सिर दर्द के कारण लक्षण और घरेलू उपचार की जानकारी.

आम तौर पर जब भी कोई कुछ उटपटांग बातें करता है तो हम कहते हैं की रहने दे यार प्लीज सिर दर्द मत कर, जी हाँ लेकिन वर्तमान की जीवनशैली बड़ी तेज रफ़्तार वाली है यहाँ हर कोई शायद यह सोचता है की कहीं वह थोड़ी देर कहीं रुक गया या उसने आराम कर लिया तो शायद अगला व्यक्ति उससे बहुत आगे निकल जायेगा या यूँ कहें की वह इस भागदौड़ में पीछे रह जायेगा | कहने का आशय यह है की इस भागदौड़ भरे जीवन में हर कोई एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगा हुआ है ऐसी स्थिति में सिर दर्द जैसी समस्या आम है | और जहाँ तक इसके प्रमुख कारण की बात है तो सिर दर्द का प्रमुख कारण भी तनाव ही होता है | और यह समस्या सिर्फ नौकरीपेशा लोगों को ही नहीं है बल्कि यह समस्या बच्चों से लेकर बूढों को किसी को भी अपना शिकार बना सकती हैं | सिर दर्द की बीमारी का बढ़ जाना ही बाद में माइग्रेन अर्थात आधासीसी का रूप धारण कर लेता है | इसी बात के मद्देनज़र आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से सिर दर्द के कारण, लक्षण एवं घरेलू उपचारों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे |

सिर दर्द

सिर दर्द के कारण (Cause of Headache in Hindi):

सिर दर्द होना एक व्यापक समस्या है, जो किसी भी आयु वर्ग में कभी-न-कभी देखने को अवश्य मिलती है । सिर दर्द नामक यह बीमारी वास्तव में अनेक अन्य रोगों के लक्षणों के रूप में भी सामने आती है |

  • मानसिक रोगों जैसे चिंता, शोक, क्रोध, अनिद्रा में यह समस्या हो सकती है |
  • इनके अलावा शारीरिक रोगों कब्ज, कमजोरी, साइनोसाइटिस इत्यादि में भी सिर दर्द की शिकायत मुख्य रूप से मिलती है ।
  • जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की शारीरिक व मानसिक, दोनों ही प्रकार के रोगों के अलावा बदलती हुई दोषपूर्ण जीवनशैली सिर दर्द के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है ।
  • आयुर्वेद में सिर सम्बन्धी रोगों के अंतर्गत इसमें दस अंतर किये गए हैं इसलिए लंबे समय तक सिर दर्द बना रहे, तो चिकित्सक से जांच, एवं सामान्य उपचार अति आवश्यक है |

सिर दर्द के लक्षण (Symptoms of Headache in Hindi):

सिर दर्द के लक्षणों की यदि हम बात करें तो इनके प्रकट होने पर तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि बहुत बार कुछ सामान्य कारणों से भी सिर दर्द हो जाता है जो बाद में अपने आप यानिकी स्वत ठीक हो जाता है |

  • हल्का सिरदर्द होता है |
  • भौहों के ऊपर सिर के दोनों हिस्सों में रह रहकर दर्द उठना |
  • माथे पर दबाव या खिचाव महसूस होना |

सिर दर्द के घरेलू उपचार (Home remedies for Headache):

लम्बे समय से सिरदर्द होने पर चिकित्सक की सलाह लेना बेहद जरुरी है लेकिन यदि सिरदर्द को हुए ज्यादा समय नहीं हुआ हो तो निम्न घरेलू उपचार किये जा सकते हैं |

  • सिर दर्द के लिए पहला घरेलू उपचार यह है की चूना और नौसादर को बारीक पीस लेने उसके बाद इसे एक शीशी में रखकर कड़ी डाट लगा दें | और जब जब सिरद दर्द हो इसे सूंघे कहा जाता है की ऐसा करने से सिर दर्द में तुरंत लाभ होता है |
  • यह समस्या होने पर अपने सिर और माथे पर बादाम रोगन की मालिश करें । भांगरे के स्वरस के साथ काली मिर्च के चूर्ण को पीसकर नस्य लें ।
  • सिर दर्द का घरेलू उपचार करने के लिए भांगरे के रस में बराबर का दूध मिलाकर प्रयोग किया जा सकता है ।
  • आक के पत्तों को गरम करके सिर पर बांधा जा सकता है |
  • तारपीन के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर भी नस्य लिया जा सकता है ।
  • सिर दर्द का घरेलू उपचार करने के लिए सबसे पहले कुछ तुलसी के पत्ते लें और उन्हें कूट या पीस लें उसके बाद उसमे से रस को छान लें | इस चूर्ण को सूंघने से भी इस समस्या में आराम होता है |
  • कुछ छोटी इलायची के बीज लें और उन्हें बारीक करके पीस लें उसके बाद इन्हें भी सर दर्द में सूंघ सकते हैं |
  • अगला घरेलू उपचार कहता है की 5 ग्राम आकाशबेल को पानी या बकरी के दूध में घोटकर रोगी को सुबह खाली पेट पिलाएं यह प्रक्रिया एक-से दो सप्ताह तक चलने दें ।
  • दो भाग उस्तेखट्दूस, एक भाग धनिया,  व एक भाग काली मिर्च को कूटकर या पीसकर चूर्ण सा बना लें । और यह चूर्ण आधा चम्मच सुबह खाली पेट लें । और यह प्रक्रिया लगभग 10-15 दिनों तक जारी रखें |
  • कभी कभी कब्ज के कारण भी सिर दर्द हो जाता है इस स्थिति से निबटने के लिए रात को सोते समय एक चम्मच त्रिफले या आंवले का चूर्ण गर्म पानी से ले सकते हैं ।
  • धूप में अधिक घुमने से भी सर दर्द हो सकता है इस स्थिति में मेहदी के फूल सिरके में पीसकर माथे पर लेप करने से आराम होता है ।
  • ठण्ड में घुमने से भी सिर दर्द हो सकता है ऐसे में व्यक्ति को चाहिए की वह दालचीनी को पानी के साथ पीसकर माथे पर लेप करें ।
  • आक के पत्तों का रस 2-2 बूंद दोनों नथुनों में डालने से भी फायदा होता है ।

सिर दर्द के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां (Ayurvedic Medicine for Headache) :

  • दशमूल तेल
  • षड्रबिन्दु तेल
  • शिर:शूल वज्रादि रस,
  • चंद्रकांता रस
  • महालक्ष्मी विलास रस का

पेटेंट औषधियां सिफाग्रेन गोलियां व नाक में डालने की दवा (चरक), गोदन्ती मिश्रण (बैद्यनाथ), ट्रेक्वीनील फोर्ट गोलियां (चरक) इत्यादि ली जा सकती हैं ।

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