Radiation Therapy के प्रकार एवं सामान्य दुष्प्रभाव

Radiation Therapy को Hindi में विकिरण चिकित्सा के नाम से संबोधित किया जा सकता है | इस चिकित्सा का अभिप्राय Cancer के Treatment में Radiation का प्रयोग करने से है | विकिरण चिकत्सा को मुख्यतः निम्नलिखित उद्देश की पूर्ति हेतु किया जाता है |

  • Radiation Therapy का प्रयोग कैंसर कोशिकाओं को समाप्त कर कैंसर का इलाज करने के लिए किया जाता है |
  • Cancer Cells को शरीर में बढ़ने एवं फैलने से रोकने के लिए भी विकिरण चिकित्सा का प्रयोग किया जाता है |
  • कैंसर से होने वाले दर्द को रोकने के लिए भी इस चिकित्सा का प्रयोग किया जाता है |

Radiation Therapy information in hindi

रेडिएशन थेरेपी के प्रकार (Types of Radiation Therapy):

Radiation Therapy मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है |

  1. External Radiation Therapy (बाह्य विकिरण चिकित्सा):

    इस चिकत्सकीय पद्यति में एक मशीन द्वारा कैंसर पर उच्च उर्जा किरणें संचारित की जाती हैं यह प्रयोग में लाया जाने वाला सबसे सामान्य प्रकार है | कैंसर से प्रभावित क्षेत्र की त्वचा पर स्याही से निशान लगा दिया जाता है ताकि Radiation Therapy के माध्यम से हर बार उसी कैंसर प्रभावित क्षेत्र का Treatment किया जा सके | यह इलाज लगभग 2-7 सप्ताह तक चल सकता है जिसमे प्रत्येक हफ्ते 5 दिनों के लिए इलाज दिया जाता है | Radiation Therapy द्वारा कैंसर का इलाज कराने की प्रक्रिया में शुरूआती दिन अर्थात प्रथम दिन में कुछ घंटों का समय लग सकता है बाकी अन्य दिनों में यह प्रक्रिया कुछ मिनटों में भी संपन्न की जा सकती है |

  2. Internal Radiation Therapy (आतंरिक विकिरण चिकित्सा):

कैंसर की इस चिकित्सा को internal radiation therapy के अलावा brachytherapy या implant therapy भी कहा जाता है | इस थेरेपी में कैंसर का Treatment करने के लिए विकिरण स्रोत शरीर के अन्दर जहाँ कैंसर मौजूद है के पास डाला जाता है | पतले तार, प्लास्टिक के tube, कैप्सूल या बीज को Implant के रूप में तैयार किया जाता है और विकिरण स्रोत को इस इम्प्लांट नामक छोटे होल्डर में सील कर लिया जाता है | इम्प्लांट इलाज की आवश्यकता के अनुरूप कुछ घंटों, कुछ दिनों के लिए डाला जाता है या कभी कभी इसे कैंसर से प्रभावित शरीर के हिस्से में छोड़ दिया जाता है | यद्यपि यह तो चिकित्सक ही सुनिश्चित करेगा की इम्प्लांट कितने समय के लिए रहेगा | अक्सर यदि इम्प्लांट को शरीर के अन्दर छोड़ दिया जाता है तो यह कुछ ही समय में अपनी रेडियोधर्मिता खो देता है | internal radiation therapy की मदद से चिकित्सक External Radiation Therapy के मुकाबले कम समय में विकिरण की उच्च मात्रा देने में सक्षम होता है | आतंरिक विकिरण चिकित्सा रेडियोधर्मी तरल पदार्थ को उपयोग में लाकर मुहं से भी शरीर के अन्दर प्रविष्ट कराया जा सकता है | चिकित्सक द्वारा मरीज के साथ घर पर एवं अन्य  लोगों के साथ बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बात की जा सकती है | हालांकि ये सावधानियां डॉक्टर द्वारा कुछ सिमित समय के लिए बरतने के लिए कही जा सकती हैं | चिकित्सक कैंसर के प्रकार, स्टेज इत्यादि को आधार मानकर दोनों प्रकार की Radiation Therapy करने को कह सकते हैं | विकिरण चिकित्सा का प्रयोग Cancer Treatment के लिए अकेले या फिर सर्जरी, केमोथेरेपी इत्यादि कैंसर के उपचारों के साथ भी किया जा सकता है |

रेडिएशन थेरेपी के दुष्प्रभाव (Common Side effects of Radiation Therapy):

Radiation Therapy में शरीर के जिस भाग में कैंसर विद्यमान हो वहां उपस्थित दोनों कोशिकाओं अर्थात सामान्य कोशिकाओं एवं असमान्य कोशिकाओं पर प्रभाव पड़ता है जब सामान्य कोशिकाओं पर इसका प्रभाव पड़ता है तो उसे Radiation Therapy का या उपचार का दुष्प्रभाव कहते हैं | इन दुष्प्रभावों में थकान और त्वचा संबधी समस्याएं आम हैं | इसके अलावा अंग विशेष के आधार पर Side Effects अंतरित हो सकते हैं |  यद्यपि Radiation Therapy के  सारे दुष्प्रभाव उपचार के बाद समाप्त हो जाते हैं लेकिन यदि फिर भी कोई दुष्प्रभाव महसूस हो रहा हो तो समबन्धित चिकित्सक से तुरंत संपर्क करना चाहिए |

 

About Author:

HBG Health desk is a team of Experienced professionals holding various skills. They are expert to do research online and offline on health, beauty, wellness, and other components of health in Hindi.

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *