पथरी का घरेलू ईलाज 35 से भी ज्यादा घरेलू नुश्खे: Home Remedies for stone.

पथरी का घरेलू ईलाज के बारे में तो हम बात करेंगे ही लेकिन सबसे पहले यह जान लेते हैं की भोजन में आक्सलेट, कैल्शियम, फास्फेट और प्यूरीन का सेवन अधिक होने से पथरी की शिकायत हो सकती है । जहाँ तक फास्फेट के मुख्य स्रोत की बात है बिना छिलके वाले अन्नों का आटा फास्फेट का मुख्य स्रोत है । शाक सब्जियों में केल्शियम और आक्सलेट पर्याप्त मात्रा में होता है । कैल्शियम और फास्फेट का मुख्य स्रोत दूध है । इसलिए पथरी के रोगी को पथरी का घरेलू ईलाज करते वक्त इन वस्तुओं और दूध का सेवन नहीं करना चाहिए । पथरी के रोगी को कम आक्सिलिक अम्ल और प्यूरीन युक्त आहार दिया जा सकता है । पथरी होने पर पेट में, गुर्दे, कमर में बड़ा तेज दर्द होता है । दर्द इतना तेज होता है की रोगी दर्द के मारे छटपटाता है । मूत्र रुक-रुक कर जलन के साथ, कभी-कभी रक्तमिश्रित आता है । इसके दर्द को वृक्क-शूल (Renal Colic) कहते हैं ।

पथरी का घरेलू ईलाज

पथरी का घरेलू ईलाज के लिए नुश्खे (Home Remedies for stone in Hindi):

