फटी एड़ियों को ठीक करने एवं सुन्दर बनाने के प्रभावी घरेलू उपाय

फटी एड़ियों पर शायद ही कोई ध्यान देता है क्योंकि आम तौर पर देखा गया है की एड़ियाँ और हमारे पैर अमूमन हमेशा ही उपेक्षा का शिकार रहते हैं । महिलाएं इनकी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देती हैं । वे अपने चेहरे की सुंदरता के लिए तो घंटों लगाती हैं, पर पैर व एड़ियों के लिए स्नान ही पर्याप्त मानती हैं । लेकिन सच्चाई यह है की स्त्री कितनी भी सुन्दर हो लेकिन यदि उसकी एड़ियाँ फटी हों तो वे उसके सौन्दर्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से फटी एड़ियों पर किन घरेलू नुश्खों को अपनाया जा सकता है के बारे में जानने की कोशिश करेंगे |

एड़ियों को सुन्दर बनाने के लिए टिप्स:

  • फटी एड़ियों पर सोने से पहले उन पर ग्लिसरीन लगाकर सोयें |
  • फटी एड़ियों पर कुछ भी लगाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धो अवश्य लें |
  • व्यायाम करने के बाद पैर की उंगलियों को चौड़ाई में फैलाकर जितना हो सके, गोल-गोल घुमाएं । इससे उंगलियों के बीच की मृत त्वचा हटेगी ।
  • एड़ियां कटने पर सरसों के तेल में मोम पकाकर लगाएं । एड़ी ठीक हो जाएंगी । मधुमक्खियों के छत्ते का मोम पिघलाकर उसमें बोरिक पाउडर मिलाकर एड़ियों पर मलें ।
  • नहाने के बाद सरसों के तेल में चुटकी भर हल्दी मिलाकर एड़ियों पर रगड़ें ।
  • फटी एड़ियाँ या काली होने पर प्याज का रस यदि एड़ियों पर लगाया जाए तो इससे कालापन दूर होगा ।
  • फटी एड़ियों को सुन्दर बनाने के लिए सप्ताह में एक बार जैतून का तेल कुनकुना करके एड़ियों पर मलें । दस मिनट बाद बेसन और हल्दी का लेप लगाएं । त्वचा साफ हो जाएगी ।
  • रात को सोने से पहले एड़ियों पर मॉइस्चराइजर अवश्य लगाएं ।
  • यदि पंद्रह दिन तक लगातार सख्त एड़ियों पर नीबू, मलाई रगड़े तो आपकी एड़ियां मुलायम हो जाएंगी ।

फटी एड़ियों से बचने के उपाय :

  • बार-बार जुकाम होने से एड़ियाँ फटने लगती हैं अत: जुकाम का इलाज तुरन्त करें ।
  • बालों में ठण्डक प्रदान करने वाला तेल सर्दियों में न लगाएँ, इस कारण से भी एड़ियाँ फटने लगती हैं ।
  • सर्दियों में मक्का, बाजरा व गुड़ खाने से एड़ियाँ नहीं फटतीं । इसलिए सर्दियों में इनका सेवन अवश्य करें |
  • सर्दियों में नित्य जूते पहनने से पैरों की गर्मी व नमी बनी रहती है तथा मिट्टी व सर्द हवा नहीं लगती, अत: एड़ियाँ फटने से बची रहती हैं । इसलिए सर्दियों में घर में भी बराबर कपड़े के जूते पहनें ।

फटी एड़ियों का घरेलू ईलाज

फटी एड़ियों को ठीक करने के प्रभावी घरेलू नुश्खे:

  • मदनफल, योग्य और समुद्र लवण का लेप मक्खन में मिलाकर फटी एड़ियों पर लगाने से लाभ होता है ।
  • फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए सेहुड के दूध को एरण्ड के तेल में पकाकर उसमें सेंधा नमक मिलाकर फटी एड़ियों पर लगाना चाहिए ।
  • शुद्ध घी और पिसी हल्दी को मिलाकर गर्म करके एड़ियों पर लगाने से राहत मिलेगी ।
  • मेहँदी की पत्तियों को पीसकर या मेहँदी पाउडर के घोल पैरों को राहत देता है, परन्तु शीतकाल में मेहँदी न लगायें ।
  • फटी एड़ियाँ होने पर उन पर सरसों के तेल को गुनगुना गरम करके उसमें सेंधा नमक मिलाकर भी लगा सकती हैं । यह उपचार भी काफी राहत देने वाला होता है । यदि एड़ियाँ ज्यादा गहराई तक फट गयी हों तो रात्रि में सरसों का तेल और मोम को गरम करके भी घावों में भरा जा सकता है ।
  • फटी एड़ियों में बड़ का दूध लगाने से दो-तीन दिन में फटी एड़ियाँ ठीक हो जाती हैं ।
  • शलजम को उबालकर इसके पानी से एड़ियों को धोयें । इसके बाद उन पर शलजम रगड़े, रात को ऐसा करके फिर उन पर कपड़ा लपेट दें । इससे यह ठीक हो जाती हैं ।
  • फटी हुई बिवाइयों पर एक पके टमाटर का रस तथा इतनी ही मात्रा में ग्लिसरीन को मिलाकर धीमे-धीमे मलने से बिवाइयों के दर्द में आराम मिलता है ।
  • त्वचा बहुत अधिक खुरदरी हो तो रात को सोते समय जैतून के तेल में नीबू की कुछ बूंदें मिलाकर प्रतिदिन लगाएँ । सुबह उठकर मलाई व बेसन से पाँव धो डालें । जेतून के तेल की मालिश पैरों पर प्रतिदिन करनी चाहिए ।
  • ग्लिसरीन में एक चम्मच बोरिक पाउडर डालकर फटी एड़ियों पर कुछ देर मलें । फिर उन्हें तौलिए से रगड़कर साफ कर लें । आप पैरों पर जैतून के तेल की मालिश भी कर सकती हैं ।
  • गुनगुने पानी में नीबू निचोड़ कर पैरों को कुछ देर पानी में रहने दें । बाद में ब्रश से रगड़ कर साफ करें । पैर सुखाकर अच्छी क्रीम लगाएँ । कुछ दिन के नियमित प्रयोग से एड़ियाँ चिकनी हो जाएँगी ।
  • मोम को जैतून के तेल में मिलाकर गर्म करें । इस मिश्रण को एड़ियों पर लगाएँ । फटी हुई जगह पर आराम मिलेगा । एड़ियाँ चिकनी हो जायेंगी ।
  • पैरों में बिवाइयाँ फटने पर गर्म पानी से फटी हुई त्वचा धोकर शहद मलिए तथा फटे हिस्से में शहद भर दीजिए । बिवाइयों के मुँह बन्द हो जाएँगे ।
  • फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए पपीते के छिलकों को सुखाकर-कूटकर चूर्ण बना लें । इस चूर्ण को ग्लिसरीन में मिलाकर दिन में दो बार कटी-फटी एड़ियों व पैरों में लगाने से बहुत जल्दी आराम मिलता है ।
  • देशी पीला मोम पंसारी के मिलता है। मोम एक भाग, तिल का तेल चार भाग,मिलाकर गर्म करके मरहम बना लें । इसे बिवाइयों पर लगायें, लाभ होगा ।
  • कच्चे पपीते को पीसकर चटनी बना लें । इस चटनी के चौथाई वजन के सरसों के तेल में दो बड़े चम्मच पिसी हुई हल्दी मिलाकर हलवे की तरह पकायें तथा इस लुगदी की पुलटिस को फटी एड़ियों पर लेप करके पट्टी बाँध दें । दो या तीन दिन तक यह क्रिया दोहरायें । कैसी भी बिवाई हो, ठीक हो जायेगी । फटी हुई एड़ियों में काजू के छिलकों का तेल लगाने से आराम होता है ।
  • शुद्ध घी में जरा-सा नमक मिश्रित करके बिवाइयों को भली-भाँति भर दें ।
  • सफेद राल व घी 20-20 ग्राम, मोम 5 ग्राम पहले घी को खूब गर्म करें फिर इसी में मोम डाल कर पिघलाएँ । जब मोम पिघल जाए तब राल का बारीक पिसा हुआ चूर्ण भी इसमें डाल दें । बस मरहम तैयार है । इस मरहम को पैर की फटी एड़ियों में लगाएँ । यह विधि फटी एड़ियाँ ठीक करने के लिए अपने गुणों के कारण अदभुत एवं चमत्कारी दवा है ।
  • देसी अजवायन को बारीक पीस कर और शहद में मिलाकर रात्रि में बिवाइयों में भर दें । प्रात: पैरों को गोमूत्र से धो लें । कुछ दिन ऐसा करने से बिवाइयाँ ठीक हो जाती है ।
