Kidney Cancer-गुर्दे का कैंसर |

Kidney Cancer को Renal Cancer एवं हिन्दी में गुर्दे का कैंसर भी कहा जाता है इसके सन्दर्भ में यह बात कही जाती है की यह महिलाओं की तुलना में पुरुषों को प्रभावित करता है | यद्यपि किडनी कैंसर किसी भी उम्र के व्यक्तियों को हो सकता है लेकिन वृद्ध व्यक्तियों में इसके होने का ज्यादा जोखिम रहता है कहने का आशय यह है की यह 40 साल से ऊपर के व्यक्तियों में अधिक देखने को मिलता है | सामान्य तौर पर किसी भी मनुष्य में दो किडनियां अर्थात गुर्दे होते हैं इनका कार्य रक्त को छानना एवं watsage को मूत्र अर्थात पेशाब के रूप में परिवर्तित करना होता है | जब गुर्दों द्वारा wastage को पेशाब के रूप में परिवर्तित कर लिया जाता है तो यह पेशाब मूत्राशय में संचित हो जाता है और मूत्रत्याग करते वक्त मूत्रमार्ग के रस्ते से पेशाब बाहर आता है | किडनी मनुष्य के निचले पेट में रीढ़ की हड्डी की ओर विद्यमान रहती हैं |

Kidney Cancer information in hindi

Kidney Cancer Kya hai:

किडनी अर्थात गुर्दे मनुष्य शरीर के बेहद महत्वपूर्ण अवयव हैं इनका काम खून में उपलब्ध अशुद्धियों को दूर करना अर्थात खून को छानना एवं बचे हुए wastage को मूत्र यानिकी पेशाब के रूप में परिवर्तित करना होता है | किडनी शरीर के अन्दर द्रव, धातु, क्षार एवं खनिज पर नियंत्रण करके ब्लड प्रेसर का भी नियमन करते हैं | किडनी का बाहरी हिस्सा जो wastage को पेशाब के रूप में परिवर्तित करता है Cortex कहलाता है एवं अंदरूनी हिस्सा जहाँ पेशाब जमा होता है medulla कहलाता है | Kidney Cancer से अभिप्राय किडनी में होने वाली ऐसी प्रतिक्रिया से है जब किडनी की कोशिकाएं असमान्य हो जाती हैं अर्थात कोशिकाएं अनियंत्रित गति से बढ़ने लगती हैं और धीरे धीरे tumor अर्थात गाँठ बनाने लगती हैं | हालांकि सामान्यतया किडनी कैंसर का पता अन्य अंगों में फैलने से पहले ही लग जाता है | जिससे जल्दी पता लग जाने के कारण इसके सफलतापूर्वक ठीक होने के विकल्प ज्यादा होते हैं |

Types of Kidney Cancer:

  1. Renal cell carcinoma:

इस प्रकार का किडनी कैंसर वयस्क लोगों में एक आम अर्थात सामान्य कैंसर है इस तरह के कैंसर का 85% निदान संभव है इस प्रकार का कैंसर समीपस्थ गुर्दे की नलिकाओं में विकसित होता है जो नलिकाएं किडनी के निस्पंदन सिस्टम को बनाती हैं |

  1. Transitional cell carcinoma

इस प्रकार का किडनी कैंसर किडनी के उस हिस्से में होता है जहाँ मूत्राशय की ओर बढ़ने से पहले मूत्र संचय होता है जिसे Renal Pelvis कहा जाता है | इस प्रकार के कैंसर का उपचार ब्लैडर कैंसर की तर्ज पर होता है क्योकि ये दोनों प्रकार के कैंसर उन्ही कोशिकाओं में शुरू होते हैं |

  1. Sarcoma:

इस प्रकार का यह किडनी कैंसर दुर्लभ अर्थात कम देखने को मिलता है | यह गुर्दे की नरम ऊतकों में विकसित होता है जैसे किडनी के आसपास संयोजी ऊतक की पतली परत जिन्हें कैप्सूल कहा जाता है या गुर्दे के आस पा जमा हुए बसा में भी इस प्रकार का कैंसर विकसित हो सकता है | Sarcoma नामक इस Kidney Cancer का उपचार शल्यक्रिया के माध्यम से किया जाता है यद्यपि इस प्रकार का कैंसर किडनी में दुबारा भी वापस आ सकता है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है | यही कारण है की पहली सर्जरी के बाद अन्य इलाज जैसे कीमोथेरेपी या और अधिक बार सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है |

  1. Wilms tumor:

यह बच्चों के किडनी के कैंसर का एक प्रकार है इसलिए इसका इलाज भी वयस्कों के किडनी कैंसर से अलग ही तरह से होता है | इस तरह के tumor को सर्जरी की बजाय अधिकतर तौर पर विकिरण चिकित्सा यानिकी Radiation Therapy एवं कीमोथेरेपी के माध्यम से ठीक किया जाता है |

  1. Lymphoma:

इस प्रकार का किडनी का कैंसर दोनों किडनियों को विस्तृत कर सकता है जो की बढ़े हुए लिम्फ नोड्स के साथ जुड़ा रहता है जिसे lymphadenopathy कहा जाता है । गर्दन, सीने और पेट की गुहा सहित शरीर के अन्य भागों में भी Lymph Node बढ़ सकती है | दुर्लभ मामलों में, गुर्दा लिम्फोमा गुर्दे में एक अकेला ट्यूमर द्रव्यमान के रूप में प्रकट हो सकता है और इसमें बढ़े क्षेत्रीय लिम्फ नोड्स शामिल हो सकते हैं। अगर लिंफोमा एक संभावना है, तो आपका डॉक्टर बायोप्सी का प्रदर्शन कर सकता है (डायग्नोसिस देख) और सर्जरी के बजाय कीमोथेरेपी की सिफारिश कर सकता है।

Possible Cause of Kidney Cancer in Hindi:

यद्यपि किडनी कैंसर किन कारणों से होता है इसका पता लगाने में अभी चिकत्सकीय अनुसंधानकर्ता लगे हुए हैं कहने का अभिप्राय यह है की किडनी कैंसर होने के कारण अभी ज्ञात नहीं हैं | लेकिन कुछ स्थितियां ऐसी हैं जो गुर्दे के कैंसर होने को प्रभावित करती हैं जिनका विवरण निम्नवत है |

  • एक लम्बी अवधि तक अत्यधिक धूम्रपान करना किडनी के कैंसर का कारण बन सकता है |
  • उम्र बढ़ने के साथ साथ किडनी के कैंसर होने का भी खतरा बढ़ता जाता है 40 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों को यह हो सकता है |
  • ज्यादा वजन होना भी किडनी के कैंसर का एक कारण बन सकता है |
  • यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेसर हाई रहता है तो यह भी किडनी के कैंसर होने का खतरा बढ़ा देता है | इसके अलावा ऐसे लोग जिनकी किडनी की बीमारी उच्च स्तर तक बही हुई है यानिकी जिन्हें डायलासिस की आवश्यकता होती है ऐसे लोगों को भी Kidney Cancer होने का खतरा रहता है |
  • ऐसे लोग जो ऐसे परिवारों के सदस्य हैं जिनके ,माता पिता भाई बहिन बच्चे या घर का अन्य कोई सदस्य पहले से किडनी कैंसर से पीड़ित रहा हो ऐसे लोगों को भी किडनी के कैंसर होने की ज्यादा संभावना रहती है |
  • कुछ स्थितियों में आनुवंशिकता भी किडनी कैंसर का करण बन सकती है | हालांकि यह सामान्य अर्थात आम बात नहीं है |
  • ऐसे लोग जो कार्य स्थल पर cadmium, asbestos, इत्यादि केमिकल के सम्पर्क में आते हैं उन्हें किडनी कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है | कोयला एवं पोलाद उद्योगों में Blast Furnace एवं Coke Oven से सम्बन्धित कर्मचारियों में इसकी संभावना अधिक रहती है |

Symptoms of Kidney Cancer in Hindi:

Kidney Cancer में शुरूआती दिनों में छोटे लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते हैं क्योंकि अक्सर वो इतने सामान्य होते हैं की कैंसर के लक्षणों एवं सामान्य लक्षणों में फर्क कर पाना थोड़ा कठिन होता है | अधिकतर लोगों में किडनी कैंसर का तब पता चलता है जब वो किसी और उद्देश से जांच एवं परीक्षण कराने हेतु जाते हैं | यद्यपि अधिकतर मामलों में किडनी कैंसर का पता समय रहते चल ही जाता है जिससे उनके ठीक होने की संभावना भी उतनी ही अधिक होती है | नीचे हम किडनी कैंसर से समबन्धित कुछ संभावित लक्षणों (Symptoms) की लिस्ट दे रहे हैं लेकिन यह जरुरी नहीं है की यदि व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो वह Kidney Cancer ही हो अपितु ये लक्षण किसी अन्य कारणों से भी दिखाई दे सकते हैं | लेकिन इतना जरुर है की यदि व्यक्ति में निम्न में से कोई भी लक्षण दिकाही दे रहे हों तो उसे चिकित्सक को अवश्य दिखाना चाहिए |

  • पेशाब में खून आना किडनी कैंसर का लक्षण हो सकता है |
  • यदि किडनी की जांच में किडनी में किसी प्रकार की कोई सूजन विद्यमान हो तो यह भी गुर्दे के कैंसर का लक्षण हो सकती है |
  • व्यक्ति के पेट के उपरी हिस्से और पीठ इसके बीच या आस पास होने वाला हल्का हल्का दर्द |
  • निरंतर तेज बुखार जो इलाज के बावजूद फिर से शुरू हो जाता है |
  • रात को पसीने आने की प्रवृत्ति |
  • थकन जो आराम करने के बावजूद भी न जाती हो |
  • बिना किसी कारण के वजन कम होना भी किडनी कैंसर का लक्षण हो सकता है |

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