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स्वप्न दोष के कारण लक्षण खानपान एवं क्या करना चाहिए क्या नहीं.

महीने में कभी कभी स्वप्न दोष होना किसी बीमारी का लक्षण नहीं है अर्थात अक्सर लोग युवास्था में इस बात से चिंतित रहते हैं की कहीं स्वप्नदोष होना कोई बीमारी तो नहीं है । ऐसे में इसका आसन सा जवाब यह है की महीने में एक सीमा तक स्वप्नदोष होना कोई बीमारी नहीं है। यद्यपि यह शिकायत अधिकतर युवास्था में लड़कों को ही अधिक होती है लेकिन कुछ लोग यह जानने को भी उत्सुक रहते हैं की क्या किसी लड़की को भी स्वप्नदोष होता है। तो आपको बता देना चाहेंगे की हाँ लड़कियाँ भी स्वप्नदोष की शिकार होती हैं लेकिन जिस तरह से लड़कों को इस बात का भली भांति पता चल जाता है की वे स्वप्नदोष का शिकार हुए थे जबकि लड़कियों को इस बात का पता काम ही लगता है क्योंकि उनका जननांग अन्दर की तरफ विकसित होता है। कहने का अभिप्राय यह है की लड़कियाँ भी इसकी शिकार तो होती हैं लेकिन उन्हें इस बात का एहसास कम ही हो पाता है। साधारण तौर पर लड़कियों में यह स्थिति तब पैदा होती है जब कोई महिला तीव्र यौन एहसास से गुजरती है। किशोरावस्था या युवाअवस्था में ऐसा हो सकता है। और जब किसी महिला में पति से दूर रहने के कारण तीव्र यौन इच्छा जगती है तो उसके साथ ऐसा हो सकता है इस अवस्था में उसकी योनि अन्दर से गीली एवं चिकनी हो सकती है। कुल मिलाकर देखा जाय तो महिलाओं एवं पुरुषों में स्वप्नदोष होने के अलग अलग कारण होते हैं। लेकिन इससे पहले की हम कारणों एवं लक्षणों पर प्रकाश डालें आइये जानते हैं की स्वप्नदोष होता क्या है।

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स्वप्नदोष क्या है (What is Nightfall in Hindi):

तीव्र कामोत्तेजना के कारण जब सपने में किसी सुन्दर नवयुवती के साथ रंगरेलियां बनाने, आलिंगनबद्ध होने या उससे सम्भोग करने का सफल असफल प्रयास करने के दौरान जो वीर्यपात होता है उसे ही स्वप्नदोष कहा जाता है। यदि कोई पुरुष युवा है तो उसे महीने में पांच, छह बार तक स्वप्नदोष होना किसी बीमारी का लक्षण नहीं है बल्कि युवास्था में ऐसा होना स्वभाविक है । इस प्रक्रिया का जन्म तब होता है जब शुक्राशय, प्रोस्टेट और अन्य ग्रंथियों से निकलने वाला स्राव शरीर में अधिक जमा हो जाता है। एवं स्त्री सम्भोग या हस्तमैथुन के द्वारा बाहर नहीं निकल पाता है । इस स्थिति में नींद में जब कामुक सपने आते हैं और व्यक्ति सपने में ही वासनात्मक क्रीड़ायें करता है तो मस्तिष्क वीर्य को बाहर निकाल देता है । आम तौर पर इससे किसी किस्म की शारीरिक हानि नहीं होती है अपितु मानसिक तनाव दूर होता है और इन्द्रियों में स्फूर्ति एवं ताजगी का एहसास होता है ।

स्वप्नदोष के कारण (Nightfall Cause):   

स्वप्नदोष के कुछ प्रमुख कारणों की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • कामोत्तेजक विचारों का चिंतन मनन करना ।
  • अश्लील साहित्य पढना ।
  • नग्न फोटो या एलबम देखना ।
  • रोमांटिक फ़िल्में देखना ।
  • भोग विलास की बातों के बारे में अधिक सोचना ।
  • सुन्दर लड़की या स्त्री को देखकर अपने अन्दर कामुक व्यभिचार भर लेना ।
  • युवतियों से निकटता बनाकर उनसे अश्लील वार्तालाप करना ।
  • हस्तमैथुन से काम पिपासा शांत करना ।
  • अप्राकृतिक मैथुन में संलिप्त होना ।
  • गर्म उत्तेजक मिर्च मसालेदार भोजन, चटपटी, खट्टी चीजों का अधिक सेवन करना ।
  • मांस, मछली, अंडे, शराब, तम्बाकू, गुटखे इत्यादि का सेवन करना।
  • व्यायाम न करना।
  • पेट में कीड़े एवं कब्ज की शिकायत रहना।
  • अधिक उम्र तक विवाह न करना।  