  • मोम, राल, गूगल, पुराना, गुड़, सेंधा नमक—सभी वस्तुओं को समभाग लेकर खूब बारीक पीस लें । फिर इसमें दुगुना गो-घृत मिला दें । इस मरहम को लगाने से भी फटी एड़ियाँ ठीक हो जाती है |
  • एरण्ड के बीज की गिरी पीसकर बिवाई में लगाने से बिवाई ठीक हो जाती है ।
  • पैरों को गर्म पानी से धोकर एरण्ड का तेल लगायें । बिवाई फटना बन्द हो जायेगी ।
  • शलगम को उबालकर उसके पानी से फटी एड़ियों को धोयें । फिर उस पर शलगम रगड़ें । रात को ऐसा करके फटी एड़ियों पर कपड़ा लपेट दें । इससे फटी एड़ियाँ ठीक हो जाती हैं ।
  • सर्दियों में यदि पैर बहुत ज्यादा फट गये हों तो पैराफीन वैक्स को गर्म करके उसमें कुछ बूंदें ग्लिसरीन की मिलाकर पैरों पर गुनगुनी ही रगड़ लें ।
  • नीबू का रस जैतून का तेल व ग्लिसरीन को मिलाकर एड़ी पर लगाने से बिवाइयाँ ठीक हो जाती हैं । सिरस की छाल का चूर्ण, हल्दी मिलाकर कड़वे तेल में पुल्टिस बना लें और इसे फटी एड़ियों पर बाँधकर सो जाएँ । तीन दिन में फटी एड़ियाँ ठीक हो जायेंगी ।
  • सिरस के बीजों का तेल बिवाइयों पर लगायें ।
  • लहसुन को पीस कर रस से बिवाइयों पर मालिश करें। शेष लहसुन बिवाई में भर दें । बिवाई ठीक हो जायेगी ।
  • फटी एड़ियाँ ठीक करने के लिए सिरस की छाल का काढ़ा बनायें । इसमें नमक डालकर किसी चौड़े बर्तन में डालकर पैर डुबोएँ । इससे एड़ियों की कठोर दरारें, नर्म होकर ठीक हो जाती हैं ।
  • नीम के तेल में हींग डालकर लेप बनायें और बिवाई में भरें ।
  • गुड़ और शहद का लेप बिवाई में भर दें । बिवाई मिट जायेगी ।
  • फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए प्याज के बीजों का तेल इनमें भर दें इससे चमत्कारी लाभ होता है ।
  • रात को सोने से पहले मक्खन में नमक मिलाकर बिवाइयों में मल दें ।
  • रात में पीपल के पत्ते कूट-पीसकर उबाल लें । इस पानी में कपड़ा डुबो कर बिवाई पर निचोड़ें । बिवाई में दर्द शान्त हो जायेगा । रक्त-संचार तेजी से होगा । बिवाई की कठोर दरारें नर्म हो जायेंगी, तब इसमें पीपल के पत्तों का दूध टपकायें । फिर पट्टी बाँधकर सो जायें ।
  • सिर-दर्द, बुखार आदि की दवाएँ पुरानी होने पर अकसर फेंक दी जाती हैं । इन दवाओं को अच्छी तरह पीसकर पेट्रोलियम जेली (वैसलीन) में मिलाकर रख दें । इस पेस्ट को फटी हुई एड़ियों में लगाने से लाभ होता है ।
  • पैरों की एड़ियाँ फट गई हों और काली खुरदरी दरारें पड़ गई हों तो दोपहर को फुर्सत के वक्त इस पर बथुआ रगड़ा करें ।
  • फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए इन पर कच्चे आम का रस लगायें |
  • कलई चूना 2 भाग, मक्खन ताजा 2 भाग-दोनों को एक बर्तन में खूब मथकर बिवाई पर लगायें, बहुत लाभ होगा ।
  • फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए एक लीटर पानी में आक के पच्चीस-तीस फूल डाल कर उबालें और इसकी भाप के ऊपर एड़ी करके सेंक करें । यह सेंक रात में सोते समय करें और सेंक के बाद इन फूलों को दुखती एड़ी पर रख कर पट्टी बाँध कर सो जाएँ । 9-10 दिन तक यह प्रयोग करने पर दर्द जाता रहेगा ।
  • मोम (मधुमक्खी के छत्ते से बना मोम हो तो उत्तम), सेंधा नमक कपड़छान, गुग्गुल, चूना कली, गेरू मिट्टी सबको घी में डालकर आग पर गरम करें । बाद में इसमें शहद और अन्दाज से रेंडी का तेल (कैस्टर ऑयल) डालकर रखें और आग पर गलाते समय थोड़ा कपूर डाल दें । मलहम तैयार है, इसे बिवाई में लगाने से दर्द में आराम मिलता है । पैर चिकने, मुलायम होकर बिवाइयों से मुक्ति मिल जाती है । मलहम जम जाये तो थोड़ा गरम करके लगायें ।
  • प्याज को पीसकर बिवाइयों में भर देने से बिवाई फटनी बन्द हो जाती है ।
