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लकवा में क्या खाए क्या नहीं

लकवा के कारण, लक्षण क्या खाएं एवं क्या नहीं.

इससे पहले की हम लकवा में क्या खाएं और क्या नहीं विषय को विस्तृत रूप में से व्याख्यित करें आइये जानते हैं की लकवा नामक यह बीमारी है क्या सामान्य तौर पर जब मनुष्य के शरीर की बाएं या दाएँ हिस्से की मांसपेशियों एवं नसों की कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है | या फिर इनके कार्य करने की गति बिलकुल समाप्त हो जाती है तो इस बीमारी को लकवा या पक्षाघात के नाम से जाना जाता है | लकवा अनेकों प्रकार जैसे चेहरे का लकवा, सम्पूर्ण शरीर का लकवा, शरीर के आधे हिस्से का लकवा इत्यादि हो सकता है | हालांकि लकवा अर्थात पक्षाघात होने के नेकों कारण हो सकते हैं लेकिन आयुर्वेद की मानें तो इसके होने का मुख्य कारण वात दोष का प्रकुपित होना माना जाता रहा है | लकवा या पक्षाघात होने के अन्य कारणों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

लकवा में क्या खाए क्या नहीं

लकवा होने के कारण (Cause for Paralysis in Hindi):

लकवा होने के मुख्य कारणों में निम्नलिखित कारण सम्मिलित हैं |

  • ब्लड प्रेशर का लगातार बढ़ना एक कारण हो सकता है |
  • यदि मष्तिष्क में चोट के कारण खून के थक्के जमा हो गए हों तो लकवा हो सकता है |
  • खून की कमी यानिकी एनीमिया भी एक कारण हो सकता है |
  • असंतुलित आहार भी एक कारण हो सकता है |
  • जरुरत से ज्यादा परिश्रम या व्यायाम के कारण भी लकवा हो सकता है |
  • मष्तिष्क शोथ भी एक कारण हो सकता है |
  • मष्तिष्क से रक्तस्राव होना भी एक कारण हो सकता है |
  • दिमाग सम्बन्धी अन्य रोग जैसे मिर्गी, माइग्रेन, हिस्टीरिया इत्यादि भी कारण हो सकते हैं |
  • डायबिटिक कामा, मस्तिष्क आवरण शोथ, अधिक मैथुन करने से भी लकवा होने की संभावना रहती है |
  • अत्यंत ख़ुशी या दुःख की स्थिति भी व्यक्ति को लकवे से ग्रसित बना सकती है |
  • ऐसे लोग जो देर रात तक जागते हैं उन्हें भी लकवा हो सकता है |
  • वात रोग, गठिया रोग एवं अधिक ठंडे वातावरण में रहने से भी यह हो सकता है |

लकवा होने के लक्षण (Symptoms for Paralysis in Hindi):

लकवा रोग के प्रमुख लक्षणों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • प्रभावित अंग कार्य करना बंद कर देता है |
  • लकवे से ग्रसित व्यक्ति दुर्बल होने लगता है |
  • लकवे से ग्रसित शरीर के हिस्से को व्यक्ति अपने मनमुताबिक उठाने में असमर्थ हो जाता है |
  • अंग सुन्न हो जाता है उसमे किसी चीज का एहसास नहीं होता है |
  • लकवे से ग्रसित व्यक्ति को आँख से धंधला दिखाई देने लगता है |
  • कभी कभी एक ही वास्तु की दो परछाई दिखाई देने लगती हैं |
  • ग्रसित व्यक्ति को चक्कर आने लगता है |
  • बोलने की शक्ति घटने लगती है या फिर बोलना समझ में नहीं आता है |
  • चेहरा विकृत हो सकता है और टेढ़ा भी हो सकता है रोगी कुरूप एवं उसकी गर्दन भी टेढ़ी हो सकती है |

लकवा में क्या खाना चाहिए (What to eat in Paralysis in Hindi):

लकवे में हलका, सुपाच्य एवं पौष्टीक भोजन किया जा सकता है लेकिन इसके बावजूद श्रेणी के आधार पर खाने की लिस्ट निम्नवत है |

  • अनाज जो लकवे में खाना चाहिए
  • चोकर सहित आटे की रोटी
  • पुराना चावल लाभदायक होता है |
  • दलिया
  • बाज़ार
  • उड़द एवं मूंग की दाल भी खा सकते हैं |

