सफेद दाग के कारण लक्षण एवं अट्ठारह बेहतरीन घरेलू उपाय या नुश्खे:

सफेद दाग के घरेलू ईलाज में बहुत सारे नुश्खे शामिल है जिनका जिक्र हम इस लेख के माध्यम से करने वाले हैं | धूप में रहने से हमारी त्वचा पर मेलानिन नामक पिगमेंट का बनना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है । कभी-कभी आंतरिक मनोवैज्ञानिक कारणों से भी मेलानिन का उत्पादन बढ़ जाता है या मेलानिन त्वचा की भीतरी सतह से बाहरी सतह पर आ जाता है । मेलानिन त्वचा पर अनियमित तरीके से फैलता हुआ कहीं-कहीं काले दाग छोड़ता जाता है ।  हालांकि काले धब्बों से बचने के लिए व्यक्ति को तेज धूप से अपनी त्वचा को बचाना होता है | क्योंकि सूर्य की रेडिएशन से समस्या और ज्यादा गंभीर हो जाती है, इसलिए सफेद दाग के घरेलू ईलाज के लिए धूप में जाने से परहेज करना चाहिए । हालांकि इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की हमारी त्वचा को उचित मात्रा में मेलानिन कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है बल्कि जब मेलानिन त्वचा पर नहीं पहुँच पाता तो इसकी कमी से सफेद पैच या ‘विटिलिगो’ हो जाता है । इसलिए इस स्थिति में सफेद पैच मिटाने के लिए पैचों को धूप में अधिक से अधिक समय तक रखना लाभदायक होता है ।

सफेद दाग

सफेद दाग क्या है?

अंग्रेजी में सफ़ेद दाग को Leucoderma कहते हैं Leuco का अर्थ सफ़ेद एवं derma का अर्थ त्वचा या चमड़ी होता है इसलिए Leucoderma को सफ़ेद चमड़ी भी कहा जा सकता है | जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की त्वचा में मेलानिन की कमी के कारण यह रोग होता है | और एक बार हो जाने पर यह रोग बड़ी बड़ी कठिनता से ठीक होता देखा गया है । यद्यपि यदि रोगी एवं चिकित्सक दोनों धैर्य से लम्बे समय तक इक ईलाज करते रहें तो यह रोग ठीक होते भी देखा गया है | ईलाज के दौरान या बीच में इन सफ़ेद दागों के बीच छोटे छोटे काले धब्बे या दाग उत्पन्न होना शुरू होते हैं जो ईलाज के आगे बढ़ते रहने से फैलते जाते हैं | चिकित्सा के मध्य धब्बों या दागों में छोटे-छोटे काले निशान पैदा होते हैं, ये काले निशान फैलते जाते हैं और एक समय ऐसा आता है जब त्वचा का रंग सामान्य हो जाता है | सफ़ेद दाग नमक यह रोग संक्रामक बिलकुल नहीं है |

सफ़ेद दाग क्यों होते हैं कारण (Cause of Leucoderma in Hindi):

हालांकि सफेद दाग क्यों होते हैं? अभी तक इनके होने के सही कारणों का पता नहीं लग पाया है । फिर भी नीचे कुछ ऐसे कारण दिए जा रहे हैं जिनके दुष्प्रभावों से सफ़ेद दाग हो भी सकते हैं और बढ़ भी सकते हैं |