  • फटी एड़ियाँ हों तो उनमें मोम व राल पिघला कर भरिए । शरीर में कैल्शियम और चिकनाई की कमी से एड़ियाँ फटने लगती हैं । एड़ी व तलवों की त्वचा मोटी होने की वजह से शरीर के अंदर बनने वाला प्राकृतिक तेल पैरों के तलवों की बाहरी सतह तक नहीं पहुँच पाता । पौष्टिक तत्त्व व चिकनाई न मिलने के कारण एड़ियाँ खुरदरी व फटने लगती हैं ।
  • हरी दूब को पीसकर फटी एड़ियों पर लगाने से लाभ होता है ।
  • पैरों की बिवाइयाँ फटी हों या हथेली, तलवों में पसीना ज्यादा आता हो तो पानी में एक टी-बैग उबाल लें । इस थैली से हाथ-पाव सेंके, बिवाई पर लगाएँ । चाय में टैनिन नामक अम्ल होता है । यह पाँवों को खुश्क और दर्गध रहित करता है तथा बिवाई में यही अम्ल काम करता है और पैर ठीक रहते हैं ।
  • सर्दी के पूर्व ही एड़ियाँ फटने लगे तो नित्य इन पर गुनगुने सरसों के तेल की मालिश करें ।
  • फटी एड़ियों को नित्य 10-15 मिनट धूप स्नान भी कराएँ । इससे ये कुदरती जुड़ने लगती हैं ।
  • मलाई में नीबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर एड़ियों पर मलें । गुलाब जल व कच्चा दूध समान मात्रा में फेंटकर मालिश करने से पैरों की कटी फटी दरारें शीघ्र भरने लगती हैं ।
  • सर्दी में मेवा खाने से एड़ियाँ नहीं फटतीं ।
  • फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए इन पर पत्तागोभी के ताजा मुलायम पत्ते रगड़ें |
  • पिघले मोम में शहद मिलाकर भरने से कटी-फटी एड़ियों की दरारें शीघ्र भर जाती हैं ।
  • डेढ़ चम्मच वैसलीन में एक चम्मच बोरिक पाउडर डालकर मिला लें तथा फटी एड़ियों पर लगाएँ । कुछ ही दिनों में फटी एड़ियाँ भरने लगेंगी ।
  • एड़ियाँ ज्यादा फटी हुई हों तो मेथिलेटिड स्प्रिट में रुई के फोहे को भिगोकर फटी एड़ी पर लगाएँ । दो मिनट बाद रुई हटा लें । 10-10 मिनट बाद तीन-चार बार ऐसा ही करें । इससे फटी एड़ियाँ ठीक हो जाएँगी।
  • गुनगुने पानी में थोड़ा शैम्पू, एक चम्मच मीठा सोडा व कुछ बूंदें डिटोल डालकर मिला लें । इस पानी में पैरों को भिगोएँ । त्वचा फूलने पर प्यूमिक स्टोन से रगड़ कर साफ कर लें । मृत त्वचा साफ हो जाएगी । साफ तौलिए से पोंछ कर गुनगुने जैतून या नारियल तेल की मालिश करें ।
  • पुराना गुड़ व हल्दी को धीमी आँच पर गर्म करें, बिवाई पर बूंद-बूंद करके गिराएँ । गरम गुड़ की सिकाई से राहत मिलेगी ।
  • घी व शुद्ध मोम धीमी आँच पर गरम करें । बूंद-बूंद बिवाई पर गिराएँ । 10-12 दिन अपनाने से शर्तिया दरारें भर जाएँगी ।
  • फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए इन पर गुनगुने नारियल तेल की मालिश करें व उनमें भर दें तो वे शीघ्र भरने लगेंगी ।
  • अरण्डी के पत्तों को हल्का गर्म करके उस पर देशी घी व हल्दी का लेप करके बिवाइयों पर बाँध लें । इससे दर्द कम होगा तथा बिवाइयाँ ठीक हो जाएँगी ।
  • फटी एड़ियाँ अधिक हो जाएँ, तो पचास ग्राम वैसलीन में दस बँदें कार्बोलिक एसिड अच्छी तरह मिलाकर रख लें । रोज रात को लगाएँ । सुबह गुनगुने पानी से एड़ियाँ अच्छी तरह धो लें । कुछ ही दिनों में एड़ियाँ साफ व सुन्दर हो जाएँगी । ध्यान रखें इस मलहम को हाथ से न लगाएँ ।
  • दस ग्राम वैसलीन में चार बूंदें, अमृतधारा मिलाकर फटी बिवाई व फटे होंठों पर लगाने से दर्द ठीक हो जाता है तथा फटी हुई चमड़ी जुड़ जाती है ।
  • फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए मोम 6 ग्राम को 40 ग्राम तिल के तेल में पकाएँ । जब पकने लगे तब 10 ग्राम रॉल भी पीसकर डाल दें और थोड़ी देर पकाकर नीचे उतार लें । और इस मलहम को फटी एड़ियों पर लगायें बहुत लाभ होगा ।

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