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Amino-Acid

एमिनो एसिड का मानव शरीर में महत्व एवं आवश्यक एमिनो एसिड।

एमिनो एसिड किसे कहते हैं

जैविक यौगिक पदार्थों के बड़े समूह को एमिनो एसिड कहा जा सकता है। जो प्रोटीन विभाजन के अंतिम पदार्थ का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रोटीन के बिना जीवन संभव नहीं है। शारीरिक वृद्धि, विकास तथा कार्य क्षमता प्रोटीन पर निर्भर हैं और प्रोटीन एमिनो एसिड की सही उपलब्धता पर। जब हम प्रोटीन का सेवन करते हैं तो इसे शरीर द्वारा अवशोषित करने से पहले एमिनो एसिड में विभाजित करने की आवश्यकता होती है। यह कार्य छोटी आहारनाल (bowel) में होता है। यहां से प्रोटीन  के कणों को रक्तप्रवाह द्वारा यकृत में ले जाया जाता है जहां वह भविष्य के उपयोग के लिये जमा होते हैं। जब शरीर की कोशिकाओं को उनकी ज़रूरत  पड़ती है तब इन कणों का पुन: संयोजन कर प्रोटीन में बदलकर वहां भेज दिया जाता है।

Amino-Acid

एमिनो एसिड में और क्या क्या होता है

सभी एमिनो एसिड में एक कार्बन अणु, एक एमिनो समूह (जिसमें नाइट्रोजन होता है) तथा एक कार्बोक्सिल समूह होता है। पौधे तीन स्रोतों से एमिनो एसिड का संश्लेषण करते हैं – मिट्टी जो आवश्यक नाइट्रोजन तथा सल्फर की आपूर्ति करती है- पानी जो आक्सीजन तथा हाईट्रोजन की आपूर्ति करता है तथा वातावरणीय कार्बन डायक्साइड जो कार्बन तथा आक्सीजन की आपूर्ति करती है। संश्लेषण करने वाले बैक्टीरिया तथा फफूदी की सहायता से, पौधे इन तत्वों को एमिनो एसिड में परिवर्तित कर देते हैं। पशु इन मूल तत्वों से एमिनो एसिड में संश्लेषण नहीं कर सकते लेकिन वह पौधे खाकर एमिनो एसिड प्राप्त करते हैं। सभी प्रकार के प्रोटीन का मूल स्रोत, जिसमें मांस तथा मछली भी सम्मिलित हैं, केवल शाक-सब्ज़ियों का संसार ही है।

क्या एमिनो एसिड अकेले प्रभावी होते हैं

पोषक तत्वों को विटामिन, खनिज तथा एमिनो एसिड समूहों में वर्गीक्रत करने का यह अर्थ कदापि नहीं है कि वह अकेले भी प्रभावी होते हैं। इन तीन प्रकार के पोषक तत्वों के मध्य एक अंतर-सम्बन्ध है। यदि इनमें से कोई भी पोषक तत्व अनुकूल मात्रा में उपलब्ध न हो तो वह अपना प्रभाव खो देते हैं। सभी प्रोटीन पोषण प्रभाव में बराबर नहीं होते। उनके पोषण मूल्य विभिन्न प्रोटीनों के एमिनो एसिड मिश्रण पर निर्भर करते हैं। इस कारण एमिनो एसिड को अनिवार्य या प्रमुख एमिनो एसिड (Essential Amino Acid  EAA) तथा अन-आवश्यक या गौण एमिनो एसिड (Nonessential Amino Acids – NEAA) में बांटा जाता है।

शरीर के लिए आवश्यक एमिनो एसिड :

कुल 23 एमिनो एसिड होते हैं। उनमें से आठ का आहार में होना बहुत आवश्यक है। वह शरीर द्वारा संश्लेषित नहीं किए जाते। यह हैं इसोल्यूसिन, ल्सूसिन, लाइसिन, मेथिओनीन, फीनाइलेलेनीन, श्रेओनीन, ट्रिप्टोफेन तथा वेलीन। इन अनिवार्य एमिनो एसिड के अतिरिक्त दो अन्य एमिनो एसिड – एर्जीनीन तथा हिस्टीडीन, नवजात शिशुओं तथा युवाओं के लिये आवश्यक हैं क्योंकि उनके शरीर में इनका संश्लेषण करने की क्षमता नहीं होती जिसके कारण आयु अनुसार शारीरिक-विकास की आवश्यकता को पूरा किया जा सके। इन दस प्रमुख अथवा अनिवार्य एमिनो एसिड के अतिरिक्त, 13 गौण एमिनो एसिड होते हैं। यह हैं – प्रोलीन, कार्नाटीन, टाइरोसीन, ग्लूटेमिक एसिड तथा ग्लूटेमीन, सिस्टेइन तथा सिस्टीन, ग्लाइसीन, एलानीन, बी-एलानीन, एस्पार्टिक एसिड, टौरीन, आर्मीथीन, सिट्रलीन तथा गामा-एमिनोब्यूटीरिक एसिड (GABA)। विशेष परिस्थितियों में इन गौण एमिनो एसिड की आवश्यकता शरीर की संश्लेषण क्षमता से अधिक हो सकती है इसलिये वह भी भोजन में आवश्यक तत्व बन जाते हैं।

एमिनो एसिड का चयापचय:

आहार के माध्यम से शरीर में गये एमिनो एसिड में से 75x यकृत में चयापचय होकर रक्त प्रवाह में प्रवेश करते हैं। तत्कालीन आवश्यक मात्रा से अधिक लिये गये एमिनो एसिड में से 50x अपचय रूप में भविष्य में उपयोग के लिये रख लिये जाते हैं और ऐसे गौण एमिनो एसिड जिनका उपयुक्त मात्रा में सेवन नहीं किया गया उनको संश्लेषित कर अन्य ऊतकों में भेज दिया जाता है। एमिनो एसिड से प्राप्त होने वाली नाइट्रोजन का उत्सर्जन तुरंत नहीं होता लेकिन पेट-आंत मार्ग से यूरिया का दोबारा संचार होता है तथा इसका पुनः अवशोषण एमोनिया के रूप में हो जाता है। इस प्रकार उपयुक्त पाचक अंतरमध्यकों के माध्यम से गौण एमिनो एसिड का संश्लेषण तब भी होता रहता है जब इन्हें भोजन में प्राप्त नहीं किया जाता। सामान्य परिस्थितियों में, मानव प्रतिदिन मूत्र में लगभग 3 ग्राम एमिनो एसिड का उत्सर्जन करते हैं।

एमिनो एसिड की कमी एवं निदान:

एमिनो एसिड की कमी का कारण प्रोटीन का कुपोषण हो सकता है। इस प्रकार की कमी का सम्बन्ध गलत प्रकार के भोजन, अक्षम पाचन शक्ति या उपयुक्त प्रकार से अवशोषण करने की अक्षमता, तनाव-युक्त परिस्थितियां, संक्रमण, आघात, ड्रग या नशा, अन्य पोषकों (जैसे विटामिन तथा खनिज) की कमी तथा आयु बढ़ने के कारण कार्यकारी अक्षमता आदि से होता है। शरीर की रचना तथा शारीरिक कार्य में एमिनो एसिड की इतनी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है कि शरीर में उनकी मौजूदगी का आकलन करने वाले परीक्षणों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। इनमें से किसी भी कारण से होने वाली एमिनो एसिड की कमी को उपयुक्त एमिनो एसिड का सप्लीमेंट देकर सही किया जा सकता है।

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