  1. पथरी का घरेलू ईलाज के लिए पहला नुश्खा नारियल का पानी है क्योंकि नारियल का पानी पीने से पथरी निकल जाती है ।
  2. कुछ लोगों का यह मानना होता हैं कि पालक खाने से पथरी होती है, लेकिन यह निश्चित समझ लेना चाहिए कि कच्चे पालक के रस से कदापि पथरी नहीं होती । इसलिए पथरी से बचने के लिए पालक का रस पीया जा सकता है |
  3. पथरी का घरेलू ईलाज करने के लिए करेले को इस्तेमाल किया जा सकता है | करेला गुर्दे या मूत्राशय की पथरी को तोड़कर पेशाब के साथ बाहर बहाकर ले आता है । इसका फायदा लेने के लिए दो करेले का रस नित्य पीना चाहिए, एवं करेले की सब्जी भी खानी चाहिए । इससे पेशाब में खून आना भी बन्द हो जाता है ।
  4. लाजवन्ती यानिकी छुईमुई की जड़ या पंचांग का काढ़ा पिलाने से मूत्रावरोध दूर होकर पथरी निकल जाती है तथा मूत्र-नलिका पर आई हुई सूजन मिट जाती है ।
  5. मक्का के भुट्टे जलाकर राख कर लें, जौ को भी जलाकर राख कर लें । दोनों को अलग-अलग पीसकर अलग-अलग शीशियों में भर कर दोनों पर नाम लिख दें । एक कप पानी में मक्का की राख दो चम्मच घोलो फिर छानकर इस पानी को प्रात: पीएँ इससे पथरी गल जाती है । पेशाब साफ आता है । इसी प्रकार शाम को जौ की राख भी पीयें ।
  6. जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठण्डे पानी में नित्य तीन बार फेंकी लेने से पथरी में लाभ होता है ।
  7. पथरी का घरेलू ईलाज करने के लिए जौ का फायदा लिया जा सकता है | जौ का पानी पीने से पथरी निकल जाती है । इसलिए पथरी के रोगियों को जौ से बनी चीजें, जैसे-जौ की बनी रोटी, पानी, जौ का सत्तू इत्यादि लेना चाहिए । इससे पथरी के पिघलने में सहायता मिलती है तथा पथरी नहीं बनती है । 15 दाने बड़ी इलायची के, 1 चम्मच खरबूजे के बीज की मिंगी, दो चम्मच मिश्री इन सबको पीसकर एक कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम दो बार नित्य पीते रहें । इससे गुर्दे की पथरी गल जाती है ।
  8. पथरी में दौब को जड़ सहित उखाड़ कर उसकी पत्तियाँ तोड़कर अलग कर लें और फिर इसके डण्ठल और जड़ों को पानी से धोकर पीसकर ठण्डाई की तरह छानकर इसमें स्वाद ‘ के अनुसार मिश्री मिलाकर छान लें, फिर पीजिए । नित्य दो बार पीते रहें । इससे पथरी गल जाती है और पेशाब खुल कर आता है । एक बार में दौब के आधा किलो ठण्डल और जड़ पीसें ।
  9. सहजन भी पथरी का घरेलू ईलाज करने में सहायक होता है | इसकी सब्जी गुर्दे व मूत्राशय की पत्थरी को तोड़कर, पेशाब के साथ पथरी को निकाल देती है ।
  10. गर्मी के मौसम में पैदा होने वाली सब्जियाँ, फल अधिक खाने से पथरी निकल जाती है ।
  11. पथरी के रोगियों के लिए खरबूजा खाना उपयोगी है ।
  12. गुर्दे और मूत्राशय में पथरियाँ बनती हैं । ऑपरेशन कराके निकाल देने के पश्चात् भी प्राय: पथरी बन जाती है । सेब का रस पीते रहने से पथरी बनना बन्द हो जाता है तथा बनी हुई पथरी घिस-घिसकर मूत्र द्वारा बाहर आ जाती है । इससे रात को बार-बार पेशाब जाना कम हो जाता है । यह गुर्दों को शुद्ध करती है तथा गुर्दे का दर्द दूर होता है ।
  13. आम के ताजे पत्ते छाया में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और 8 ग्राम नित्य बासी पानी के साथ प्रात: फंकी लें । रेत, कंकरी दूर हो जायेगी ।
  14. आंवले द्वारा पथरी का घरेलू ईलाज करने के लिए आँवले का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी में लाभ होता है ।
  15. पथरी का घरेलू ईलाज करने के लिए मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया–प्रत्येक 50 ग्राम को डेढ़ किलो पानी में प्रात: भिगो दें । शाम को छानकर इन्हें पीसकर इसी पानी में घोलकर छान कर पीयें । एक बार में नहीं पीया जाये तो कुछ समय बाद पुन: पीये । इसी प्रकार शाम को भिगोकर प्रात: तैयार करके पीये । इससे पेशाब खुलकर आयेगा । पथरी निकल जायेगी ।
  16. पका हुआ जामुन खाने से पथरी के रोग में आराम होता है । जामुन की गुठली का चूर्ण दही के साथ खायें ।
  17. छुहारे का सेवन भी पथरी में लाभदायक है ।