  • त्वचा में मेलानिन (Melanin) की मात्रा का कम होना सफेद दाग होने का मुख्य कारण है |
  • ऐसे व्यक्ति जिन्हें अधिकतर कब्ज की शिकायत रहती हो अर्थात पुरानी कब्ज भी एक कारण है |
  • लीवर का कमजोर होना या पीलिया होना भी इसका एक कारण है |
  • पेट में कीड़े एवं अन्य विकार भी इसका कारण हो सकते हैं |
  • ऐसी बीमारियाँ जिनका पेट एवं आँतों पर प्रभाव पड़ता हो जैसे टाइफाइड |
  • पेचिश जो ठीक ही नहीं होती हो |
  • भोजन का ढंग से न पचना एवं खान पान में अनियमिता |
  • पसीने आने में रुकावट अर्थात पसीने का ढंग से न निकलना भी एक कारण हो सकता है |
  • ऐसे लोग जिनके परिवार में यह रोग किसी सदस्य को पहले हुआ हो |
  • जरुरत से ज्यादा टेंशन लेना भी इसका एक कारण हो सकता है |
  • उपदंश (Syphlis), क्षय जन्य धातु (Tuberculer Constitution) |
  • चोट एवं जलने के कारण भी ऐसा हो सकता है |
  • कमर पर टाइट कपड़े पहनना |
  • अक्सर दांत, गले, कान का खराब रहना भी इसका कारण हो सकता है |
  • माँसाहार का अधिक सेवन करना |

सफेद दाग के लक्षण (Symptoms of leucoderma):

सफेद दाग के लक्षणों की बात करें तो इसमें स्पष्ट रूप से दिखाई देता है की शरीर के किसी स्थान विशेष में इसकी उत्पति हो रही है | सफेद दाग शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं लेकिन अधिकतर तौर पर ये.

  • शुरुआत में हाथों, कोहनी, चेहरा, टखने, पैर एवं उन अंगों में होता है जहाँ पर दबाव अधिक पड़ता हो जैसे कमर पर पेंट इत्यादि बाँधने से कमर में कमर में नाड़ा बाँधने की जगह इत्यादि स्थानों पर सफेद दाग होते हैं ।
  • धीरे-धीरे सफेद दाग एक-दूसरे से मिलते हुए सारे शरीर पर फैल जाते हैं । लेकिन शरीर में इनसे किसी प्रकार की कोई पीड़ा नहीं होती है |
  • यही कारण है की शुरूआती दौर में छोटा सा दाग होने पर रोगी इसके ईलाज पर ज्यादा ध्यान नहीं देता है |
  • और जब इस तरह के ये दाग अँगुलियों की नोंके (Finger tips), हथेली, तलवे, होंठ पर फ़ैल जाते हैं तो इनके ईलाज करने में बड़ा लम्बा समय लग जाता है | और यहाँ तक देखा गया है की यदि ये सफ़ेद दाग पूरे शरीर में फ़ैल जाएँ तो इनके ठीक होने की संभावना बेहद कम होने लगती है |
  • इसलिए शुरूआती दौरे जब दाग 2-3 इंच तक फैले हों तब इनका ईलाज करने पर यह ठीक हो जाते हैं इनका ईलाज होम्योपैथिक से प्रभावी ढंग से किया जा सकता है |

सफेद दाग के घरेलू ईलाज के लिए बेहतरीन नुश्खे:

  1. सफेद दाग के घरेलू ईलाज करने के लिए कुछ अनार के पत्ते लें और इन्हें धूप में नहीं बल्कि छाया में सुखाएं जब ये सुख जाएँ तो इन्हें बारेक करके पीस लें | उसके बाद इस चूर्ण को हर रोज सुबह शाम ताजे पानी से फंकी लें |
  2. चने से सफेद दाग के घरेलू ईलाज करने के लिए एक मुट्ठी काले चने एवं दस ग्राम त्रिफला चूर्ण (हरड़, बहेड़ा, आँवला) को लगभग 125 ग्राम पानी में भिगो दें । जब इन्हें भिगोये हुआ बारह घंटे हो जाएँ तो उसके बाद इन चनों को मोटे कपड़े में बाँध दें तथा बचा हुआ पानी कपड़े की पोटली पर डाल दें । और इस पोटली को 24 घण्टे बाद खोल कर देखें की इनमे अंकुर निकले की नहीं । हालांकि ऐसा करने से चनो पर निश्चित तौर पर अंकुर निकल आटे हैं लेकिन यदि किसी मौसम में ऐसा नहीं होता है चनों को वैसे ही खाया जा सकता है | कहा जाता है की 7-8 सप्ताह तक अंकुरित चने खाने से सफेद दाग दूर हो जाते हैं |
  3. सफेद दाग के घरेलू ईलाज करते समय रोगी को नमक का परित्याग कर देना चाहिए इसके अलावा चने के फायदे दूसरी विधि से भी लिए जा सकते हैं | चने को चक्की में ले जाकर पिसवा लें और इसकी रोटी बिना नमक के कई महीनों तक खाएं स्वाद बढ़ाने के लिए इसे देशी घी से चुपड़ करके खा सकते हैं | चने की दाल का भी सेवन करें |
  4. नमक के बिना चने की रोटी खाते रहने से दवाइयों के बिना भी इस रोग को ठीक किया जा सकता है | मरीज के लिए लम्बे समय तक बिना नमक के रोटी खाना कठिन हो सकता है इसलिए रोगी चाहे तो गेहूं और चने का आटा सामान मात्रा में लेकर उसमे सेंधा नमक मिलाकर रोटी बनाकर खा सकता है | चने की दाल की जगह कभी कभी बिना धुली मूंग दाल का भी उपयोग कर सकते हैं |
  5. सब्जियों में पालक, गाजर, परवल खाना लाभकारी होता है इसके अलावा बहुत कम मात्रा में आलू की सब्जी भी खा सकते हैं |
  6. सफ़ेद दाग के घरेलू ईलाज करने के लिए रोगी को नित्य कुछ समय धुप में अवश्य बिताना चाहिए क्योंकि धूप से विटामिन डी की आपूर्ति होती है | और सफेद दागों में कैल्शियम युक्त भोजन एवं विटामिन डी का उपयोग लाभकारी होता है |
  7. घरेलू ईलाज के दौरान परहेज की अहम् भूमिका होती है इसलिए रोगी को खट्टी चीजें, माँस, विशेषकर मछली, चावल, नमक, तेल, गुड़, मिर्च इत्यादि का परहेज करना चाहिए ।
  8. बथुए से भी सफेद दाग के घरेलू ईलाज किये जा सकते हैं इसके लिए रोगी को बथुए को उबालकर उसका रस निचोड़ कर पीना चाहिए और बाकी बचे हुए बथुए की सब्जी खानी चाहिए । इसके अलावा बथुए के उबले पानी से ग्रसित त्वचा को धोया जा सकता है । दूसरी विधि से बथुए से ईलाज करने के लिए बथुए के कच्चे पत्तों को पीस लें उसके बाद निचोड़कर इनका रस निकाल लें | लगभग दो कप बथुए के रस में एक कप तिल का तेल डालकर इसे धीमी धीमी आंच पर गरम करें | इसके बाद जब रस सुख जाय और सिर्फ तेल ही बाकी रह जाय तो इसे छानकर शीशी में भर सकते हैं और इस तेल को प्रतिदिन सफेद दागों पर लगाया जा सकता है | यह थोड़े लम्बे समय में असर करती है इसलिए इस प्रक्रिया को लम्बे समय तक जारी रखना अत्यंत आवश्यक होता है |
