाज नींबू से भी संभव है, हृदय की कमजोरी दूर करने हेतु नीबू में विशेष गुण हैं । इसके निरन्तर प्रयोग से रक्तवाहिनियों में लचक और कोमलता आ जाती है और इनकी कठोरता दूर हो जाती है । इसलिए हाई ब्लड प्रेशर जैसे रोग को दूर करने में नीबू उपयोगी है । इससे बुढ़ापे तक हृदय शक्तिशाली बना रहता है एवं हार्टफेल होने का भय नहीं रहता । कैसा भी ब्लड प्रेशर हो, पानी में नीबू निचोड़कर दिन में कई बार पीने से लाभ होता है । प्रात: एक नीबू का रस गर्म पानी में मिलाकर पीना हितकारी है ।
  • सेब भी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित अर्थात कण्ट्रोल करने का काम करता है |
  • कहा जाता है की उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए पपीता राम बाण औषधि है । उच्च रक्तचाप का रोगी प्रतिदिन प्रात:काल एक पपीते का सेवन करें तो कुछ ही दिनों में रक्तचाप की पीड़ा कम हो जाती है । इसे औषधि मान कर सेवन करना चाहिए ।
  • पुदीना लो एवं हाई ब्लड प्रेशर दोनों का नियमन करता है, इसके लिए पुदीने की चटनी एवं रस का उपयोग किया जा सकता है । ध्यान रहे की उच्च रक्तचाप से पीड़ितों को बिना चीनी एवं नमक डाले ही पुदीने का सेवन करना चाहिए ।
  • टमाटर भी उच्च रक्तचाप में फायदेमंद होता है टमाटर रक्तचाप को घटाता है । टमाटर खायें या इसका रस भी पी सकते हैं ।
  • उच्च रक्तचाप, रक्त की गर्मी में आँवले का मुरब्बा प्रात: नित्य खाने से लाभ होता है । आँवला रक्त शोधक है ।
  • ककड़ी में पोटाशियम तत्त्व बहुत मिलते हैं । इसलिए ककड़ी का रस-उच्च एवं निम्न—दोनों रक्तचापों में पीना लाभदायक है ।
  • हाई ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करने में आलू भी फायदेमंद है आलू रक्तचाप को सामान्य बनाने में लाभ प्रदान करता है । इसके लिए पानी में नमक डाल कर आलू उबालें । छिलका होने से आलू में नमक कम पहुँचता है और यह आलू का नमकीन भोजन बन जाता है । इस प्रकार उच्च रक्तचाप में लाभ प्रदान करता है । आलू में मैग्नीशियम पाया जाता है जो रक्तचाप को कम करता है ।
  • पेठा भी उच्च रक्तचाप से बचाता है ।
  • अरबी खाने से भी हाई ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल होता है |
  • टिंडा भी उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक है यह पेशाब पैदा करता है |
  • काफी दिनों अर्थात लम्बे समय तक चावल खाते रहने से कोलेस्ट्रोल कम हो जाता है, बढ़ता नहीं है । जिसके कारण रक्तचाप भी ठीक रहता है ।
  • नियमित रूप से शरीर की मालिश करने से भी ब्लड प्रेशर में सुधार आता है ।
  • हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू ईलाज तरबूज से भी किया जा सकता है, तरबूज के बीजों के रस में एक तत्व , जिसे कुरकुर बोसाइट्रीन कहते हैं पाया जाता है | जो रक्त कोशिका नली (Capillaries) को चौड़ा करता है । इसका प्रभाव गुर्दो पर पड़ता है । जिससे उच्च रक्तचाप कम हो जाता है । तरबूज के छाया में सुखाये बीज दो चम्मच कूट-पीस कर एक कप उबलते हुए गर्म पानी में डालकर एक घण्टा भीगने दें । उसके बाद हिलाकर छान कर पी जायें । ऐसी चार खुराक नित्य पीयें । तरबूज का रस पीने से भी लाभ होता है ।
  • 310 ग्राम गाजर का रस एवं 125 ग्राम पालक का रस मिलाकर हर रोज पीने से हर प्रकार के रक्तचाप में फायदा होता है |
  • लहसुन का फायदा भी हाई ब्लड प्रेशर में लिया जा सकता है | इसे कण्ट्रोल करने के लिए 6 बूंद लहसुन का रस 3 चम्मच पानी में मिलाकर चार बार पिलायें । कच्चा लहसुन खाना खाने के बाद सेवन करने से उच्च रक्तदाब (Hypertension) ठीक हो जाता है । लहसुन की पत्तियों का रस पानी में मिलाकर पीना अधिक लाभदायक है । लाभ होने पर सेवन कम करते जायें ।
  • चौलाई का रस भी ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करता है इसलिए यह इस रोग के रोगियों के लिए लाभदायक होता है । इसकी सब्जी भी खाई जा सकती है ।
  • छाछ से भी रक्तचाप (ब्लडप्रेशर की कमी या अधिकता) में लाभ होता है ।
  • उच्च रक्तचाप वाले रोगियों को पैरों के तलवों और हथेली पर मेहँदी का लेप समय-समय पर करने से आराम मिलता है ।
  • शहद से भी हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू ईलाज किया जा सकता है इसके लिए शहद का उपयोग किया जा सकता है क्योंकि उच्च रक्तचाप होने पर शहद शरीर पर शामक प्रभाव डालकर रक्त वाहिकाओं की उत्तेजना को घटाकर, उनको सिकोड़कर उच्च रक्तचाप को घटा देता है ।
  • ब्लडप्रेशर में प्रात: 25 ग्राम नीम की पत्ती का रस लेना भी लाभदायक होता है ।
  • दो चम्मच त्रिफला चूर्ण एवं आधी छटांक मिश्री लें और इन दोनों को रात भर मिटटी के बर्तन में भिगो दें | उसके बाद सुबह इसे छानकर पी जाएँ इससे भी हाई ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल में रहता है |
  • उच्च रक्तचाप में पंचमुखी रुद्राक्ष पहनने से लाभ होता है ।
  • अल्परक्तदाब (Hypotension) में छाछ और हींग का सेवन लाभदायक है । इसमें नमक अधिक लेना चाहिए ।

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