  18. पथरी, मूत्राशय की सूजन, गुर्दो की सफाई के लिए गाजर, चुकन्दर, ककड़ी, या खीरे का रस प्रत्येक 150 ग्राम मिलाकर पीने से लाभ होता है । गुर्दे और मूत्राशय की पथरी को गाजर का रस निकाल देता है । केवल गाजर का रस नित्य 3-4 बार पीने से भी पथरी में लाभ होता है । इसमें सलाद के पत्तों का रस 250 ग्राम मिलाकर पीने से पित्ताशय की पथरी (Gall Bladder Stone) में भी लाभ होता है । दूसरी विधि से पथरी का घरेलू ईलाज करने के लिए एक-एक चम्मच गाजर और शलगम के बीज मोटी मूली को खोखला करके भर लें और मुँह बन्द कर दें । इसे आग में भून लें । फिर ठंडा करके बीज निकाल कर सुबह शाम दो बार एक माह पानी से फंकी लें । प्रत्येक टाइम मात्र आधा चम्मच पीना चाहिए ।
  19. खीरे का रस भी पथरी में लाभदायक होता है । इसका फायदा लेने के लिए खीरे का रस 250 ग्राम दिन में तीन बार प्रतिदिन पीना चाहिए । पेशाब में जलन, रुकावट और मधुमेह में भी खीरा लाभदायक है । खीरे के रस को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें एक चम्मच शहद और आधा नीबू मिलाया जा सकता है ।
  20. बथुआ का शाक पथरी से बचाता है ।
  21. चौलाई का शाक नित्य खाने से पथरी गल जाती है ।
  22. करमकल्ला का सेवन पथरी और मूत्र की रुकावट में लाभदायक है । इसकी सब्जी घी से छौंककर बनानी चाहिए ।
  23. खरबूजे का सेवन पथरी को निकालता है ।
  24. गुर्दों की पथरी का घरेलू ईलाज के लिए केवल आलू खाते रहना भी लाभकारी हो सकता है | पथरी के रोगी को केवल आलू खिलाकर और बार-बार अधिक पानी पिलाते रहने से गुर्दो की पथरियाँ और रेत आसानी से निकल जाती है ।
  25. पथरी में प्याज के रस का भी इस्तेमाल किया जा सकता है इसमें चीनी डालकर शर्बत बनाकर पीने से पथरी कट-कटकर बाहर आ जाती है ।
  26. मूत्राशय की पथरी का घरेलू ईलाज करने के लिए 35 ग्राम मूली के बीज को आधा किलो पानी में उबालें । और जब यह पानी आधा रह जाये तो छानकर पी जाएँ । यह प्रक्रिया कुछ दिनों तक करने से लाभ होता है |
  27. मूली का रस 20 ग्राम नित्य पीयें तथा इसके पत्ते चबा-चबाकर खायें । पथरी चूरचूर होकर पेशाब के साथ बाहर आयेगी । यह प्रयोग 2-3 माह करें ।
  28. गुर्दे और मूत्राशय की पथरी को गलाने के लिए गेहूँ और चनों को औटाकर पानी पिया जा सकता है । इसके अलावा गेहूँ के पौधों का रस भी मूत्राशय की पथरी में लाभदायक होता है ।
  29. पथरी का घरेलू ईलाज के लिए चने का इस्तेमाल करने के लिए चने की दाल को रात भर भिगो दें और सुबह इस दाल में शहद मिलाकर खाएं |
  30. मूत्राशय की पथरी में छाछ पीना लाभदायक है ।
  31. अखरोट साबुत (गिरी और छिलके सहित) कूटकर, छानकर एक चम्मच सुबह-शाम ठण्डे पानी से कुछ दिन लेने से पथरी निकल जाती है ।
  32. 6 ग्राम मेहँदी के पत्ते, 500 ग्राम पानी में उबालें, जब 150 ग्राम पानी रह जाये तो छानकर गरम-गरम यह पानी पिलायें । यह पाँच दिन करें । पथरी निकल जायेगी । गुर्दे के रोग ठीक हो जायेंगे ।
  33. गन्ना चूसते रहने से पथरी के टुकड़े-टुकड़े होकर यह निकल जाती है ।
  34. 6 ग्राम अजवाइन नित्य फाँकने से गुर्दे व मूत्राशय की पथरी निकल जाती है ।
  35. नीम के पत्तों की राख 6 ग्राम ठण्डे पानी से तीन बार नित्य फंकी लें । कुछ ही दिनों में गुर्दे और मूत्राशय की पथरी गलकर निकल जाती है । विधि: नीम के पत्ते छाया में सुखाकर बर्तन में जलायें । जल जाने पर बर्तन का मुँह ढंक दें । चार घण्टे बाद पत्तियों को निकाल कर पीस लें । यह नीम की राख है ।
  36. इलायची पथरी में लाभदायक है । यह पेशाब की जलन दूर करती है ।
  37. कुलथी द्वारा पथरी का घरेलू ईलाज करने के लिए 250 ग्राम कुलथी तीन किलो पानी में रात को भिगो दें, प्रात: उबालें । जब डेढ़ किलो पानी रह जाये तो उसे छानकर नमक, काली मिर्च, जीरा, हल्दी, शुद्ध घी से छौंक दें । इसे रोजाना पीते रहें । इससे गुर्दे, मूत्राशय की पथरी बिना ऑपरेशन बाहर आ जाती है । जब तक पथरी रहे, यह लेते रहें । अधिक दिन लेने से कोई हानि नहीं है । छानने के बाद बची हुई कुलथी में और पानी डालकर दाल की तरह सब्जी बनाकर खा सकते हैं ।
  38. चुकंदर से पथरी का घरेलू ईलाज करने के लिए चुकन्दर का रस या चुकन्दर को पानी में उबाल लें उसके बाद उसका सूप बना लें और इस सूप को 30 ग्राम दिन में चार बार पियें | कुछ सप्ताह तक ऐसा करने से पथरी गलकर निकल जाती है |

कृपया ध्यान दें:

जिन लोगों को गुर्दे और मसाने की पथरी का रोग हो, उनके लिए चावल, पालक बहुत हानिकारक पदार्थ हैं । इसलिए इनसे दूरी बनाये रखना रोगी का परम कर्तव्य है |

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About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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