कब्ज में क्या खाए और क्या नहीं Diet Tips in Constipation in Hindi.

हालांकि इस लेख के माध्यम से हम कब्ज में क्या खाएं और क्या न खाएं विषय पर विस्तृत तौर पर वार्तलाप करने वाले हैं लेकिन उससे पहले यह समझ लेते हैं की, वर्तमान समय में आम तौर पर कब्ज की शिकायत सभी को रहती है कहने का आशय यह है की शारीरिकी क्रियाओं में मल विसर्जित करना भी एक महत्वपूर्ण क्रिया है जिसे हर मनुष्य द्वारा दैनिक तौर पर किया जाता है | यह अलग बात है की कोई सुबह मल विसर्जित करने जाता है तो कोई शाम को तो किसी का कोई समय नहीं होता जब वेग उठा तब चला जाता है | कब्ज नामक यह रोग मल विसर्जन से ही जुड़ा हुआ रोग है जब निश्चित समय पर शीघ्र और पूरी तरह शरीर से मल विसर्जित नहीं हो पाता है तो इसे कब्ज का रोग माना जाता है । जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की अपने जीवनकाल में यदा-कदा कब्ज नामक यह रोग सभी को हो जाता है, लेकिन इससे रोजाना परेशान रहना निश्चय ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है ।  शरीर में लगातार कब्ज की समस्या बनी रहने से मनुष्य के शरीर पर तो दुष्प्रभाव पड़ता ही है साथ में मन पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है |  परिणामस्वरूप मनुष्य को अनेकों मलद्वार सम्बन्धी रोग जैसे बवासीर, भगंदर, साइटिका, फिशर इत्यादि रोग भी हो सकते हैं | यही कारण है की आम तौर पर कब्ज को ही अनेकों रोगों का मूल कहा जाता है | इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से कब्ज में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं विषय पर जानने की कोशिश करने वाले हैं | हालांकि इस लेख के पहले भी हम कब्ज के कारण लक्षण एवं उपचार पर एक लेख लिख चुके हैं इसलिए इस लेख में हम कब्ज में केवल क्या खाना चाहिए और क्या नहीं पर ही इस लेख को केन्द्रित करने की कोशिश कर रहे हैं | लेकिन कब्ज पैदा करने वाले कारणों में असमय खानपान करने की आदत, नियमित रूप से संतुलित भोजन न करना, भारी एवं मैदे से युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करना, व्यायाम का अभाव, परिश्रम न करना इत्यादि कारण होते हैं | और जब किसी को कब्ज हो जाती है तो उसमे विभिन्न लक्षण जैसे भोजन में रूचि न होना, भूख सही से न लगना, पेट भारी भारी रहना, पेट फूलना, गैस की समस्या होना, मुहं में छाले, जी मिचलाना, चिडचिडापन इत्यादि लक्षण दिखाई दे सकते हैं | तो आइये जानते हैं कब जैसे इस आम रोग में रोगी को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं अर्थात क्या परहेज करना चाहिए |

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कब्ज में क्या खाना चाहिए (What to eat in Constipation in Hindi):

  • खाने पीने की वस्तुओं अर्थात खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल प्राकृतिक रूप से ही करें |
  • कब्ज में गेहूं के पौधे का रस फायदेमंद होता है और हो सके तो अंकुरित खाद्य पदार्थ को प्राथमिकता दें |
  • जौ की चिकार सहित रोटी कब्ज में फायदेमंद होती हैं |
  • गेहूं एवं चने के चोकर सहित आटे की रोटी भी कब्ज में खा सकते हैं |
  • खाने में हल्का जल्दी पचने वाला भोजन जैसे दलिया, खिचड़ी, मूंग , अरहर की दाल इत्यादि खाने पर जोर डालें |
  • रोटी करे मुकाबले में सब्जी को अपनी डाइट का हिस्सा अधिक बनायें |
  • कब्ज को ददोर करने के लिए रात को सूते समय गर्म दूध मुनक्के के साथ पीयें |
  • लंच करते समय एवं बाद में थोड़ा थोड़ा छाछ पी सकते हैं |
  • शरबत, सूप, लस्सी, मट्ठा, पानी इत्यादि तरल पदार्थो का अधिक से अधिक सेवन करें |

