लंच के बाद 20-30 मिनट रोजाना टहलने के फायदे |

लंच के बाद 20-30 मिनट रोजाना टहलने के बहुत सारे फायदे होते हैं चूँकि वर्तमान में तकनिकी वस्तुओं के बढ़ते उपयोग एवं लोगों के जीवनशैली में हो रहे धीरे धीरे सुधार के कारण लोगों के पास शारीरिक कार्यों में कमी देखी जा सकती है | यही कारण है की लोगों की फिटनेस में निरंतर कमी देखने को मिल रही है अर्थात लोगों में वजन बढ़ने के साथ, शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ने के कारण हृदयघात जैसी समस्या देखने को मिलती हैं | और यदि मनुष्य शारीरिक अभ्यास न करे तो उसका पेट, वजन इत्यादि बढ़ सकते हैं जिससे भविष्य में बहुत सारी हेल्थ सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं हालांकि वर्तमान में लोगों की इस भागदौड़ भारी जिंदगी में फिटनेस के लिए समय निकालना थोडा मुश्किल जरुर है लेकिन असम्भव नहीं और वो भी समय कितना निकालना है सिर्फ 20-30 मिनट वो भी लंच करने के बाद अधिकतर कंपनियां कम से कम आधे घंटे का तो कुछ अधिक समय का लंच ब्रेक अपने कर्मचारियों को अवश्य देती हैं फिटनेस की या टहलने की चाह रखने वाला व्यक्ति इसी समय का फायदा उठाकर 20-30 मिनट रोजाना लंच के बाद टहल सकता है | और सिर्फ लंच के बाद कुछ मिनट टहलकर व्यक्ति या महिला को फिटनेस अर्थात स्वास्थ्य समबन्धि निम्न फायदे हो सकते हैं |

लंच के बाद टहलने के फायदे

  1. टहलने से तनाव दूर होता है:

अक्सर होता क्या है की यदि किसी कार्य को करते करते चिडचिडाहट या गुस्सा आ जाता है लोग अपने बाल नोचने लगते हैं या फिर माथे पर हाथ रखकर बैठ जाते हैं | उस समय यदि हम यह सब करने की बजाय उस जगह से उठकर हलकी सी चहलकदमी करना अर्थात टहलना काफी फायदेमंद होता है | वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है की लंच टाइम पर की गई चहल कदमी मनुष्य के तनाव को कम करती है |

  1. दिल को रखे दुरुस्त:

कैलिफ़ोर्निया के लारेंस बर्कले नेशनल लेबोरेटरी में हाल ही में हुआ एक शोध के मुताबिक कुछ मामलों में दिल की बीमारियों, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रोल आदि के खतरे को कम करने में चहलकदमी अर्थात लंच के बाद टहलना असरकारक है | इसके अलावा तेज तेज टहलना डायबिटीज को भी ठीक करने में मददगार होती है | American Association of Diabetes educators के स्पोक पर्सन टेमी रास के अनुसार रोजाना लंच के बाद 20-30 मिनट का टहलना ब्लड शुगर के खतरे को कम करता है |

  1. टहलने से एकाग्रता बढती है :

वर्तमान जीवनशैली में काम करने के आधुनिक तरीके ऐसे हो गए हैं की हमारा मष्तिष्क विभिन्न स्रोतों के जरिये लगातार सूचनाएं एकत्रित करने में व्यस्त रहता है | ऐसी स्थिति में लंच के बाद 20-30 मिनट टहलना अर्थात वाकिंग करना बेहद जरुरी है | चूँकि टहलने के वक्त एकांत में होता है और इसलिए उसका मस्तिष्क सुकून प्राप्त कर रहा होता है | इसके लिए संभव हो तो व्यक्ति या महिला को किसी ऐसे स्थान में जाना चाहिए जो हरी भरी हो चूँकि हरी भरी जगह में टहलने से मस्तिष्क को आराम पहुँचता है और एकाग्रता बढती है |

  1. टहलने से आत्मविश्वास बढ़ता है :

लंच के बाद रोजाना 20-30 मिनट टहलने से काल मानसिक स्वास्थ्य ही ठीक नहीं रहता अपितु शारीरिक सेहत भी सुधरती है | रोजाना टहलने से वजन कम होता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं इसके अलावा व्यक्ति या महिला जब फिट रहते हैं तो वे ज्यादा खुबसूरत दिखते हैं जिससे उनके आत्मविश्वास में इजाफा होता है | शोध यह भी बताते हैं की प्रतिदिन एक घंटा टहलने से अर्थराइटिस के दर्द में भी राहत मिलती है |

  1. टहलने से रिश्ते भी मधुर होते हैं :

विभिन्न प्रकार के सोशल मीडिया एवं अन्य तकनीक के मानव जीवन में दखल के कारण वर्तमान में रिश्तों के बीच बातचीत का दायरा काफी कम हो गया है | आजकल घरों में लोग अपने अपने गैजेट्स एवं मोबाइल इत्यादि पर लगे होते हैं और कार्यालयों में अपने अपने काम पर, लेकिन जब लंच के बाद सहकर्मी या घर के सदस्य 20-30 मिनट साथ साथ टहलने के लिए निकलते हैं तो उनमे बातें भी होती हैं जिससे कार्यकारी लोगों के अपने सहकर्मियों के साथ एवं पारिवारिक लोगों के घर के सदस्यों के साथ रिश्ते मधुर होते हैं |

  1. टहलने से त्वचा की रंगत निखरती है :

लंच के बाद 20-30 मिनट तेज तेज चहलकदमी करने से पसीना आता है पसीना आने से त्वचा के Toxins बाहर निकलते हैं साथ ही रक्त में ऑक्सीजन का संचार बेहतर तरीके से होता है इससे बहुत सारे जरुरी प्राकृतिक तैलीय पोषक तत्व त्वचा में समाहित होते हैं जो त्वचा को मुलायम करने के साथ साथ उसकी चमक और रंगत में भी निखार लाते हैं |

  1. टहलने से नींद भी अच्छी आती है :

ऐसे लोग जिन्हें रात में नींद आती ही नहीं और करवटें बदलने में ही रात कट जाती है या वे नींद के लिए नींद की गोलियों का सहारा लेते हैं उन्हें सुबह एवं लंच के बाद 20-30 मिनट नियमित रूप टहलना चाहिए सुबह टहलने की आदत और लंच के बाद टहलने की आदत से बॉडी क्लॉक ठीक हो जाता है जिसे नींद न आने की समस्या दूर हो जाती है |

  1. टहलने से डिप्रेशन से राहत मिलती है :

ऐसे व्यक्ति या महिला जो डिप्रेशन से पीड़ित हों उन्हें किसी सकारात्मक व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति के साथ लगातार सुबह, शाम और संभव हो तो लंच के बाद भी टहलना चाहिए | एक पुर्तगाली शोध के अनुसार डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्तियों में 12 हफ़्तों तक सप्ताह में पांच दिन रोजाना 30-45 मिनट टहलने के बाद डिप्रेशन के लक्षणों में जादुई सुधार देखा गया |

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  1. टहलने से रचनात्मकता बढती है :

लंच के बाद 20-30 मिनट टहलने से मस्तिष्क जो सुबह से कुछ न कुछ कार्य करने में लगा हुआ होता है को थकान से राहत मिलती है | इसके अलावा मस्तिष्क में नए विचारों का संचार होता है जिससे रचनात्मकता बढती है |

 

About Author:

Post Graduate from Delhi University, certified Dietitian & Nutritionists. She also hold a diploma in Naturopathy.

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