Mammogram Test के फायदे नुकसान एवं करने की विधि.

Mammogram नामक यह परीक्षण महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ एक बहुत ही महत्वपूर्ण परीक्षण है | इस जांच के दौरान महिलाओं के स्तनों का एक्स रे महिला के स्तनों में स्तन कैंसर का पता करने के लिए किया जाता है | इसलिए ऐसा बिलकुल नहीं है की चिकित्सक द्वारा किसी भी महिला को ऐसे ही Mammogram test करने के लिए नहीं कहा जायेगा बल्कि ऐसी महिलाओं को ही यह परीक्षण करने का सुझाव दिया जायेगा जिनमे स्तन कैंसर नामक बीमारी के कुछ लक्षण दिखाई देते हों | यद्यपि Mammogram का एक रूप Screening Mammography होती है यह तब भी की जा सकती है जब महिला में इस प्रकार की बीमारी के कोई लक्षण न दिख रहे हों Screening Mammography को स्तन कैंसर के विरुद्ध उठाया गया पूर्वकदम कह सकते हैं क्योकि इस परीक्षण के कारण स्तन कैंसर जल्दी पकड़ में आता है और उसका इलाज भी जल्दी ही शुरू हो जाता है, इसलिए इसकी वजह से स्तन कैंसर से होने वाली महिलाओं की मौतों की संख्या में काफी कमी आई है |

Mammogram-in-hindi

मेम्मोग्राम के फायदे (Advantage of Mammogram in Hindi):

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की स्तन कैंसर से होने वाली महिलाओं की मौतों को कम करने में इस परीक्षण का अहम् योगदान है |

  • Mammogram test स्तनों का एक्स रे होता है जिससे आसानी से पकड़ में न आने वाला स्तन कैंसर भी पकड़ में आ जाता है |
  • यदि किसी प्रकार के असामान्य कोशिकाएं इस परीक्षण के दौरान पकड़ में आती हैं तो इनका इलाज जल्दी पकड़ में आने के कारण संभव होता है |
  • यह परीक्षण बढती उम्र की महिलाओं अर्थात 40-70 साल के बीच की महिलाओं का हर साल करने पर उनमें स्तन कैंसर पकड़ में आने पर जल्दी दूर किया जा सकता है |

मैमोग्राफी के नुकसान (Disadvantages of Mammography) :

यद्यपि Mammogram का Screening Mammography नामक प्रकार स्तन कैंसर से होने वाली महिलाओं की मौतों की संख्या को कम करने में कारगर सिद्ध हुआ है | लेकिन इसके बावजूद इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जिनकी लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • Mammogram test के दौरान चिकित्सक को कभी कभी कुछ ऐसा दिखाई दे सकता है जो असमान्य हो | लेकिन बाद में पता चलता है की वो कैंसर नहीं है |
  • वह कैंसर है की नहीं इस बात की पुष्टि के लिए चिकित्सक द्वारा और परीक्षण कराने को कहा जा सकता है लेकिन यह वह दौर होता है जब समबन्धित महिला बहुत अधिक तनाव में होती है |
  • कभी कभी ऐसा भी होता है की Mammogram test कैंसर कोशाणुओं का पता लगाने में असमर्थ हो जाता है |
  • यह समबन्धित व्यक्ति को विकिरण अर्थात Radiation के संपर्क में भी लाता है लेकिन यह शरीर के लिए कितना नुकसानदेह होता है इसकी जानकारी महिला अपने चिकित्सक से ले सकते हैं |

मेम्मोग्राम टेस्ट कैसे किया जाता है (How the test is accomplished):

Mammogram test करने के लिए महिला को चिकित्सक या स्टाफ द्वारा एक एक्स रे मशीन के सामने खड़ा करवा दिया जाता है उसके बाद चिकित्सक या स्टाफ महिला के स्तनों को दो प्लास्टिक प्लेटों के बीच रखते हैं इन प्लेटों के बीच में आते ही स्तनों में दबाव महसूस हो सकता है और महिला को बेहद असहजता का अनुभव भी हो सकता है लेकिन यह इसलिए जरुरी होता है ताकि स्तनों के साफ़ एवं स्पष्ट चित्र लिए जा सकें | इस प्रक्रिया को पूर्ण होने में 15-20 मिनट का समय लग सकता है |

एक आंकड़े के मुताबिक महिलाओं में 40-70 वर्षों के बीच स्तन कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है इसलिए जब सवाल यह आता है की Mammography test कब कराना चाहिए तो इसका जवाब भी यही बनता है की 40 के बाद लगभग हर साल Mammogram test करा लेना चाहिए | ताकि स्तन कैंसर  जैसी खतरनाक बीमारी से समय रहते बचा जा सके | इसके अलावा यह भी पाया गया है जिस परिवार के सदस्यों में से किसी को भी स्तन कैंसर पूर्व में हो चूका हो उस परिवार के सभी सदस्यों को अपना Mammogram test करा लेना चाहिए |

About Author:

HBG Health desk is a team of Experienced professionals holding various skills. They are expert to do research online and offline on health, beauty, wellness, and other components of health in Hindi.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *