Pap Smear Test

Pap Smear test महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण जांच है जिसका उद्देश्य Cervix अर्थात गर्भाशय ग्रीवा में आये बदलावों की जांच कर यह पता लगाना होता है की कहीं यह गर्भाशय कैंसर का शुरूआती लक्षण तो नहीं हैं | एक आंकड़े के मुताबिक विश्व में हर साल गर्भाशय कैंसर से मरने वाली महिलाओं की संख्या 2.5 लाख है इसलिए कहा यह जाता है की किसी भी महिला को किसी पुरुष से पहली बार जिस्मानी सम्बन्ध बनाने के तीन वर्षों के अन्दर पहला Pap Smear test करा लेना चाहिए ताकि यदि ऐसे कुछ लक्षण नज़र आयें तो उनका इलाज समयानुसार पूर्ण रूप से किया जा सके | इन सबके बावजूद चिकित्सक से अवश्य परामर्श करना चाहिए की कोई महिला कितने समय बाद फिर से अपना Pap Smear Test करा सकती है | आज हम इन्ही सब बातों के मद्देनज़र यह जानने की कोशिश करेंगे की इस जांच को चिकित्सकों द्वारा किस तरह से पूर्ण किया जाता है |

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How Pap smear Test is accomplished:

हालांकि Pap Smear नामक यह जांच केवल गर्भाशय से जुड़ी हुई जांच है  और इसमें गर्भाशय ग्रीवा से कोशिकाओं के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाता है | लेकिन कभी कभी Pap Smear test के दौरान महिला की योनि, गर्भाशय, अंडाशय और कभी कभी वक्ष स्थलों की भी जांच की जा सकती है | जांच कराने के इच्छुक महिला के अस्पताल में पहुँचते ही |

  • नर्स द्वारा महिला से महिला के स्वास्थ्य के बारे में प्रश्न पूछे जा सकते हैं | उसके बाद blood pressure और वजन की जांच की जा सकती है |
  • यदि महिला के वक्ष स्थलों की भी जांच होनी है तो महिला को नर्स द्वारा कक्ष में ले जाते ही उपरी कपड़े जैसे ब्लाउज इत्यादि को हटाने को कहा जा सकता है |
  • अब महिला को पेट एवं पैरों को ढकने के लिए एक Paper Sheet या कपड़ा दिया जा सकता है और उसके बाद नर्स द्वारा महिला को नीचे के कपड़े अर्थात पेटीकोट इत्यादि हटाने को भी कहा जा सकता है |
  • वक्ष स्थलों में गाँठ का पता लगाने के लिए चिकित्सक द्वारा महिला के वक्ष स्थलों को हल्का हल्का दबाया या फिर छूयां भी जा सकता है |
  • जब चिकित्सक द्वारा वक्ष स्थलों की जांच कर ली जाती है तो उसके बाद चिकित्सक द्वारा महिला को उनके पैर रकाब में रखने को कहा जा सकता है और थोड़ा ऊपर की और खिसकने को भी कहा जा सकता है | और उसके बाद दोनों घुटनों को अलग अलग करने अर्थात खोलने को भी कहा जा सकता है जिससे चिकित्सक Pap Smear test को आसानी से अंजाम तक पहुंचा सके |
  • चिकित्सक द्वारा लैंप या बत्ती को जला लिया जाता है ताकि उसकी नज़र महिला की योनि एवं अन्दुरुनी हिस्से तक पहुँच सके यह प्रक्रिया करने के लिए चिकित्सक महिला के पैरों के पास बैठ भी सकता है |
  • Pap Smear Test के दौरान Infection, Tumor इत्यादि की जांच के लिए चिकित्सक द्वारा महिला की अन्दुरुनी जांघ एवं योनि को स्पर्श किया जा सकता है |
  • उसके बाद चिकित्सक द्वारा महिला की योनि में एक उपकरण जिसे Speculum कहा जाता है बिलकुल धीरे से डाला जाता है ताकि महिला को अधिक दर्द न हो यह उपकरण महिला की योनि के द्वार को खुला रखने का काम करता है जिससे चिकित्सक गर्भाशय तक की जांच कर पाए | इस क्रिया के दौरान महिला चाहे तो गहरी साँसे ले सकती हैं इससे उन्हें आराम महसूस होगा | और दर्द या तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक को इस बारे में अवगत कराना चाहिए |
  • अब अगले कदम में चिकित्सक द्वारा Cervix अर्थात गर्भाशय ग्रीवा की सफाई करते हुए कुछ कोषाणुओं को सैंपल के तौर पर लिया जाता है इसमें चिकित्सक द्वारा सैंपल एकत्र करने के लिए Spatula और brush का उपयोग किया जा सकता है इन एकत्र किये गए सैंपल को Pap Smear कहते हैं | इन्ही सैंपल के तौर पर लिए गए कोशिकाओं को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाता है |

अब महिला की योनि में लगा हुआ उपकरण(Speculum) हटा लिया जाता है उसके बाद हो सकता है की चिकित्सक द्वारा और जांच करने के लिए महिला की योनि में धीरे धीरे दो अंगुलियाँ डाली जाएँ | और दूसरे हाथ से Lower Abdomen दबाकर महिला के गर्भाशय एवं अंडाशय के आकार, गठन इत्यादि का पता लगाया जाय | उसके बाद Pap Smear test लगभग पूर्ण हो जाता है और महिला अपने कपड़े पहन सकती हैं |

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