Hypoglycemia के कारण लक्षण एवं उपचार

Hypoglycemia को हिंदी में अल्प शर्करा रक्तता भी कह सकते हैं और हाइपोग्लाइसीमिया भी, जहाँ तक इस रोग की उत्पति का सवाल है इस रोग की उत्पति शरीर के रक्त में ग्लूकोज की मात्रा के जरूरत से ज्यादा कम हो जाने के कारण होती है | और शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा जरुरत से ज्यादा कम होने के अनेकों कारण हो सकते हैं जिससे Hypoglycemia नामक रोग की उत्पति हो जाती है | कहने का आशय यह है की रक्त में शर्करा की अल्पता हो जाने को मेडिकल टर्म में Hypoglycemia नामक नाम से जाना जाता है | इसके अलावा यह भी कहा जा सकता है की रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा कम हो जाने वाली स्थिति को ही इस नाम से जाना जाता है | हाइपोग्लाइसीमिया नामक यह रोग अचानक से शुरू हो सकता है और ग्लूकोज युक्त पानी एवं चिकित्सक को दिखाकर इसे दूर भी किया जा सकता है लेकिन समय पर इस रोग का ईलाज न करने पर व्यक्ति के सामान्य लक्षण गंभीर लक्षणों जैसे भ्रम, बेहोशी इत्यादि में परिवर्तित होकर जानलेवा भी साबित हो सकते हैं |

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Hypoglycemia होने के कारण (Cause of Hypoglycemia in Hindi):

जैसा की हम बता चुके हैं की Hypoglycemia नामक यह रोग खून में ग्लूकोज़ की कमी हो जाने के कारण होता है और खून में ग्लूकोज़ की कमी के अनेकों कारण हो सकते हैं लेकिन कुछ मुख्य कारणों की लिस्ट निम्नवत है |

·         यदि रोगी मधुमेह अर्थात डायबिटीज से पीड़ित है तो रोगी द्वारा ज्यादा दवाई लेने से भी रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा कम हो सकती है |
·         लम्बे समय या अधिक समय तक भोजन न करने से भी यह हो सकता है |

·         पेन्क्रियाज अर्थात अग्नाशय में विकार भी एक कारण हो सकता है |

·         लीवर में एन्जाइम्स की कमी के चलते भी रक्त में ग्लूकोज़ की कमी हो सकती है और जिसके कारण Hypoglycemia नामक यह              रोग हो सकता है |

·         ग्लूकागोन (Glucagon) की कमी भी एक कारण हो सकती है |

·         पेन्क्रियाज अर्थात अग्नाशय में कैंसर होने से भी खून में ग्लूकोज़ की कमी हो सकती है|

·         मधुमेह के रोगी द्वारा ज्यादा इन्सुलिन लेने से भी यह समस्या हो सकती है |

हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण (Symptoms of Hypoglycemia in Hindi)

हाइपोग्लाइसीमिया नामक इस रोग के मुख्य लक्षण कुछ इस प्रकार से हैं | इस रोग से ग्रसित रोगी को ठंडे पसीने आते हैं ।

·         शरीर का हिलना भी एक लक्षण है |

·         दिल की धड़कन का तेज होना भी Hypoglycemia का ही एक लक्षण है |

·         दिल का ज्यादा गति से धड़कना भी एक लक्षण है |

·         इस रोग से पीड़ित व्यक्ति के बाल खड़े रहते हैं |

·         कमजोरी एवं आलस्य भी इस रोग का एक लक्षण है |

·         अत्यधिक भूख लगना भी Hypoglycemia का एक लक्षण है |

·         इस रोग में रोगी को डर अर्थात भय भी लगता है |

·         रोगी का दिमाग परेशान रहता है और वह चिंता में भी रहता है |

·         Hypoglycemia से ग्रसित रोगी अच्छी तरह सोच भी नहीं पाता और भूलना उसकी आदत में शुमार हो जाता है |

·         रोगी को बार बार जंभाई एवं सिर में दर्द भी रहता है |

·         रोगी के हाथों एवं पैरों में सनसनाहट रहती है |

·         रोगी में बैचैनी एवं सिर घुमने एवं चक्कर आकर बेहोश होने के भी लक्षण देखे जा सकते हैं |

हाइपोग्लाईसीमिया का ईलाज (Treatment of Hypoglycemia in Hindi):

यद्यपि शुरूआती दौर में Hypoglycemia नामक इस रोग का उपचार पानी में ग्लूकोज़ देकर किया जा सकता है | खास तौर पर बच्चों का यदि तुरंत ईलाज प्रारम्भ न किया तो उनके दिमाग को हानि हो सकती है | आपातकालीन स्थिति में Hypoglycemia का ट्रीटमेंट करने के लिए रोगी के खून को शूगर की जांच के लिए भेजना चाहिए | यदि रोगी मधुमेह से पीड़ित है और शूगर को नियंत्रित करने के लिए इन्सुलिन या डायोनिल लेता है तो ली गई मात्रा का पता लगाना चाहिए यदि दवाइयों की अधिकता के कारण यह हुआ है तो रोगी को चीनी या ग्लूकोज़ की मात्रा दी जा सकती है | इसके अलावा चिकित्सक द्वारा रोगी को I/V के माध्यम से भी ग्लूकोज़ दिया जा सकता है जिससे रोगी को तुरंत आराम मिलने के अधिक आसार हैं रोगी को Hypoglycemia का तीव्र अटैक पड़ने पर उसे ग्लूकागोन (Glucagone) का इन्जेक्शन चिकित्सक की सलाह पर दिया जा सकता है । इसके अलावा ग्लूकोकार्टीकोइड्स (Glucocoricoids) भी इसके ईलाज में लाभप्रद हो सकते हैं ।

 

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