  9. अदरक से भी सफेद दाग का घरेलू ईलाज संभव है इसके लिए तीस ग्राम अदरक का रस एवं पन्द्रह ग्राम बापची को मिलाकर भिगो दें | ऐसा करने से जब बपची एवं अदरक का रस दोनों सूख जाएँ तो इनके बराबर ही अर्थात पैन्तालिश ग्राम चीनी मिलाकर पीस सकते हैं | इस पीसे हुए मिश्रण को एक एक चम्मच हर सुबह नाश्ता के एक घंटे बाद ठन्डे पानी के साथ फंकी मारें | फायदे के लिए बापची के तेल को सफेद दागों पर लगाया जा सकता है हालांकि इनके लगाने से कभी कभी फफोले एवं घाव हो जाते हैं इसलिए इसे सावधानीपूर्वक लगाना चाहिए | यदि रोगी को कष्ट होता है तो इसे न लगायें शुरुआत में एक दो दाग धब्बों पर यह लगा के देखा जा सकता है अनुकूल असर होने पर बढाया जा सकता है कहा जाता है की यह प्रक्रिया लगातार छह महीने तक करने से सफेद धब्बे मिटना शुरू हो जाते हैं |
  10. अखरोट के सेवन से भी सफेद दाग के घरेलू ईलाज में सफलता मिलती है क्योंकि अखरोट में एक ऐसा विषैला (Toxic) प्रभाव होता है की इसके पेड़ की जड़ों के पास पड़ी मिट्टी काली हो जाती है । पढ़ने में ऐसे उल्लेख मिले हैं कि अखरोट खाते रहने से सफेद दाग ठीक हो जाते हैं ।
  11. सफेद दाग में नीम का फायदा लेने के लिए नीम की पत्ती, फूल, निबोली सब सूखे हुए बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह पीस लें और इस मिश्रण की नित्य एक चम्मच फंकी लें । मावली बापची पीस कर भी प्रात: शाम आधा चम्मच ठंडे पानी से फंकी ले सकते हैं |
  12. नित्य सुबह शाम कुछ महीनो तक रिजका एवं ककड़ी का रस मिलाकर पीने से भी सफेद दाग ठीक हो जाते हैं |
  13. लहसुन से भी सफेद दाग का घरेलू ईलाज संभव है इसके लिए लहसुन के रस में हरड़ को घिसकर इसका लेप सफ़ेद दागों पर करने से सफेद दाग मिट जाते है । इसके अलावा खानपान में भी लहसुन का इस्तेमाल सफेद दागों में लाभदायक होता है |
  14. छाछ का उपयोग प्रतिदिन दो बार अवश्य करें क्योंकि सफ़ेद दागों में इसका उपयोग लाभकारी होता है |
  15. पांच छह महीनो तक सफ़ेद दागों पर भीगी हुई उड़द को पीसकर बनाया गया लेप करने से भी सफेद दाग ठीक हो जाते हैं |
  16. सफेद दाग के घरेलू ईलाज के लिए हल्दी को भी इस्तेमाल किया जा सकता है लगभग 125 ग्राम पिसी हुई हल्दी को पाँच सौ ग्राम स्प्रिट में मिलाकर शीशी में कार्क लगा धूप में रख दें । और इसे दिन में तीन बार जोर से हिलायें । इसके तीन दिन बाद छानकर फिर शीशी में भर लें । यह हल्दी का टिंचर तैयार हो गया है । इसे प्रतिदिन तीन बार सफेद दागों पर लगाने से लाभ होता है । इसके अलावा सुबह शाम गरम दूध के साथ एक चम्मच हल्दी की फंकी भी ले सकते हैं ऐसा लगभग छह महीनों तक करने से लाभ होता है |
  17. तुलसी से सफेद दाग के घरेलू ईलाज करने के लिए एक जड़ सहित तुलसी का ताजा हरा पौधा लें । उसके बाद इसे धोकर अच्छी तरह साफ कर लें । फिर इसे कूट लें और आधा किलो पानी एवं आधा किलो तेल में मिलाकर इसे बिलकुल धीमी-धीमी आँच पर पकायें ।जब पानी वाष्प बनकर उड़ जाए और बरतन में सिर्फ तेल रह जाय तो इसे मलकर छान लें । इस तरह से यह तुलसी का तेल तैयार हो जाता है । अब इस तुलसी के तेल को प्रतिदिन सफेद दागों पर लगाते रहें ।
  18. इस जंगली पौधे को बेहया या बेश्रम विलायती आकड़ा (Ipomia Fistulosa)- भी कहा जाता है | इस पौधे से दूध जैसा तरल निकलता है और यह पौधा लगभग हर जगह पाया जाता है | दो तीन माह तक सफेद दागों पर इस पौधे का दूध लगाने से सफेद दाग के घरेलू ईलाज संभव हैं |

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