फल जो कब्ज में खाने चाहिए (Fruits to eat in Constipation)

  • केले खा सकते हैं |
  • सेब खा सकते हैं |
  • अनार एवं अमरुद खाना भी लाभकारी होता है |
  • पपीता खाएं |
  • आम एवं खरबूजा भी खा सकते हैं |

सूखे मेवे जो कब्ज में खा सकते हैं

  • मुनक्का
  • अंजीर
  • किशमिश
  • बादाम

सब्जी जो कब्ज में खा सकते हैं (Vegetable to eat in Constipation)

  • ककड़ी
  • शलगम
  • गाज़र
  • मूली
  • टमाटर
  • पालक
  • मेथी
  • पत्ता गोभी
  • बथुआ
  • प्याज
  • प्याज के सलाद में नीबू का रस

कब्ज में क्या न खाएं (What not to eat in Constipation)

  • गेहूं के सामान्य आटे की रोटीयां कम से कम खाएं |
  • बासी भोजन, भारी भोजन, तले भुने हुए भोजन, मैदे से बने पकवानों का खास तौर पर परहेज करें |
  • चटपटी, मिर्च मसालेदार वाले खाद्य पदार्थों को खाने से भी बचें |
  • मीट, अंडा, बैगन की सब्जी, अरवी की सब्जी, भिन्डी की सब्जी, मसूर की दाल, चने की दाल इत्यादि का भी कब्ज में परहेज करना चाहिए |
  • मादक पदार्थों जैसे शराब, चाय, कॉफी, तंबाकू इत्यादि का सेवन बिलकुल न करें | फलों को जैसे सेब, केले, प्याज मूली को रात के भोजन अर्थात डिनर के साथ न लें |
  • ध्यान रहे भोजन से पहले या बीच में या फिर भोजन के तुरंत बाद केवल एक बार में ही ज्यादा पानी न पियें |

कब्ज के दौरान क्या करें? (What to do during constipation)

  • यदि संभव हो तो 24 घंटों में सुबह-शाम यानिकी दो बार मल विसर्जित करने की आदत डालें ।
  • सुबह उठने के तुरंत बाद कुल्ला करें और एक या दो या फिर इससे अधिक पानी पीने की आदत डालें |
  • सुबह शाम नियमित रूप से कम से कम दो तीन किलोमीटर घुमने का अपना एक नियम बनायें |
  • नियमित तौर पर कुछ न लुच थोड़ा बहुत परिषम या फिर व्यायाम अवश्य करें |
  • भोजन के तुरंत बाद तो नहीं लेकिन कम से कम एक फ्हनते बाद एक दो गिलास पानी अवश्य पीयें |
  • पेट पर सरसों के तेल की नियमित मालिश करने से भी कब्ज में आराम होता है |
  • यदि कब्ज की समस्या अधिक बढ़ जाय तो इसबगोल की भूसी को गरम दूध के साथ सेवन करने से भी यह दूर हो जाती है |

कब्ज में क्या न करें?(What not to do during constipation)

  • ध्यान रहे आलसी बनकर खाली दिन बैठे न रहे अर्थात ऐसी आदत न बनायें की आपको आलस में जीवन यापन करना पड़े |
  • शौच का वेग आने पर उसे रोकने का प्रयत्न कदापि न करें |
  • खाना खाने के तुरंत बाद मानसिक मेहनत न करें |
  • ध्यान रहे भोजन करते वक्त मानसिक तनाव, चिंता, क्रोध, शोक को त्य्गा दें या इन स्थितियों में भोजन को त्याग दें |
  • कब्ज से छुटकारा दिलाने वाली नियमित दवाओं की आदत न पड़ने दें |

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About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

One thought on “कब्ज में क्या खाए और क्या नहीं Diet Tips in Constipation in Hindi.

  1. Hello Manju,
    kabj jaisi beemari ke baare mepura wistar se bataya awn kaun sa aahar lena chahiye ye v bataya aapne, pehle mai sirf Baidyanath kabjhar khaya karta tha lekin is se bohot jyada faiyda nahi milta tha, lekin ab se mai aapke bataye hue tips ko follow karunga .

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