स्वप्न दोष के लक्षण:

इस रोग के मुख्य लक्षण इस प्रकार से है।  

  • स्वप्नदोष से पीड़ित व्यक्ति के चेहरे की रौनक चली जाती है।
  • आंखे अन्दर को धंस जाती हैं ।
  • आँखों के चारों ओर कालापन हो जाता है ।
  • नजर कमजोर हो जाती है ।
  • शरीर में सुस्ती एवं कमजोरी हो जाती है।
  • स्मरण शक्ति घट जाती है।
  • स्वभाव चिडचिडा हो जाता है ।
  • उत्साह खत्म एवं व्यक्ति में निराशा उत्पन्न हो जाती है ।
  • थोड़े से परिश्रम से थक जाना, सिर दर्द, हाथ पैरों का ठंडा होना इत्यादि लक्षण नजर आते हैं।
  • किसी से नजरें मिलाकर बात करने की हिम्मत तक नहीं होती है ।
  • अकेले में रहना मन में अपराध भावना की उत्पति ।
  • शीघ्रपतन की समस्या, पेशाब करने पर लसदार स्राव निकलना ।

स्वप्न दोष में क्या खाएं:

  • स्वप्नदोष में सादा सुपाच्य सात्विक संतुलित एवं पौष्टिक भोजन का सेवन करें । सोने से तीन घंटे पहले भोजन करना उत्तम रहता है ।
  • एक कप दूध के साथ दो केले सुबह शाम अवश्य सेवन करें ।
  • मेवों में पिस्ता बादाम, छुआरा, मुनक्का, काजू, अखरोट अवश्य खाएं ।
  • एक एक चम्मच अदरक और सफेद प्याज का रस एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर सुबह शाम नियमित सेवन करें ।
  • स्वप्नदोष में आंवले का मुरब्बा लाभकारी होता है इसलिए इसे सुबह शाम के भोजन के साथ अवश्य खाएं ।
  • इसमें मीठे फल, बेर, लहसुन, प्याज, शहद, मलाई, मक्खन, रबड़ी इत्यादि अवश्य खाएं ।

स्वप्नदोष में क्या न खाएं:

  • स्वप्नदोष में भारी, गरिष्ठ, तले, मिर्च मसालेदार चटपटे भोजन का सेवन कदापि न करें।
  • अचार, नींबू, खटाई, अमचूर न खाएं ।
  • भोजन में ऊपर से अतिरिक्त नमक मिलाकर न खाएं ।
  • कड़क चाय, कॉफी, शराब, तम्बाकू, गुटखे भांग इत्यादि का सेवन न करें ।    

     स्वप्नदोष में क्या करें :

  • जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत बनायें ।
  • तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह खाली पेट पीयें ।
  • हल्का व्यायाम एवं मालिश करें और नियमित खुली हवा में घुमने जाएँ ।
  • स्नान हमेशा ठंडे जल से करे और कभी कभी कटि या मेहन स्नान भी करें ।
  • स्नान करते समय जननांग की अच्छी तरह से सफाई करें।
  • सोते समय धार्मिक या मनोरंजक पुस्तकें पढ़ें ।
  • सोने से पूर्व पेशाब करने की आदत डालें और सुबह उठने के बाद भी ।

स्वप्न दोष में क्या न करें:

  • अश्लील, कामोत्तेजक साहित्य न पढ़ें ।
  • रोमांटिक फिल्में व टी. बी. के कामोत्तेजक कार्यक्रम न देखें ।
  • हस्तमैथुन, गुदा मैथुन, व्यभिचार से बचें ।
  • दूसरी स्त्री को कामुक दृष्टिकोण से न देखें ।
  • कब्ज की शिकायत पैदा न होने दें ।  

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