फल जो लकवा में खाने चाहिए

  • लकवे का रोगी अंजीर खा सकता है |
  • अंगूर
  • आम
  • सीताफल
  • सेब
  • नाशपाती
  • पपीता

सब्जियां जो लकवे में खायी जा सकती हैं

  • परवल
  • लौकी
  • तुरई
  • करेला
  • बैगन
  • अदरक
  • टिंडा
  • प्याज
  • बथुआ
  • मेथी

पेय पदार्थ जो लकवे में पी सकते हैं

  • गर्म दूध
  • दही
  • छाछ
  • मक्खन के साथ लहसुन की 5-6 कलियां चबाकर सुबह-शाम खाएं ।
  • लहसुन की 5-6 कलियां पीसकर एक गिलास दूध के साथ रोजाना पिएं ।

अन्य खाद्य पदार्थ जो लकवे में खा सकते हैं

  • तेल
  • घी
  • मक्खन
  • सोंठ मिला गुड़
  • सूखे मेवे, बादाम,
  • छुहारा
  • अखरोट

लकवा में क्या न खाएं (What not to eat in paralysis in hindi):

  • मिर्च मसालेदार भोजन का परहेज करें |
  • भारी यानिकी जल्दी पचने वाले खाद्य पदार्थ न खाएं |
  • तेल, घी सब्जी इत्यादि में खा तो सकते हैं लेकिन इनमे तली हुई चीजों को न खाएं |
  • नया चावल का इस्तेमाल न करें |
  • बेसन से बने खाद्य पदार्थो का एवं बेसन का सेवन न करें |
  • नमक, चीनी का भी परहेज करें |
  • अरहर की दाल न खाएं |
  • मादक पदार्थों एवं उत्तेजित करने वाले पदार्थों जैसे शराब, बीड़ी, सिगरेट, चाय, कॉफ़ी, तम्बाकू इत्यादि का सेवन बिलकुल न करें |
  • लकवा से ग्रसित व्यक्ति को ठन्डे खाद्य पदार्थों जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, बर्फ, फ्रिज का पानी इत्यादि का भी परहेज रखना चाहिए |
  • अधिक खटाई वाली चीजें जैसे अमचूर, इमली का भी इस्तेमाल न करें |
  • सब्जियों में आलू, भिंडी, रतालू, कद्दू, मटर, अरवी न खाएं ।

लकवा में क्या करें? (What to do in Paralysis)

  • लकवा से ग्रसित व्यक्ति को उसके परिवार के सदस्यों या देखभाल करने वाले लोगों द्वारा सहारा देकर चलाने फिराने की कोशिश करनी चाहिए | इससे रोगी का व्यायाम हो जायेगा |
  • शरीर के लकवाग्रस्त हिस्से की फिजियोथेरापिस्ट की एडवाइस पर नियमित तौर पर व्यायाम कराएँ |
  • ध्यान रहे ठन्डे पानी से हाथ पैर भी न धोयें और मरीज को नहलाएं भी नहीं, बल्कि इन सबके लिए गरम पानी का इस्तेमाल करें |
  • कुछ सरसों के तेल में पीसी हुई लहसुन मिला लें और इसे अच्छी तरह तेल के साथ उबाल लें और जब यह ठंडा हो जाए तो इसे छान लें | और इस छाने हुए तेल से ग्रसित अंग की मालिश करने से लाभ होता है |
  • लकवे से ग्रस्त रोगी के नाक के नथुनों में नियमित रूप से अखरोट का तेल लगायें |
  • ध्यान रहे रोगी को गरम पानी से नहलाने के बाद गरम तौलिये से पोछकर गरम कपड़े ही पहनाएं |

लकवे में क्या न करें? (What not to do in Paralysis )

  • लकवे से ग्रस्त रोगी को न तो ठंडा पानी पीना चाहिए और न ही ठंडी हवा में रहना चाहिए |
  • रोगी को सर्दी जुकाम न हो इस बात का विशेष ध्यान रखें |
  • रोगी के अन्तरमन में डर, गुस्सा, या मानसिक तनाव उत्पन्न करने वाले विचार नहीं आने चाहिए |
  • प्राकृतिक वेगों जैसे मल, मूत्र इत्यादि को रोकने की कोशिश न करें |
  • मन को साफ़ एवं स्वच्छ रखने की कोशिश करें इसमें किसी प्रकार के विकार न आने दें |
  • लकवा ग्रस्त रोगी को अधिक शराब का सेवन नहीं करना चाहिए |
  • मैथुन क्रिया न करें और देर रात तक जागने की कोशिश न करें |

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