Magnetic Resonance Imaging

MRI का फुल फॉर्म Magnetic Resonance Imaging होता है इस परीक्षण को मानव शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का पता करने के लिए किया जा सकता है कहने का आशय यह है की MRI Scan का उपयोग बहुमुखी है | Magnetic Resonance Imaging Scan को एम. आर. आई. मशीन के माध्यम से अंजाम दिया जाता है यह मशीन जब चुम्बकीय क्षेत्र एवं रेडियो तरंगो के साथ मानव शरीर में उपलब्ध पानी के अणुओं के संपर्क में आती हैं तो शरीर के अंगों के विस्तृत चित्र उभरकर सामने आते हैं | इस परीक्षण की खास बात यह है की मानव शरीर के जिस हिस्से या अंगों में पानी नहीं होता वे MRI Scan में नहीं दीखते | लेकिन चूँकि चुम्बकीय तरंगों को हड्डियाँ नहीं रोक पाती इसलिए हड्डियों के अन्दर के हिस्से भी MRI Scan में दीखते हैं | इस परीक्षण में रेडियो तरंगो एवं कंप्यूटर की मदद से शरीर की विस्तृत तस्वीरें ली जाती हैं विस्तृत तस्वीर से हमारा आशय ऐसी तस्वीरों से हैं जिनके माध्यम से चिकित्सक शरीर के उस खास हिस्से की विस्तृत जानकारी ले पाता है |

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पूरा आर्टिकल (लेख) एक नज़र में.

How to be ready for MRI Scan in Hindi:

MRI Scan के लिए यद्यपि चिकित्सक के सुझावों के आधार पर ही तैयारियां होनी चाहिए लेकिन इसमें कुछ सावधानियों एवं तैयारियों का जिक्र हम निम्नवत कर रहे हैं |

  • यदि किसी व्यक्ति के लीवर या अग्नाशय का MRI Scan होना है तो जांच के 4 घंटे पहले से कुछ खाना पीना नहीं चाहिए |
  • यदि महिला अपने बच्चे को स्तनपान या गर्भवती हैं तो यह बात चिकित्सक को अवश्य बताएं |
  • यदि किसी व्यक्ति ने धातु से निर्मित उपकरण जैसे Cardiac Pacemaker, Insulin Pump, Stimulator, aneurysm clipping लगवाया है तो चिकित्सक को अवश्य बताएं |
  • Magnetic Resonance Imaging Scan कराने जा रहे व्यक्ति को चाहिए की वह अपने शरीर से ऐसे वस्तु हटा दें जो चुम्बकीय तरंगो को प्रभावित करती हैं | इन वस्तुओं में बालों में लगने वाली पिनें, गहने, सिक्के, नकली दांत, चाबियाँ या क्रेडिट कार्ड हो सकते हैं |
  • जहाँ MRI Machine लगी हो वह छोटी सी जगह होती है इसलिए यदि किसी व्यक्ति को छोटी जगह से डर लगता है तो वह चिकित्सक को बताये |

How MRI Scan is accomplished:

MRI Scan को एम. आर. आई. मशीन से अंजाम दिया जाता है लेकिन इस प्रक्रिया की डिटेल्स कुछ इस प्रकार से है |

  • समबन्धित व्यक्ति के परीक्षण क्षेत्र में पहुँचते ही उससे MRI सुरक्षा समबन्धि प्रश्न किये जा सकते हैं | जिनमे व्यक्ति को यह बाताना होता है की कहीं उसके शरीर के किसी हिस्से में धातु से निर्मित कोई मेडिकल उपकरण तो नहीं लगा है |
  • उसके बाद व्यक्ति को अस्पताल का गाउन दिया जा सकता है |
  • इसके बाद व्यक्ति के बाजू में Intravenous लगाकर उसमे MRI Contrast डालकर उसे शरीर के अन्दर प्रविष्ट कराया जा सकता है |
  • सम्बंधित व्यक्ति को MRI Machine के बीच में एक टेबल पर लेटाया जा सकता है |
  • जैसे ही मशीन खुलेगी जिस टेबल पर व्यक्ति लेटा हो वह एडजस्ट होना शुरू हो जाएगी अर्थात वह तब तक हिलती रहेगी जब तक व्यक्ति के शरीर का वह हिस्सा जिसकी जांच होनी हो बीच में नहीं आ जाता |
  • यदि किसी व्यक्ति के सिर का MRI Scan हो रहा हो तो उसे हेलमेट पहनना पड़ सकता है |
  • चिकित्सक द्वारा व्यक्ति से जांच के दौरान कुछ पलों के लिए सांस रोकने को कहा जा सकता है व्यक्ति को चाहिए की वह बिना हिले दुले टेबल पर लेटा रहे | इस परीक्षण में 30-90 मिनट का समय लग सकता है |
  • MRI Machine शरीर के हिस्सों का फोटो लेते वक्त बड़ी तीव्र आवाज करती है इसलिए समबन्धित व्यक्तो को EarPlug दिए जा सकते हैं |
  • चूँकि परीक्षण के दौरान मशीन द्वारा काफी आवाज की जाती है इसलिए यहाँ पर मरीज के लिए एक स्पीकर इंस्टाल होता है जिसके माध्यम से मरीज असुविधा या परेशानी होने पर चिकित्सक या अन्य स्टाफ से बात कर सकता है |

यदि चिकित्सक द्वारा व्यक्ति को MRI Scan के दौरान तनावमुक्त होने के लिए किसी प्रकार की कोई दवाई दी गई है तो व्यक्ति को चाहिए की वह अपने परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ ही घर को प्रस्थान करे क्योंकि इस स्थिति में गाड़ी चलाना नुकसानदेह हो सकता है | इसके अलावा शरीर से MRI Contrast की मात्रा को निकालने के लिए व्यक्ति पानी, जूस इत्यादि तरल पदार्थ ज्यादा पी सकता है |

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